349 : परिपत्र: सं 349, 30-08-1982 दिनांकित
परिपत्र सं.
349
परिपत्र की तिथि
30/08/1982
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
30/08/1982
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
एक नज़र में संशोधन
अनुभाग / अनुसूची
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विवरण
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16A
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एक सहकारी आवास सोसायटी को 3-4 से आवंटित या उसे पट्टे पर इमारत में मृतक की ब्याज
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33 (1) (एनएन)
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कुछ मामलों 5 में सहकारी हाउसिंग सोसायटी के साथ मृतक द्वारा भुगतान की छूट
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36 (3) और
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उसके एक आवासीय घर या भाग के मूल्यांकन
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Explns. 1 और 2
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प्रदान के रूप में उसी के आधार पर मृतक से संबंधित
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बहां
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संपत्ति कर अधिनियम के तहत 6-9
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के भाग मैं
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छूट की सीमा और दर के पुनर्गठन की स्थापना
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2 Sch.
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अनुसूची 10
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30-8-1982 सर्कुलर नं 349,
व्याख्यात्मक नोट
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
परिचय
1संपदा शुल्क (संशोधन) विधेयक, 1982, संसद द्वारा पारित रूप में, 10 अगस्त, 1982 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त है, और 1982 का अधिनियम सं 31 के रूप में अधिनियमित किया गया है. इस परिपत्र संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982 में निहित प्रावधानों के पदार्थ बताते हैं.
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
प्र.20. (बाद में "संशोधन अधिनियम" के रूप में संदर्भित) संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982 के प्रावधानों के निम्नलिखित मामलों से संबंधित हैं:
1संपदा शुल्क अधिनियम, 1953 में एक नई धारा 16 ए के सम्मिलन आवंटित या एक सहकारी आवास सोसायटी द्वारा उसे काम पर रखा इमारत में मृतक के हित से संबंधित, (बाद में "मूल अधिनियम" के रूप में करने के लिए कहा गया है).
प्र.20. (1) कुछ मामलों में एक सहकारी आवास सोसायटी के साथ मृतक द्वारा भुगतान की ड्यूटी से छूट के लिए उपलब्ध कराने के लिए उप - धारा में एक नया खंड (एनएन) की प्रविष्टि द्वारा मूल अधिनियम की धारा 33 का संशोधन.
(3)संपत्ति कर अधिनियम, 1957 के प्रावधानों के अनुसार उसी के आधार पर मृतक से संबंधित उसके एक आवासीय घर या भाग के मूल्यांकन के लिए प्रदान करने के लिए मूल अधिनियम की धारा 36 का संशोधन.
(4)रुपये के लिए छूट की सीमा को ऊपर उठाने के लिए मूल अधिनियम को दूसरी अनुसूची का संशोधन. 1,50,000 और दर अनुसूची के फलस्वरूप पुनर्गठन के लिए प्रदान करते हैं.
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
धारा 16 ए - आवंटित या एक सहकारी आवास सोसायटी द्वारा उसे काम पर रखा इमारत में मृतक की ब्याज
(3)नव डाला अनुभाग 16A, जहां उसकी मौत के समय मृतक एक सहकारी हाउसिंग सोसायटी का सदस्य है और उसके समाज के एक घर के निर्माण योजना के तहत आवंटित या उसे पट्टे पर एक इमारत या हिस्सा था कि प्रदान करता है, आवंटित रहना जारी रखा या उसकी मौत के समय उसके पास से किराए पर लिया है, वह कुछ भी होते हुए भी, बल में कुछ समय के लिए किसी भी अन्य कानून में निहित होगा ऐसे भवन या भाग के मालिक नहीं समझा जाएगा. इसके अलावा ऐसे भवन या भाग की लागत और भूमि लगाव बहां के प्रति समाज को उसकी मौत के समय मृतक द्वारा ऐसी योजना के तहत देय राशि की बकाया किश्तों के मूल्य के संबंध में उसके द्वारा बकाया एक ऋण के रूप में दी जाएगी ऐसे भवन या भाग के लिए. अनुभाग पर स्पष्टीकरण "सहकारी समिति" सहकारी सोसायटी अधिनियम, 1912, या सहकारी समितियों के पंजीकरण के लिए बल में कुछ समय के लिए किसी भी अन्य कानून के तहत पंजीकृत एक सहकारी समिति का मतलब है कि स्पष्ट करता है. इस संबंध में संपदा शुल्क अधिनियम के तहत की स्थिति इस प्रकार है कि (7) संपत्ति कर अधिनियम की धारा 4 के तहत प्राप्त करने के साथ बराबरी पर लाया जाता है. आवंटित या सहकारी समिति द्वारा उसे काम पर रखा इमारत या भाग के स्वामी होने के लिए मृतक deeming प्रावधान का असर नहीं होगा कि मृतक [अर्थात से संबंधित संपत्ति की छूट के लिए संपदा शुल्क अधिनियम के प्रावधानों., धारा 33 (1) (एम), (मिमी) और (एन)] और (3) ऐसे मामलों में लागू होगी धारा 36 में निहित मृतक से संबंधित एक आवासीय घर के मूल्यांकन के लिए नए प्रावधान.
