आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

229

परिपत्र की तिथि

09/08/1977

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

09/08/1977

परिपत्र सं. 229, 09-08-1977 दिनांकित
वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 - परिपत्र सं. 229, दिनांक 1977/09/08
  

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक नज़र में संशोधन

अनुभाग / अनुसूची विवरण
वित्त अधिनियम
2 और 1 Sch. दर संरचना 3-5
आयकर अधिनियम
2 (42A) "अल्पावधि पूंजी परिसंपत्ति" 6 की परिभाषा
9 (1) (सात), Prov. तकनीकी के लिए "फीस के लिए स्रोत नियम में संशोधन
और Expln. १ सेवाओं "7
बहां
10 (6) (क) (एए) विदेशी कर्मचारियों को भुगतान निश्चित बीतने के धन की छूट 8
10 (26A) लद्दाख के निवासियों के कुछ आय कर से छूट 9
11 (2) (बी) (ख) निवेश से संबंधित प्रावधानों में संशोधन
और Expln. या धन की जमा संचित या के लिए अलग सेट
बहां धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के 10 आवेदन
13 (5) (क) से (ग) रूपों और धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्टों और संस्थाओं का धन निवेश या जमा करने के तरीके से संबंधित प्रावधानों में संशोधन 11
24 (1) (नौ), रिक्ति के अनुदान के लिए प्रावधान में संशोधन
Expln. घर की संपत्ति 12 से कंप्यूटिंग आय में भत्ता
32A (2) (बी) (ख) / निवेश से संबंधित प्रावधानों में संशोधन
(Iii), (2), (2 बी), भत्ता 13
(8A) और 11 वीं
स्कूल.
35CC ग्रामीण विकास भत्ता 14
36 (1) (आठ) (ख) मुनाफे के संबंध में उच्च कटौती निश्चित वित्तीय निगमों 15 के मामले में विशेष आरक्षित करने के लिए तबादला
50 (2), 55 (1) (क) के रूप में एक परिसंपत्ति का उचित बाजार मूल्य का प्रतिस्थापन
और (ख) / (2) (क) और (ख) कंप्यूटिंग राजधानी के प्रयोजनों के लिए अधिग्रहण की अपनी लागत के स्थान पर 1964/01/01 16 लाभ
54E, 155 (10 ए) बिक्री आय प्राप्त या स्थानांतरण का एक परिणाम के रूप में एकत्रित निर्दिष्ट वित्तीय परिसंपत्तियों 17 में निवेश या जमा कर रहे हैं मामलों में जहां "दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ" की छूट
72A आगे ले जाने और समामेलन 18 के कुछ मामलों में संचित व्यापार हानि और अनवशोषित ह्रास से दूर स्थापित करने के लिए संबंधित प्रावधानों में छूट
80 जी (4), Prov. धर्मार्थ उद्देश्यों के 19 के लिए दान के संबंध में वित्तीय सीमा बढ़ाने से
80HHA ग्रामीण क्षेत्रों में 20 में स्थापित छोटे पैमाने पर औद्योगिक उपक्रमों के लिए कर रियायतें
80RRA भारत 21 बाहर प्रदान की गई सेवाओं के लिए भारतीय तकनीशियनों, आदि, से प्राप्त पारिश्रमिक के संबंध में टैक्स राहत
104 (4), 109 (तीन) बारीकी से आयोजित औद्योगिक कंपनियों की छूट से
(1) / (3) लाभांश 22 की अनिवार्य वितरण
115A (1 ए) विदेशी कंपनियों के मामले में, वैज्ञानिक, तकनीकी और शैक्षिक विषयों पर पुस्तकों के संबंध में रॉयल्टी की रियायती कराधान 23
194 Prov., कर की कटौती पर बिना लाभांश का भुगतान
206B कुछ मामलों में स्रोत 24
208 (2) (ग) (कंपनियों के अलावा) अनिवासियों के मामले में "एडवांस टैक्स" के भुगतान के लिए छूट की सीमा 25
273 (आइए) और प्रावधान में कमी का हटाया लगाए जाने से संबंधित
Expln. बहां धारा 212 (3) 26 के तहत अग्रिम कर के झूठे अनुमान बनाने के लिए दंड का
2 (16 ए), 121A एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयोग
और 246 (2) / (3) [साथ मिशनरी (अपील) 27
परिणामी परिवर्तन]
संपत्ति कर अधिनियम
स्कूल. । संपत्ति कर 28 की दरों में वृद्धि
2 (सीजी), 9A और एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयोग
23 (1 ए) / (1 बी) / (3) मिशनरी (अपील) 29
[Consequ के साथ
ential परिवर्तन]
उपहार कर अधिनियम
2 () के माध्यम से, 8A और एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयोग
22 (1 ए) / (2 बी) [साथ मिशनरी (अपील) 30
परिणामी परिवर्तन]
अधिनियम अधिकर
11 और 11 ए [साथ एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयोग
परिणामी परिवर्तन] मिशनरी (अपील) 31
ब्याज कर अधिनियम
15 और 15 ए [साथ एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयोग
परिणामी परिवर्तन] मिशनरी (अपील) 32
अनिवार्य जमा योजना
(आयकर दाताओं) अधिनियम
3 (3) अनिवार्य जमा 33.1 / 3 बनाने की आवश्यकता से छूट दी गई उम्र के 70 साल से अधिक व्यक्तियों
4 (1) (ख) (3) दो साल 33.2 / 3 के लिए आयकर दाताओं द्वारा अनिवार्य जमा की योजना का बना रहना
आय की स्वैच्छिक प्रकटीकरण
और धन अधिनियम
14 (5) (Expln.)/ कर के भुगतान के लिए और बनाने के लिए समय का विस्तार
(5 ए) / (5 ब) / (6), अधिसूचित प्रतिभूतियों 34 में जमा
15 (5) (Expln.)/
(5 ए) / (5 ब) (7)
खादी और ग्रामोद्योग
आयोग अधिनियम
24A खादी और ग्रामोद्योग आयोग 35 की छूट
वित्त अधिनियम, 1973
२३ इंडिया लिमिटेड की 36 ऋण गारंटी निगम की छूट
तेल उद्योग (विकास) अधिनियम
22A तेल उद्योग विकास बोर्ड की 37 छूट

 

दर - संरचना

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

निर्धारण वर्ष 1977-78 के लिए आयकर की दरें

3.1 निर्धारण वर्ष (कॉर्पोरेट और साथ ही गैर कॉर्पोरेट) करदाताओं की सभी श्रेणियों के मामले में 1977-78 के लिए आयकर की दरों वित्त (नं. 2) अधिनियम की प्रथम अनुसूची के भाग I में निर्दिष्ट कर रहे हैं, 1977. इन दरों "अग्रिम कर", "वेतन" और पंजीकृत फर्मों के भागीदारों को देय सेवानिवृत्ति वार्षिकियां से स्रोत पर कर की कटौती की गणना के प्रयोजनों के लिए वित्त अधिनियम, 1976 की प्रथम अनुसूची के भाग III में निर्दिष्ट उन लोगों के रूप में वही कर रहे हैं निर्दिष्ट व्यवसायों और त्वरित आकलन वित्तीय वर्ष 1976-77 के दौरान किए जाने के लिए आवश्यक थे, जहां कुछ मामलों में देय कर की गणना में लगे हुए हैं. ये दरें पहले के वित्तीय वर्ष 1977-78 के लिए वित्त अधिनियम, 1976 के प्रासंगिक प्रावधानों के लागू जो वित्त अधिनियम, 1977 के तहत निर्धारण वर्ष 1977-78 के लिए निर्धारित किया गया था.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

3.2 के रूप में अतीत में, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 व्यक्तियों के मामले में, व्यक्तियों और कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के व्यक्तियों या निकायों के हिंदू अविभाजित परिवारों, अपंजीकृत फर्मों या अन्य संघों, नेट कृषि आय होगी कि प्रदान करता है आकलन वर्ष के लिए कर के लिए उत्तरदायी 1977-78 [(2) वित्त अधिनियम की धारा 2] आय पर आयकर की दरों के निर्धारण के लिए ध्यान में रखा. ऐसे मामलों में शुद्ध कृषि आय की गणना के मोड वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की प्रथम अनुसूची के भाग IV में निर्धारित किया गया है. इन प्रावधानों इस परिपत्र के पैरा 5.6 में विस्तार में थोड़ा संशोधन के लिए छोड़कर वित्त अधिनियम, 1976, में निहित उन लोगों के रूप में ही हैं.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

3.3 उप - धारा (8) वित्त अधिनियम की धारा 2 के 1976 एक कंपनी सेंट्रल द्वारा अधिसूचित होने के लिए एक योजना के तहत भारत की औद्योगिक विकास बैंक के साथ वित्तीय वर्ष 1976-77 के दौरान किसी भी समय एक जमा कर सकता है कि प्रदान की थी यह ऐसा करता है, तो इस संबंध में सरकार और, मूल्यांकन, year1977-78 के लिए यह द्वारा देय आयकर पर अधिभार तो बना दिया जमा की गई राशि से कम हो जाएगा. केन्द्र सरकार इस उद्देश्य के लिए योजना, 1976 (आयकर पर अधिभार) कंपनियों जमाओं अधिसूचित किया था. उप - धारा के परन्तुक (1) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की धारा 2 के तदनुसार निर्धारण वर्ष 1977-78 के लिए एक कंपनी द्वारा देय आयकर पर अधिभार राशि से कम हो जाएगा कि प्रदान की गई है उक्त योजना के तहत भारत की औद्योगिक विकास बैंक के साथ वित्तीय वर्ष 1976-77 के दौरान यह द्वारा बनाई गई जमा की.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

"वेतन" और सेवानिवृत्ति वार्षिकियां के अलावा अन्य आय से वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान स्रोत पर कर की कटौती के लिए दरें

(4) "वेतन" और निर्दिष्ट व्यवसायों में लगे पंजीकृत फर्मों के भागीदारों को देय सेवानिवृत्ति वार्षिकियां के अलावा अन्य आय से वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान स्रोत पर कर की कटौती के लिए दर, वित्त की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय में निर्दिष्ट किया गया है (नं. 2) अधिनियम, 1977. इन दरों प्रतिभूतियों, ब्याज, लाभांश, बीमा कमीशन, लॉटरी और पहेली पहेली और अनिवासियों के गैर वेतन आय से जीत की अन्य श्रेणियों पर ब्याज के रूप में आय के लिए लागू होते हैं. इन दरों निम्नलिखित मामलों में वित्तीय वर्ष 1976-77 के दौरान इस तरह की आय से स्रोत पर कर की कटौती के प्रयोजनों के लिए वित्त अधिनियम, 1976 की प्रथम अनुसूची के भाग द्वितीय में निर्दिष्ट दरों से अलग:

1 कंपनियों के अलावा अन्य निवासियों को भुगतान - लॉटरी और वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान निवासी करदाताओं को देय पहेली पहेली से जीत के रास्ते से आय के मामले में, कर बुनियादी आय से बना प्रतिशत 34.5 की दर से कटौती की जाएगी 30 फीसदी और 4.5 फीसदी (आयकर का 15 प्रतिशत किया जा रहा है) के अधिभार का टैक्स. यह कर 1.5 फीसदी से वित्त वर्ष 1976-77 के दौरान इस तरह के आय से काट ली गई है, जिस पर दर से अधिक है. वृद्धि इस परिपत्र के पैरा 5.3 में विस्तार से बताया के रूप में गैर कॉरपोरेट करदाताओं के मामले में आयकर पर अधिभार की दर में वृद्धि के संदर्भ में किया गया है.

प्रतिभूतियों (एक कर मुक्त सुरक्षा पर ब्याज न हो) या वित्तीय वर्ष 1977-1978 के दौरान निवासी करदाताओं को देय लाभांश पर ब्याज के रूप में आय के मामले में, कर 23 फीसदी, यानी की दर से कटौती की जाएगी. , कर वित्तीय year1976-77 के दौरान इस तरह की आय से स्रोत पर काटा गया था, जिस पर एक ही दर. हालांकि, 23 फीसदी की दर 21 फीसदी के बुनियादी आयकर के खिलाफ के रूप में, (आयकर फीसदी की जा रही 15) फीसदी और 3 का अधिभार प्रति 20 की बुनियादी आयकर के ऊपर बनाया जाएगा और वित्तीय वर्ष 1976-77 के दौरान बल में 2 फीसदी की अधिभार.

प्र.20. कंपनियों के अलावा अन्य गैर निवासियों को भुगतान - वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान गैर निवासियों को देय (एक कर मुक्त सुरक्षा पर ब्याज के अलावा अन्य) आय के मामले में, कर प्रतिशत 34.5 की न्यूनतम दर से कटौती की जाएगी (आयकर फीसदी की जा रही 15) फीसदी और 4.5 का सरचार्ज 30 प्रतिशत का आयकर से बना. ऐसी आय के लिए उपयुक्त आयकर और अधिभार की दर [उप पैरा के तहत निर्धारित दरों पर वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक का मैं] अधिक से अधिक 34.5 प्रतिशत है, तो प्रतिशत, कर ऐसी उच्च दर पर कटौती की जाएगी. गैर कॉर्पोरेट गैर निवासियों को देय एक कर मुक्त सुरक्षा पर ब्याज के संबंध में कटौती के लिए दर प्रतिशत की प्रति 15 किया जा रहा है (प्रतिशत और 2.25 प्रतिशत की अधिभार के अनुसार 15 से आयकर से बना प्रतिशत 17.25 हो जाएगा आयकर).

(3) इस परिपत्र के पैरा 23.1 में बताया गया है, अनुभाग 115A से एक विदेशी कंपनी से प्राप्त की है कि रॉयल्टी को सुरक्षित करने के लिए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के द्वारा संशोधित किया गया है - कुछ विषयों पर पुस्तकों के संबंध में विदेशी कंपनियों के लिए कॉपीराइट रॉयल्टी का भुगतान किसी भी किताब में कॉपीराइट के संबंध में (किसी भी लाइसेंस देने सहित) सभी या किसी भी अधिकारों के हस्तांतरण के विचार में एक भारतीय चिंता, ऐसी आय की कुल राशि का 40 प्रतिशत की दर से आयकर के दायरे में हो जाएगा किताब एक विषय पर है, जिस पर पुस्तकें एक ओपन जनरल लाइसेंस के तहत भारत में आयात करने के लिए वित्तीय वर्ष 1977-78 के लिए भारत सरकार की आयात व्यापार नियंत्रण नीति के अनुसार, अनुमति दी जाती है. इन विषयों की एक सूची अनुबंध में दी गई है. इस परिपत्र को मैं. अनुभाग 115A, ऐसे मामलों में रॉयल्टी के माध्यम से आय से स्रोत पर कर की कटौती के लिए दर में किए गए संशोधन को देखते हुए भी, यानी ऐसी आय कर के दायरे में हो जाएगा, जिस पर दर के लिए, 40 प्रतिशत में निर्दिष्ट किया गया है निर्धारण वर्ष 1978-79.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

"'वेतन', वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान" एडवांस टैक्स "और विशेष मामलों में आयकर का चार्ज की गणना से स्रोत पर कर की कटौती के लिए दरें

5.1 के रूप में भी करदाताओं की सभी श्रेणियों के मामले में उस वर्ष के दौरान देय "एडवांस टैक्स" की गणना के लिए वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान व्यक्तियों के मामले में "वेतन", से स्रोत पर आयकर की कटौती के लिए दर, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की प्रथम अनुसूची के भाग III में निर्दिष्ट किया गया है. इन दरों वित्तीय वर्ष आदि पेशेवर सेवा के रूप में चार्टर्ड अकाउंटेंट, वकील, वकील, जो renders एक पंजीकृत फर्म के भागीदारों को देय सेवानिवृत्ति वार्षिकियां से 1977-78 के दौरान स्रोत पर भी आयकर की कटौती के लिए लागू कर रहे हैं, और चार्ज करने के लिए आय त्वरित आकलन किया जाना है, जहां विशेष मामलों में वर्तमान आय पर वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान कर. त्वरित आकलन किया जाना है, जहां विशेष मामलों जब्त संपत्ति [धारा 132 (5)] द्वारा प्रतिनिधित्व अघोषित आय पर आयकर (i) गणना के मामलों रहे हैं; (Ii) भारतीय बंदरगाहों से माल या यात्रियों की शिपिंग [धारा 172 (4)] से गैर निवासियों की आय पर प्रोविजनल आधार पर कर की वसूली; (Iii) [धारा 174 (2)] भारत छोड़ने व्यक्तियों के आकलन; (चतुर्थ) कर [धारा 175] से बचने के लिए संपत्ति के हस्तांतरण की संभावना व्यक्तियों के आकलन; और (v) एक बंद व्यापार के लाभ का आकलन [धारा 176 (2)]. ये दरें कुछ संशोधनों के लिए छोड़कर निर्धारण वर्ष 1977-78 के लिए कर के लिए उत्तरदायी आय के आकलन के लिए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की प्रथम अनुसूची के भाग में विनिर्दिष्ट दरों के रूप में वही कर रहे हैं. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की धारा 2 के साथ पढ़ा दर अनुसूची में संशोधन, निम्नलिखित मामलों से संबंधित हैं:

1 रुपये से छूट की सीमा की स्थापना. रुपये के लिए 8,000. आदि व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार, अपंजीकृत फर्मों के मामले में 10,000

प्र.20. 15 फीसदी से 10 फीसदी से सभी गैर कॉर्पोरेट करदाताओं के मामले में अधिभार की दर में वृद्धि हुई है.

(3) करदाता की कुल आय के अतिरिक्त किसी भी शुद्ध कृषि आय है जिन मामलों में आयकर की गणना के लिए प्रावधानों में संशोधन.

(4) अधिभार का भुगतान करने के एवज में भारत के औद्योगिक विकास बैंक के साथ जमा करने के लिए कंपनियों के लिए विकल्प की समाप्ति.

उपरोक्त मामलों के संबंध में संशोधनों पैराग्राफ इस परिपत्र की 5.2-5.7 में समझाया जाता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

छूट की सीमा 5.2 स्थापना - व्यक्तियों के मामले में छूट की सीमा, हिंदू अविभाजित परिवार, अपंजीकृत कंपनियों, व्यक्तियों के संगठनों, व्यक्तियों और कृत्रिम न्यायिक व्यक्ति के शव रुपये से उठाया गया है. रुपये के लिए 8,000. शुरू किया. यह (रुपए तक की आय शून्य दर स्लैब सहित. 8000) दर शेड्यूल बदल नहीं किया गया है, हालांकि, एक प्रावधान उप पैरा मैं या नीचे परंतुक के [ख़बरदार खंड (मैं) किया गया है कि नोट के लिए प्रासंगिक है मामला कोई आयकर मामलों में देय होगा कि प्रभाव के लिए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977] की प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक का, उप पैरा द्वितीय रूप में हो सकता है, जहां की कुल आय करदाता रुपये से अधिक नहीं है. शुरू किया. करदाता की कुल आय रुपए से अधिक मामलों में जहां कठिनाई से बचने के लिए. एक छोटे अंतर से 10,000, एक प्रावधान इस तरह के मामलों में मामूली राहत प्रदान करने के लिए कहा प्रावधानों के खंड (ख) के तहत किया गया है. करदाता की कुल आय रुपए से अधिक है, जहां इस प्रावधान के तहत. 10,000 लेकिन रुपये से अधिक नहीं है. 10540 (रुपए 10,690 जिसकी कुल आय पिछले वर्ष के लिए आकलन वर्ष 1978-79 के लिए प्रासंगिक रुपये से अधिक है. 10,000 कम से कम एक सदस्य होने के हिंदू अविभाजित परिवारों के मामले में), आयकर देय उस पर 70 फीसदी से अधिक नहीं होगी कुल आय रुपए से अधिक की राशि की. शुरू किया. एक व्यक्तिगत करदाता के मामले में इस सीमांत प्रावधान के आपरेशन के बाद तालिका में सचित्र है:

कुल आय दर अनुसूची के तहत निर्धारित दर पर गणना आयकर रुपये से अधिक खर्च का 70 फीसदी की दर से आयकर. 10]000
र र र
10,100 315 रु. ७०
10,200 330
10,300 345 210
10,400 36 280
10,500 375 350
10,540 381 378
10,550 383 385

यह रुपए की कुल आय पर कि उपरोक्त तालिका से मनाया जाएगा. 10,540, सीमांत प्रावधान (कर्नल 3) के तहत राशि की गणना कर्नल (राशि दर अनुसूची में निर्धारित दर लागू करने के द्वारा पर पहुंचे की तुलना में कम है (2) दूसरी ओर, कुल आय रुपये के बराबर है जब. 10,550, दर अनुसूची में निर्धारित दर से आयकर सीमांत प्रावधान लागू करने के द्वारा की गणना की तुलना में कम है. इसलिए, एक व्यक्ति के मामले में, सीमांत प्रावधान कुल आय रुपए से अधिक है जब लागू करने के लिए संघर्ष करेंगे. 10,540. स्वतंत्र कुल आय रुपए से अधिक के साथ कम से कम एक सदस्य होने के हिंदू अविभाजित परिवारों के मामले में. 10,000, सीमांत प्रावधान हिंदू अविभाजित परिवार की कुल आय रुपए से अधिक है जब लागू करने के लिए संघर्ष करेंगे. 10,690.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

आदि व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवार, अपंजीकृत फर्म, पंजीकृत फर्मों, सहकारी समितियों, स्थानीय अधिकारियों, सहित गैर निगमित करदाताओं की सभी श्रेणियों के मामले में आयकर पर अधिभार की दर - अधिभार की दर में 5.3 बढ़ाएँ ., 10 फीसदी से आयकर का 15 फीसदी तक बढ़ा दी गई है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

करदाता की कुल आय के अलावा नेट कृषि आय है जिन मामलों में आयकर की गणना के लिए प्रावधानों में 5.4 संशोधन - धारा 2 (8) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के प्रावधान है कि व्यक्तियों के मामले में, हिंदू आदि अविभाजित परिवारों, अपंजीकृत फर्मों, नेट कृषि आय एडवांस टैक्स और त्वरित आकलन वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान किए गए हैं, जहां मामलों में वर्तमान आय पर आयकर का चार्ज की गणना के लिए खाते में ले जाया जाएगा. लेकिन उसे यह भी उल्लेखनीय है कि रुपये के लिए 8,000 रुपये से छूट की सीमा की स्थापना के साथ. 10,000, शुद्ध कृषि आय करदाता की कुल आय रुपए से अधिक है सिर्फ अगर ध्यान में रखा जाना जाएगा. शुरू किया.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

रुपये के लिए छूट की सीमा की स्थापना के परिणाम में 5.5. 10,000 समवर्ती रुपये के मौजूदा स्तर पर आय से शून्य दर स्लैब बनाए रखने के साथ. 8000, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 करदाता की कुल आय के अलावा नेट कृषि आय है जिन मामलों में आयकर की गणना से संबंधित प्रावधानों में कुछ संशोधन किया गया है. संशोधित प्रावधानों (6) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की धारा 2 में समाहित कर रहे हैं. संशोधित रूप में प्रावधानों के तहत आयकर निम्नलिखित तरीके से इस तरह के मामलों में गणना की जाएगी:

1 करदाता की आय का कृषि और गैर कृषि घटक एकत्रित और आयकर ऐसी आय कुल आय के रूप में अगर कुल आय पर निर्धारित (अधिभार को छोड़कर) किया जाएगा. [यह ध्यान दिया जा सकता है कि (2) भी नीचे के रूप में वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 (जो निर्धारण वर्ष 1977-78 के लिए इस तरह के मामलों में आयकर की गणना की विधि नीचे देता है), की धारा 2 के तहत पहले के वर्षों के वित्त अधिनियमों के प्रावधानों, इस तरह कुल आय पर आयकर अधिभार सहित के बाद निर्धारित किया जाता है.] इस तरह कुल आय, नीचे परंतुक के खंड में नए सीमांत प्रावधान (द्वितीय) पर आयकर का निर्धारण करने में उप पैरा मैं या, मामला प्रथम अनुसूची के भाग III के पैरा एक का, उप पैरा द्वितीय हो सकता है वित्त (नं. 2) अधिनियम को 1977 लागू नहीं होगा. दूसरे शब्दों में, इस तरह कुल आय पर आयकर की दर अनुसूची और एक व्यक्ति द्वारा आयकर देय है जिसके द्वारा राशि का 70 प्रतिशत से अधिक नहीं होगी कि सीमांत प्रावधान में निर्धारित दरों के अनुसार निर्धारित किया जाएगा उसके कुल आय रुपए से अधिक है. 10,000 लागू नहीं किया जाएगा.

