329 : परिपत्र: सं 329, 22-02-1982 दिनांकित
परिपत्र सं.
329
परिपत्र की तिथि
22/02/1982
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
22/02/1982
धारा 80J एल मुनाफा और NEWLYESTABLISHED उपक्रमों से लाभ
574. उपक्रमों के जंगलों से बाहर काम पर रखने से लकड़ी और अन्य वन उपज की निकासी में लगे - धारा के तहत कटौती के लिए पात्र हों
1 एक संदर्भ जंगलों बाहर काम पर रखने से लकड़ी और अन्य वन उपज की निकासी में लगे हुए उपक्रमों वर्गों 80HH और 80J के तहत कटौती के हकदार होंगे कि क्या करने के रूप में बोर्ड को बनाया गया था.
प्र.20. इस मामले के समक्ष रखी सवाल का जवाब वन पट्टेदारों की गतिविधि की प्रकृति पर निर्भर करेगा कि एक राय [अनुलग्नक] दिया था, जो कानून मंत्रालय के साथ परामर्श में बोर्ड द्वारा विचार किया गया था; शामिल की प्रक्रिया महज आग की लकड़ी में पेड़ खड़े का रूपांतरण नहीं है बल्कि नए बिक्री योग्य वस्तुओं, वर्गों 80J और 80HH के तहत कटौती का लाभ का निर्माण हालांकि, अगर उपलब्ध हो जाएगा.
परिपत्र: नहीं 329 [एफ सं 178/53/80-IT (एआई)], 22-2-1982 दिनांकित.
उपभवन - कानून मंत्रालय की opin मैं बारे में स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट
1हम जम्मू एवं कश्मीर के वन पट्टेदारों द्वारा दायर अपील में आयकर अपीलीय ट्रिब्यूनल on21-10-1981 द्वारा पारित आदेश के माध्यम से चले गए हैं. न्यायाधिकरण के समक्ष, निर्धारिती यह कहा गया है जिसमें संसद के एक सदस्य को वित्त राज्य मंत्री द्वारा लिखे गए एक पत्र के आधार पर तर्क है कि उन्नत जम्मू वन Lessees एसोसिएशन के सदस्यों के व्यापार में शामिल प्रक्रिया है अगर लकड़ी में पेड़ खड़े हैं लेकिन यह भी इस तरह के रूप में बिक्री योग्य नई वस्तु के निर्माण की न केवल रूपांतरण, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 80J/80HH का लाभ उपलब्ध होगा.
प्र.20. ट्रिब्यूनल यह निर्धारिती इस तरह के रूप में किसी भी नई वस्तु के निर्माण है कि नहीं ठहराया जा सकता है कि मनाया.
(3) शामिल की प्रक्रिया केवल लकड़ी या इसी तरह के लेख में पेड़ खड़े का रूपांतरण है, यह इस तरह के रूप में बिक्री योग्य एक नई वस्तु अस्तित्व में आ गया है कि ऐसा नहीं कहा जा सकता. 25-11-1974 दिनांकित हमारे पिछले राय में कहा जैसे बिक्री योग्य एक नई वस्तु है, अर्थात्, स्लीपरों, अस्तित्व में लाया जाता है के बाद से, स्लीपरों में लकड़ी के परिवर्तन, एक निर्माण के अर्थ में एक परिवर्तन माना जा सकता है ऐसी प्रक्रिया से.
(4) दूसरे शब्दों में, यह निर्माण के लिए राशि होगी कि पेड़ों और जलाऊ लकड़ी की बिक्री से महज कलमों नहीं है. प्रक्रिया विशिष्ट नाम, चरित्र या उपयोग होने एक अलग वस्तु के निर्माण को शामिल करना चाहिए. निर्माण के लिए राशि होगी रूप में पेड़ों के मामले में, स्लीपरों के निर्माण एक ऐसी प्रक्रिया के लिए राशि होगी.
प्र.5. परिणाम जम्मू वन पट्टेदारों स्लीपरों में खड़े पेड़ों परिवर्तित हद तक, वे आयकर अधिनियम की धारा 80J/80HH के लाभ के हकदार हो जाएगा.