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
(4)यह खंड 16A में निहित deeming प्रावधान करना जारी रखा ही मृतक सहकारी हाउसिंग सोसायटी का सदस्य है और समाज के एक घर के निर्माण योजना के तहत आवंटित या उसे पट्टे पर इनका निर्माण या हिस्सा था जहां मामलों पर लागू होता है कि नोट किया जाए आवंटित या उसकी मौत के समय उसके पास से पट्टे पर बने हुए हैं. यह नई धारा 16A, उनकी मृत्यु के समय में सहकारी आवास सोसायटी को ऐसी गृह निर्माण योजना के तहत मृतक के रूप में अनुमति दी जाएगी द्वारा देय राशि की बकाया किस्त में किए गए विशेष प्रावधान की हैसियत से ध्यान दें कि प्रासंगिक है इमारत या हिस्सा आवंटित या समाज ने उसे काम पर रखा के मूल्य का निर्धारण करने में उसके द्वारा बकाया एक ऋण.
[संशोधन अधिनियम की धारा 3]
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
उप - धारा में नया खंड (एनएन) (1) धारा 33 की - कुछ मामलों में एक सहकारी आवास सोसायटी के साथ मृतक द्वारा भुगतान की ड्यूटी से छूट
प्र.5. मूल अधिनियम की धारा 33 संपत्ति की प्रिंसिपल मूल्य की गणना में छूट का प्रावधान है. उप - धारा में सम्मिलित नया खंड (एनएन) (1) धारा 33 की सोसायटी के सदस्य थे और एक इमारत जिसे जो मृतक द्वारा किए गए एक सहकारी आवास सोसायटी के साथ किसी भी जमा की, संपदा शुल्क से छूट के लिए प्रदान करता है या उसके भाग आवंटित या ऐसी जमा ऐसी योजना के तहत किया गया था, जहां समाज के एक घर के निर्माण योजना के तहत पट्टे पर किया गया था. संपदा शुल्क से जमा राशि को छूट देने के लिए कारण नई धारा 16 ए में deeming प्रावधान के आधार पर आवंटित या समाज द्वारा मृतक के लिए पट्टे पर निर्माण या भाग के मूल्य संपत्ति की प्रिंसिपल मूल्य में शामिल किया जाना है.
[संशोधन अधिनियम की धारा 4]
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
1957 संपत्ति कर अधिनियम के तहत प्रदान के रूप में उसी के आधार पर मृतक से संबंधित उसके एक आवासीय घर या भाग के मूल्यांकन
प्र.6. (3) धारा 36 में डाला नए उप - धारा (1) और (2) धारा 36 की उप वर्गों में निर्धारित मूल्य निर्धारण की पद्धति से एक प्रस्थान है, और एक आवासीय घर के मूल्यांकन या में एक रियायत के लिए प्रदान करता है मृतक से संबंधित तत्संबंधी भाग. यह एक आवासीय घर के मूल्य में उसके अधीन बनाए गए संपत्ति कर अधिनियम और नियमों द्वारा निर्धारित मूल्यांकन का आधार अपनाने के रास्ते से है. यह रियायत, तथापि, केवल एक आवासीय घर या मृतक से संबंधित उसके हिस्से का वैल्यूएशन पर लागू होता है; मृतक उसके एक से अधिक आवासीय घर या हिस्सा था, जवाबदेह व्यक्ति, उसके विकल्प में, लेखन में नए उप - धारा के प्रावधानों (3) को लागू करने के लिए कर रहे हैं उसके लिए जो विशेष रूप से आवासीय घर या भाग निर्दिष्ट कर सकता है.