प्र.20. करदाता की शुद्ध कृषि आय रुपए की राशि की वृद्धि हुई होगी. इस तरह शुद्ध कृषि आय कुल आय थे वृद्धि हुई है के रूप में अगर इतनी वृद्धि हुई के रूप में 8000 (यानी, कर शून्य दर पर शुल्क लिया जाता है, जिस पर आय के पहले स्लैब) और (प्रभारी को छोड़कर) आयकर नेट कृषि आय पर निर्धारित किया जाएगा. [यहाँ फिर से, यह (2) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की धारा 2 के तहत के रूप में भी पहले के वर्षों के वित्त अधिनियमों में निहित प्रावधानों के तहत इस तरह बढ़ा नेट कृषि आय पर आयकर था कि नोट किया जाए अधिभार सहित के बाद निर्धारित की.] जैसा भी मामला हो इस तरह बढ़ा नेट कृषि आय पर आयकर का निर्धारण करने में, दोनों खंड (क) और (ख) के नीचे परंतुक यापन उप पैरा मैं या ने कहा, पैरा एक के उप पैरा द्वितीय लागू नहीं होगा. छूट की सीमा रुपये था के रूप में अगर दूसरे शब्दों में, इस तरह बढ़ा नेट कृषि आय पर आयकर निर्धारित किया जाएगा. 8000 और नहीं रुपये. 10,000, और एक व्यक्ति द्वारा आयकर देय उसकी कुल आय रुपए से अधिक की राशि के 70 प्रतिशत से अधिक नहीं होगा कि सीमांत प्रावधान. 10,000 लागू नहीं किया जाएगा.

[मामलों में करदाता की शुद्ध कृषि आय रुपये से अधिक नहीं है जहां. 2,000 रुपये की वृद्धि के रूप में शुद्ध कृषि आय. 8,000 रुपये की छूट सीमा से अधिक नहीं होगा. 10,000 ताकि इस तरह बढ़ा नेट कृषि आय पर कि आयकर नहीं के बराबर होगा. इस उद्देश्य के लिए छूट की सीमा रुपये पर रखा गया था. 10,000, करदाता करदाता की आय का कृषि घटक आयकर करने का आरोप लगाया गया है कि परिणाम के साथ नेट कृषि आय के कारण आयकर के संबंध में किसी भी कटौती भी नहीं मिलता. इस प्रावधान असंवैधानिक गाया होता है, यह रुपये की वृद्धि हुई के रूप में शुद्ध कृषि आय पर आयकर का निर्धारण करने के प्रयोजनों के लिए, कि व्यवस्था की गई है. 8000, छूट की सीमा रू होने के लिए ले जाया जाएगा. 8000 और नहीं रुपये. 10,000]

(3) (1) के तहत निर्धारित आयकर की राशि (2) के तहत निर्धारित राशि से कम हो जाएगा. हालांकि, इतने पर पहुंचे राशि कुल आय रुपए से अधिक की राशि के 70 प्रतिशत से अधिक है. 10,000, अतिरिक्त अवहेलना की जाएगी.

(4) (3) के तहत निर्धारित रूप में आयकर की राशि ऐसी आयकर और राशि का 15 प्रतिशत की दर से एक अधिभार से बढ़ जाएगा ताकि पर पहुंचे उसकी कुल आय पर करदाता द्वारा देय आयकर होगा .

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

नेट कृषि आय वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की प्रथम अनुसूची के भाग IV में निहित नियमों के अनुसार गणना की जानी है - शुद्ध कृषि आय की गणना के लिए नियमों में 5.6 संशोधन. इन प्रावधानों के तहत शुद्ध कृषि आय की गणना के माध्यम कृषि में अनवशोषित नुकसान के आकलन वर्ष 1976-77 के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान किए गए उस संशोधन के लिए छोड़कर वित्त अधिनियम, 1976 के प्रासंगिक प्रावधानों के रूप में ही है भी निर्धारण वर्ष 1977-78 के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए कृषि आय के खिलाफ बंद का गठन किया जाएगा. इसके अलावा, आकलन वर्ष 1977-78 के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष के संबंध में किसी भी अनवशोषित नुकसान भी वित्तीय वर्ष 1977-78 के दौरान "एडवांस टैक्स" के भुगतान के प्रयोजनों के लिए नेट कृषि आय का निर्धारण करने में बंद का गठन किया जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अधिभार का भुगतान के एवज में जमा करने के लिए कंपनियों के लिए विकल्प की 5.7 समापन - वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा किए गए एक प्रावधान के तहत कंपनियों, आयकर पर अधिभार का भुगतान के एवज में अग्रिम की अंतिम किस्त से पहले, कर सकता है वित्तीय वर्ष 1976-1977 के दौरान देय कर. योजना, 1976 (आयकर पर अधिभार) कंपनियों डिपॉजिट्स के तहत भारत की औद्योगिक विकास बैंक के साथ एक जमा. अधिभार का भुगतान के एवज में जमा करने के लिए विकल्प वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा जारी नहीं किया जा रहा है.

[की धारा 2, और वित्त अधिनियम, प्रथम अनुसूची]

 

आयकर अधिनियम में संशोधन

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

"अल्पावधि पूंजी परिसंपत्ति" की परिभाषा में संशोधन - धारा 2 (42A)

धारा 2 (42A) के तहत 6.1, शब्द "अल्पावधि पूंजी परिसंपत्ति" तुरंत अपने स्थानांतरण की तिथि से ठीक पहले साठ महीने से अधिक नहीं करने के लिए एक करदाता द्वारा आयोजित एक पूंजी परिसंपत्ति के रूप में परिभाषित किया गया है. परिभाषा छत्तीस महीनों के लिए साठ महीनों से पकड़े अवधि को कम करने के लिए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के द्वारा संशोधित किया गया है. इस संशोधन का असर नहीं होगा कि तुरंत अपने स्थानांतरण की तिथि से ठीक पहले नहीं अधिक छत्तीस से महीने के लिए एक करदाता द्वारा आयोजित किसी भी पूंजी परिसंपत्ति का हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ पूंजी लाभ से संबंधित एक "कम के रूप में इलाज किया जाएगा, जबकि अवधि पूंजी परिसंपत्ति लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ "और के रूप में साधारण आय कर के लिए शुल्क लिया, तुरंत अपने स्थानांतरण की तिथि से ठीक पहले तीस से अधिक छह महीने के लिए एक करदाता द्वारा आयोजित एक पूंजी परिसंपत्ति का हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ माना जाएगा" "और, इसलिए, एक रियायती आधार पर कर करने का आरोप लगाया.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

6.2 यह संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 3]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

"तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क" के लिए स्रोत नियम में संशोधन - धारा 9 (1) (सात)

7.1 वित्त अधिनियम, 1976 (1) तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क के माध्यम से जो आय में परिस्थितियां दर्शाने 1976/01/06 से प्रभावी धारा 9 में एक नया खंड (सप्तम) डाला एकत्रित होने या भारत में पैदा होती समझा और किया जाएगा भी अभिव्यक्ति "तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क" परिभाषित. निम्नलिखित प्रकार के "तकनीकी सेवाओं के लिए शुल्क" के माध्यम से उक्त खंड के अधीन (सात), आय अर्जित करते हैं या भारत में पैदा समझा जाता है:

केन्द्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार द्वारा देय तकनीकी सेवाओं के लिए (एक) फीस;

भुगतान भारत के बाहर या भारत के बाहर उसकी आय का कोई अन्य स्रोत से उसके द्वारा पर किए गए एक व्यवसाय या पेशे से सम्बद्ध है जहां को छोड़कर, एक निवासी द्वारा देय तकनीकी सेवाओं के लिए (ख) फीस;

एक अनिवासी द्वारा देय तकनीकी सेवाओं के लिए (ग) शुल्क भुगतान भारत में या भारत में उसकी आय का कोई अन्य स्रोत से उसके द्वारा पर किए गए एक व्यवसाय या पेशे से सम्बद्ध है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 (1) उक्त खंड में निहित deeming प्रावधान तकनीकी के लिए फीस के माध्यम से किसी भी आय के संबंध में लागू नहीं है कि सुरक्षित करने के लिए धारा 9 के खंड (सात) को एक प्रावधान जोड़ा गया है 1976/01/04 से पहले किया और केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित एक समझौते के अनुसरण में देय सेवाएं. समझौते अनुभाग के लिए नए स्पष्टीकरण 1 ख़बरदार कि तिथि [पहले केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित प्रस्तावों के अनुसार किया जाता है तो इस उद्देश्य के लिए, 1976/01/04 के बाद किए एक समझौते पर उस तारीख से पहले किया गया है समझा जाएगा 9 (1) (सात)].

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

7.2 उक्त संशोधन 1977/01/04 से प्रभावी में आ गए हैं और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1977-78 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 4]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

विदेशी कर्मचारियों को भुगतान निश्चित बीतने के धन की छूट - धारा 10 (6) (क) (एए)

8.1 फाइनेंस (नं. 2) अधिनियम, 1977 पारित होने के धन के संबंध में छूट प्रदान करने के लिए धारा 10 या के मूल्य के खंड के उपखंड (i) (6) में एक नया आइटम (एए) डाला गया है किसी भी नि: शुल्क या रियायती पारित होने के अपने बच्चों की छुट्टी के दौरान भारत के लिए उनके आगे बढ़ने के सिलसिले में भारत से बाहर किसी भी शैक्षणिक संस्थान में पूरा समय शिक्षा होने के लिए, अपने नियोक्ता से भारत का नागरिक नहीं है जो एक व्यक्ति द्वारा या के कारण प्राप्त किया. यह नया प्रावधान के तहत है कि छूट के पारित होने के धन का सम्मान या अपने बच्चों की छुट्टी के दौरान भारत के लिए आगे बढ़ने के सिलसिले में विदेशी कर्मचारियों द्वारा या के कारण प्राप्त मुफ्त या रियायती बीतने के मूल्य में उपलब्ध है नोट करने के लिए प्रासंगिक है. भारत में उनकी छुट्टी के अंत के बाद बच्चों की वापसी का रास्ता जरूरी भारत के लिए अपनी यात्रा के साथ जुड़ा हुआ है, बीतने के धन या ऐसी वापसी यात्रा के लिए मुफ्त या रियायती बीतने के मूल्य दौरान भारत को आगे बढ़ने से बच्चों के सिलसिले में हो जाएगा छुट्टी. जैसे, नए प्रावधान के तहत छूट बीतने धनराशि का सम्मान या भारत की यात्रा के लिए मुफ्त या रियायती बीतने के मूल्य में न केवल उपलब्ध हो जाएगा, लेकिन यह भी वापस विदेशी देश की यात्रा के लिए पारित होने के धन के संबंध में विस्तार होगा जिसमें व्यक्ति के बच्चों को पूरा समय शिक्षा हो रही है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

8.2 संशोधन 1972/01/04 से पूर्वव्यापी प्रभाव के साथ बनाया गया है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1972-73 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 5 (क)]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

लद्दाख के निवासियों के कुछ आय कर से छूट - धारा 10 (26A)

9.1 धारा 10 के तहत (26A), वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977, आय एकत्रित या कि जिले में या भारत के बाहर किसी भी स्रोत से लद्दाख जिले के किसी भी निवासी को उत्पन्न होने से इसके संशोधन से पहले आयकर ऊपर से पूरी तरह छूट दी गई थी करने और आकलन वर्ष 1974-75 सहित. छूट केवल निर्धारण वर्ष 1962-63 के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष में लद्दाख जिले के निवासी थे जो व्यक्तियों के मामले में उपलब्ध था.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

9.2 धारा 10 (26A) मूल्यांकन वर्षों के लिए, पांच साल की अवधि, अर्थात् के लिए इस छूट को पुनर्जीवित करने के लिए पूर्वव्यापी 1975/01/04 से वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के द्वारा संशोधित किया गया है 1979 तक 1975-1976 -80.

[धारा वित्त अधिनियम का 5 (बी)]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

संचित या धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए आवेदन के लिए अलग सेट धन के निवेश या जमा करने से संबंधित प्रावधानों में संशोधन - धारा 11 (2) (बी)

उप - धारा के तहत 10.1 (2) धारा 11 की, आय संचित या भारत में धर्मार्थ या धार्मिक उद्देश्यों के लिए आवेदन के लिए अलग सेट का निवेश किए जाने की आवश्यकता है या (ख) खंड में निर्दिष्ट मोड में से किसी एक या एक से अधिक में जमा ने कहा की उप - धारा. उपखंड (ii) उक्त खंड (ख) के पैसे की रक़म तो संचित या अलग सेट या [डाकघर (समय जमा) नियम, 1970 के तहत बनाया जमा सहित] डाकघर बचत बैंक के साथ किसी भी खाते में जमा किया जा सकता है कि प्रदान करता है बैंककारी विनियमन अधिनियम 1949 एक सहकारी भूमि बंधक सहित बैंकिंग कारोबार (पर ले जाने में लगे हुए या एक सहकारी समिति (किसी भी बैंक या बैंकिंग संस्था है कि अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट सहित) लागू होता है जो करने के लिए एक बैंकिंग कंपनी बैंक या सहकारी भूमि विकास बैंक). अभिव्यक्ति "बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 लागू होता है जो करने के लिए बैंकिंग कंपनी" यहां तक ​​कि गैर अनुसूचित बैंकों को कवर करने के लिए पर्याप्त चौड़ा है. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 तो संचित या अलग सेट धन केवल "अनुसूचित बैंकों" के साथ जमा कर रहे हैं कि सुरक्षित करने के लिए एक दृश्य के साथ एक नया उपखंड से कहा उपखंड (ii) प्रतिस्थापित किया गया है. शब्द "अनुसूचित बैंक" मतलब के लिए इस उद्देश्य के लिए परिभाषित किया गया है भारतीय स्टेट बैंक, भारतीय स्टेट बैंक के एक सहायक बैंक, किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या किसी भी अन्य बैंक ऑफ इंडिया एक्ट के रिजर्व बैंक, 1934 को दूसरी अनुसूची में शामिल थे.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

10.2 नए प्रावधान के अनुरूप उनकी जमा राशि लाने के लिए धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्टों और संस्थाओं को पर्याप्त समय देने के लिए आदेश में, यह तो संचित या अलग सेट पैसा जमा, या किसी भी पिछले जमा दौरान रहने के लिए जारी किया जा सकता है प्रदान की गई है वर्ष जो बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 के प्रावधानों को लागू करने के लिए किसी भी अन्य बैंकिंग कंपनी के साथ 1981/01/04 से पहले शुरू होगा. यदि को शुरू किसी भी पिछले वर्ष में 1981/01/04 फॉल्स से पहले शुरू होने से किसी भी पिछले एक साल में (एक अनुसूचित बैंक के अलावा) किसी भी बैंकिंग कंपनी के साथ एक धर्मार्थ या धार्मिक विश्वास या संस्था द्वारा या उसके बाद किए गए एक सावधि जमा की परिपक्वता की तारीख तारीख, जमा उस तारीख को या उसके बाद शुरू होगा किसी भी पिछले साल के दौरान इस तरह के बैंकिंग कंपनी के साथ जारी रखने की अनुमति दी है, तो धारा 11 के प्रावधानों (2) (बी) (ख) का उल्लंघन किया जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

10.3 इस संशोधन 1978/01/04 से प्रभाव से लागू होगा, उपखंड में किए गए संशोधन (ii) खंड (ख) धारा 11 (2) के केवल को शुरू पिछले वर्षों के संबंध में लागू हो सकता है या होगा 1981/01/04 के बाद.

[वित्त अधिनियम की धारा 6]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धारा 13 - रूपों और धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्टों और संस्थाओं का धन निवेश या जमा करने के तरीके से संबंधित प्रावधानों में संशोधन

11.1 खंड (डी) उप - धारा में डाला (1) कराधान कानून (संशोधन) द्वारा धारा 13 के अधिनियम, 1975 में प्रावधान है कि एक धर्मार्थ या धार्मिक विश्वास या संस्था के किसी भी राशि का निवेश या जमा या अन्यथा निर्दिष्ट मोड या रूपों में से किसी की तुलना में निवेश या जमा रहने के लिए जारी कर रहे हैं उप - धारा (5) कि खंड की, 1978/1/4 को या उसके बाद शुरू होगा किसी भी पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय, ट्रस्ट या संस्था की आय धारा 11 या मूल्यांकन के लिए धारा 12 के तहत छूट के लिए पात्र नहीं होगा वर्ष 1979-80 या बाद में किसी भी निर्धारण वर्ष. धारा 13 के प्रावधानों के साथ लाइन में अपने निवेश को लाने के ट्रस्टों और संस्थानों के लिए अधिक समय देने के क्रम में (5), बदलाव पर निर्दिष्ट मोड या रूपों के लिए तारीख, यानी 1 से तीन साल से बढ़ा दिया गया है -4-1978 1981/01/04 के लिए. ऐसे ट्रस्टों और संस्थाओं की किसी भी राशि का निवेश या जमा या निवेश रहने के लिए जारी रखने या किसी भी विधा या प्रपत्र में जमा कर रहे हैं (5) ट्रस्ट या संस्था होगा, पर शुरू होने वाले किसी भी पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय या 1981/01/04 के बाद धारा 13 में निर्दिष्ट उन लोगों की तुलना में अन्य धारा 11 या आकलन वर्ष 1982-83 और बाद के वर्षों के लिए धारा 12 के तहत छूट के हकदार नहीं.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

11.2 उपखंड में निर्दिष्ट जमा की विधियों में से एक (iii) खंड (क) की उपधारा (5) धारा 13 की भारतीय स्टेट बैंक या स्टेट बैंक की एक सहायक बैंक के साथ किसी भी खाते में जमा है भारत या किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक. इस उपखंड प्रदान करने के लिए एक नया उपखंड द्वारा प्रतिस्थापित किया गया है कि किसी भी अनुसूचित बैंक के साथ जमा या एक सहकारी भूमि बंधक बैंक या सहकारी भूमि विकास बैंक सहित बैंकिंग के कारोबार पर ले जाने में लगे एक सहकारी समिति धर्मार्थ की धनराशि के जमा का एक अनुमेय विधा के रूप में माना जाएगा या धार्मिक ट्रस्टों और संस्थानों. इस उद्देश्य के लिए शब्द "अनुसूचित बैंक" (बी) की उपधारा (2) धारा 11 के ऊपर पैरा 10.1 में समझाया खंड के अंत में स्पष्टीकरण में एक ही अर्थ होगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

11.3 ये संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी हो जाएगा. हालांकि, के रूप में उल्लेख किया है अनुच्छेद 11.1 के ऊपर, उपधारा में निर्दिष्ट मोड या रूपों में धर्मार्थ या धार्मिक ट्रस्टों और संस्थानों के धन के निवेश या जमा करने के लिए धारा 13 (1) (डी) में अनिवार्य प्रावधान (5) उस अनुभाग का ही में लागू होगी 1981/01/04 को या उसके बाद शुरू होगा किसी भी पिछले वर्ष के संबंध.

[वित्त अधिनियम की धारा 7]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धारा 24 (1) (नौ) - गृह संपत्ति से कंप्यूटिंग आय में रिक्ति भत्ता देने का प्रावधान के संशोधन

सिर "हाउस प्रॉपर्टी से आय 'के तहत 12.1 आय प्रभार्य (1) धारा 24 की उप - धारा में विनिर्दिष्ट विभिन्न कटौतियों की अनुमति के बाद की जाती है. कहा उपधारा के खंड (नौ) एक घर की संपत्ति हैं और साल के एक भाग के दौरान खाली था मामलों में जहां रिक्ति भत्ता के माध्यम से कटौती करने का प्रावधान है. शब्दों के रूप में खंड के अधीन, रिक्ति भत्ता के माध्यम से कटौती के बाद ही रिक्ति होता है जहां मामलों में स्वीकार्य है घर निर्धारिती से बाहर जाने दिया गया है. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 कहा खंड के तहत कटौती के भले की अनुमति होगी प्रदान करने के लिए उक्त खंड के लिए एक स्पष्टीकरण डाला गया है अवधि चाहे जो दौरान संपत्ति के या, जैसा भी मामला हो, भाग संपत्ति, खाली था पछाड़ या यह जाने है अवधि के दौरान जो इस प्रकार है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

12.2 संशोधन के साथ लागू हो गया है 1977/01/04 से प्रभावी और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1977-78 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 8]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धारा 32A - निवेश भत्ता से संबंधित प्रावधान में संशोधन

13.1 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 में निहित निवेश छूट की योजना में महत्वपूर्ण संशोधनों के एक नंबर दिया गया है अनुभाग 32A. वर्तमान में, निवेश भत्ता निम्नलिखित संपत्ति के संबंध में दी गई है:

(क) नए जहाजों या जहाजों या विमान [धारा 32A (2) (क)] के संचालन के कारोबार में लगे एक निर्धारिती द्वारा अधिग्रहीत नए विमान;

(ख) नई मशीनरी या पीढ़ी के व्यापार या बिजली के वितरण या किसी भी अन्य शक्ति के रूप [धारा 32A (2) (बी) (i)] के प्रयोजनों के लिए स्थापित संयंत्र;

(ग) नई मशीनरी या निर्माण, निर्माण या नौवीं अनुसूची [धारा 32A में सूची में निर्दिष्ट लेख या चीजों में से किसी एक या एक से अधिक के उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए स्थापित संयंत्र (2) (बी) (ख) ];

(घ) नई मशीनरी या किसी भी अन्य लेख या चीजों का निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए एक छोटे पैमाने पर औद्योगिक उपक्रम में स्थापित संयंत्र [धारा 32A (2) (बी) (ग)].

