207 : परिपत्र सं. 207, 24-09-1976 दिनांकित
परिपत्र सं.
207
परिपत्र की तिथि
24/09/1976
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
24/09/1976
934. एचयूएफ के हमवारिस स्पष्टीकरण के मामले में एचयूएफ की benamidar के रूप में माना जाता है और इस प्रकार फार्म सं 12A फाइल करने के लिए बाध्य किया जा सकता है (ख) धारा 185 (1)
स्पष्टीकरण 1
1संदर्भ बोर्ड के परिपत्र सं 207 [एफ लिए आमंत्रित किया है सं 220/20/76-IT (ए) द्वितीय], 24-9-1976 [यह हिंदू अविभाजित परिवार के कर्ता हिंदू अविभाजित परिवार का एक benamidar के रूप में नहीं माना जा सकता कि समझाया गया था जिसमें स्पष्टीकरण 2] के भीतर दिनांक खंड 185 के स्पष्टीकरण के अर्थ (1) और इस तरह के रूप में इस तरह के मामलों में फार्म सं 12A दायर करने का कोई दायित्व नहीं है.
प्र.20. बोर्ड अनुभाग 185 के स्पष्टीकरण के खंड (ख) के प्रावधानों (1) हिन्दू अविभाजित परिवार का एक कर्ता के अलावा किसी अन्य हमवारिस अपने हिंदू अविभाजित की ओर से एक फर्म में भागीदार है, जहां एक मामले के लिए लागू होगी सवाल है कि क्या जांच की है परिवार.बोर्ड एक हिन्दू अविभाजित परिवार का एक हमवारिस हिंदू अविभाजित परिवार का एक benamidar के रूप में नहीं माना जा सकता है कि एक दृश्य की है और इस तरह के रूप में इस तरह के मामलों में फार्म सं 12A दायर करने का कोई दायित्व नहीं है.
परिपत्र: सं 224 [एफ सं 220/8/77-IT (ए) द्वितीय], 22-6-1977 दिनांकित.
स्पष्टीकरण 2
1संदर्भ अनुभाग 185 के स्पष्टीकरण के लिए आमंत्रित किया जाता है (1) कराधान कानून (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा प्रतिस्थापित रूप में.इस विवरण 1 अप्रैल 1976 से प्रभावी बना दिया गया है.स्पष्टीकरण के अधीन के रूप में पढ़ता:
फर्म के किसी भी साथी पर, पूरे के संबंध या फर्म की आय या संपत्ति में अपने हिस्से के किसी भी हिस्से में था, "अगर यह अनुभाग और अनुभाग 186 के प्रयोजनों के लिए, एक फर्म एक वास्तविक फर्म के रूप में नहीं माना जाएगा पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय, एक benamidar-
(क) किसी अन्य साथी की जिसे पहली उल्लेख साथी एक पति या पत्नी या नाबालिग बच्चे के संबंध में खड़े हैं, या नहीं करता
(ख) किसी भी व्यक्ति की, फर्म के एक भागीदार होने, और अन्य भागीदारों के किसी भी पहले उल्लेख साथी ऐसे benamidar और ऐसे ज्ञान या विश्वास था कि विश्वास करने का कारण पता था या नहीं था करने के लिए इस तरह के अन्य साथी द्वारा भेजी नहीं किया गया था निर्धारित तरीके से आयकर अधिकारी.
प्र.20. बोर्ड स्पष्टीकरण के खंड (ख) के प्रावधानों के ऊपर हिन्दू अविभाजित परिवार का एक कर्ता इस हिंदू अविभाजित परिवार की ओर से एक साझेदारी फर्म में भागीदार है, जहां एक मामले के लिए लागू होगी करने के लिए भेजा सवाल है कि क्या जांच की है.बोर्ड हिन्दू अविभाजित परिवार का एक कर्ता हिंदू अविभाजित परिवार का एक benamidar के रूप में नहीं माना जा सकता है कि देखने की हैं. इसे देखते हुए इस तरह के मामलों में फार्म सं 12A दायर करने का कोई दायित्व नहीं है.
परिपत्र: सं 207 [एफ सं 220/20/76-IT], 24-9-1976 दिनांकित.
न्यायिक विश्लेषण
में समझाया - कोयला ऐश वितरक (1997) 139 कराधान 15 (ट्राई) वी. DCIT (सहायक) में, ट्रिब्यूनल एफ नहीं 220/46-76-ITA परिपत्र के साथ ही, उक्त परिपत्र में भेजा, और मनाया:
"... इसी तरह सीबीडीटी भी यह एक न्यासी न्यास की ओर से उनके प्रतिनिधि क्षमता में एक साथी बन जाता है जब वह इसलिए एक benamidar हो जाते हैं और यह नहीं है कि स्पष्ट किया गया है जिसमें एक और परिपत्र सं 220/46/76-ITA-II जारी किया है फर्म इस तरह के मामलों में एफ ORM सं 12A फाइल करने के लिए यह आवश्यक नहीं होगा.यह कानून च ORM सं 12A लेकिन इस तरह के अनुपालन ही बनाया जाना आवश्यक है फाइल करने के लिए, भागीदारों में से कुछ उनके प्रतिनिधि की हैसियत में भागीदार के रूप में शामिल हो गए हैं, जहां सभी मामलों में की आवश्यकता नहीं है कि सीबीडीटी द्वारा जारी किए गए उक्त परिपत्र से स्पष्ट है साथी एक और व्यक्ति की एक benamidar है जहां एक मामले में.यह जरूरी है खुद को वे एक भागीदार के रूप में उनके प्रतिनिधि की हैसियत में प्रतिनिधित्व जिसे व्यक्तियों की आय / संपत्ति में कोई दिलचस्पी नहीं है जो उन लोगों के पार्टनर्स शामिल नहीं है. एक benamidar, मात्र नाम ऋणदाता हैं जो केवल उन लोगों को हो बस प्रकट मालिकों और साझेदारी फर्म में भागीदार के रूप में अर्थात् ब्याज कहा संपत्ति में किसी भी लाभकारी हित नहीं करना होगा. . . "(पीपी 33-34)

