261 : अधिसूचना: 261 जारी करने की तिथि: 18/10/2004
अधिसूचना सं.
261
अधिसूचना तिथि
18/10/2004
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
18/10/2004
अधिसूचना नहीं : 261
धारा (ओं) भेजा : धारा 10
जारी करने की तारीख : 18/10/2004
2004 की अधिसूचना संख्या 261, डीटी. 18 अक्टूबर 2004
आयकर अधिसूचना सं 261 (18-Oct-04) की धारा 10 (23 सी) (चतुर्थ) भारतीय सनदी लेखाकार संस्थान, नई दिल्ली को सूचित करता है
आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 के खंड के उपखंड (चतुर्थ) (23 सी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्र सरकार को इसके द्वारा भारत के चार्टर्ड एकाउंटेंट्स "संस्थान, सूचना देता है नई दिल्ली "निर्धारण वर्ष अर्थात् निम्न शर्तों के 2003-2004 2005-2006 के अधीन के लिए कहा उपखंड के प्रयोजन के लिए: -
(मैं) निर्धारिती अपनी आय लागू होगी, या पूरी तरह से और विशेष रूप से यह स्थापित किया है, जिसके लिए वस्तुओं के लिए, आवेदन के लिए जमा;
(Ii) निर्धारिती निवेश करने या किसी भी एक में से अन्य बुद्धिमान ऊपर उल्लेख किया मूल्यांकन वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्षों के दौरान किसी भी अवधि के लिए (आभूषण, फर्नीचर आदि के रूप में प्राप्त की और बनाए रखा स्वैच्छिक योगदान के अलावा अन्य) अपने फंड जमा नहीं करेंगे (5) की धारा 11 की उप - धारा में निर्दिष्ट रूपों या मोड का या अधिक;
व्यापार में इस तरह के व्यापार के संबंध में बनाए रखा है निर्धारिती और खातों की अलग पुस्तकों के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है जब तक कि (iii) इस अधिसूचना, किसी भी आय से किया जा रहा लाभ और व्यापार के लाभ के संबंध में लागू नहीं होगा;
(Iv) निर्धारिती नियमित रूप से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर प्राधिकरण से पहले अपनी आय का रिटर्न फाइल करेंगे;
(V) विघटन की स्थिति में अपने अधिशेष और संपत्ति समान उद्देश्यों के साथ एक धर्मार्थ संगठन को दिया जाएगा कि.
F.No.197/H5/2004-ITA-I