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 (द्वितीय) उप खंड एवजी और (iii) धारा 32A के खंड (ख) (2) के दो नए उप खंड से ऊपर उल्लेख किया गया है. नए प्रावधानों के तहत निवेश भत्ता निर्माण, निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए स्थापित नई मशीनरी या संयंत्र के संबंध में अनुमति दी जाएगी वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की धारा 28 द्वारा डाला नई ग्यारहवीं अनुसूची में सूची में निर्दिष्ट कम प्राथमिकता के कुछ लेख या चीजों को छोड़कर सभी लेख या बातें की. नई ग्यारहवीं अनुसूची में निहित लेख या चीजों की सूची इस परिपत्र के अनुबंध II में दिया जाता है. ग्यारहवीं अनुसूची में सूची में विनिर्दिष्ट किसी लेख या बात के निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए मशीनरी या संयंत्र की स्थापना से उत्पन्न होने वाली अयोग्यता, हालांकि, छोटे पैमाने में स्थापित मशीनरी या संयंत्र के संबंध में लागू नहीं होगा औद्योगिक उपक्रमों, और ऐसी मशीनरी या संयंत्र ने कहा कि यह सूची में विनिर्दिष्ट किसी लेख या बात के निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया जाता है, भले ही निवेश छूट के लिए पात्र होंगे.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अगर नए उप खंड खंड 32A में डाला (8A) के तहत 13.2, केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र, लेख या नए ग्यारहवीं अनुसूची में विनिर्दिष्ट चीजों की सूची में से किसी भी लेख या बात में अधिसूचना द्वारा नष्ट करने के लिए अधिकार दिया गया है यह ऐसा करना आवश्यक या समीचीन समझता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

13.3 कभी कभी, स्थापित और निर्माण, निर्माण या नए ग्यारहवीं अनुसूची में सूची में निर्दिष्ट नहीं किसी भी लेख या बात के उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल के लिए एक मशीनरी या संयंत्र आंशिक रूप से निर्माण के व्यवसाय या के उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया गया हो सकता है कहा सूची में विनिर्दिष्ट किसी लेख या बात का उत्पादन. निवेश भत्ता में इनकार किया जा करने का इरादा नहीं है ऐसे मामलों में, एक नए उप - धारा (2 क) कारण से वंचित नहीं किया जाएगा कि निवेश भत्ता प्रदान करने के लिए खंड 32A में सम्मिलित किया गया है स्थापित किया है और किसी भी लेख या बात नहीं की निर्माण, निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल किया ही है कि मशीनरी या संयंत्र ग्यारहवीं अनुसूची में सूची में निर्दिष्ट भी कहा सूची में विनिर्दिष्ट किसी लेख या बात के निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया जाता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

13.4 मशीनरी या संयंत्र दोनों को स्थापित और में सूची में निर्दिष्ट नहीं एक लेख या बात का निर्माण, निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए मुख्य रूप से प्रयोग किया जाता है, जब तक यह पूर्वोक्त छूट का लाभ उपलब्ध नहीं होगा ध्यान दें कि प्रासंगिक है ग्यारहवीं अनुसूची. किसी मशीनरी या संयंत्र कहा सूची में निर्दिष्ट नहीं एक लेख या बात का निर्माण, निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल किया गया है कि क्या सवाल मशीनरी या संयंत्र को पिछले वर्ष के दौरान इस तरह के व्यापार के प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया गया है जो हद तक इस बात पर निर्भर करेगा. इस प्रकार, प्रश्न मशीनरी या संयंत्र वास्तव में इस तरह के व्यापार के प्रयोजनों के लिए करदाता द्वारा इस्तेमाल किया गया है, जिसके लिए दिन या घंटे की संख्या के संदर्भ में फैसला करने के लिए होगा. निर्मित या दो व्यवसायों के लिए उत्पादित लेख या चीजों की संख्या या मात्रा एक निष्पक्ष हो, लेकिन हो सकता मशीनरी या संयंत्र दो व्यवसायों के लिए इस्तेमाल किया गया है जो करने के लिए इस हद तक की नहीं एक निर्णायक, परीक्षण. सवाल इसलिए, प्रत्येक मामले के तथ्यों पर फैसला करना होगा. मशीनरी या संयंत्र स्थापित और ग्यारहवीं अनुसूची में नहीं गिरने एक लेख या बात का निर्माण, निर्माण या उत्पादन के व्यापार के प्रयोजनों के लिए मुख्य रूप से इस्तेमाल किया गया है कि साबित करने का बोझ प्रावधान के लाभ और आवश्यक सबूत का दावा व्यक्ति पर होगा समर्थन में उसके उसके द्वारा adduced करना होगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अनुभाग 32A में डाला 13.5 नई उपधारा (2 बी) मशीनरी या 30-6-1977 के बाद स्थापित संयंत्र के संबंध में 35 फीसदी की उच्च दर पर निवेश भत्ता प्रदान करने के लिए प्रदान करता है, लेकिन 1982/01/04 से पहले, के लिए मामलों में जहां किसी भी लेख या बात के निर्माण या उत्पादन के व्यापार के उद्देश्यों:

(क) लेख या बात किसी भी (कोई भी प्रक्रिया सहित) प्रौद्योगिकी या सरकार के स्वामित्व या वित्तपोषित एक प्रयोगशाला में विकसित अन्य पता है कि कैसे, या एक सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी या विश्वविद्यालय के स्वामित्व में एक प्रयोगशाला का उपयोग करके निर्मित या निर्धारिती द्वारा निर्मित है या विहित प्राधिकारी द्वारा इस संबंध में मान्यता प्राप्त एक संस्था द्वारा; या

(ख) लेख या बात निर्मित या निर्धारिती द्वारा उत्पादित एक प्रयोगशाला में आविष्कार एक लेख या बात उपर्युक्त (क) में निर्दिष्ट है.

यह प्रौद्योगिकी, आदि, लेख या बात और इसे करने के लिए केवल परिधीय नहीं की निर्माण या उत्पादन करने के लिए बुनियादी है, जब तक कि (क) में हालत ऊपर संतुष्ट नहीं हो जाएगा कि नोट किया जाए.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

35 प्रतिशत की उच्च दर पर 13.6 निवेश छूट होगी निम्न शर्तों को पूरा कर रहे हैं केवल यदि ऐसे मामलों में दी गई:

1 (किसी भी प्रक्रिया सहित) इस तरह की तकनीक या अन्य पता है कि कैसे उपयोग करने के लिए या इस तरह के लेख या बात के निर्माण या उत्पादन करने के लिए सही उपरोक्त अनुच्छेद 13.5 या किसी भी व्यक्ति (क) में निर्दिष्ट प्रयोगशाला के मालिक से करदाता द्वारा अधिग्रहीत किया गया है इस तरह के मालिक से खिताब पाने.

प्र.20. करदाता कटौती का दावा किया है, जिसके लिए आकलन वर्ष के लिए आय की वापसी के साथ साथ प्रस्तुत, इस तरह के लेख या बात किसी भी शामिल है (इस तरह की तकनीक का उपयोग करके निर्मित या करदाता द्वारा निर्मित है या तो उस प्रभाव के लिए विहित प्राधिकारी से एक प्रमाण पत्र प्रक्रिया) या ऐसी प्रयोगशाला में विकसित या अन्य पता है कि कैसे ऐसी प्रयोगशाला में आविष्कार एक लेख या बात है. कारण करदाता को निवेश छूट की पूरी राशि मशीनरी या संयंत्र स्थापित किया गया था, जिसमें पिछले वर्ष में अनुमति नहीं है और अनवशोषित भत्ता का एक हिस्सा अगले वर्ष या साल की कुल आय की गणना में अनुमति दी जा रही के लिए आगे बढ़ाया जाता है तो , विहित प्राधिकारी से प्रमाणपत्र अनवशोषित निवेश भत्ता कटौती के रूप में दावा किया है जिसके लिए वर्षों में से प्रत्येक के लिए करदाता द्वारा प्रस्तुत करना होगा.

(3) मशीनरी या संयंत्र ग्यारहवीं अनुसूची में सूची में विनिर्दिष्ट किसी लेख या बात के निर्माण या उत्पादन के प्रयोजनों के लिए उपयोग नहीं किया है. यह इस शर्त के दोनों छोटे पैमाने पर औद्योगिक उपक्रमों और अन्य उपक्रमों के मामले में लागू होता है कि नोट किया जाए.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

13.7 अभिव्यक्ति "सरकार द्वारा वित्त पोषण प्रयोगशाला" सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत है और सरकार द्वारा पूर्ण या मुख्य रूप से वित्तपोषित एक समाज सहित किसी भी शरीर के स्वामित्व में एक प्रयोगशाला के रूप में परिभाषित किया गया है. अभिव्यक्ति "सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी 'कंपनी अधिनियम, 1956 की धारा 617 के रूप में परिभाषित द्वारा या किसी केन्द्रीय, राज्य या प्रांतीय अधिनियम या किसी सरकारी कंपनी के तहत स्थापित किसी निगम मतलब करने के लिए परिभाषित किया गया है. कहा धारा 617 के रूप में परिभाषित शब्द "सरकार कंपनी" चुकता शेयर पूंजी का प्रतिशत कम से कम पचास एक केन्द्र सरकार द्वारा आयोजित, या किसी राज्य सरकार या सरकारों या आंशिक रूप से किया जाता है, जिसमें किसी भी कंपनी का मतलब केन्द्र सरकार और आंशिक रूप से एक या एक से अधिक राज्य सरकारों द्वारा और इस प्रकार परिभाषित के रूप में एक सरकारी कंपनी की एक सहायक कंपनी है जो एक कंपनी भी शामिल है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अनुभाग 32A को 13.8 उक्त संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 9, 28 और 29 (2) (एफ)]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

ग्रामीण विकास भत्ता - नई अनुभाग 35CC

14.1 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 कंपनियों और सहकारी समितियों से किसी पर पिछले वर्ष के दौरान उनके द्वारा किए गए व्यय की उनकी कर योग्य लाभ की गणना में कटौती के हकदार होंगे, जिसके तहत एक नई धारा 35CC शुरू की है ग्रामीण विकास [ख़बरदार के कार्यक्रम उप - धारा (1) नई धारा 35CC] की.

कटौती कंपनी या सहकारी समिति इस तरह के खर्च वसूल पहले ग्रामीण विकास कार्यक्रम के संबंध में विहित प्राधिकारी की पूर्व अनुमति प्राप्त की है, जहां केवल अनुमति दी जाएगी. अभिव्यक्ति "ग्रामीण विकास कार्यक्रम 'के सामाजिक और आर्थिक कल्याण को बढ़ावा देने के लिए किसी भी प्रोग्राम, या के उत्थान, शामिल करने के लिए परिभाषित किया गया है किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में सार्वजनिक. शब्द "ग्रामीण क्षेत्र" एक नगर पालिका के अधिकार क्षेत्र या एक छावनी बोर्ड और जो जो अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना के अनुसार कम नहीं (दस हजार से अधिक की आबादी है के भीतर शामिल है जो (क) एक क्षेत्र के अलावा अन्य किसी भी क्षेत्र का मतलब होगा प्रासंगिक आंकड़े) को पिछले साल के पहले दिन से पहले प्रकाशित किया है, या ऐसे दूरी के भीतर (ख) एक क्षेत्र (में निर्दिष्ट कर सकता है जो केन्द्रीय सरकार ऐसे नगर पालिका या छावनी बोर्ड की स्थानीय सीमाओं से) पंद्रह किलोमीटर की अधिकतम करने के लिए किया गया है सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस निमित्त. इस तरह की अधिसूचना केंद्र सरकार द्वारा जारी किया जाता है, जहां केवल यह (जैसे क्षेत्र के शहरीकरण, के लिए की हद तक, और गुंजाइश सहित) ऐसे किसी भी नगर पालिका या छावनी बोर्ड के बाहर क्षेत्र के विकास की अवस्था, अपनी किया जा रहा माना सही ठहराते हैं कि संतुष्ट है एक शहरी या गैर ग्रामीण क्षेत्र के रूप में. इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए, शब्द "मुनि-cipality" एक नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र समिति, शहरी क्षेत्र समिति, शहर समिति या बुलाया भी नाम से अन्य समान अधिकार शामिल होंगे.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

14.2 कहाँ एक परिसंपत्ति के अधिग्रहण या निर्माण में ग्रामीण विकास के परिणामों के कार्यक्रम पर किए गए व्यय भवन, मशीनरी, संयंत्र या फर्नीचर की जा रही है, और निर्धारिती में पिछले वर्ष के अंत से पहले ऐसी संपत्ति के स्वामित्व का ही अपहरण नहीं करता खर्च किए गए है, जो निर्धारिती (1) नए प्रावधान की उप - धारा के तहत इस तरह के व्यय के संबंध में कटौती की अनुमति नहीं होगी. इसके बजाय, निर्धारिती की अनुमति दी जाएगी ऐसी संपत्ति व्यवसाय के उद्देश्यों और धारा 32 (ह्रास) के प्रावधानों के लिए निर्धारिती द्वारा इस्तेमाल किया गया था के रूप में अगर इतना हासिल कर ली है या बनाया संपत्ति के संबंध में मूल्यह्रास; खंड 34 (मूल्यह्रास भत्ता, आदि के लिए शर्तें); धारा 41 (कर के दायरे में मुनाफा); और धारा 43 (मुनाफे और व्यवसाय या पेशे के लाभ से आय के लिए प्रासंगिक कुछ शब्दों की परिभाषा), जहां तक ​​हो सके, उसके अनुसार लागू होंगे.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

14.3 कोई कटौती (1) निर्धारिती, कटौती का दावा किया है, जिसके लिए आकलन वर्ष के लिए आय की वापसी के साथ साथ प्रस्तुत जब तक ग्रामीण विकास के किसी भी कार्यक्रम पर किए गए व्यय के संबंध में खंड 35CC की उप - धारा के तहत अनुमति दी जाएगी एक विधिवत एक चार्टर्ड अकाउंटेंट या अन्य योग्य एकाउंटेंट, और जैसे ब्यौरे आगे की स्थापना द्वारा हस्ताक्षरित और सत्यापित निर्धारित प्रपत्र में इस तरह के खर्च का बयान निर्धारित किया जा सकता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

(1) अनुभाग 35CC की उप - धारा के तहत छूट का दावा किया और ग्रामीण विकास के किसी भी कार्यक्रम पर कोई व्यय के संबंध में किसी भी निर्धारण वर्ष के लिए अनुमति दी है कहां 14.4, कोई कटौती के किसी अन्य प्रावधान के तहत इस तरह के व्यय के संबंध में अनुमति दी जाएगी उसी या किसी भी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए आयकर अधिनियम.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

14.5 नई धारा 35CC 1977/01/09 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 10]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

कुछ वित्तीय निगमों के मामले में विशेष आरक्षित करने के लिए स्थानांतरित कर मुनाफे के संबंध में उच्च कटौती - धारा 36 (1) (आठ)

15.1 धारा 36 (1) (आठ), भारत में औद्योगिक या कृषि विकास के लिए लंबे समय तक वित्त प्रदान करने में लगे हुए वित्तीय निगमों ऐसे में उन्हें बाहर से हस्तांतरित राशि का, उनकी कर योग्य लाभ की गणना में, एक कटौती के हकदार हैं अध्याय के माध्यम तहत किसी भी कटौती करने से पहले अभिकलन के रूप में अपनी कुल आय का एक निश्चित प्रतिशत तक का एक विशेष रिजर्व खाते में मुनाफा,. वित्तीय निगम इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी है, जहां केवल यह रियायत उपलब्ध है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक वित्तीय निगम या राज्य वित्तीय निगम अधिनियम, 1951 (या के अर्थ के भीतर राज्य के लिए राज्य सरकार द्वारा स्थापित एक वित्तीय निगम होने के लिए कि अधिनियम की धारा 46 के तहत समझा एक संस्था के तहत स्थापित एक संयुक्त वित्तीय निगम के मामले में 15.2 अधिनियम), अध्याय के माध्यम तहत किसी भी कटौती करने से पहले अभिकलन के रूप में कुल आय का 40 प्रतिशत करने के लिए एक राशि, विशेष रिजर्व खाते में स्थानांतरित किया जा सकता है. अन्य वित्तीय निगमों के मामले में सीमा के रूप में तो वित्तीय निगम की चुकता शेयर पूंजी रुपये से अधिक नहीं है जहां मामलों में गणना कुल आय का 25 फीसदी है. 3 करोड़ रुपए और चुकता शेयर पूंजी कि राशि से अधिक मामलों में जहां 10 फीसदी.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

15.3 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 प्रतिस्थापित किया गया है उपखंड (ख) खंड (आठवीं) की उपधारा (1) पर उच्चतम सीमा को बढ़ाने के लिए एक दृश्य के साथ एक नया उपखंड द्वारा धारा 36 के चुकता शेयर पूंजी रुपये से अधिक के साथ वित्तीय निगमों के मामले में घटाया राशि. 10 फीसदी से अध्याय के माध्यम तहत किसी भी कटौती करने से पहले अभिकलन के रूप में कुल आय का 25 प्रतिशत करने के लिए 3 करोड़,. दूसरे शब्दों में, वित्तीय निगमों के बीच अंतर का भुगतान अप होने के शेयर पूंजी रुपये से अधिक. 3 करोड़ रुपए और कहा की राशि को चुकता शेयर पूंजी वाले लोगों को हटा दिया गया है और सभी तरह के वित्तीय निगमों इतना ही कुल आय का 25 प्रतिशत करने के लिए विशेष रिजर्व खाते को हस्तांतरित मात्रा के संबंध में एक कटौती के हकदार होंगे अभिकलन.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

15.4 संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 11]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

पूंजीगत लाभ की गणना के प्रयोजनों के लिए अधिग्रहण की अपनी लागत के स्थान पर 1964/01/01 पर के रूप में एक परिसंपत्ति का उचित बाजार मूल्य का प्रतिस्थापन - धारा 50 और 55

एक पूंजी परिसंपत्ति का हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाली 16.1 पूंजी लाभ प्राप्त विचार का पूरा मूल्य से, घटाने या स्थानांतरण का एक परिणाम के रूप में एकत्रित द्वारा गणना है, हस्तांतरण और अधिग्रहण की लागत "के संबंध में पूर्ण और विशेष रूप से किए गए व्यय "पूंजी परिसंपत्ति की, यह भी कोई सुधार की लागत बहां के रूप में. पूंजी परिसंपत्ति 1954/01/01 से पहले निर्धारिती की संपत्ति बन गया है, जहां निर्धारिती, उनके विकल्प पर अधिग्रहण की अपनी लागत [धारा 55 (2 की जगह में है कि आज की तारीख में संपत्ति का उचित बाजार मूल्य विकल्प हो सकता है ) (मैं)]. पूंजी परिसंपत्ति में से किसी ने निर्धारिती की संपत्ति बन गया कहां (1) के खंड 49 (क उपहार के तहत जैसे, या हो सकता है या उत्तराधिकार, विरासत, आदि द्वारा) उपधारा में निर्दिष्ट मोड और पूंजी परिसंपत्ति, 1954/01/01 से पहले "पिछले मालिक" की संपत्ति बन गया निर्धारिती, उसके विकल्प में, "पिछले मालिक" [धारा 55 (2) (ख)] के लिए अधिग्रहण की अपनी लागत के स्थान पर आज की तारीख में संपत्ति का उचित बाजार मूल्य विकल्प हो सकता है. धारा 50 (2), मूल्यह्रास संपत्ति के मामले में अधिग्रहण की लागत की गणना के लिए एक विशेष प्रावधान शामिल हैं, इसी प्रकार जहां, धारा 49 के किसी भी प्रावधान के तहत, (2) धारा 55, उचित बाजार मूल्य की उप - धारा के साथ पढ़ा है कि प्रदान करता है 1954/01/01 पर संपत्ति कर निर्धारिती के विकल्प पर ध्यान में रखा जा रहा है की, तो संपत्ति के अधिग्रहण की लागत, निर्धारिती के विकल्प पर कहा, पर संपत्ति का उचित बाजार मूल्य होगी तारीख, कम के रूप में उक्त तारीख के बाद निर्धारिती की अनुमति दी मूल्यह्रास की राशि, यदि कोई हो, द्वारा और के रूप में समायोजित.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

16.2 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 वर्गों 50 और 55 के लिए तिथि करने के लिए अग्रिम के रूप में संशोधन किया गया है 1954/01/01 दस से साल, यानी, तारीख 1964/01/01 द्वारा दिनांक 1954/01/01 प्रतिस्थापन . इन संशोधनों का प्रभाव एक पूंजी परिसंपत्ति निर्धारिती द्वारा अधिग्रहीत या जहां मामले 1964/01/01 से पहले, "पिछले मालिक" हो सकता है, के रूप में, निर्धारिती की उचित बाजार मूल्य स्थानापन्न करने का विकल्प होगा कि होगा अधिग्रहण की अपनी वास्तविक लागत की जगह में है कि आज की तारीख में संपत्ति.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

16.3 ये संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 12 और वित्त अधिनियम के 14]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

बिक्री आय प्राप्त या स्थानांतरण का एक परिणाम के रूप में एकत्रित मामलों में जहां "दीर्घकालिक पूंजीगत लाभ" की छूट निर्दिष्ट वित्तीय परिसंपत्तियों नई अनुभाग 54E में निवेश या जमा कर रहे हैं

17.1 एक नई धारा 54E विचार का पूरा मूल्य प्राप्त जहां मामलों में (एक अल्पकालिक पूंजी परिसंपत्ति न हो) या एकत्रित किसी भी पूंजी परिसंपत्ति का हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में आयकर से छूट प्रदान करने के लिए डाला गया है स्थानांतरण का एक परिणाम के हस्तांतरण की तारीख के बाद छह महीने की अवधि के भीतर निर्दिष्ट संपत्ति में निवेश या निर्धारिती द्वारा जमा किया जाता है के रूप में. ध्यान का ही एक हिस्सा तो निवेश या जमा है कहां, पूंजीगत लाभ का एक आनुपातिक हिस्सा आयकर से मुक्त रखा जाएगा. इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए निर्दिष्ट संपत्ति अनुसरण कर रहे हैं:

(क) केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार की प्रतिभूतियों;

धारा 2 सरकार बचत प्रमाणपत्र अधिनियम, 1959 की (सी) में परिभाषित (ख) बचत प्रमाण पत्र के रूप में;

भारतीय यूनिट ट्रस्ट में (ग) इकाइयों;

(घ) खंड 80L के प्रयोजनों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा निर्दिष्ट डिबेंचर (1) (ख);

जनता के लिए जारी किए जाते हैं या प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 और उसके अधीन बनाए गए किसी भी नियम के अनुसार भारत में किसी मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध हैं जो किसी भी भारतीय कंपनी में (ई) के शेयरों;

(च) भारतीय स्टेट बैंक या बैंकिंग के कारोबार पर ले जाने में लगे भारतीय स्टेट बैंक या किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक या किसी भी सहकारी समिति के किसी सहायक बैंक के साथ कम से कम तीन वर्ष की अवधि के लिए जमा (सहित एक सहकारी भूमि बंधक बैंक या सहकारी भूमि विकास बैंक).

