350 : परिपत्र: सं 3350, 29-09-1982 दिनांकित
परिपत्र सं.
350
परिपत्र की तिथि
29/09/1982
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
29/09/1982
482. निर्दिष्ट प्राधिकारी से प्रमाणपत्र समामेलन जगह ले ली है, जिसमें वर्ष के लिए या लाभ का दावा किया है, जिसमें हर साल के लिए केवल एक बार की आवश्यकता है या नहीं
1 मामलों में जहां खंड 72A के तहत केन्द्र सरकार के मुद्दों अन्य कंपनी के साथ एक कंपनी के एकीकरण (जो आदि अपने दायित्व, हानि, के कारण आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं था) जनता के हित में किया गया है कि (1), एक घोषणा, संचित घाटा और एकीकरण से प्रभावित था और एकीकृत कंपनी तदनुसार, आदि, सेट बंद और आगे इस तरह के नुकसान को ले जाने की अनुमति दी है, जिसमें वर्ष के लिए मिलाकर कंपनी की अनवशोषित ह्रास. इस तरह के सेट बंद और आगे आदि हानि, के ले, धारा 72A के तहत इस शर्त के अधीन है (2) (ख) एकीकृत कंपनी ने कहा कि आकलन वर्ष के लिए आय के लिए अपनी वापसी से एक प्रमाण पत्र के साथ साथ, प्रस्तुत है कि " पर्याप्त कदम "समामेली कंपनी के व्यापार के पुनर्वास या पुनरुद्धार के लिए कि कंपनी द्वारा लिया गया है कि प्रभाव के लिए निर्दिष्ट प्राधिकारी.
प्र.20. एक शक अनुभाग 72A के तहत निर्दिष्ट प्राधिकारी से प्रमाण पत्र (2) (ख) समामेलन जगह ले ली है, जिसमें वर्ष के लिए या अनुभाग 72A के तहत लाभ का दावा किया है, जिसमें हर साल के लिए केवल एक बार की आवश्यकता है के रूप में उठाया गया है .
(3) मुद्दे की जांच की गई है और बोर्ड अनुभाग 72A (2) अधिनियम के संचित घाटे में बंद सेट या आगे बढ़ाया और अनवशोषित मूल्यह्रास एकीकृत कंपनी जब तक के आकलन में अनुमति नहीं दी जाएगी नहीं किया जाएगा प्रदान करता है कि सलाह दी गई है उसमें विनिर्दिष्ट दो शर्तों को पूरा कर रहे हैं. दो शर्तों के एक अध्ययन में, यह निर्दिष्ट प्राधिकारी से प्रमाणपत्र समामेलन के वर्ष के लिए बल्कि बाद के वर्षों के लिए न केवल आवश्यक होना चाहिए कि प्रतीत होता.ऐसे प्रमाण पत्र पुनरुद्धार योजना लागू की गई है जिसके दौरान सभी वर्षों के लिए आवश्यक होगा. प्रमाण पत्र भी आगे बढ़ाने और को मिलाकर कंपनी के आदि अनवशोषित हानि, के सेट बंद, एकीकृत कंपनी ने दावा किया है जिसमें सभी मूल्यांकन वर्षों के लिए आवश्यक हो जाएगा. उस अनुभाग के लाभ के एकीकरण के वर्ष के लिए, केवल एक बार दावा किया जा सकता है कि इंगित करने के लिए (2) धारा 72A की उप - धारा में ऐसा कुछ नहीं है.