न्यायिक विश्लेषण
में समझाया - ऊपर परिपत्र बीएस बजाज एंड संस वी. में माना जाता था सीआईटी [1996] 222 आईटीआर 418 (Punj.. एवं हरियाणा), और अदालत ने कहा:
"...बोर्ड द्वारा जारी किए गए 22 फ़रवरी 1982 को जारी परिपत्र संख्या 329,, अधिनियम के प्रावधानों पर हावी नहीं करता. यह प्रकृति में clarificatory है. यह प्रशासनिक राहत प्रदान कर निर्धारिती के पक्ष में जारी किए गए एक उदार परिपत्र है और इसमें शामिल प्रक्रिया केवल लकड़ी में पेड़ खड़े का रूपांतरण नहीं है, लेकिन यह भी, नई बिक्री योग्य वस्तुओं के वर्गों 80J और 80HH के तहत कटौती का लाभ निर्माण यदि उपलब्ध हो जाएगा कहते हैं . हम पहले से ही निर्धारिती के मामले शब्द 'निर्माण' की परिभाषा के भीतर गिर नहीं करता है, तो भी यह निश्चित रूप से इस शब्द का दायरा और गुंजाइश 'में एक लेख का उत्पादन' के भीतर हो जाता है कि आयोजित किया है. इस परिपत्र अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप निर्धारिती को लाभ का विस्तार प्रकृति में clarificatory है और काउंटर एक ही को नहीं चला. इन निष्कर्षों को ध्यान में रखते हुए, हम करने के लिए जैसे बड़े मुद्दे की जांच की जरूरत नहीं है 'अधिनियम एक निर्धारिती को प्रशासनिक राहत प्रदान करने के प्रावधान से परिपत्र भटक, या नहीं प्रभाव दिया जाता है जब?' केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा जारी किए गए 22 फ़रवरी 1982 को जारी परिपत्र संख्या 329,, हमें और निर्धारिती द्वारा उठाए देखने उसी का लाभ लेने के हकदार होंगे पुष्ट. "(पीपी 431-432)
में समझाया - ऊपर परिपत्र Keshablal हंसराज पटेल वी. में विस्तार से बताया गया था विश्व व्यापार संगठन [1985] 23 TTJ (. Cal. - ट्राई बी) 361, इस प्रकार है:
"यह जारी परिपत्र लकड़ी में पेड़ खड़े के मात्र रूपांतरण के निर्माण के लिए राशि नहीं होगा कहते हैं कि स्पष्ट है. यह वर्गों 80J और केवल 80HH को संदर्भित करता है के रूप में परिपत्र 'माल के प्रसंस्करण' के अर्थ के साथ संबंध नहीं है. निर्धारिती लकड़ी और निर्धारिती के मामले के उत्पादन में केवल वह एक साथी था जिसमें फर्म, एक निर्माता था कि नहीं था व्यस्त नहीं थी बल्कि इसलिए कि इस परिपत्र परोक्ष रूप से निर्धारिती के मामले में मदद करता है. . . . "(पी. 363)
सीआईटी [1996] 222 आईटीआर 418 वी. बी एस बजाज एंड संस (Punj. - में समझायानिम्नलिखित अवलोकन के साथ हरियाणा) और.:
"बोर्ड द्वारा जारी किए गए 22 फ़रवरी 1982 सर्कुलर नं 329,, अधिनियम के प्रावधानों पर हावी नहीं करता है. यह प्रकृति में clarificatory है. यह प्रशासनिक राहत प्रदान कर निर्धारिती के पक्ष में जारी किए गए एक उदार परिपत्र है और इसमें शामिल प्रक्रिया केवल लकड़ी में पेड़ खड़े का रूपांतरण नहीं है, लेकिन यह भी, नई बिक्री योग्य वस्तुओं के वर्गों 80J और 80HH के तहत कटौती का लाभ निर्माण यदि उपलब्ध हो जाएगा कहते हैं . "