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

17.2 उप - धारा (2) नई धारा 54E के अपने होने की तिथि से तीन वर्ष की अवधि के भीतर, पैसे में (अन्यथा हस्तांतरण के बजाय) निर्दिष्ट संपत्ति हस्तांतरित, या बदल जाती है जहां के मामलों में इस छूट की जब्ती के लिए प्रदान करता है अधिग्रहण. इस प्रयोजन के लिए पूंजी लाभ की राशि कारण से कर से छूट दी इसलिए तबादला या बदल जाती है जो निर्दिष्ट संपत्ति में निवेश या निर्धारिती द्वारा जमा की गई राशि की नई परिसंपत्ति तो तबादला या बदल जाती है, जिसमें पिछले वर्ष की "लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ" के माध्यम से आय नहीं समझा जाएगा. निर्दिष्ट संपत्ति में से कुछ तो तबादला या निर्धारिती द्वारा परिवर्तित कर रहे हैं कहां, उप - धारा के तहत छूट प्राप्त पूंजीगत लाभ का केवल एक आनुपातिक हिस्सा (1) निवेश या जमा की गई राशि की वजह से नई धारा 54E के उसमें तहत टैक्स से वसूला जाएगा इस प्रावधान. पहले कर से छूट दी पूंजी लाभ की राशि निर्दिष्ट संपत्ति तो तबादला या निर्धारिती द्वारा परिवर्तित किया जाता है, जिसमें पिछले वर्ष की आय नहीं समझा जाता है, इसके लिए उनकी आय के बदले में ऐसी आय घोषित करने के लिए उस पर अनिवार्य हो जाएगा प्रासंगिक वर्ष.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

17.3 यह उप - धारा के प्रावधानों (2) पूंजी लाभ को जब्त करने के लिए खंड 54E की निर्दिष्ट संपत्ति संपत्ति का एक "हस्तांतरण" प्रभावशाली बिना एक सुरक्षा के रूप में देने का वायदा किया है जिन मामलों में आकर्षित नहीं किया जाएगा कि नोट किया जाए. किसी भी बैंक के साथ सावधि जमा के रूप में एक निर्धारित परिसंपत्ति अनुच्छेद 17.1 के खंड (vi) में निर्दिष्ट मामलों में जहां बैंक से लोन या ओवरड्राफ्ट प्राप्त करने के लिए एक सुरक्षा के रूप में प्रयोग किया जाता है, भी अन्यथा (परिवर्तित अभिव्यक्ति "के भीतर गिर नहीं होगा "पैसे में हस्तांतरण) द्वारा की तुलना में. यह अभिव्यक्ति मामलों को कवर किया जाएगा, जहां कम नहीं की अवधि के लिए एक धरोहर ऐसे किसी भी बैंक के साथ तीन साल परिपक्वता से पहले निर्धारिती द्वारा भुनाया जाता है की तुलना में.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

17.4 यह नोट करना प्रासंगिक है कि खंड 54E और धारा 54 (निजी निवास के लिए इस्तेमाल किया संपत्ति की बिक्री पर पूंजीगत लाभ की छूट) के प्रावधानों; या अनुभाग 54B के लिए इस्तेमाल किया भूमि के हस्तांतरण पर पूंजीगत लाभ की (छूट कृषि प्रयोजनों); या अनुभाग 54D (एक औद्योगिक उपक्रम का हिस्सा बनाने की भूमि और भवनों के अनिवार्य अधिग्रहण पर पूंजीगत लाभ की छूट) परस्पर अनन्य नहीं हैं. यह है, इसलिए अनुमति है निर्दिष्ट संपत्ति में से किसी में विचार का एक हिस्सा निवेश या जमा करने से, आंशिक रूप से खंड 54E के तहत एक पूंजी परिसंपत्ति का हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ के संबंध में छूट का दावा, और आंशिक रूप से किसी के अधीन करने के लिए एक करदाता के लिए नई परिसंपत्ति के अधिग्रहण के लिए पूंजी लाभ का उपयोग करके ऊपर उल्लेख अन्य वर्गों में से एक उसमें भेजा. उदाहरण के लिए, जहां करदाता द्वारा आवासीय प्रयोजनों के लिए प्रयोग किया जाता है एक घर की संपत्ति रुपये के लिए बेच दिया जाता है. एक पूंजी लाभ में जिसके परिणामस्वरूप 2 लाख रुपये की. 1 लाख, करदाता रुपये निवेश कर सकते हैं. किसी एक या अधिक विनिर्दिष्ट परिसंपत्तियों का और उपयोग में 1 लाख रुपये का कहना है. 50,000, आवासीय प्रयोजनों के लिए एक फ्लैट की खरीद के लिए. इस उदाहरण में, पूंजीगत लाभ का आधा (यानी, रुपये. 50,000) अनुभाग 54E और धारा 54 के तहत शेष एक से डेढ़ तहत मुक्त हो जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

17.5 एक निर्धारिती कभी कभी विचार का पूरा मूल्य का निवेश या जमा करने की स्थिति में नहीं हो सकता है प्राप्त या हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ कर के दायरे में हैं, जिनमें आकलन वर्ष के लिए मूल्यांकन के पूरा होने से पहले निर्दिष्ट संपत्ति में स्थानांतरण का एक परिणाम के रूप में एकत्रित. ऐसे मामलों में, संपत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाले पूंजीगत लाभ प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के लिए निर्धारिती के मूल्यांकन में शामिल करना होगा. हालांकि, अगर मूल्यांकन के पूरा होने के बाद, लेकिन छह महीने की निर्धारित अवधि के भीतर, निर्धारिती पूर्ण निवेश या जमा निर्दिष्ट संपत्ति में विचार या उसके भाग के मूल्य, यह कर रियायत का लाभ पहले बनाया निर्धारण आदेश में संशोधन करके उसे करने की अनुमति दी जानी चाहिए कि लेकिन उचित है. तदनुसार, धारा 155 नई धारा 54E के प्रावधानों के अनुसार कर के दायरे में नहीं पूंजीगत लाभ की राशि को छोड़ने के लिए इतनी के रूप में इस तरह के मामलों में, आयकर अधिकारी उसके द्वारा किए गए आकलन के क्रम में संशोधन होगा, कि प्रदान करने के लिए संशोधन किया गया है . आयकर अधिनियम में निर्धारित एक आकलन आदेश, ऐसे मामलों में, पूंजीगत लाभ पुरानी संपत्ति के हस्तांतरण से उत्पन्न होने वाली है जिसमें वर्ष के लिए निर्धारण आदेश की तारीख से चलेंगे में संशोधन के लिए चार साल की सीमा की अवधि टैक्स के लिए चार्ज किया जाता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

17.6 इन प्रावधानों 1978/01/04 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, के संबंध में लागू होगा निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के लिए.

[धारा वित्त अधिनियम के 13, 23 और 29 (2) (क)]


न्यायिक विश्लेषण

में समझाया - पैरा 17.3 से ऊपर उद्धृत और निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ, एसएम लक्ष्मण पिल्लई [1990] 36 TTJ (Mad.) 413 वी. आईटीओ में विस्तार से बताया गया था:

"परिपत्र की भाषा स्पष्ट है. 9 मार्च, 1978 पर सावधि जमा करके निर्धारिती द्वारा मिला छूट वह सावधि जमा पर कर्ज लिया है कि जमीन पर वापस ले लिया नहीं जा सका. वह छूट के हकदार हो जारी रखा. ... "(पी. 416)

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

नई अनुभाग 72A - आगे ले जाने और एकीकरण के कुछ मामलों में संचित व्यापार हानि और अनवशोषित ह्रास से दूर स्थापित करने के लिए संबंधित प्रावधानों में छूट

आयकर अधिनियम के मौजूदा प्रावधानों के तहत 18.1, उस वर्ष के लिए निर्धारिती की अन्य आय के खिलाफ बंद सेट नहीं किया जा सकता है के रूप में एक वर्ष के कारोबार नुकसान का इतना आगे बढ़ाया और के मुनाफे के खिलाफ उसके द्वारा बंद सेट किया जा सकता है किसी भी व्यवसाय से वर्ष के बाद उसके द्वारा पर ले गए. हानि पूर्ण इतनी दूर स्थापित नहीं किया जा सकता है, तो बंद सेट नहीं राशि आठ मूल्यांकन की एक अधिकतम करने के लिए, तो पर अगले अगले साल के लिए आगे बढ़ाया जा सकता है और साल तुरंत नुकसान पहले अभिकलन किया गया था जिसके लिए आकलन वर्ष सफल. हानि मूल रूप से निरंतर था जिसमें व्यापार निर्धारिती द्वारा पर ले जाने के लिए जारी रखा जाता है जब तक आगे ले जाने के लाभ और व्यापार के झड़ने के लिए बंद सेट, हालांकि, उपलब्ध नहीं है. उत्तराधिकारी में व्यापार उनके पूर्ववर्ती द्वारा किए गए नुकसान को आगे ले जाने के लिए दावा नहीं कर सकता है, ताकि इसके अलावा, घाटा हुआ जो केवल निर्धारिती, उसी को आगे बढ़ाने का अधिकार है. इसी तरह, एक व्यापार एक निर्धारिती द्वारा किए अगर कारण, किसी अन्य के द्वारा अनवशोषित मूल्यह्रास भत्ता पर ले लिया है पूर्ववर्ती में व्यापार से नहीं ले जाया जा सकता है में व्यापार उत्तराधिकारी और बाद के वर्षों में अपने मुनाफे के खिलाफ बंद सेट. इन प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए, समामेलन की एक योजना के तहत एक अन्य कंपनी के साथ विलीन हो जाती है जो एक कंपनी की संचित व्यापार हानि और अनवशोषित मूल्यह्रास भत्ता नहीं ले जाया जा सकता है और उसके मुनाफे के खिलाफ उत्तरार्द्ध कंपनी द्वारा बंद सेट.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

18.2 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 को आगे ले जाने और एकीकरण के कुछ मामलों में संचित व्यापार हानि और अनवशोषित मूल्यह्रास भत्ता के बंद सेट से संबंधित उक्त प्रावधानों आराम एक नई धारा 72A डाला गया है. उप - धारा (1) नई धारा 72A की जहां एक की एक समामेलन हुई है कि प्रदान करता है निर्दिष्ट प्राधिकरण की सिफारिश पर एक और कंपनी और केन्द्र सरकार के साथ एक औद्योगिक उपक्रम या एक जहाज के मालिक कंपनी, इस निमित्त विनिर्दिष्ट कुछ शर्तों को पूरा कर रहे हैं कि संतुष्ट है, केन्द्र सरकार के होते हुए भी, इस के बाद उस आशय की घोषणा करते हैं और हो सकता है आयकर अधिनियम के किसी अन्य प्रावधान में निहित कुछ भी, संचित हानि और को मिलाकर कंपनी की अनवशोषित मूल्यह्रास समझा जाएगा जैसा भी मामला हो, नुकसान हो सकता है या करने के लिए, समामेलन प्रभावित और अधिनियम के अन्य प्रावधानों को आगे ले जाने के लिए संबंधित और मूल्यह्रास के लिए नुकसान और भत्ता के बंद का गठन किया गया, जिसमें पिछले साल के लिए एकीकृत कंपनी का मूल्यह्रास के लिए भत्ता करेगा तदनुसार लागू होते हैं. यह समामेली कंपनी की अनवशोषित नुकसान समामेलन प्रभावित था जिसमें पिछले वर्ष के लिए नुकसान नहीं समझा जाता है, के रूप में एकीकृत कंपनी आठ आकलन वर्ष की अवधि के लिए नुकसान को आगे ले जाने के लिए सही होगा कि ध्यान दिया जाना है तुरंत समामेलन प्रभावित था जिसमें पिछले साल के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष सफल.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

पिछले पैराग्राफ में निर्दिष्ट 18.3 घोषणा के बाद शर्तों को पूरा कर रहे हैं केवल यदि केन्द्र सरकार द्वारा किया जाएगा:

(क) समामेली कंपनी, तुरंत इस तरह के एकीकरण से पहले, अपने दायित्व, हानि और अन्य प्रासंगिक कारकों की वजह से आर्थिक रूप से व्यवहार्य नहीं था;

(ख) समामेलन जनता के हित में था;

(ग) केन्द्रीय सरकार के रूप में इस तरह के अन्य शर्तों, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, इस धारा के तहत लाभ समामेली कंपनी के व्यापार के पुनर्वास या पुनरुद्धार सुविधा होगी जो सम्मामेलन तक ही सीमित है कि यह सुनिश्चित करने के लिए निर्दिष्ट कर सकता है.

एक घोषणापत्र (1) नई धारा 72A की उप - धारा के तहत केन्द्र सरकार द्वारा किया गया है, के बाद भी संचित हानि बंद सेट नहीं की जाएगी और अनवशोषित मूल्यह्रास मूल्यांकन में अनुमति नहीं दी जाएगी एकीकृत कंपनी के निम्नलिखित आगे स्थितियां जब तक पूरा कर रहे हैं:

(क) बंद सेट या भत्ता का दावा किया है, समामेली कंपनी के व्यापार में किसी भी संशोधन या पुनर्गठन के बिना या ऐसे संशोधन या पुनर्गठन के साथ एकीकृत कंपनी द्वारा इस तरह किया जाता है, जिसके लिए आकलन वर्ष के लिए प्रासंगिक पिछले वर्ष के दौरान अनुमोदित किया जा सकता है केन्द्र सरकार और अधिक आर्थिक रूप से इस तरह के व्यापार पर ले जाने के लिए एकीकृत कंपनी को सक्षम या अधिक कुशलता से करने से; और

(बी) एकीकृत कंपनी निर्धारण वर्ष के लिए आय के लिए अपनी वापसी के साथ साथ, प्रस्तुत है, जिसके लिए इस तरह के बंद सेट या भत्ता, पर्याप्त कदम पुनर्वास या के लिए कि कंपनी द्वारा लिया गया है कि प्रभाव के लिए निर्दिष्ट प्राधिकारी से प्रमाणपत्र दावा किया है को मिलाकर कंपनी के व्यापार के पुनरुद्धार.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

इस प्रावधान, नियम "एकीकरण", "कंपनी को मिलाकर" और "एकीकृत कंपनी" के प्रयोजनों के लिए 18.4 धारा 2 के खंड (1 ए) में उन्हें सौंपा अर्थ हो जाएगा. इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए शब्द "संचित हानि," सिर "मुनाफा और व्यापार या पेशे के लाभ 'के तहत समामेली कंपनी के नुकसान की बहुत मायने रखता है समामेली कंपनी के लिए होता है, जो एक अटकलें व्यापार में नुकसान निरंतर किया जा रहा नहीं आगे ले जाने और समामेलन प्रभावित नहीं किया गया था अगर धारा 72 के प्रावधानों के तहत की स्थापित करने के लिए हकदार गई. इसी तरह, "अनवशोषित मूल्यह्रास" की अनुमति दी जाए और तहत समामेली कंपनी को अनुमति दी गई है, जो होगा रहता है जो समामेली कंपनी के अवमूल्यन के लिए भत्ता की बहुत मायने रखता है आयकर अधिनियम के प्रावधानों के समामेलन प्रभावित नहीं किया गया था. शब्द "निर्दिष्ट अधिकार" का अर्थ केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह के अधिकार, सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए निर्दिष्ट कर सकता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

18.5 नई धारा 72A 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 15]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धर्मार्थ उद्देश्यों के लिए दान के संबंध में वित्तीय सीमा बढ़ाने से - धारा 80 जी

खंड 80 जी के तहत 19.1, एक निर्धारिती 50 प्रति निश्चित धनराशि को उसके द्वारा किए गए दान का प्रतिशत और धर्मार्थ के बराबर राशि के बारे में उनकी कर योग्य आय की गणना में कटौती के हकदार है संस्थानों या किसी भी मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च या, ऐतिहासिक, पुरातात्विक या कलात्मक महत्व का हो या सार्वजनिक पूजा की एक जगह होने के लिए इस खंड के प्रयोजनों के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किया है जो किसी भी अन्य जगह की मरम्मत या नवीकरण के लिए किसी भी राज्य या राज्य भर में यश की. केन्द्र सरकार द्वारा इस संबंध में मंजूरी दे दी है के रूप में परिवार नियोजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य के लिए उपयोग किया जा करने के लिए, सरकार के लिए या किसी भी तरह के स्थानीय प्राधिकारी, संस्था या संघ में किए गए दान प्रतिशत कटौती प्रति 100 के लिए पात्र हैं. खंड 80 जी के तहत छूट के लिए योग्यता दान की राशि, हालांकि, रुपये का एक और मौद्रिक सीमा के अधीन दाता की सकल कुल आय का 10 फीसदी तक ही सीमित है. 2 लाख. निर्धारिती किसी भी दान कर दिया गया है जहां किसी भी अधिसूचित मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे, चर्च या पूजा के अन्य जगह, रुपये की मौद्रिक सीमा का नवीकरण या मरम्मत के लिए. 2 लाख रुपए तक की वृद्धि हुई है. इस तरह के दान को कवर करने के लिए इतनी के रूप में 5 लाख. उक्त छत सीमा, तथापि, के संबंध में लागू नहीं है राष्ट्रीय रक्षा कोष, जवाहरलाल नेहरू मेमोरियल फंड, प्रधानमंत्री की सूखा राहत कोष और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में किए गए दान.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

19.2 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 रुपये की वित्तीय सीमा को बढ़ाने के लिए खंड 80 जी संशोधन किया गया है. रुपये के लिए 2 लाख रुपए. 5 लाख. नतीजतन, रुपये की मौद्रिक सीमा whereunder विशेष प्रावधान. 2 लाख रुपये करने के लिए उठाया है. अधिसूचित मंदिरों को बनाया ही दान कवर करने के लिए इतनी के रूप में 5 लाख, मस्जिदों, आदि गुरुद्वारों, चर्चों, हटा दिया गया है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

19.3 ये संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 16]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित छोटे पैमाने पर औद्योगिक उपक्रमों के लिए कर रियायत - नई अनुभाग 80HHA

20.1 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 करदाताओं की सभी श्रेणियों के अलावा अन्य नए लघु औद्योगिक उपक्रमों (से उनके द्वारा ली गई मुनाफे के 20 फीसदी के बराबर कटौती के हकदार होंगे, जिसके तहत एक नई धारा 80HHA डाला गया है खनन में लगे लोगों के) किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित की. कटौती औद्योगिक उपक्रम लेख का निर्माण या उत्पादन शुरू होता है, जिसमें पिछले साल के लिए प्रासंगिक निर्धारण वर्ष के साथ शुरुआत दस आकलन वर्षों में से प्रत्येक के संबंध में अनुमति दी जाएगी. इस परिपत्र के पैरा 14.1 में विस्तार से बताया के रूप में इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए अभिव्यक्ति "ग्रामीण क्षेत्र" एक ही अर्थ होगा. (टूल्स, जिग्स, मर जाता है और नए नए साँचे के अलावा अन्य) मशीनरी और संयंत्र का समग्र मूल्य स्थापित अगर एक औद्योगिक उपक्रम के लिए, पिछले वर्ष के अंतिम दिन के रूप में, एक "छोटे पैमाने पर औद्योगिक उपक्रम" के रूप में माना जाएगा उपक्रम के व्यापार के प्रयोजनों रुपये से अधिक नहीं है. 10 लाख. इस उद्देश्य के लिए करदाता द्वारा स्वामित्व वाली मशीनरी या संयंत्र के मूल्य करदाता और मशीनरी या करदाता द्वारा काम पर रखा संयंत्र के मूल्य के लिए वास्तविक लागत क्या होगी उसके मालिक को वास्तविक लागत की जाएगी.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

नए कर छूट के लिए अर्हता प्राप्त करने के क्रम में 20.2, औद्योगिक उपक्रम निम्न शर्तों को पूरा करना होगा:

1 औद्योगिक उपक्रम किसी भी ग्रामीण क्षेत्र में 30-9-1977 के बाद लेख का निर्माण या उत्पादन शुरू करना चाहिए.

प्र.20. औद्योगिक उपक्रम पहले से ही अस्तित्व में एक व्यापार के बंटवारे के ऊपर, या पुनर्निर्माण द्वारा गठित किया गया है नहीं करना चाहिए. एक औद्योगिक उपक्रम ऐसे किसी औद्योगिक उपक्रम के व्यापार का निर्धारिती द्वारा पुनः स्थापना, पुनर्निर्माण या पुनरुद्धार का एक परिणाम के रूप में बनाई है कहां परिस्थितियों में अनुभाग 33b में करने के लिए भेजा और कहा कि खंड में निर्धारित अवधि के भीतर है, के रूप में यह शर्त लागू नहीं होगी और एक ही नई कर रियायत के लिए पात्र होंगे.

(3) औद्योगिक उपक्रम मशीनरी या पहले से किसी भी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल संयंत्र के लिए एक नया व्यापार के लिए स्थानांतरण द्वारा गठित किया गया है नहीं करना चाहिए. किसी मशीनरी या संयंत्र या उसके पहले किसी भी उद्देश्य के लिए इस्तेमाल किसी भी हिस्से में एक नई औद्योगिक उपक्रम और इसलिए तबादला मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य को सौंप दिया है, जहां एक मामले में मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य का 20 प्रतिशत से अधिक नहीं है व्यापार में इस्तेमाल किया, इस शर्त को पूरा किया गया है समझा जाएगा. इस संबंध में यह खंड 80J में प्रावधान के विपरीत, यह औद्योगिक उपक्रम की एक नई इमारत में स्थापित किया जाना चाहिए था कि नई धारा 80HHA के तहत आवश्यक नहीं है, उल्लेखनीय है कि हो सकता है.

(4) औद्योगिक उपक्रम शक्ति की सहायता के साथ किए एक विनिर्माण प्रक्रिया में दस या अधिक श्रमिकों को रोजगार, या शक्ति की सहायता के बिना पर किए गए एक विनिर्माण प्रक्रिया में बीस या उससे अधिक श्रमिकों को रोजगार चाहिए.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

औद्योगिक उपक्रम के खातों एक चार्टर्ड अकाउंटेंट या अन्य योग्य एकाउंटेंट और द्वारा लेखापरीक्षित हैं जब तक क़ानून उनके खातों रियायत उपलब्ध नहीं होगा, लेखापरीक्षित पाने के लिए आवश्यक हैं जो कंपनियों और सहकारी समितियों के अलावा अन्य करदाता के मामले में 20.3 निर्धारिती आय, निर्धारित प्रपत्र में इस तरह के ऑडिट की रिपोर्ट की वापसी के साथ साथ प्रस्तुत.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एसोसिएटेड चिंताओं या एक ही चिंता की विभिन्न इकाइयों के बीच मुनाफे के हेरफेर से नई कर रियायत के दुरुपयोग को रोकने के लिए एक दृश्य के साथ 20.4, (6) और (7) के मुनाफे के संबंध में कटौती करने के लिए संबंधित खंड 80HH के उप वर्गों के प्रावधानों और पिछड़े क्षेत्रों में नव स्थापित औद्योगिक उपक्रमों से लाभ नई धारा 80HHA के लिए लागू किया गया है. इन प्रावधानों निर्धारिती और किसी भी अन्य व्यक्ति के बीच या किसी अन्य कारण से निकट संबंध के कारण ऐसे मामलों में जहां योग्यता औद्योगिक उपक्रम के लिए जिम्मेदार ठहराया जा सकता है कि उचित लाभ निर्धारित करने के लिए आयकर अधिकारी को सशक्त होगा, व्यापार के पाठ्यक्रम है ताकि ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित औद्योगिक उपक्रम है कि व्यापार में पैदा होने की उम्मीद की जा सकती है, जो साधारण मुनाफे से ज्यादा निकला है कि व्यवस्था की. निर्धारिती कई इकाइयों, ग्रामीण क्षेत्रों में कुछ और कुछ बाहर ऐसे क्षेत्र हैं जहां इसी तरह, ग्रामीण क्षेत्र में इकाइयों के मुनाफे के आधार पर इकाइयों को या से स्थानांतरित माल की लागत लेने के बाद गणना की जाएगी इस तरह के सामान का उचित बाजार मूल्य.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

20.5 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 एक निर्धारिती नई धारा 80HHA के तहत कटौती के हकदार है जहां मामलों में दी जानी करने के लिए इलाज और किसी भी एक या वर्गों 80HH में प्रावधानों की अधिक, 80J करने के रूप में कुछ भी इंतजाम किया है और 80QQ. इन प्रावधानों के तहत के रूप में संक्षेप हैं:

1 एक निर्धारिती एक ही औद्योगिक उपक्रम के मुनाफे और लाभ के संबंध में, दोनों खंड 80HH और नई धारा 80HHA के तहत कटौती के हकदार है कहां, इस तरह के लाभ और लाभ के संबंध में कटौती केवल इन प्रावधानों में से किसी के तहत अनुमति दी जाएगी.