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प्र.7. नए प्रावधानों के तहत मृतक से संबंधित उसके एक आवासीय घर या भाग के प्राचार्य मूल्य मूल्यांकन की तारीख पर मृतक का शुद्ध धन के आकलन के प्रयोजनों के लिए संपत्ति कर अधिकारी द्वारा निर्धारित रूप में एक ही मूल्य पर लिया जा रहा है तुरंत मृतक की मौत की तारीख से ठीक पहले. ऐसे घर या भाग का मूल्य क्या मृतक का शुद्ध धन कंप्यूटिंग में शामिल नहीं है, अपने मूल्य संपत्ति कर अधिनियम के प्रावधानों और बनाए गए नियमों के अनुसार कहा मूल्यांकन की तारीख पर नियंत्रक द्वारा निर्धारित किया जा रहा है इस आधार पर. , हालांकि, इस तरह घर या भाग का निर्माण का अधिग्रहण या अन्यथा कहा मूल्यांकन की तारीख के बाद मृतक की संपत्ति बन गया, तो मान मृतक की मौत की तारीख को समान ढंग से निर्धारित किया जा रहा है.
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8 घर विशेष रूप से आवासीय प्रयोजनों के लिए मृतक द्वारा इस्तेमाल किया गया था, जहां, उप - धारा के प्रावधानों (4) संपत्ति कर अधिनियम की धारा 7 की दो संशोधनों के साथ लागू होगा. सबसे पहले, संपत्ति कर अधिनियम की धारा 7 (4) की हालत हाउस द्वारा इस्तेमाल किया गया है चाहिए होने वाली "तुरंत मूल्यांकन की तारीख पिछले बारह महीनों की अवधि के दौरान" आवासीय प्रयोजनों के लिए निर्धारिती उसमें हटा दिया गया है. दूसरे, के "विकल्प के लिए संदर्भ निर्धारिती जवाबदेह व्यक्ति के विकल्प "" (4) संपत्ति कर अधिनियम की धारा 7 में होने वाली करने के लिए संदर्भ के रूप में लगाया जाएगा. "
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9 धारा 36 के लिए दो स्पष्टीकरण (3) द्वारा डाला गया है संशोधन अधिनियम. स्पष्टीकरण 1 उपधारा के खंड के प्रावधानों (क) के अनुसार अपनाया एक घर या भाग के मूल्य (3) अर्थात्, संपत्ति कर अधिकारी द्वारा निर्धारित तत्संबंधी के रूप में मूल्य, द्वारा विविध है कि जहां प्रदान करता है संपत्ति कर अधिनियम के तहत किसी भी कार्यवाही में एक आदेश है, इसलिए अपनाया मूल्य मूल अधिनियम की धारा 61 और नियंत्रक के रूप में तो मूल्य अपनाकर एक ही सुधार करवायेगी के अर्थ के भीतर रिकॉर्ड से स्पष्ट एक गलती हो समझा जाएगा मूल रूप से उसके द्वारा अपनाया मूल्य के स्थान पर विविध. इस प्रयोजन के लिए मूल अधिनियम की धारा 61 में निर्दिष्ट पांच साल की अवधि के घर या भाग के मूल्य अलग संपत्ति कर अधिनियम के तहत आदेश की तिथि से गणना की जाएगी. स्पष्टीकरण 2 उप - धारा (3), अभिव्यक्ति "शुद्ध धन", "मूल्यांकन की तारीख" और "संपत्ति कर अधिकारी" के प्रयोजनों के लिए संपत्ति कर अधिनियम के रूप में एक ही अर्थ होगा कि प्रदान करता है.
