31वां वार्षिक प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक/मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक सम्मेलन 25-26 मई 2015, नई दिल्ली - (नया)
रिलीज़ दिनांक
26/05/2015
Document Content
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
26 मई, 2015
प्रेस विज्ञप्ति
विषय : 31वां वार्षिक प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक/मुख्य आयकर आयुक्त/आयकर महानिदेशक सम्मेलन 25-26 मई 2015, नई दिल्ली
31वें वार्षिक प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, प्रधान आयकर महानिदेशक, मुख्य आयकर आयुक्त तथा आयकर महानिदेशक सम्मेलन के दूसरे दिन अधिकारियों ने सम्मेलन के महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर आगे विचार-विमर्श किया। अधिकारियों ने नए करदाताओं को शामिल करने की रणनीति तथा उत्तरदायी तथा सेवा केंद्रित कर व्यवस्था के उद्देश्य को प्राप्त करने पर विचार-मंथन किया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्रोत पर कर कटौती निरीक्षण तथा अनुपालन, प्रभावी जुर्माने तथा अभियोजन के माध्यम से विश्वसनीय निवारण, मांग तथा कर वसूली के प्रबंधन के विभिन्न स्तरों पर अपील प्रक्रिया को सरल बनाने, अन्यों के बीच धर्मार्थ संस्थानों से संबंधित मामलों पर चर्चा कीं।
सदस्य, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा 'सूचना के आदान-प्रदान पर नियमावली' को भी जारी किया गया।
दो दिवसीय सम्मेलन की क्रियाविधि के दौरान, भागीदारों को प्रसिद्ध अतिथि वक्ता श्री बाबासाहेब नीलकंठ कल्याणी, सीएमडी भारत फोर्ज लिमिटेड तथा डॉ. अरविंद पनागरिया, उपाध्यक्ष, नीति आयोग को सुनने का लाभ मिला। अपने संबोधन में, दोनों वक्ताओं ने देश के लिए समृद्धि उत्सर्जन में मैन्यूफैक्चरिंग क्षेत्र द्वारा निभाई गई महत्वपूर्ण भूमिका पर रोशनी डाली। "मेक इन इंडिया - भारतीय अर्थव्यवस्था पर निहितार्थ" पर बोलते हुए, श्री बाबा एन. कल्याणी ने महत्वपूर्ण क्षेत्रों में 'आयात प्रतिस्थापन' तथा 'घरेलू मैन्यूफैक्चरिंग क्षमताओं' के निर्माण को रेखांकित किया। डा. अरविंद पनागरिया का विषय था कि "क्यों तीव्र विकास गति को बनाए रखना आवश्यक है तथा इसके लिए क्या किया जाना चाहिए"। उनके संबोधन का विषय समग्र आर्थिक सुधार में विकास के महत्व पर केंद्रित था जो विशेषकर गरीबी रेखा से नीचे की जनसंख्या के वर्गों की ओर संकेत करता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गहन श्रम मैन्यूफैक्चरिंग उद्योग में विकास समृद्धि की ओर जनसंख्या के बडे़ वर्ग को ले जाने हेतु रोजगार प्रदान करने के लिए आवश्यक है।
समापन सामारोह राजस्व सचिव की अध्यक्षता में हुआ। विचार-विमर्श तथा दो-दिवसीय सम्मेलन का संक्षेपण करते हुए अध्यक्ष, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कहा कि अधिकारी विभाग द्वारा उठाए गए सभी कदमों के केंद्र में करदाताओं को रखने की आवश्यकता को समझते हैं। उन्होंने वर्णन किया कि दो दिवसीय आयोजन के दौरान विचार-विमर्श से बहुत सी महत्वपूर्ण चीजें अपनाई गई हैं। विशेषरूप से, करदाताओं की शिकायतों के शीघ्र निवारण के तरीकों के साथ नए करदाताओं को जोड़ने के विचार को चलन में लाया गया हैं जो इस सम्मेलन के दो महत्वपूर्ण क्षेत्र हैं। सम्मेलन से उभर कर आने वाले निष्कर्ष की केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड में आगे चर्चा की जाएगी तथा उपयुक्त निर्देश तथा दिशा-निर्देश जारी किए जाऐंगे।
अपने समापन भाषण में राजस्व सचिव ने टिप्पणी करते हुए कहा कि विचार-विमर्श लाभदायक रहा। उन्होंने उत्तरदायी करदाता केंद्रित व्यवस्था, सीमा पार संघर्ष तथा घरेलू काला धन, अन्यों के बीच दूसरी एजेंसियों के साथ सूचना के सहभाजन के उद्देश्य को रेखांकित किया।
सम्मेलन का समापन प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, नई दिल्ली द्वारा प्रस्थापित धन्यवाद प्रस्ताव के साथ हुआ।
(शेफाली शाह)
आधिकारिक प्रवक्ता, केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