प्र.20. एक निर्धारिती नई धारा 80HHA और एक ही औद्योगिक उपक्रम के मुनाफे और लाभ के संबंध में खंड 80J तहत दोनों एक कटौती के हकदार है कहां, नई धारा 80HHA के तहत कटौती पहले की अनुमति दी जाएगी और धारा 80J के प्रावधानों को लागू होगी ऐसी कटौती की अनुमति के बाद आय का संतुलन.

(3) परिणामी परिवर्तन भी उक्त वर्गों में से प्रत्येक के तहत कटौती, अन्य बातों के साथ, खंड 80HHA के तहत कटौती की अनुमति के बाद औद्योगिक उपक्रम की आय के संदर्भ में अनुमति दी जाएगी कि उपलब्ध कराने के क्रम में वर्गों 80J, 80P और 80QQ में किया गया है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

20.6 उपरोक्त संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार मूल्यांकन year1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा वित्त अधिनियम के 17, 18 और 29 (2) (बी) के लिए (ई)]


न्यायिक विश्लेषण

मेंथा और संबद्ध उत्पादों (पी.) - में समझायालिमिटेड वी. आईटीओ [1993] 109 सीटीआर (दिल्ली) (Trib.) (टीएम) 410, परिपत्र के पैरा 20.4 निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ, करने के लिए भेजा गया था:

"3. मूल्यांकन अधिकारी अर्थात् 'औद्योगिक उपक्रम से व्युत्पन्न मुनाफा', इस शब्द 'के कारण' शब्द से संकरा किया जा रहा अनुभाग में उपयोग की गई भाषा के साथ जुनून सवार था, ऐसे प्राप्ति या लाभ पात्र मुनाफे का हिस्सा नहीं बना सकती. मेरी राय में, इस विवाद को अनावश्यक रूप से अंदर लाया जाता है कानून की पूरी योजना और अध्याय के माध्यम से विभिन्न वर्गों के पूर्वव्यापी संशोधन में विधायी मंशा को देखते हुए, यह इस तरह के विवाद में चले होने की जरूरत नहीं है कि मुझे प्रतीत होता है. यहां तक ​​कि खंड 80HHA वित्त अधिनियम, 1977 से प्रभावी 1 अप्रैल 1978 से डाला गया था जब सीबीडीटी द्वारा जारी सर्कुलर में परिपत्र के पैरा 20 में उप वर्गों के प्रावधानों की चर्चा करते हुए बाद (6) और (7) अनुभाग 80HH का यह "... इन प्रावधानों औद्योगिक उपक्रम योग्यता के कारण होगा कि पात्र मुनाफा निर्धारित करने के लिए मूल्यांकन अधिकारी को सशक्त होगा .." कहा गया है कि ... "(पीपी 425-426).

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

भारत के बाहर प्रदान की गई सेवाओं के लिए भारतीय तकनीशियनों, आदि, से प्राप्त पारिश्रमिक के संबंध में टैक्स राहत - नई अनुभाग 80RRA

भारत के बाहर प्रदान की गई सेवाओं के लिए एक विदेशी नियोक्ता से वित्त अधिनियम, 1975, आदि भारतीय तकनीशियनों द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक का 50 फीसदी ने डाला खंड 80RRA तहत 21.1 अपनी कर योग्य आय की गणना में कटौती की जाती है. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के रूप में अच्छी तरह से भारतीय चिंताओं से भारत के बाहर कार्यरत आदि भारतीय तकनीशियनों द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक के लिए रियायत के दायरे को विस्तार देने के उद्देश्य से एक नई धारा से इस खंड प्रतिस्थापित किया गया है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

(1) अनुभाग 80RRA के 21.2 उपधारा भारत का नागरिक है, जो एक व्यक्ति के सकल कुल आय का कोई भी नियोक्ता (यानी, एक विदेशी नियोक्ता या एक भारतीय चिंता) से विदेशी मुद्रा में उसके द्वारा प्राप्त किसी भी पारिश्रमिक भी शामिल है जहां यह प्रावधान है कि भारत के बाहर उसके द्वारा प्रदान की गई किसी भी सेवा, ऐसे पारिश्रमिक का 50 फीसदी कर योग्य आय की गणना में कटौती की जाएगी.मौजूदा अनुभाग 80RRA तरह, नई धारा भी निर्धारिती तीस से अधिक छह महीने के लिए विदेश में निरंतर सेवा renders जहां, कहा छत्तीस महीने की समाप्ति के बाद सेवा के किसी भी अवधि के लिए उसके द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक योग्य नहीं होगा कि प्रदान करता है किसी भी कटौती के लिए. कर्मचारी की सेवा है, तो केन्द्र सरकार या किसी राज्य सरकार या तुरंत भारत से बाहर सेवा लेने से पहले थे, जो व्यक्तियों के कर्मचारियों के मामले में केंद्र सरकार या किसी राज्य सरकार के रोजगार में कटौती की अनुमति दी जाएगी केन्द्र सरकार द्वारा प्रायोजित. अन्य व्यक्तियों के मामले में कटौती व्यक्ति एक "तकनीशियन" और भारत से बाहर अपनी सेवा के नियमों और शर्तों को केन्द्र सरकार या विहित प्राधिकारी द्वारा इस खंड के प्रयोजनों के लिए मंजूरी दे दी है तभी अनुमति दी जाएगी.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

21.3 यह नई धारा के तहत कटौती "विदेशी मुद्रा" में व्यक्तियों द्वारा प्राप्त पारिश्रमिक के संदर्भ में अनुमति दी जानी है कि नोट के लिए प्रासंगिक है.पारिश्रमिक का एक हिस्सा भारतीय तकनीशियन, आदि के लिए भुगतान किया जाता है इस प्रकार, यदि भारतीय मुद्रा में, भारतीय मुद्रा में भुगतान की गई राशि को नए प्रावधान के तहत कटौती के प्रयोजनों के लिए खाते में नहीं लिया जाएगा. अभिव्यक्ति "विदेशी मुद्रा" विदेशी मुद्रा विनियमन अधिनियम, 1973 में उसे सौंपे अर्थ होगा. धारा 2 कि अधिनियम (G) के तहत, शब्द "विदेशी मुद्रा" भारतीय मुद्रा के अलावा अन्य किसी भी मुद्रा का मतलब है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

नई धारा 80RRA तहत 21.4 अभिव्यक्ति "विदेशी नियोक्ता" मौजूदा प्रावधान के तहत वही अर्थ होगा.अभिव्यक्ति "तकनीशियन" बोर्ड इस संबंध में लिख और कौन हो सकता है, जो नया खंड (मौजूदा खंड में निर्दिष्ट उन लोगों के रूप में वही कर रहे हैं जो) या किसी अन्य क्षेत्र में विनिर्दिष्ट विभिन्न क्षेत्रों में विशेष ज्ञान और अनुभव वाले एक व्यक्ति का मतलब होगा इस तरह के विशेष ज्ञान और अनुभव वास्तव में उपयोग किया जाता है, जिसमें एक क्षमता में कार्यरत है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

21.5 नई धारा 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 19]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धारा 104 और 109 - लाभांश की अनिवार्य वितरण से बारीकी से आयोजित औद्योगिक कंपनियों की छूट

अनुभाग 104 के तहत 22.1, बारीकी से आयोजित कंपनियों तुरंत पिछले वर्ष की समाप्ति के अगले बारह महीने की अवधि के भीतर उनके वितरण के लिए आय का वैधानिक प्रतिशत तक का लाभांश वितरित करने के लिए (कुछ अपवादों के अधीन) के लिए आवश्यक हैं.लाभांश के वितरण के लिए आवश्यक राशि से कम हो या कोई लाभांश निर्धारित अवधि के भीतर वितरित कर रहे हैं, तो कंपनी अगर, लाभांश की राशि से कम के रूप में अपनी बांटने आय का एक निश्चित प्रतिशत पर अतिरिक्त आयकर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है, तो किसी भी, वास्तव में पिछले साल के अंत से बारह महीने की समाप्ति से पहले वितरित किए.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

22.2 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 जिसका व्यापार जहाजों के निर्माण में या निर्माण में मुख्य रूप से होते हैं या भारतीय कंपनियों छूट की वस्तु के साथ एक नई उपधारा द्वारा खंड 104 की उपधारा (4) प्रतिस्थापित किया गया है माल के प्रसंस्करण या खनन में या पीढ़ी या बिजली या लाभांश की अनिवार्य वितरण की आवश्यकता से सत्ता के किसी अन्य रूप से वितरण में.अगर (4) अनुभाग 104 की उपधारा नीचे नव डाला स्पष्टीकरण के तहत, कंपनी के व्यापार, माल का निर्माण या संसाधन में या पीढ़ी या बिजली या बिजली के किसी अन्य रूप के वितरण में मुख्य रूप से मिलकर बनता है समझा जाएगा प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए अपने "सकल कुल आय" में शामिल उक्त गतिविधियों के किसी भी के कारण आय में इस तरह के कुल आय में से कम से कम 51 फीसदी नहीं है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

मुख्य रूप से लाभांश की अनिवार्य वितरण की आवश्यकता से उक्त गतिविधियों में लगे भारतीय कंपनियों की पूरी छूट का एक तार्किक परिणाम के रूप में 22.3, धारा 109 भी एक भारतीय कंपनी के मामले में है कि सुरक्षित करने के लिए संशोधन किया गया है जिसका सकल कुल आय का एक हिस्सा मुनाफा और उक्त गतिविधियों के कारण लाभ के होते हैं, वह यह है कि इस तरह की गतिविधियों के कारण मुनाफे और लाभ प्रासंगिक पिछले वर्ष के लिए अपने सकल कुल आय के प्रतिशत से कम 51 हैं, के संबंध में बांटने आय का "वैधानिक प्रतिशत" सकल कुल आय से कहा हिस्सा नहीं के बराबर हो जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

22.4 उपरोक्त संशोधन 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[धारा 20 और वित्त अधिनियम के 21]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

रियायती विदेशी कंपनियों के मामले में, वैज्ञानिक, तकनीकी और शैक्षिक विषयों पर पुस्तकों के संबंध में रॉयल्टी का कराधान - धारा 115A (1 ए)

भारत के बाहर स्थानांतरण, या, डेटा, प्रलेखन, चित्र, आदि के संबंध में भारत से बाहर जानकारी के प्रदान करने के लिए एकमुश्त रॉयल्टी के अलावा और रॉयल्टी के माध्यम से खंड 115A के तहत 23.1 (1) आय (, किसी भी पेटेंट, आविष्कार से संबंधित , आदि) समझौता है, तो ऐसी आय की कुल राशि पर 40 फीसदी की दर से कर का आरोप लगाया है पर या 1976/01/04 के बाद किए गए एक समझौते के अनुसरण में एक भारतीय चिंता से एक विदेशी कंपनी से प्राप्त की केन्द्र सरकार ने मंजूरी दे दी.वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 प्रदान करने के लिए खंड 115A में एक नई उपधारा (1 ए) डाला गया है कि विदेशी कंपनी और भारतीय चिंता के बीच समझौता केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए था, अर्थात् है कि उक्त शर्त, किताब जिस पर पुस्तकों की अनुमति है एक विषय पर है अगर रॉयल्टी, किसी भी किताब में कॉपीराइट के संबंध में सभी का स्थानांतरण या (एक लाइसेंस देने सहित) किसी भी अधिकार के लिए ध्यान में भुगतान किया जाता है जिन मामलों में लागू नहीं होगा, एक खुले सामान्य लाइसेंस के तहत भारत में आयात करने के लिए वित्तीय वर्ष 1977-78 के लिए भारत सरकार की आयात व्यापार नियंत्रण नीति के अनुसार. इन विषयों की सूची इस परिपत्र के अनुबंध मैं में दी गई है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

23.2 यह छूट पर या 1976/01/04 के बाद किए गए एक समझौते पर धारा 9 (1) (vi) [ख़बरदार उप के परन्तुक के लिए स्पष्टीकरण 1 की हैसियत से कहा की पहले एक समझौते के रूप में माना जाता है जहां मामलों में लागू नहीं होगा अनुभाग 115A की धारा (2)].

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

23.3 उपरोक्त प्रावधान के 1978/01/04 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार निर्धारण वर्ष 1978-79 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 22 और 29 (1) (ख)]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धारा 194 और नई धारा 206B - कुछ मामलों में स्रोत पर कर की कटौती के बिना लाभांश का भुगतान

अनुभाग 194 के तहत 24.1, एक भारतीय कंपनी या घोषणा और भारत के भीतर लाभांश के भुगतान के लिए निर्धारित की व्यवस्था की है जो एक कंपनी के प्रमुख अधिकारी, भुगतान या कंपनी द्वारा वितरित किसी भी लाभांश से स्रोत पर कर काटने की आवश्यकता है.(कंपनियों के अलावा अन्य) है कि अनुभाग, शेयरधारकों के परन्तुक के तहत आय छूट सीमा से अधिक नहीं होने, स्रोत पर कर की कटौती के बिना लाभांश आय प्राप्त करने के लिए उन्हें अधिकृत आयकर अधिकारी से छूट प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

24.2 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 कि कर सुरक्षित करने के लिए खंड 194 के लिए किसी अन्य प्रावधान डाला गया है, भुगतान किया है या (एक कंपनी के अलावा) किसी भी शेयरधारक को वितरित किसी भी लाभांश से स्रोत पर कटौती नहीं है अगर

. एक शेयरधारक भारत का निवासी है;

बी. ऐसे लाभांश की राशि रुपये से अधिक नहीं है. 250; और

सी. शेयरधारक निर्धारित प्रपत्र में लिखित रूप में लाभांश एक बयान दे रहे हैं और इस तरह के लाभांश है जिसमें पिछले साल के अपने अनुमान के अनुसार कुल आय तहत उसकी कुल आय में शामिल किए जाने की घोषणा की कि निर्धारित तरीके से सत्यापित करने के लिए जिम्मेदार व्यक्ति के लिए प्रस्तुत धारा 8 के प्रावधानों आयकर के लिए न्यूनतम उत्तरदायी से भी कम हो जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

24.3 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 को भी निर्धारित में एक वापसी (संबंधित आयकर अधिकारी को देने के लिए उक्त प्रावधान के तहत स्रोत पर कर की कटौती के बिना किसी भी लाभांश का भुगतान व्यक्ति की आवश्यकता होती है, एक नई धारा 206B डाला गया है फार्म और धारा 194 को उक्त प्रावधान के तहत एक बयान सुसज्जित किया गया है जो हर व्यक्ति, लाभांश (ख) ​​राशि (क) के नाम और पते दिखा प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अंत से तीस दिनों के भीतर) निर्धारित तरीके से सत्यापित भुगतान या ऐसे प्रत्येक व्यक्ति को वित्तीय वर्ष के दौरान वितरित, और (ग) के रूप में इस तरह के अन्य विवरण निर्धारित किया जा सकता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

24.4 उपरोक्त प्रावधानों 1977/01/10 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार भुगतान किया है या उस तारीख को या उसके बाद वितरित लाभांश के संबंध में लागू होगा.

[धारा 24 और वित्त अधिनियम के 25]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

(कंपनियों के अलावा) अनिवासियों के मामले में "एडवांस टैक्स" के भुगतान के लिए छूट की सीमा - धारा 208

25.1 अग्रिम कर ही कर अग्रिम करने के लिए आय विषय निम्नलिखित सीमा से अधिक मामलों में जहां देय है: -

र

एक. एक कंपनी या एक स्थानीय प्राधिकारी 2,500 के मामले में

बी. एक पंजीकृत फर्म 30,000 के मामले में

सी. एक कंपनी, स्थानीय प्राधिकारी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति के मामले में

या एक पंजीकृत फर्म

मैं. व्यक्ति एक अनिवासी 5,000 है अगर

द्वितीय. व्यक्ति एक निवासी 10,000 है अगर

रुपये करने आदि व्यक्तियों के मामले में छूट की सीमा, की स्थापना के साथ. 10,000 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 (2) रुपये की उक्त सीमा बढ़ाने के लिए एक दृश्य के साथ एक नया खंड द्वारा खंड 208 की उपधारा के खंड (ग) प्रतिस्थापित किया गया है. रुपये के लिए अनिवासी करदाता के मामले में 5,000. शुरू किया. नया खंड (ग) के हिसाब से रुपये की एक समान सीमा निर्धारित करता है. कंपनियों, स्थानीय अधिकारियों और पंजीकृत फर्मों के अलावा अन्य सभी करदाता के मामले में अग्रिम कर के भुगतान के प्रयोजनों के लिए 10,000.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

25.2 उपरोक्त संशोधन 1977/01/09 से प्रभावी होगा और, तदनुसार, कर उस तारीख को या उसके बाद देय अग्रिम के संबंध में लागू होगा.

[वित्त अधिनियम की धारा 26]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

धारा 212 (3) के तहत अग्रिम कर के झूठे अनुमान बनाने के लिए जुर्माना लगाने से संबंधित प्रावधान में कमी के हटाने - धारा 273

धारा 212 (3) के तहत 26.1, आईटी / उसकी "वर्तमान आय" पर अभिकलन अग्रिम कर से अधिक 331 से अनुभाग 210 के तहत उसके पास से मांग की अग्रिम कर की राशि से अधिक है अपने ही अनुमान पर अग्रिम कर का भुगतान करने के लिए एक व्यक्ति पर अनिवार्य है उत्तरार्द्ध राशि का 3 प्रतिशत.धारा 273 एक व्यक्ति धारा 212 (3) के तहत एक गलत अनुमान सहित एडवांस टैक्स के एक झूठे का अनुमान है, प्रस्तुत जिन मामलों में, दंड, अन्य बातों के साथ लगाए जाने की व्यवस्था करता है. निर्धारिती धारा 212 के तहत वह जानता था या असत्य होने के लिए विश्वास करने का कारण था जो उसके द्वारा देय एडवांस टैक्स के एक अनुमान सुसज्जित किया गया है जिन मामलों में imposable दंड गणना के लिए आधार अनुभाग 273 के खंड (क) में निर्धारित है. ऐसे मामलों में दंड वास्तव में वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान अग्रिम कर "का आकलन कर" या अनुभाग 210 के तहत आयकर अधिकारी से मांग की अग्रिम कर के 75 प्रतिशत से कम हो जाता है जिसके द्वारा राशि के संदर्भ में गणना की है, इनमें से जो भी कम है. imposable न्यूनतम जुर्माना ऐसी कमी की राशि का कम से कम 10 फीसदी नहीं है और अधिकतम सजा एक और कहा राशि का एक एक से डेढ़ गुना है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एडवांस टैक्स के एक झूठे अनुमान सुसज्जित किया गया है जो एक व्यक्ति पर imposable दंड की गणना के लिए 26.2 पूर्वोक्त आधार झूठी अनुमान धारा 212 (3) के तहत किया जाता है जिन मामलों में असाध्य है.यह जुर्माना वास्तव में निर्धारिती द्वारा भुगतान अग्रिम कर और निम्न दो राशियों के निचले बीच की कमी के संदर्भ में गणना करने के लिए आवश्यक है कि इस तथ्य के कारण है:

एक आकलन किया टैक्स का 75 फीसदी. या

बी. आयकर अधिकारी से मांग की अग्रिम कर.

एडवांस टैक्स के एक अनुमान केवल वर्तमान आय के आधार पर देय अग्रिम कर से अधिक 331/3 प्रति द्वारा आयकर अधिकारी से मांग की अग्रिम कर से अधिक मामलों में जहां धारा 212 (3) के तहत किए जाने के लिए आवश्यक है बाद के प्रतिशत, धारा 212 (3) के तहत देय एडवांस टैक्स जरूरी आयकर अधिकारी से मांग की अग्रिम कर से अधिक हो जाएगा. परिस्थितियों में, खंड 273 के तहत एक दंड (1) धारा 212 (3) के तहत एडवांस टैक्स के एक झूठे अनुमान प्रस्तुत करने के लिए लगाया जा सकता.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

26.3 इस कमी को दूर करने के लिए, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 धारा 212 के तहत एडवांस टैक्स के एक झूठे अनुमान प्रस्तुत के लिए imposable दंड की गणना के लिए खंड 273 में एक अलग खंड (आइए) डाला गया है (3) .नए खंड, दंड के अंतर्गत इस तरह के मामलों में वास्तव में वित्तीय वर्ष के दौरान भुगतान अग्रिम कर का आकलन कर 75 फीसदी से कम हो जाता है जिसके द्वारा राशि के संदर्भ में की गणना की जाएगी. धारा 212 की उप धारा (3) के परन्तुक के तहत, आयुक्त कुछ निश्चित परिस्थितियों में कहा उपधारा के तहत एक अनुमान प्रस्तुत करने के लिए तारीख बढ़ाई जा सकती है, और तारीख तो बढ़ा दिया है, जहां, निर्धारिती को अग्रिम कर भुगतान कर सकते हैं तिथि तो बढ़ा दी. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 प्रदान करने के लिए खंड 273 में एक स्पष्टीकरण जोड़ा गया है, लेकिन पर या उप के परन्तुक के तहत आयुक्त द्वारा बढ़ाया तारीख से पहले, प्रासंगिक वित्तीय वर्ष की समाप्ति के बाद निर्धारिती द्वारा भुगतान की गई राशि धारा 212 की धारा (3), वास्तव में नया खंड (आइए) के तहत imposable दंड गणना के प्रयोजन के लिए वित्तीय वर्ष के दौरान निर्धारिती द्वारा भुगतान कर के रूप में माना जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

26.4 उपरोक्त संशोधन 1977/01/09 से प्रभावी हो जाएगा.नए खंड के रूप में (आइए) अनुभाग 273 में डाला धारा 212 (3) के तहत एक गलत अनुमान प्रस्तुत करने के लिए एक जुर्माना लगाने के लिए आधार प्रदान करता है, ने कहा कि खंड के प्रावधानों (केवल धारा 212 के तहत सजा के अनुमान के संबंध में लागू होगा 3 ए) 1977/01/09 को या उसके बाद.