[संशोधन अधिनियम की धारा 5]
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
छूट की सीमा और दर अनुसूची के पुनर्गठन की स्थापना
10 मूल अधिनियम की द्वितीय अनुसूची के भाग मैं संशोधन अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है. शून्य अब तक दर स्लैब रुपये था. Z 50,000 रू निवेश करता है। रुपये की संपत्ति रेंज में अगले स्लैब. रुपये के लिए 50,001. 1,00,000 संपत्ति की प्रिंसिपल मूल्य रुपये से अधिक हो गई है जिसके द्वारा राशि का 4 फीसदी की दर से संपदा शुल्क के दायरे में था. Z 50,000 रू निवेश करता है। रुपये की संपत्ति रेंज में अगले उच्च पटिया. रुपये को 1,00,001. 2,00,000 10 फीसदी की दर से संपदा शुल्क के दायरे में था. संशोधन अधिनियम एक नई दर अनुसूची द्वारा मौजूदा दर शेड्यूल बदल दिया. नई दर अनुसूची के तहत, कोई नहीं दर स्लैब रुपये से उठाया गया है. रुपये के लिए 50,000. 1,50,000. इस प्रकार, कोई शुल्क संपत्ति के प्राचार्य मूल्य रुपये से अधिक नहीं है जहां के मामलों में अब देय होगा. 1,50,000. रुपये की संपत्ति रेंज में अगले स्लैब में. रुपये को 1,50,001. 2,00,000, संपदा शुल्क की दर जो है, उसी दर रुपये की संपत्ति सीमा पर लागू होता है, 10 प्रतिशत हो जाएगा. रुपये को 1,00,001. वर्तमान में 2,00,000. अन्य स्लैब में संपदा शुल्क की दरों में कोई बदलाव नहीं हुआ है. हालांकि, रुपये से छूट की सीमा की स्थापना का एक परिणाम के रूप में. रुपये के लिए 50,000. 1,50,000 और ऊपर वर्णित है, रुपये की एक समान कमी हो जाएगा पहले दो स्लैब से संबंधित दर अनुसूची का पुनर्गठन. संपत्ति की प्रिंसिपल मूल्य रुपये से अधिक है, जहां सभी मामलों में 7,000. 1,50,000.
[संशोधन अधिनियम की धारा 6]
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
स्कोप और संशोधन अधिनियम के प्रारंभ
प्र।11.पूर्वगामी पूर्वव्यापी 1 मार्च 1981 से इस परिपत्र ले प्रभाव के 10 अनुच्छेदों में 3 पर चर्चा प्रावधानों. यह इन संशोधनों भी संबंध में लागू होगा तो यह है कि बिहार, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उड़ीसा और तमिलनाडु के विधानमंडलों के संविधान के अनुच्छेद 252 के तहत आवश्यक संकल्प पारित किया है कि नोट के लिए भी प्रासंगिक है कृषि भूमि के 1 मार्च 1981 से पूर्व प्रभाव से उक्त राज्यों में शामिल प्रदेशों में बैठाना. अन्य राज्यों के प्रदेशों में स्थित कृषि भूमि के संबंध में संपदा शुल्क के संबंध में संशोधन अधिनियम के प्रावधानों को भी एक ही तिथि अर्थात से लागू होगी., 1 मार्च, 1981, इन राज्यों के विधानमंडलों पारित करके उन्हें अपनाने संविधान के अनुच्छेद 252 के तहत उचित प्रस्तावों. 1 मार्च 1981 से इन प्रावधानों का पूर्वव्यापी आपरेशन के प्रभाव वे उक्त तारीख को या उसके बाद जो मर चुके व्यक्तियों की संपत्ति के संबंध में आवेदन करना होगा कि होगा.
संपदा शुल्क (संशोधन) अधिनियम, 1982
प्र.12. मृतक 28 फ़रवरी 1981 और मृतक की संपत्ति के प्रिंसिपल मूल्य के बाद मृत्यु हो गई थी मामलों में जहां पहले से ही नियंत्रक द्वारा निर्धारित किया गया है, जवाबदेह व्यक्तियों मई, संपदा शुल्क के तहत संशोधन करने के लिए दिया जा रहा पूर्वव्यापी प्रभाव को ध्यान में रखते (संशोधन) अधिनियम, 1982, नियंत्रक करने के लिए एक आवेदन पत्र बनाने धारा के अधीन संशोधन अधिनियम द्वारा किए गए परिवर्तनों के आलोक में मूल्यांकन के सुधार के लिए संपदा शुल्क अधिनियम के 61.
[संशोधन अधिनियम की धारा 2]