[वित्त अधिनियम की धारा 27]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयुक्त (अपील)

आयकर अधिनियम के मौजूदा प्रावधानों के तहत 27.1, आयकर अधिकारी के एक आदेश से व्यथित किसी भी निर्धारिती भी आदेश निर्देशों के आधार पर आयकर अधिकारी द्वारा किया जाता है जिन मामलों में अपीलीय सहायक आयुक्त को अपील कर सकते हैं खंड 144B के तहत निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा जारी किए गए. अपीलीय सहायक आयुक्तों आमतौर पर निरीक्षण सहायक आयुक्तों को कनिष्ठ हैं, यह वे उन्हें वरिष्ठ हैं, जो अधिकारियों द्वारा दिए गए सांविधिक निर्देशों के अनुसरण में आयकर अधिकारियों द्वारा पारित आदेश पर फैसले में बैठना चाहिए कि विषम है.यह भी तथ्य और कानून के महत्वपूर्ण और जटिल प्रश्नों को शामिल और पर्याप्त राजस्व निहितार्थ वाली अपील वरिष्ठ और अधिक अनुभवी अधिकारियों ने सुना और का निपटारा कर रहे हैं कि नहीं तो वांछनीय है. किसी भी क्रम पर प्रदत्त या धारा 125 या धारा 125A के तहत उसे सौंपी शक्तियां या कृत्यों का प्रयोग करने में निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है, इस तरह के आदेश के खिलाफ अपील की आयकर आयुक्तों को झूठ बोलते हैं. आयकर आयुक्त को मुख्य रूप से एक प्रशासनिक अधिकार नहीं है और एक नियमित अपीलीय प्राधिकार है क्योंकि यह भी एक असंतोषजनक स्थिति में यह परिणाम है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

27.2 इन बातों को ध्यान में रखते हुए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 आयकर अधिनियम, संपत्ति कर अधिनियम के प्रयोजनों के लिए एक नई अपील प्राधिकारी, अर्थात्, आयुक्त (अपील) बनाने के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है, उपहार कर अधिनियम, कंपनियों (मुनाफा) अधिकर अधिनियम, और ब्याज कर अधिनियम. इन प्रावधानों, 'नियत दिन' 1 पर बल में केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, [(3) वित्त अधिनियम की धारा 39] नियुक्त कर सकते हैं, यानी ऐसी तारीख आ जाएगा.अपील आयकर (अपील) के आयुक्तों को नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा जहां आदेश (i) श्रेणियों के संबंध में वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा किए गए प्रावधानों; (Ii) अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्त (अपील) के लिए आयकर आयुक्तों के साथ नियत दिन से ठीक पहले लंबित हैं जो अपील की स्थानांतरण; और (iii) उस दिन से पहले अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयकर आयुक्तों द्वारा निपटाया किसी भी अपील के संबंध में नियत दिन के बाद लिया जाना आवश्यक कार्रवाई पैराग्राफ इस परिपत्र की 27.3-27.5 में समझाया जाता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अपील आयुक्त (अपील) के लिए झूठ होगा जहां आदेश का 27.3 श्रेणियाँ [धारा 246 (2)] - नई उप - धारा (2) वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा खंड 246 में डाला एक अपील करने के लिए झूठ होगा कि प्रदान करता है निम्न आदेशों में से किसी के खिलाफ आयुक्त (अपील):

1बारीकी से आयोजित कंपनियों द्वारा अवितरित मुनाफे पर अतिरिक्त आयकर के भुगतान से संबंधित अनुभाग 104 के तहत एक आदेश. [यह वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा यथा संशोधित अनुभाग 107A में निहित प्रावधानों के पुण्य से (9), कोई अपील अनुभाग 104 के तहत एक आदेश के खिलाफ आयुक्त (अपील) के लिए झूठ होगा कि नोट करने के लिए प्रासंगिक है एक निर्णय है कि खंड के तहत कंपनी द्वारा किए गए एक आवेदन पर बोर्ड द्वारा दिया गया है, जहां एक मामले में.]

प्र.20. (ग) (1), इस तरह के आदेश की धारा 125 या धारा के तहत प्रदत्त या उसे सौंपी शक्तियां या कृत्यों का प्रयोग करने में निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किया जाता है, जहां अनुभाग 246 के (दोनों समावेशी) (ओ) को खंड में निर्दिष्ट आदेश 125A.

(3)अनुभाग 131 के तहत एक ठीक भव्य निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किए गए एक आदेश (2).

(4)कंपनी धारा 143 (3) या धारा 144 के तहत आयकर अधिनियम या मूल्यांकन के किसी भी आदेश के तहत मूल्यांकन किया जा करने के लिए अपने दायित्व से इनकार करते हैं, और निर्धारिती आय की राशि वस्तुओं जहां एक विदेशी कंपनी के मामले में किए गए एक आदेश मूल्यांकन किया या निर्धारित कर की राशि को या अभिकलन नुकसान की राशि के लिए या यह मूल्यांकन किया है, जिसके तहत स्थिति के लिए.

प्र.5. घरेलू कंपनी धारा 143 (3) या धारा 144 के तहत आयकर अधिनियम या मूल्यांकन के किसी भी आदेश के तहत मूल्यांकन किया जा करने के लिए अपने दायित्व से इनकार करते हैं, और कंपनी की आय की राशि वस्तुओं जहां घरेलू कंपनी के मामले में किए गए एक आदेश मूल्यांकन किया या निर्धारित कर की राशि को या अभिकलन नुकसान की राशि के लिए या यह मूल्यांकन किया है, जिसके तहत स्थिति के मूल्यांकन आय की राशि या अभिकलन नुकसान की राशि रुपये से अधिक है, बशर्ते कि. 5 लाख.

प्र.6. मूल्यांकन के एक आदेश खंड 144B के तहत निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा जारी किए गए निर्देशों के आधार पर बनाया है.

प्र.7.        अनुभाग 271 के तहत एक दंड अधिरोपित एक आदेश (1) (सी), जहां जुर्माना (iii) उप - धारा (1) के उस खंड के खंड के परन्तुक के तहत निरीक्षण सहायक आयुक्त के पूर्व अनुमोदन के साथ लगाया गया है.

8 अनुभाग 272A के तहत एक दंड अधिरोपित निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किए गए एक आदेश. [यह खंड 253 के मौजूदा प्रावधानों के तहत (1) (बी), धारा 272A के तहत एक निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ अपील, अपीलीय ट्रिब्यूनल में निहित है कि नोट किया जाए.]

9 बोर्ड के रूप में व्यक्तियों के ऐसे व्यक्तियों या वर्गों के मामले में आयकर अधिनियम के प्रावधानों के तहत एक आयकर अधिकारी द्वारा किए गए एक आदेश के मामलों की प्रकृति को ध्यान में रखते सकता है, शामिल जटिलताओं और अन्य प्रासंगिक विचार, प्रत्यक्ष.

ऊपर निर्दिष्ट के आदेश के खिलाफ अपील क्रम नियत दिन से पहले किया गया हो सकता है, भले ही आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

आयुक्त (अपील) को हस्तांतरित खड़ा करने के लिए अपीलीय सहायक आयुक्तों या आयुक्तों से पहले ठीक पहले नियत दिन लंबित 27.4 अपील, आदि, [धारा 246 (3)] - नई उप - धारा (3) धारा 246 में डाला प्रदान करता है कि एक के खिलाफ हर अपील एक अपीलीय सहायक आयुक्त या एक आयुक्त से पहले 'नियत दिन' से पहले तुरंत लंबित है जो कि खंड की उप - धारा (2) में निर्दिष्ट क्रम खड़े आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन पर स्थानांतरित किया जाएगा.किसी भी मामले से उत्पन्न या एक अपीलीय सहायक आयुक्त या एक आयुक्त के समक्ष नियत दिन से ठीक पहले लंबित है जो इस तरह की अपील के साथ जुड़ा हुआ भी इसी खड़े आयुक्त (अपील) के लिए उस दिन का तबादला होगा. अभिव्यक्ति "से बाहर या इस तरह की अपील के साथ जुड़े उत्पन्न होने वाली बात" से पहले उसे एक अपील के पाठ्यक्रम में अपीलीय सहायक आयुक्त या आयुक्त द्वारा शुरू की सजा कार्यवाही को कवर किया जाएगा. कोई अपील या आयुक्त (अपील) के लिए स्थानांतरित कर खड़ा कोई फर्क कहां है, वह इस तरह की अपील के साथ आगे बढ़ना या इसे नियत दिन पर था, जिस पर मंच से बात कर सकते हैं. नए उप - धारा के परन्तुक (3) धारा 246 में डाला, हालांकि, अपीलार्थी, ऐसे मामलों में अपील के साथ आगे बढ़ने या, पिछली कार्यवाही या उसके फिर से खोल दी जा किसी भी हिस्से में कोई बात करने से पहले या उस मांग है कि हो सकता है कि प्रदान करता है वह हो फिर से सुना. आयुक्त (अपील) के लिए आदि लंबित अपीलों के हस्तांतरण के संबंध में पूर्वगामी उपबंधों तुरंत नियत दिन से पहले, के समक्ष लम्बित है, जो अनुभाग 272A के तहत निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किए गए एक आदेश के खिलाफ कोई अपील के संबंध में लागू नहीं है अपीलीय न्यायाधिकरण और ऐसी अपीलों को सुना और अपीलीय न्यायाधिकरण द्वारा का निपटारा किया जाना जारी रहेगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

उस दिन से पहले का निपटारा किसी भी अपील के संबंध में नियत दिन को या उसके बाद अपीलीय सहायक आयुक्त या आयुक्त द्वारा लिया जाना आवश्यक 27.5 लड़ाई - सभी लंबित अपीलों और मामलों आयुक्त (अपील) को अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्तों से स्थानांतरित खड़े करते हैं, एक अपीलीय सहायक आयुक्त या उस दिन से पहले एक आयुक्त द्वारा निपटाया किसी भी अपील के संबंध में नियत दिन के बाद लिया जाना आवश्यक किसी भी कार्रवाई फाइनेंस (नं. 2) अधिनियम द्वारा किए जाने के लिए निर्देशित संशोधन, 1977 के रूप में यदि ले जाया जाएगा नहीं किया गया है.दूसरे शब्दों में, ऐसी अपीलों के संबंध में कार्रवाई अपीलीय सहायक आयुक्त या आयुक्त आयुक्त (अपील) से चिंतित नहीं है और द्वारा लिया जाएगा. शंकाओं को दूर करने के लिए एक प्रावधान वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की धारा 39 की उप - धारा (2) में इस संबंध में किया गया है. इस प्रकार, अपीलीय सहायक आयुक्त या आयुक्त नियुक्त दिन पहले उसके द्वारा पारित आदेश में किसी भी गलती को सुधारने के लिए या किसी भी रिमांड आदेश या अन्य द्वारा दिए गए दिशा के अनुसरण में उसके द्वारा निपटाया कोई अपील में आवश्यक हो सकता है के रूप में इस तरह के अगले आदेश पारित कर सकते हैं ट्रिब्यूनल.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

27.6 अन्य प्रावधानों - वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के प्रावधानों के एक नंबर में संशोधन, और नियुक्ति, अधिकार क्षेत्र, कार्य और आयुक्तों की शक्तियों के लिए उपलब्ध कराने के लिए आयकर अधिनियम में कुछ नए प्रावधान किया गया है आयकर (अपील) का, प्रक्रिया उन्हें पहले दायर अपील में पीछा किया, और अन्य संबंधित मामलों होंगे.इन प्रावधानों के नीचे संक्षेप में संकेत कर रहे हैं:

धारा 2 (16 ए) - आयुक्त (अपील) की परिभाषा.

धारा 116 (ग) - एक आयकर अधिकारी के रूप में आयकर (अपील) के आयुक्त का समावेश.

धारा 117 (1) - आयुक्त की नियुक्ति (अपील).

धारा 119 - उसकी अपीलीय कार्यों के अभ्यास में आयुक्त (अपील) के विवेक के साथ हस्तक्षेप करने के लिए इतनी के रूप में बोर्ड, आदि निर्देश जारी करने के लिए नहीं.

धारा 121A - आयुक्त (अपील) के क्षेत्राधिकार.

धारा 125 और 125A - आयकर अधिकारी के आकलन के कार्यों का निरीक्षण सहायक आयुक्त को सौंपा है जहां मामलों में बाहर रखा आयकर आयुक्त की अपीली अधिकारिता.

धारा 126 - बोर्ड ऐसे क्षेत्र की या व्यक्तियों की या सरकारी राजपत्र में अधिसूचना द्वारा बोर्ड द्वारा निर्दिष्ट किया जा सकता है के रूप में आय के ऐसे वर्गों के ऐसे वर्गों के संबंध में इस तरह के कार्य करने के लिए आयुक्त (अपील) को सशक्त कर सकते हैं.

धारा 131, 133 और 134 - आयुक्त (अपील) खोज, सबूत के उत्पादन, आदि के संबंध में अपीलीय सहायक आयुक्तों के रूप में ही शक्ति है; जानकारी के लिए कॉल करने के लिए; और कंपनियों के रजिस्टरों का निरीक्षण किया.

धारा 154 - आयुक्त (अपील) ने भूल सुधार.

धारा 177 (2), 189 (2), 271, 271A और 272A - आयुक्त (अपील) जुर्माना लगाने के संबंध में अपीलीय सहायक आयुक्तों के रूप में ही शक्ति है.

धारा 245 - आयुक्त (अपील) कर देय शेष के खिलाफ धन की वापसी से दूर स्थापित करने के लिए अधिकृत किया.

धारा 245A - मामलों के निपटान से संबंधित अध्याय XIXA के प्रयोजनों के लिए एक आयकर अधिकारी के रूप में आयुक्त (अपील) का समावेश.

धारा 247-251 - साथी या कर कटौती के लिए दायित्व को नकार व्यक्ति द्वारा अपील करने संबंधी जो प्रावधान हैं; अपील और सीमा के रूप; अपील में प्रक्रिया; और अपीलों के निपटान में अपीलीय सहायक आयुक्तों की शक्तियां आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील के संबंध में लागू करने के लिए.

धारा 253 - अपीलीय न्यायाधिकरण से झूठ आयुक्त (अपील) द्वारा पारित आदेश, और आयकर आयुक्त द्वारा अधिकृत किए जाने की इस तरह के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल को विभागीय अपील के खिलाफ अपील.

धारा 264 - के आयुक्त आयकर एक अपील आयुक्त (अपील) के आदेश के खिलाफ है, लेकिन नहीं किया गया है और इस तरह की अपील की जा सकती है जो भीतर समय समाप्त हो गया है, जहां के मामलों में उस धारा के तहत किसी भी आदेश को संशोधित करने के लिए नहीं, या निर्धारिती अपील के अपने अधिकार माफ नहीं किया है, या आदेश आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील का विषय बना दिया गया है.

धारा 267 - आयुक्त (अपील) द्वारा अपील में पारित आदेश के अनुसरण में मूल्यांकन का संशोधन.

धारा 274 और 275 - आयुक्त (अपील) द्वारा दंड अधिरोपित करने के लिए जुर्माना और सीमा की पट्टी लगाने की प्रक्रिया.

धारा 287 - एक व्यक्ति पर लगाया किसी भी दंड का सम्मान सूचना के प्रकाशन आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील पेश करने के लिए समय तक निषिद्ध एक अपील प्रस्तुत किया गया होने या अपील, प्रस्तुत हैं, का निपटारा किया गया है के बिना समाप्त हो गया है.

धारा 295 - बोर्ड परिस्थितियों को निर्दिष्ट नियम बनाने के लिए सशक्त, जिसमें आयुक्त (अपील) वह उत्पादन नहीं किया था या वह पहले उत्पादन की अनुमति नहीं थी जो साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए एक अपीलार्थी की अनुमति दे सकता है जिसमें जो और तरीके के अधीन शर्तों आयकर अधिकारी.

[धारा 39, और वित्त अधिनियम, को पांचवीं अनुसूची के भाग मैं]

 

धन कर अधिनियम में संशोधन

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

संपत्ति कर की दरों में वृद्धि

अनुसूची के 28.1 के तहत मैं भाग संपत्ति कर अधिनियम में मैं, 1977/01/04 से प्रभावी वित्त अधिनियम, 1976, द्वारा प्रतिस्थापित रूप में, व्यक्तियों और अन्य की तुलना में हिंदू अविभाजित परिवारों (के मामले में संपत्ति कर की दरें स्वतंत्र शुद्ध धन रुपये से अधिक के साथ एक या एक से अधिक सदस्य हैं. 1 लाख होने हिंदू अविभाजित परिवार) रुपये का शुद्ध धन ऊपर के पहले स्लैब में साढ़े फीसदी बताया गया. रुपये से अधिक की स्लैब में शुद्ध धन पर 2 फीसदी साढ़े की एक अधिकतम करने के लिए 5 लाख रुपए. 15 लाख. स्वतंत्र शुद्ध धन रुपये से अधिक के साथ एक या अधिक सदस्यों की हिंदू अविभाजित परिवारों के मामले में. 1 लाख, 2 फीसदी साढ़े की अधिकतम दर रुपये से अधिक शुद्ध धन के स्लैब पर लागू किया गया था. 10 लाख. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 रुपये से ऊपर शुद्ध धन के सभी स्तरों पर संपत्ति कर की दरों में वृद्धि करने के लिए एक दृश्य के साथ 1977/01/04 से retrospectively उक्त अनुसूची के भाग मैं प्रतिस्थापित किया गया है. 2,50,000. व्यक्तियों और संपत्ति कर रुपये का शुद्ध धन अप के नए स्लैब पर संशोधित दर अनुसूची के अंतर्गत प्रभार्य होगा (स्वतंत्र शुद्ध धन रुपये से अधिक के साथ एक या एक से अधिक सदस्य हैं. 1 लाख होने की तुलना में अन्य) हिंदू अविभाजित परिवारों के मामले में. फीसदी साढ़े की दर से 2,50,000. अन्य स्लैब में संपत्ति कर की दरों रुपये से पटिया पर 1 फीसदी हो जाएगा. 2,50,001 - रु. 5,00,000 (के मुकाबले साढ़े वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित प्रतिशत); रुपये से पटिया पर 2 प्रतिशत. 5,00,001 - रु. 10,00,000 (1 के मुकाबले साढ़े वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित प्रतिशत); रुपये से पटिया पर 2 फीसदी साढ़े. 10,00,001 - रु. 15,00,000 (वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित 2 फीसदी की तुलना में); और रुपए से अधिक शुद्ध धन की पटिया पर 3 फीसदी साढ़े. 15,00,000 (2 के मुकाबले साढ़े वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित फीसदी).

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

स्वतंत्र शुद्ध धन रुपये से अधिक के साथ एक या अधिक सदस्यों की हिंदू अविभाजित परिवारों के मामले में 28.2. 1 लाख रुपये के लिए नए स्लैब में शुद्ध धन. 2,50,000 1 फीसदी साढ़े की मौजूदा दर से संपत्ति कर के लिए शुल्क लिया जाएगा. अन्य स्लैब पर संपत्ति कर की नई दरों रुपये से पटिया पर 2 फीसदी हो जाएगा. 2,50,001 - रु. 5,00,000 (1 के मुकाबले साढ़े वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित प्रतिशत); रुपये से पटिया पर 2 फीसदी साढ़े. 5,00,001 - रु. 10,00,000 (वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित 2 फीसदी की तुलना में); और रुपए से अधिक शुद्ध धन की पटिया पर 3 फीसदी साढ़े. 10,00,000 (2 के मुकाबले साढ़े वित्त अधिनियम, 1976 द्वारा निर्धारित फीसदी).

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

पैरा ऊपर 28.1 में कहा गया है 28.3, नई दर अनुसूची 1977/01/04 से प्रभाव के साथ लागू हो गया है और, तदनुसार, आकलन वर्ष 1977-78 और बाद के वर्षों के संबंध में लागू होगा. इस प्रकार, 1977/01/04 से वित्त अधिनियम, 1976 के द्वारा शुरू की दर अनुसूची रह खड़ा है.

[वित्त अधिनियम की धारा 30]

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक नई अपील प्राधिकारी, अर्थात्, संपत्ति कर (अपील) के आयुक्त का निर्माण

29.1 इस परिपत्र के पैरा 27.2 में कहा गया है, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 सहित अर्थात्, आयुक्त (अपील), विभिन्न प्रत्यक्ष करों अधिनियमितियों के प्रयोजनों के लिए एक नई अपील प्राधिकारी, बनाने के लिए आवश्यक प्रावधान, बना दिया है संपत्ति कर अधिनियम. इन प्रावधानों, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, [(3) वित्त अधिनियम की धारा 39] नियुक्त कर सकता है, यानी, 'नियत दिन' को अस्तित्व में केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह की तारीख आ जाएगा. आयुक्तों को अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्तों के साथ नियत दिन से ठीक पहले लंबित हैं, जो संपत्ति कर अधिनियम के तहत आदि अपील की है, के हस्तांतरण के संबंध में वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा किए गए प्रावधानों,,, (अपील) , और अपीलीय सहायक आयुक्तों और उस दिन से पहले आयुक्तों द्वारा निपटाया ऐसी अपीलों के संबंध में नियत दिन को या उसके बाद लिया जाना आवश्यक कार्रवाई, आयकर अधिनियम के तहत, आदि अपील की है, के संबंध में लागू उन के रूप में वही कर रहे हैं [धारा 23 (2) वित्त अधिनियम की धारा 39 में डाला ख़बरदार नए उप - धारा (1 बी)]. इन प्रावधानों का पदार्थ पहले से ही पैराग्राफ 27.4 और इस परिपत्र की 27.5 में समझाया गया है. अपील संपत्ति कर (अपील) के आयुक्तों को नियुक्त Day1 को या उसके बाद झूठ होगा जहां आदेश की श्रेणियों से संबंधित प्रावधानों को निम्नलिखित पैराग्राफ में व्याख्या कर रहे हैं.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अपीलों संपत्ति कर (अपील) के आयुक्तों को झूठ होगा जहां आदेश का 29.2 श्रेणियाँ - नई उप - धारा (1 ए) धारा 23 में सम्मिलित किसी भी व्यक्ति को एक आकलन के खिलाफ आयुक्त (अपील) के लिए अपील या, जैसा भी मामला हो सकता है कि प्रदान करता है वह करने के लिए वस्तुओं जहां आदेश, हो सकता है

एक. शुद्ध संपत्ति कर अधिनियम के तहत निर्धारित धन या मूल्यांकन पर निर्धारित शुद्ध धन रुपये से अधिक है, जहां कि अधिनियम के तहत उसके द्वारा देय के रूप में निर्धारित संपत्ति कर की राशि की राशि. 15 लाख [आयुक्त (अपील) के लिए एक अपील भी आकलन पर निर्धारित शुद्ध धन रुपये से अधिक मामलों में जहां झूठ होगा. 15 लाख और व्यक्ति] धन कर अधिनियम के तहत मूल्यांकन किया जा करने के लिए अपने दायित्व से इनकार करते हैं;

. बी धारा 18 के तहत लगाए गए किसी भी दंड (1) (सी) धारा 18 के तहत निरीक्षण सहायक आयुक्त के पूर्व अनुमोदन के साथ (3);

सी. किसी भी मूल्यांकन या आदेश (ज) के खंड (क) में निर्दिष्ट (समावेशी दोनों) या खंड (क) (1) के आकलन या आदेश निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किया गया है जहां धारा 23 की उप - धारा की पर प्रदत्त, या अनुभाग 8AA तहत उसे, को सौंपा शक्तियों या कृत्यों का प्रयोग करने में;

डी. खंड 18A के तहत एक निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा लगाए गए किसी भी दंड [यह धारा 24 के मौजूदा प्रावधानों के तहत (1), धारा 18A के तहत एक निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ अपील अपीलीय ट्रिब्यूनल में निहित है कि उल्लेख किया जा सकता] ;

ई. बोर्ड के रूप में व्यक्तियों के ऐसे व्यक्तियों या वर्गों के मामले में एक संपत्ति कर अधिकारी द्वारा किए गए आदेश, शामिल जटिलताओं और अन्य प्रासंगिक विचार, प्रत्यक्ष मामलों की प्रकृति को ध्यान में रखते सकता है.

यह ऊपर निर्दिष्ट एक आकलन या आदेश के खिलाफ अपील मूल्यांकन या आदेश नियत दिन से पहले किया गया हो सकता है, भले ही आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा कि उल्लेख किया जा सकता.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

29.3 अन्य प्रावधानों - वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के प्रावधानों के एक नंबर में संशोधन, और नियुक्ति, अधिकार क्षेत्र, कार्य और आयुक्तों की शक्तियों के लिए उपलब्ध कराने के लिए संपत्ति कर अधिनियम में कुछ नए प्रावधान किया गया है संपत्ति कर (अपील), उन्हें और अन्य संबंधित मामलों से पहले दायर अपील में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया. इन प्रावधानों के नीचे संक्षेप में संकेत कर रहे हैं:

धारा 2 (सीजी) - आयुक्त (अपील) की परिभाषा.

धारा 8AA - संपत्ति कर अधिकारी के आकलन के कार्यों का निरीक्षण सहायक आयुक्त को सौंपा है जहां मामलों में बाहर रखा संपत्ति कर के आयुक्त की अपीली अधिकारिता.

धारा -9 ए - संपत्ति कर (अपील) के आयुक्त के क्षेत्राधिकार.

धारा 13 - उसकी अपीलीय कार्यों के अभ्यास में आयुक्त (अपील) के विवेक के साथ हस्तक्षेप करने के लिए इतनी के रूप में बोर्ड, आदि निर्देश जारी करने के लिए नहीं.

धारा 18 और 18A - इन धाराओं के तहत जुर्माना लगाने के संबंध में अपीलीय सहायक आयुक्तों के रूप में ही शक्ति है आयुक्त (अपील).

धारा 22A - मामलों के निपटान से संबंधित अध्याय वीए के प्रयोजनों के लिए एक संपत्ति कर अधिकारी के रूप में आयुक्त (अपील) का समावेश.

धारा 23 (2), (2), (3), (3), (4), (5), (5 ए), (5 ब) और (6) - अपील दाखिल करने के लिए सीमा से संबंधित प्रावधानों; वे अपीलीय सहायक आयुक्तों को लागू के रूप में आयुक्त (अपील) को लागू करने के लिए एक अपील और संबंधित मामलों को निपटाने में अपीलीय प्राधिकारी की शक्ति.

धारा 24 - अपीलीय न्यायाधिकरण से झूठ आयुक्त (अपील) द्वारा पारित आदेश, और विभागीय अपील के खिलाफ अपील, संपत्ति कर के आयुक्त द्वारा अधिकृत किए जाने की इस तरह के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल को.

धारा 25 - आयुक्त संपत्ति कर आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) में निहित है, और ऐसी अपील बनाया जा सकता है जो भीतर समय समाप्त हो गया है या निर्धारिती अपील के अपने अधिकार माफ नहीं किया गया है, जहां किसी भी आदेश को संशोधित करने के लिए नहीं या आदेश आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील का विषय है.

धारा 34A - आयुक्त (अपील) कर देय शेष के खिलाफ धन की वापसी से दूर स्थापित करने के लिए अधिकृत किया.

धारा 35 - आयुक्त (अपील) ने भूल सुधार.

धारा 35K - दिए गए बयान या खाता या केवल ऐसे बयान दिया था कि जमीन या ऐसे खाते या अन्य दस्तावेज़ पर अभियोजन की कार्यवाही में साक्ष्य के रूप में अस्वीकार्य होने के लिए नहीं आयुक्त से पहले एक व्यक्ति (अपील) द्वारा उत्पादित अन्य दस्तावेज विश्वास में उत्पादन किया गया था कि ऐसे व्यक्ति पर imposable जुर्माना खंड 18B के तहत या ऐसी कार्यवाही लिया गया था जिनके संबंध में अपराध बढ़ जाएगी कि कम या माफ कर दी जाएगी.

धारा 37 - आयुक्त (अपील) आदि शपथ, पर सबूत लेने के लिए अपीलीय सहायक आयुक्तों के रूप में ही शक्ति है

धारा 42A - आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील पेश करने के लिए समय तक निषिद्ध एक व्यक्ति पर लगाया किसी भी दंड से संबंधित जानकारी का प्रकाशन एक अपील प्रस्तुत किया गया होने या अपील, प्रस्तुत हैं, का निपटारा किया गया है के बिना समाप्त हो गया है.

धारा 46 - बोर्ड परिस्थितियों को निर्दिष्ट नियम बनाने के लिए सशक्त, जिसमें विषय स्थितियां जो और जिस तरह से, आयुक्त (अपील) वह उत्पादन नहीं किया था या वह पहले उत्पादन की अनुमति नहीं थी जो साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए एक अपीलार्थी की अनुमति दे सकता करने के लिए संपत्ति कर अधिकारी.

[धारा 39, और वित्त अधिनियम, को पांचवीं अनुसूची के भाग द्वितीय]

 

उपहार कर अधिनियम में संशोधन

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक नई अपील प्राधिकारी, अर्थात्, गिफ्ट टैक्स (अपील) के आयुक्त का निर्माण

30.1 इस परिपत्र के पैरा 27.2 में कहा गया है, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 उपहार सहित विभिन्न प्रत्यक्ष करों अधिनियमितियों के प्रयोजनों के लिए एक नई अपील प्राधिकारी, अर्थात्, आयुक्त (अपील) बनाने के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है कर अधिनियम. इन प्रावधानों, 'नियत दिन' 1 पर बल में केन्द्रीय सरकार, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, [(3) वित्त अधिनियम की धारा 39] नियुक्त कर सकते हैं, यानी ऐसी तारीख आ जाएगा. आयुक्तों को अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्तों के साथ नियत दिन से ठीक पहले लंबित हैं जो उपहार कर अधिनियम के तहत आदि अपील की है, के हस्तांतरण के संबंध में वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा किए गए प्रावधानों,,, (अपील) , और अपीलीय सहायक आयुक्तों और उस दिन से पहले आयुक्तों द्वारा निपटाया ऐसी अपीलों के संबंध में नियत दिन को या उसके बाद लिया जाना आवश्यक कार्रवाई, आयकर अधिनियम के तहत, आदि अपील की है, के संबंध में लागू उन के रूप में वही कर रहे हैं [धारा 22 (2) वित्त अधिनियम की धारा 39 में डाला ख़बरदार नए उप - धारा (1 बी)]. इन प्रावधानों का पदार्थ पहले से ही पैराग्राफ 27.4 और इस परिपत्र की 27.5 में समझाया गया है. अपील गिफ्ट टैक्स (अपील) के आयुक्तों को नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा जहां आदेश की श्रेणियों से संबंधित प्रावधानों को निम्नलिखित पैराग्राफ में व्याख्या कर रहे हैं.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अपील गिफ्ट टैक्स (अपील) के आयुक्तों को झूठ होगा जहां आदेश का 30.2 श्रेणियाँ - नई उप - धारा (1 ए) धारा 22 में सम्मिलित किसी भी व्यक्ति को एक आकलन के खिलाफ आयुक्त (अपील) के लिए अपील या, जैसा भी मामला हो सकता है कि प्रदान करता है वह करने के लिए वस्तुओं जहां आदेश, हो सकता है

एक. कर योग्य उपहार कर अधिनियम के तहत निर्धारित उपहार या मूल्यांकन पर निर्धारित कर योग्य उपहार के मूल्य रुपये से अधिक है, जहां कि अधिनियम के तहत उसके द्वारा देय के रूप में निर्धारित उपहार कर की राशि का मूल्य. 2 लाख [आयुक्त (अपील) के लिए एक अपील भी आकलन पर निर्धारित कर योग्य उपहार के मूल्य रुपये से अधिक मामलों में जहां झूठ होगा. 2 लाख और व्यक्ति] उपहार कर अधिनियम के तहत मूल्यांकन किया जा करने के लिए अपने दायित्व से इनकार करते हैं;

बी. किसी भी मूल्यांकन या उप - धारा (1) के आकलन या आदेश शक्तियों का प्रयोग करते हैं या में निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा किया गया है जहां धारा 22 के के (दोनों समावेशी) (एच) के खंड (क) में निर्दिष्ट आदेश कार्यों को प्रदत्त या कि अधिनियम की धारा 7AA तहत उसे सौंपी;

. सी की धारा 17 के तहत लगाए गए किसी भी दंड (1) (सी) की धारा 17 के तहत निरीक्षण सहायक आयुक्त के पूर्व अनुमोदन के साथ (3);

. विकास खंड 17A के तहत एक निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा लगाए गए किसी भी दंड [यह धारा 23 के मौजूदा प्रावधानों के तहत (1) धारा 17A के तहत एक निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा पारित एक आदेश के खिलाफ अपील अपीलीय ट्रिब्यूनल में निहित है कि उल्लेख किया जा सकता];

ई. बोर्ड के रूप में व्यक्तियों के ऐसे व्यक्तियों या वर्गों के मामले में एक उपहार कर अधिकारी द्वारा किए गए आदेश, शामिल जटिलताओं और अन्य प्रासंगिक विचार, प्रत्यक्ष मामलों की प्रकृति को ध्यान में रखते सकता है.

यह ऊपर निर्दिष्ट एक आकलन या आदेश के खिलाफ अपील मूल्यांकन या आदेश नियत दिन से पहले किया गया हो सकता है, भले ही आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा कि उल्लेख किया जा सकता.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

30.3 अन्य प्रावधानों - वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के प्रावधानों के एक नंबर में संशोधन, और नियुक्ति, अधिकार क्षेत्र, कार्य और आयुक्तों की शक्तियों के लिए उपलब्ध कराने के लिए उपहार कर अधिनियम, में कुछ नए प्रावधान किया गया है गिफ्ट टैक्स (अपील), उन्हें और अन्य संबंधित मामलों से पहले दायर अपील में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया. इन प्रावधानों के नीचे संक्षेप में संकेत कर रहे हैं:

आयुक्त (अपील) की परिभाषा - () के माध्यम से धारा 2.

धारा 7AA - उपहार कर अधिकारी के आकलन के कार्यों का निरीक्षण सहायक आयुक्त को सौंपा है जहां मामलों में बाहर रखा उपहार कर के आयुक्त की अपीली अधिकारिता.

धारा 8A - उपहार कर (अपील) के आयुक्त के क्षेत्राधिकार.

धारा 12 - उसकी अपीलीय कार्यों के अभ्यास में आयुक्त (अपील) के विवेक के साथ हस्तक्षेप करने के लिए इतनी के रूप में बोर्ड, आदि निर्देश जारी करने के लिए नहीं.

इन धाराओं के तहत जुर्माना लगाने के संबंध में अपीलीय सहायक आयुक्तों के रूप में ही शक्ति है आयुक्त (अपील) - धारा 17, 17A और 21.

धारा 22 (2), (3), (4), (5), (5 ए), (5 ब) और (6) - अपील दाखिल करने के लिए सीमा से संबंधित प्रावधानों; अपील में प्रक्रिया; वे अपीलीय सहायक आयुक्तों को लागू के रूप में आयुक्त (अपील) को लागू करने के लिए एक अपील और संबंधित मामलों को निपटाने में अपीलीय प्राधिकार की शक्तियों.

धारा 23 - अपीलीय न्यायाधिकरण से झूठ आयुक्त (अपील) द्वारा पारित आदेश, और उपहार कर के आयुक्त द्वारा अधिकृत किए जाने की इस तरह के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल को विभागीय अपील के खिलाफ अपील.

धारा 24 - कमिश्नर के आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) में निहित है और इस तरह की अपील की जा सकती है जो भीतर समय समाप्त हो गया है या निर्धारिती अपील के अपने अधिकार माफ नहीं किया है या आदेश है जहां जहां किसी भी आदेश को संशोधित करने के लिए नहीं आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील का विषय बना दिया गया.

धारा 33A - आयुक्त (अपील) कर देय शेष के खिलाफ धन की वापसी से दूर स्थापित करने के लिए अधिकृत किया.

धारा 34 - आयुक्त (अपील) ने भूल सुधार.

धारा 36 - आयुक्त (अपील) आदि की खोज, सबूत के उत्पादन, के संबंध में अपीलीय सहायक आयुक्तों के रूप में ही शक्ति है

धारा 41A - आयुक्त के समक्ष अपील पेश करने के लिए समय तक निषिद्ध एक व्यक्ति पर लगाया किसी भी दंड से संबंधित जानकारी का प्रकाशन (अपील) एक अपील प्रस्तुत किया गया होने या अपील, प्रस्तुत हैं, का निपटारा किया गया है के बिना समाप्त हो गया है.

धारा 46 - बोर्ड परिस्थितियों को निर्दिष्ट नियम बनाने के लिए सशक्त, जिसमें विषय स्थितियां जो और जिस तरह से, आयुक्त (अपील) वह उत्पादन नहीं किया था या वह पहले उत्पादन की अनुमति नहीं थी जो साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए एक अपीलार्थी को अनुमति देने के लिए गिफ्ट टैक्स अधिकारी.

[धारा 39, और वित्त अधिनियम, को पांचवीं अनुसूची के भाग III]

 

कंपनियों (मुनाफा) में संशोधन अधिनियम अधिकर

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयुक्त (अपील)

31.1 इस परिपत्र के पैरा 27.2 में कहा गया है, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 सहित अर्थात्, आयुक्त (अपील), विभिन्न प्रत्यक्ष करों अधिनियमितियों के प्रयोजनों के लिए एक नई अपील प्राधिकारी, बनाने के लिए आवश्यक प्रावधान, बना दिया है कंपनियों (मुनाफा) अधिकर अधिनियम. इन प्रावधानों, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, [(3) वित्त अधिनियम की धारा 39] नियुक्त कर सकता है, यानी, 'नियत दिन' को अस्तित्व में केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह की तारीख आ जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

कंपनियों के तहत 31.2 अपील (मुनाफा) अधिकर अधिनियम अपीलीय सहायक आयुक्तों को झूठ बोलने के लिए नहीं - अपीलीय सहायक आयुक्त कंपनियों (मुनाफा) अधिकर अधिनियम नियत दिन से और किसी भी मूल्यांकन या आदेश के खिलाफ अपील के तहत एक अपीलीय प्राधिकार नहीं रहेगा [वित्त अधिनियम द्वारा यथासंशोधित, धारा 11] कि अधिनियम के तहत आयकर अधिकारी ने आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन से झूठ होगा. एक आयकर अधिकारी के कार्यों में एक निरीक्षण सहायक आयुक्त को सौंपा है कहां, निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा की गई किसी भी मूल्यांकन या आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन से झूठ, और न आयुक्त को की आय होगी टैक्स. यह मूल्यांकन या आदेश नियत दिन से पहले किया गया हो सकता है, भले ही ऊपर उल्लेख आकलन या आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा कि उल्लेख किया जा सकता.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

कंपनियों तुरंत लंबित हैं जो (मुनाफा) अधिकर अधिनियम के तहत, अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्तों के साथ नियत दिन से पहले, आयुक्त आदि अपील की है, के हस्तांतरण के संबंध में वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा किए गए 31.3 प्रावधानों, (अपील) और उस दिन से पहले अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्तों द्वारा निपटाया ऐसी अपीलों के संबंध में नियत दिन को या उसके बाद लिया जाना आवश्यक कार्रवाई के तहत, आदि अपील के संबंध में लागू उन के रूप में वही कर रहे हैं आयकर अधिनियम [ख़बरदार नई धारा 11 ए और वित्त अधिनियम की धारा 39 (2)]. इन प्रावधानों का पदार्थ पहले से ही पैराग्राफ 27.4 और इस परिपत्र की 27.5 में समझाया गया है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

31.4 अन्य प्रावधानों - वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के प्रावधानों के एक नंबर में संशोधन, और में कुछ नए प्रावधान किया गया है, कंपनियों (मुनाफा) अधिकर अधिनियम नियुक्ति, अधिकार क्षेत्र, कार्य और की शक्तियों के लिए प्रदान करने के लिए आयुक्त (अपील), प्रक्रिया के लिए उन्हें और अन्य संबंधित मामलों से पहले दायर अपील में पालन किया जाना. इन प्रावधानों के नीचे संक्षेप में संकेत कर रहे हैं:

धारा 3 (1) - एक कर अधिकारी के रूप में आयकर (अपील) के आयुक्त का समावेश.

धारा 3 (2) - उसकी अपीलीय कार्यों के अभ्यास में आयुक्त (अपील) के विवेक के साथ हस्तक्षेप करने के लिए इतनी के रूप में बोर्ड, आदि निर्देश जारी करने के लिए नहीं.

धारा 11 - प्रावधान अपील दाखिल करने के लिए सीमा से संबंधित; अपील में प्रक्रिया; इस खंड में निहित आदि, अपीलों के निपटान में अपीलीय प्राधिकार की शक्तियों, आयुक्त (अपील) के समक्ष कार्यवाही के लिए लागू होगी.

धारा 12 - आयुक्त (अपील) द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपील अपीलीय न्यायाधिकरण और आयकर आयुक्त द्वारा अधिकृत किए जाने की इस तरह के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल को विभागीय अपील करने के लिए झूठ बोलने के लिए.

धारा 13 - आयुक्त (अपील) ने भूल सुधार.

धारा 17 - के आयुक्त आयकर आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) के लिए है, लेकिन नहीं किया गया है और इस तरह की अपील की जा सकती है जो भीतर समय सीमा समाप्त हो गई है या नहीं मामलों में जहां कि खंड के अंतर्गत किसी भी आदेश को संशोधित करने के लिए नहीं निर्धारिती अपील के अपने अधिकार माफ नहीं किया है या आदेश आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील का विषय बना दिया गया है, जहां.

धारा 25 - बोर्ड परिस्थितियों को निर्दिष्ट नियम बनाने के लिए सशक्त, जिसमें विषय स्थितियां जो और जिस तरह से, आयुक्त (अपील) वह उत्पादन नहीं किया था या वह पहले उत्पादन की अनुमति नहीं थी जो साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए एक अपीलार्थी की अनुमति दे सकता करने के लिए आयकर अधिकारी.

[धारा 39, और वित्त अधिनियम, को पांचवीं अनुसूची के भाग IV]

 

ब्याज कर अधिनियम में संशोधन

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

एक नई अपील प्राधिकारी के निर्माण, अर्थात्, आयुक्त (अपील)

32.1 इस परिपत्र के पैरा 27.2 में कहा गया है, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 ब्याज सहित विभिन्न प्रत्यक्ष करों अधिनियमितियों के प्रयोजनों के लिए एक नई अपील प्राधिकारी, अर्थात्, आयुक्त (अपील) बनाने के लिए आवश्यक प्रावधान किया गया है कर अधिनियम. इन प्रावधानों, शासकीय राजपत्र में अधिसूचना द्वारा, [(3) वित्त अधिनियम की धारा 39] नियुक्त कर सकता है, यानी, 'नियत दिन' को अस्तित्व में केन्द्र सरकार के रूप में इस तरह की तारीख आ जाएगा.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

ब्याज कर अधिनियम के तहत 32.2 अपील अपीलीय सहायक आयुक्तों को झूठ बोलने के लिए नहीं - अपीलीय सहायक आयुक्त नियुक्त दिन और एक आय द्वारा किए गए किसी भी मूल्यांकन या आदेश के खिलाफ अपील से ब्याज कर अधिनियम के तहत एक अपीलीय प्राधिकार नहीं रहेगा [वित्त अधिनियम द्वारा संशोधित, ब्याज कर अधिनियम की धारा 15] कि अधिनियम के तहत टैक्स अधिकारी नियत दिन से आयुक्त (अपील) के लिए झूठ होगा. एक आयकर अधिकारी के कार्यों में एक निरीक्षण सहायक आयुक्त को सौंपा है कहां, निरीक्षण सहायक आयुक्त द्वारा की गई किसी भी मूल्यांकन या आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन से झूठ, और न आयुक्त को की आय होगी टैक्स. यह ऊपर उल्लेख आकलन या आदेश के खिलाफ अपील मूल्यांकन या आदेश नियत दिन से पहले किया गया हो सकता है, भले ही आयुक्त (अपील) के लिए नियत दिन को या उसके बाद झूठ होगा कि उल्लेख किया जा सकता.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

नियत दिन से पहले आयुक्त को अपीलीय सहायक आयुक्तों और आयुक्तों, (अपील के साथ तुरंत लंबित हैं जो ब्याज कर अधिनियम के तहत आदि अपील की है, के हस्तांतरण के संबंध में वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा किए गए 32.3 प्रावधानों,,, ), और अपीलीय सहायक आयुक्तों और उस दिन से पहले आयुक्तों द्वारा निपटाया ऐसी अपीलों के संबंध में नियत दिन को या उसके बाद लिया जाना आवश्यक कार्रवाई आयकर के तहत, आदि अपील की है, के संबंध में लागू उन के रूप में वही कर रहे हैं अधिनियम [ख़बरदार नई धारा 15 ए और (2) वित्त अधिनियम की धारा 39]. इन प्रावधानों का पदार्थ पहले से ही पैराग्राफ 27.4 और इस परिपत्र की 27.5 में समझाया गया है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

32.4 अन्य प्रावधानों - वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के प्रावधानों के एक नंबर में संशोधन, और नियुक्ति, अधिकार क्षेत्र, कार्य और आयुक्तों की शक्तियों के लिए उपलब्ध कराने के लिए ब्याज कर अधिनियम में कुछ नए प्रावधान किया गया है ( अपील), उन्हें और अन्य संबंधित मामलों से पहले दायर अपील में अपनाई जाने वाली प्रक्रिया. इन प्रावधानों के नीचे संक्षेप में संकेत कर रहे हैं:

धारा 3 (1) - एक कर अधिकारी के रूप में आयकर (अपील) के आयुक्त का समावेश.

धारा 3 (2) - उसकी अपीलीय कार्यों के अभ्यास में आयुक्त (अपील) के विवेक के साथ हस्तक्षेप करने के लिए इतनी के रूप में बोर्ड, आदि निर्देश जारी करने के लिए नहीं.

धारा 12 - आयुक्त (अपील) आदि नोटिस, ब्याज की आड़ का अनुपालन, रिटर्न प्रस्तुत करने के लिए विफलता के लिए दंड अधिरोपित करने के लिए शक्ति है

धारा 15 - अपील और सीमा के फार्म से संबंधित इस धारा के प्रावधानों; अपील में प्रक्रिया; आदि, अपीलों के निपटान में अपीलीय प्राधिकार की शक्तियों, आयुक्त (अपील) के समक्ष कार्यवाही के लिए लागू होगी.

धारा 16 - आयुक्त (अपील) द्वारा पारित आदेश के खिलाफ अपील अपीलीय न्यायाधिकरण और आयकर आयुक्त द्वारा अधिकृत किए जाने की इस तरह के आदेश के खिलाफ ट्रिब्यूनल को विभागीय अपील करने के लिए झूठ बोलने के लिए.

धारा 17 - आयुक्त (अपील) ने भूल सुधार.

धारा 20 - के आयुक्त के आदेश के खिलाफ अपील आयुक्त (अपील) के लिए है, लेकिन नहीं किया गया है और इस तरह की अपील की जा सकती है जो भीतर समय सीमा समाप्त हो गई है या नहीं मामलों में जहां कि खंड के अंतर्गत किसी भी आदेश को संशोधित करने के लिए नहीं आयकर निर्धारिती अपील के अपने अधिकार माफ नहीं किया है या आदेश आयुक्त (अपील) के समक्ष अपील का विषय बना दिया गया है, जहां.

[धारा 39, और वित्त अधिनियम, को पांचवीं अनुसूची के भाग V]

 

अनिवार्य जमा योजना में संशोधन
(आयकर दाताओं) अधिनियम

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

दो साल के लिए आयकर दाताओं द्वारा अनिवार्य जमा की योजना का बना रहना

अनिवार्य जमा योजना (आयकर दाताओं) के तहत 33.1 अधिनियम, भारत के नागरिक हैं जो व्यक्तियों, हिंदू अविभाजित परिवारों और विवेकाधीन ट्रस्ट की न्यासी मूल्यांकन वर्षों के लिए अनिवार्य जमा करने के लिए आवश्यक थे 1977-78 के लिए 1975-76 अगर उनकी "वर्तमान आय "रुपये के पार हो गई. 15,000. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 को दो वर्ष की अवधि के लिए आगे आयकर दाताओं के मामले में अनिवार्य जमा योजना जारी रखने की दृष्टि से अनिवार्य जमा योजना (आयकर दाताओं) अधिनियम में संशोधन किया गया है, यानी, आकलन साल 1978-79 और 1979-80 के लिए.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

अनिवार्य जमा बनाने की आवश्यकता से छूट दी गई उम्र के सत्तर वर्ष से अधिक व्यक्तियों

33.2 वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 किसी भी अनिवार्य जमा करने की आवश्यकता से उम्र के 70 साल से अधिक व्यक्तियों, जो छूट धारा 3 में एक नई उपधारा (3) डाला गया है. इस प्रावधान के प्रयोजनों के लिए, व्यक्ति की उम्र तुरंत अनिवार्य जमा किए जाने की आवश्यकता है, जिसके लिए आकलन वर्ष पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के पहले दिन के रूप में निर्धारित किया जाएगा. इसलिए, 1977/01/04 पर के रूप में उम्र के 70 से अधिक वर्षों के थे व्यक्ति जो आकलन वर्ष 1978-79 के संबंध में चालू वित्त वर्ष के दौरान किसी भी अनिवार्य जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी. किसी भी व्यक्ति को एक व्यक्ति और ऐसे व्यक्ति की कुल आय के संबंध में आयकर अधिनियम के तहत कर लगाने योग्य है जहां यह छूट भी मामलों में लागू होगी है या प्रासंगिक वित्तीय वर्ष के पहले दिन की आयु से अधिक सत्तर साल थी.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

दो साल से अनिवार्य जमा करने के लिए योजना के संचालन का विस्तार 33.3 संशोधन 1977/01/04 से प्रभावी में आ गए हैं. अनिवार्य जमा बनाने की आवश्यकता से 70 वर्ष की आयु से अधिक व्यक्तियों छूट संशोधन 1977/01/09 से प्रभावी में आ जाएगा और तदनुसार, मूल्यांकन साल 1978-79 और 1979-80 के संबंध में लागू होगा, और नहीं किसी भी पहले निर्धारण वर्ष.

[वित्त अधिनियम की धारा 36]

आय की स्वैच्छिक प्रकटीकरण में संशोधन
और धन अधिनियम

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

कर के भुगतान के लिए समय का विस्तार और अधिसूचित प्रतिभूतियों में जमा कर रही है

आय और धन अध्यादेश, 1975 की स्वैच्छिक प्रकटीकरण की धारा 14 के तहत आय की एक प्रकटीकरण बनाने 34.1 व्यक्तियों खोज और जब्ती के मामलों में (जो बाद में आय और धन अधिनियम, 1976 की स्वैच्छिक प्रकटीकरण द्वारा प्रतिस्थापित) का भुगतान करने के लिए कम से कम एक आवश्यक थे घोषणा 31-3-1977 से 31-3-1976 और शेष राशि के द्वारा बनाया गया था, जिसके लिए पिछले साल या वर्ष की आय के संबंध में कर प्रभार्य का आधा. धारा 15 के तहत धन के एक स्वैच्छिक प्रकटीकरण बनाने व्यक्तियों इसी घोषणा 31-3-1976 द्वारा बनाया गया था और जिसके लिए आकलन वर्ष या साल के लिए शुद्ध धन के संबंध में संपत्ति कर प्रभार्य का आधा भुगतान करने के लिए आवश्यक थे 31-3-1977 द्वारा संतुलन. इसके अलावा, वे तारीख से तीस दिन के भीतर अधिसूचित सरकारी प्रतिभूतियों में उनके द्वारा घोषित संपत्ति का मूल्य घोषणा की गई थी, जिस पर मामला हो सकता है के रूप में 2 शुद्ध धन का प्रतिशत आधा या, के बराबर राशि निवेश करने के लिए आवश्यक थे . इन प्रावधानों के तहत घोषणाओं बनाया जो व्यक्तियों की एक बड़ी संख्या है, जिससे दंड, अभियोजन, आदि से उन्मुक्ति का लाभ forfeiting कर के भुगतान के लिए और अधिसूचित सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश के लिए उक्त समय सीमा का पालन करने में सक्षम है, तथापि, नहीं थे आय और धन अधिनियम की स्वैच्छिक प्रकटीकरण के तहत प्रदान की.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

उनके टैक्स बकाया राशि का भुगतान करने के लिए और अधिसूचित सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने के लिए ऐसे व्यक्तियों को एक आखिरी मौका देने के क्रम में 34.2, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के लिए आय और धन अधिनियम की स्वैच्छिक प्रकटीकरण के संगत प्रावधानों में संशोधन किया गया है 1978/01/01 से पहले अवैतनिक राशि का भुगतान और जहां आवश्यक हो, यह भी उस तिथि से पहले अधिसूचित सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करते हैं जो करदाताओं ने कहा, कानून के तहत प्रदान की उन्मुक्ति के हकदार होंगे कि प्रदान करते हैं. ऐसे व्यक्तियों 31-3-1976 पर अवैतनिक शेष टैक्स की राशि पर प्रतिवर्ष 12 प्रतिशत की दर से साधारण ब्याज का भुगतान करने के लिए आवश्यक हो जाएगा. ब्याज 1976/01/04 से इस तरह के कर के भुगतान की तारीख को देय होगा. यह इतनी के रूप में गणना की अवैतनिक कर और ब्याज दोनों 1978/01/01 से पहले घोषक द्वारा भुगतान किया जाता है, जहां केवल ने कहा कि कानून के तहत उन्मुक्ति का लाभ उपलब्ध होगा ध्यान दें कि प्रासंगिक है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

34.3 उपरोक्त संशोधन 1976/01/04 से प्रभावी पूर्वव्यापी बल में आ गए हैं.

[वित्त अधिनियम की धारा 38]

 

खादी और ग्रामोद्योग में संशोधन
आयोग अधिनियम

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

खादी और ग्रामोद्योग आयोग की छूट

35.1 खादी और ग्रामोद्योग आयोग, खादी और ग्रामोद्योग के विकास के लिए कार्यक्रमों की योजना बनाने, संगठित करने और लागू करने के लिए, खादी और ग्रामोद्योग आयोग अधिनियम के तहत स्थापित किया गया था. आयोग केंद्र सरकार के नियंत्रण, पर्यवेक्षण और दिशा के अंतर्गत कार्य करता है. आयोग और यह द्वारा प्राप्त लाभ को अपनी वस्तुओं की उन्नति के लिए उपयोग किया जाता है कि इस तथ्य की प्रशंसनीय वस्तुओं को ध्यान में रखते हुए वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 की आय के भुगतान से आयोग छूट एक नई धारा 24A डाला गया है अपनी आय, मुनाफा या लाभ पर कर.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

35.2 नई धारा 24A 1962/01/04 से प्रभावी retrospectively लागू हो गया है, यानी, आयकर अधिनियम, 1961 के प्रारंभ और से, जैसे, इस अनुभाग द्वारा प्रदान की छूट आकलन के संबंध में लागू होगा वर्ष 1962-63 और बाद के वर्षों.

[वित्त अधिनियम की धारा 34]

 

वित्त अधिनियम, 1973 में संशोधन

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

इंडिया लिमिटेड की ऋण गारंटी निगम की छूट

इंडिया लिमिटेड की 36.1 क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन कंपनी अधिनियम, 1956 के तहत एक कंपनी के रूप में पंजीकृत है. अपनी चुकता पूंजी का लगभग 60 प्रतिशत भारतीय रिजर्व बैंक और स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और उसकी सहायक, राष्ट्रीयकृत बैंकों और अन्य बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों द्वारा शेष. द्वारा आयोजित किया जाता है निगम प्राथमिकता में छोटे ऋण लेने वालों और अपेक्षाकृत उपेक्षित बनी है जो अन्य क्षेत्रों के लिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों द्वारा उन्नत ऋण गारंटी देता है. निगम एक वांछनीय सामाजिक - आर्थिक उद्देश्य में कार्य करता है और प्रभावी ढंग से अपने कार्य करने के लिए और अपने भंडार का निर्माण करने के लिए इसे सक्रिय करने के लिए एक दृश्य के साथ, निगम एक पाँच के लिए वित्त अधिनियम, 1973 की धारा 23 द्वारा आयकर और अतिरिक्त कर से मुक्त रखा गया था आकलन साल 1976-77 के लिए 1972-73 (समावेशी दोनों) को कवर साल की अवधि. इंडिया लिमिटेड की ऋण गारंटी निगम शीघ्र ही निक्षेप बीमा निगम के साथ विलय करने का प्रस्ताव है. वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 में दो साल की अवधि, अर्थात् के लिए आयकर और अधिकर से इंडिया लिमिटेड की ऋण गारंटी निगम की छूट जारी रखने के क्रम में वित्त अधिनियम, 1973 की धारा 23 में संशोधन किया गया है , मूल्यांकन साल 1977-78 और 1978-79.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

36.2 उपरोक्त संशोधन 1977/01/04 से प्रभाव के साथ लागू हो गया है.

[वित्त अधिनियम की धारा 35]

 

तेल उद्योग (विकास) अधिनियम में संशोधन

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

तेल उद्योग विकास बोर्ड की छूट

37.1 तेल उद्योग विकास बोर्ड के तेल उद्योग (विकास) अधिनियम की धारा 3 के तहत स्थापित किया गया है. बोर्ड के मुख्य समारोह के तेल उद्योग के विकास के लिए अनुकूल हैं के रूप में सभी तरह के उपायों को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय और अन्य सहायता प्रदान करने के लिए है.बोर्ड के सदस्यों के पेट्रोलियम और रसायन के साथ काम मंत्रालयों के अधिकारियों के बीच केंद्र सरकार द्वारा नियुक्त कर रहे हैं; वित्त मंत्रालय; निगमों के स्वामित्व या नियंत्रण में केन्द्र सरकार द्वारा और तेल उद्योग में लगे हुए; श्रम और विशेष ज्ञान या तेल उद्योग का अनुभव रखने वाले व्यक्तियों के प्रतिनिधियों. बोर्ड के प्रयोजनों के लिए आवश्यक धनराशि धारा 15 के तहत लगाया स्वदेशी कच्चे तेल पर उपकर के माध्यम से केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए हैं. बोर्ड अधिशेष धन के निवेश से सावधि जमा से ब्याज के रूप में आय प्राप्त कर लेता है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

37.2 बोर्ड सरकार के परामर्श से अपने धन का वितरण और प्रशासन है कि नियंत्रण तथ्य को ध्यान में रखते; इसकी ब्याज आय पेट्रोलियम मंत्रालय के कुल बजटीय मांगों के खिलाफ बंद सेट कर रहे हैं कि; और बोर्ड लाभ कमाने के मकसद, वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977 के साथ चलाने के लिए एक संस्था नहीं है कि तथ्य यह है कि अपनी आय, मुनाफा या लाभ पर आयकर के भुगतान से बोर्ड छूट एक नई धारा 22A डाला गया है.

वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1977

37.3 यह संशोधन तेल उद्योग (विकास) अधिनियम, 1974 के प्रारंभ से प्रभावी retrospectively लागू हो गया है.

[वित्त अधिनियम की धारा 37]


अनुबंध-I

जिस पर विषयों के पुस्तकों की सूची भारत सरकार के आयात व्यापार नियंत्रण नीति के अनुसार, अनुमति दी जाती है
वित्तीय वर्ष 1977-78 के लिए, में आयात करने के लिए
भारत एक खुले सामान्य लाइसेंस के तहत

[पैराग्राफ 4 (3) और 23.1 देखें]

1 कृषि विज्ञान और पशुपालन

कपशुपालन / पशुधन

ख.कृषि वनस्पति विज्ञान

ग.उद्यान-विज्ञान और बागबानी

घ.डेयरी खेती और डेयरी उत्पादों

ङ.कीटविज्ञान

छ.वानिकी और लकड़ी प्रौद्योगिकी

ज. प्लांट पैथोलॉजी और कोशिका विज्ञान

झ.कुकुट पालन

द.प्रजनन स्टॉक और मत्स्य पालन

ञ.कैनिंग और फल और फलों के उत्पादों के संरक्षण

ट.रेशम उत्पादन

ठ.मधुमक्खी पालन

मी मत्स्य पालन

nप्राकृतिक इतिहास

प्र.20. एप्लाइड और ललित कला

कहस्तशिल्प

ख.फोटोग्राफी और रेप्रोग्राफी

ग.वाणिज्यिक कला

घ.सिविक और परिदृश्य कला

ङ. प्लास्टिक और ग्रेफाइट कला

छ.प्रस्तुत है और आंतरिक सजावट

ज. नृत्य, नाटक, नाट्य कला और नृत्य

झ. संगीत (गायन और वाद्य दोनों)

द.चित्रकारी और चित्र

ञ.मॉडलिंग और मूर्तिकला

ट.टेक्सटाइल डिजाइनिंग

ठ.सुई काम और सिलाई

(3) व्यावहारिक विज्ञान

कपुरातत्त्व

ख.Museology

ग.अभिलेखीय विज्ञान

घ.छपाई, बाइंडिंग और प्रकाशन

ङ.पत्रकारिता

छ.पुस्तकालय - विज्ञान

ज.मास मीडिया और संचार

(4) व्यापार संगठन, औद्योगिक प्रबंधन और लोक प्रशासन

कलेखा / लेखा परीक्षा / लेखा

ख.व्यवसाय प्रबंध

ग.बैंकिंग और वित्त

घ.वाणिज्य

ङ.प्रचार और विज्ञापन

छ.बिक्री और वितरण

ज.सिविल और लोक प्रशासन

झ.संगठन और विधियों

द.बीमा

ञ.संक्रियात्मक अनुसंधान

प्र.5. शिक्षा

कशैक्षिक मनोविज्ञान

ख.शिक्षाशास्त्र - सिद्धांत और व्यवहार

ग.शारीरिक शिक्षा और मनोरंजन

घ.कला शिक्षण

ङ.शिक्षा की पद्धति

प्र.6. इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी

कवैमानिकी

ख.नगर एवं ग्राम योजना और वास्तुकला

ग.केमिकल इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी

घ.ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग

ङ.इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग

छ.इलेक्ट्रॉनिक्स, रेडियो, वायरलेस और टेलीविजन

ज.मैकेनिकल इंजीनियरिंग

झ.खनन अभियांत्रिकी

द.परमाणु ऊर्जा

ञ.पेट्रोलियम इंजीनियरिंग

ट. टेक्सटाइल इंजीनियरिंग

ठ.सामग्री इंजीनियरिंग

मी परमाणु इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी

nजलगति विज्ञान

o3. दूरसंचार

पी. सिविल और स्ट्रक्चरल इंजीनियरिंग

क्य़ू.राजमार्ग अभियांत्रिकी

आर.परिवहन इंजीनियरिंग

एस. प्रशीतन और साँस प्रौद्योगिकी

टी.कार्यशाला अभ्यास

यू. मशीन और मशीन उपकरण, डिजाइन और निर्माण

वी. साधन प्रौद्योगिकी

wखनिज अभियांत्रिकी

x.स्वचालन और सहायक तंत्र

वाई .साइबरनेटिक्स

जेड .धातु-विज्ञान

ए.ए.. वस्त्र शिल्प

बी बी. विनिर्माण प्रक्रिया

सीसी. प्लास्टिक प्रौद्योगिकी

डीडी.सिलिकेट प्रौद्योगिकी

ई. सेरामिक (चीनी मिट्टी)

एफएफ. चर्म प्रौद्योगिकी

जी जी. कृषि अभियांत्रिकी

HH. एप्लाइड भूविज्ञान और भूभौतिकी

iiनौसेना वास्तुकला और गोदी यार्ड निर्माण

जे जे. प्रजनन इंजीनियरिंग

के.के.. विधानसभा और निर्माण प्रौद्योगिकी

करूँगा. अंतरिक्ष अनुसंधान और उपग्रह अभियांत्रिकी

मिमी. कंप्यूटर विज्ञान

एनएन. सिस्टम इंजीनियरिंग

ऊ. पर्यावरण विज्ञान

प्र.7.        मानविकी

कनागरिक-शास्त्र

ख.दर्शन - पूर्वी और पश्चिमी

ग.तर्क

घ.इतिहास

ङ.भूगोल और नक्शानवीसी

छ.कानून और कानूनी मामलों (राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय)

ज.आंटलजी और कार्यप्रणाली

झ.नीतिशास्र

द.स्टैंडर्ड साहित्यिक आलोचना

ञ.भाषाई

8 मेडिकल साइंसेज

कशारीरिक रचना और शरीर विज्ञान (एनाटोमी और फीजियोलॉजी)

ख.चाइल्डकैअर और बाल रोग

ग.Dentology

घ.कान, नाक और गला

ङ.भ्रूणविज्ञान

छ.स्वास्थ्य

ज.स्त्री रोग और प्रसूति

झ.नर्सिंग

द.ऊतक-विज्ञान

ञ.नेत्र विज्ञान

ट.मनोरोग

ठ.औषधशास्त्र

मी फ़ार्मेसी

nचिकित्सा विज्ञान और विष विज्ञान

oदवा

पी. शल्य-चिकित्सा

क्य़ू.जीवविज्ञान

आर.जीव रसायन

9 सैन्य विज्ञान और इसके इतिहास

कएयर, नेवल और मिलिट्री इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी

ख.हथियार और गोला बारूद और उपकरणों

ग.सैन्य इतिहास

घ.सैन्य रणनीति और युद्ध की आधुनिक तकनीक

10 शुद्ध विज्ञान

कभौतिक विज्ञान

ख.रसायन विज्ञान

ग.गणित

घ.सांख्यिकी और प्रलेखन

ङ.खगोल विज्ञान और संबद्ध विज्ञान

छ.मृदा विज्ञान

ज.जीवाश्म विज्ञान

झ.जीव विज्ञान

द.भूविज्ञान

ञ.वनस्पति विज्ञान

प्र।11. संदर्भ पुस्तकें

कBibliographies

ख.जो और मौजूदा मामलों कौन है

ग.Gazetteers

घ.विश्वकोश

ङ.शब्दकोश

छ.एटलस

ज.भाषा और वाक्यांश पुस्तकें

झ.प्रिंट और सूची में पुस्तकें

द.पुस्तकों के वर्गीकरण पर पुस्तकें

ञ.व्याकरण पुस्तकें

प्र.12.     सामाजिक विज्ञान

कपैरा और छद्म मनोविज्ञान सहित मनोविज्ञान

ख.मानवशास्त्र

ग.राजनीतिक विज्ञान

घ.अर्थशास्त्र

ङ.गृह विज्ञान

छ.समाजशास्त्र और सामाजिक संस्थाओं

ज.संस्कृति और सभ्यता

झ.अपराध और बाल अपराध

प्र.13. एक मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्ड या प्राधिकारी द्वारा निर्धारित या शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के लिए सिफारिश कर रहे हैं, जो कल्पना की पुस्तकों सहित पाठ पुस्तकें

प्र.14. ऊपर निर्दिष्ट विषयों द्वारा कवर बच्चों को किताबें.


अनुबंध II

ग्यारहवीं अनुसूची में निर्दिष्ट लेख या चीजों की सूची

[पैरा 13.1 देखें]

1बीयर, शराब और अन्य मादक आत्माओं.

प्र.20. ऐसे सिगार और cheroots, सिगरेट, Biris, पाइप और सिगरेट के लिए धूम्रपान मिश्रण, तंबाकू और तंबाकू चबाने के रूप में तंबाकू और तंबाकू की तैयारी,.

(3)प्रसाधन सामग्री और शौचालय की तैयारी.

(4)टूथ पेस्ट, डेंटल क्रीम, टूथ पाउडर और साबुन.

प्र.5. किसी भी रूप में स्वादिष्ट बनाने का मसाला केंद्रित मिश्रित जो के निर्माण में वातित जल उपयोग किया जाता है.

प्र.6. हलवाई की दुकान और चॉकलेट.

प्र.7.        रिकॉर्ड प्लेयर, और ग्रामोफोन रिकॉर्ड सहित gramophones,.

8 टीवी रिसीवर सेट प्रसारण; (ट्रांजिस्टर सेट सहित) रेडियो; (कैसेट रिकार्डर और टेप डेक सहित) radiograms और टेप रिकार्डर.

9 सिनेमैटोग्राफ फिल्मों और प्रोजेक्टर.

10 फोटोग्राफिक उपकरण और सामान.

प्र।11.बिजली के पंखे.

प्र.12.     घरेलू बिजली के उपकरणों, इस सूची में किसी अन्य मद के अंतर्गत आने वाले नहीं.

स्पष्टीकरण: "घरेलू बिजली के उपकरणों" सामान्य रूप से घरेलू और इस तरह, होटल, रेस्तरां, हॉस्टल, कार्यालयों, शिक्षण संस्थानों और अस्पतालों के रूप में स्थानों में इस्तेमाल इसी तरह के उपकरणों में इस्तेमाल बिजली के उपकरणों का मतलब है.

प्र.13. घर के फर्नीचर, बर्तन, क्रॉकरी और कटलरी इस सूची में किसी अन्य मद के अंतर्गत आने वाले नहीं.

प्र.14. प्रेशर कुकर.

प्र.15.     निर्वात बोतल और अन्य निर्वात वाहिकाओं.

प्र.16. Tableware और सेनेटरी वेयर.

प्र.17. ग्लास और कांच के बने पदार्थ.

प्र.18. चीनी मिट्टी के बरतन और चीनी मिट्टी के बर्तन.

प्र.19.मोजाइक टाइल्स और टाइल घुटा हुआ.

प्र.20. जैविक सतह सक्रिय एजेंटों; सक्रिय तैयारियाँ और कपड़े धोने की तैयारी साबुन युक्त या नहीं, सतह.

प्र.21. सिंथेटिक डिटर्जेंट.

प्र.22.ऐसे टाइपराइटरों, गणना मशीन, नकदी दर्ज की मशीनें, लेखन मशीनों की जांच, इंटरकॉम मशीनों और teleprinters के रूप में कार्यालय मशीन और उपकरण,.

स्पष्टीकरण: अभिव्यक्ति "कार्यालय मशीन और उपकरण" डाटा प्रोसेसिंग के लिए और संदेशों की पारेषण और स्वागत के लिए सभी मशीनों और कार्यालयों, दुकानों, कारखानों, कार्यशालाओं, शैक्षिक संस्थानों, रेलवे स्टेशनों, होटल और कार्यालय के काम करने के लिए रेस्तरां में इस्तेमाल तंत्र, शामिल हैं.

प्र 23 स्टील फर्नीचर, आंशिक रूप से या पूरी तरह स्टील से बना है या नहीं.

प्र 24 Safes, मजबूत बॉक्स, नकदी और कर्म बक्से और स्ट्रांग रूम के दरवाजे.

प्र.25. लेटेक्स फोम स्पंज और फोम.

26 पिगमेंट, रंग, पेंट, enamels, वार्निश, अश्वेतों और सेल्यूलोज रोगन.

प्र.27. Corks या काग, रबर, पॉलीथीन या किसी भी अन्य सामग्री के अन्य फिटिंग ताज.

प्र 28 चुरा लें प्रूफ पैकिंग या corks, रबर, पॉलीथीन या अन्य सामग्री के अन्य fillings के लिए टोपियां.

प्र.29. एम्पलीफायरों या जनता के समाधान के लिए उपयोग किसी अन्य उपकरण.