आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

187

परिपत्र की तिथि

23/12/1975

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

23/12/1975

परिपत्र सं. 187, 23-12-1975 दिनांकित

धारा 80-O एल आर ओ YALTIES, आदि., कुछ विदेशी उद्यमों से

601.  दिशानिर्देश वजह - निर्धारिती कंपनी विदेशी राज्य या अनुभाग के तहत कटौती के लिए पात्र है जो विदेशी उद्यम, सरकार से, आदि रॉयल्टी, प्राप्त करता है, जिसके तहत समझौते का अनुमोदन

स्पष्टीकरण 1

ध्यान बोर्ड के परिपत्र सं 187 [एफ लिए आमंत्रित किया है  धारा 80-O के तहत अनुमोदन के अनुदान के लिए दिशा निर्देश नीचे बिछाने उपरोक्त विषय पर [स्पष्टीकरण 2] 23-12-1975 सं 473/15/73-FTD],.बोर्ड फिर से जांच उक्त दिशानिर्देशों का अवसर मिला है और यह नीचे संकेत हद तक दिशा निर्देशों को संशोधित करने का फैसला किया गया है:

1(Iii) समझौते को सही मायने में पर और कर रियायत लोकसभा में प्रासंगिक विधेयक के लागू होने से घोषणा की गई थी जब तिथि के बाद प्रवेश दिया जाना चाहिए था, बशर्ते कि 23-12-1975 सर्कुलर नं 187, के पैरा 3.अब यह धारा 80-O के तहत मंजूरी इस जमीन पर इनकार नहीं किया है कि निर्णय लिया गया है.दूसरे शब्दों में, पैरा 3 (तीन) परिपत्र की, नष्ट कर के रूप में 23-12-1975 से इलाज किया जा सकता है दिनांकित.

प्र.20. पैरा कहा परिपत्र 3 (नौ) में, यह धारा 80-O के दायरे से बाहर होगा ट्रेडमार्क के इस्तेमाल के लिए विचार है कि उल्लेख किया गया था.अब यह इसलिए, धारा 80-O के दायरे में आते हैं, व्यापार चिह्न के इस्तेमाल के लिए किए गए भुगतान रॉयल्टी की प्रकृति के हैं कि निर्णय लिया गया है, और.

(3) यह भी धारा 80-O के दायरे से बाहर के मामलों में शामिल है जो प्रयोजनों के लिए विचार के रूप में एक समेकित राशि निर्दिष्ट जो एक समग्र समझौते के मामले में, बोर्ड इस तरह के एक अनुमोदन नहीं हो सकता कि कहा परिपत्र के पैरा 3 (नौ) में कहा गया था धारा 80-O के प्रयोजनों के लिए समझौते पर यह ठीक से पता लगाने और धारा 80-O के लिए योग्यता, आदि पता है कि कैसे या तकनीकी सेवाओं के प्रावधान के लिए सम्बद्ध ध्यान की राशि निर्धारित करने के लिए संभव नहीं था.इस प्रकार, धारा 80-O के लाभ के इस तरह के एक समझौते के तहत प्राप्य रॉयल्टी की पूरी राशि, कमीशन, फीस, आदि, करने से इनकार किया जा सकता है.इसके बाद से इस तरह के मामलों में अनुमोदन गैर योग्यता सेवाओं के लिए एक उपयुक्त पाबंदी को बोर्ड अधीन द्वारा प्रदान किया जाएगा कि निर्णय लिया गया है, को ध्यान में समझौते की समग्रता लेने के बाद, इतना है कि रॉयल्टी / फीस, आदि का संतुलन , जो धारा 80-O द्वारा कवर सेवाओं को छूट दी जा सकती है के लिए है.

परिपत्र: नहीं 253 [एफसं 473/15/78-FTD], 30-4-1979 दिनांकित.

स्पष्टीकरण 2

1देश का विदेशी मुद्रा संसाधनों की भारतीय तकनीकी पता है कि कैसे और वृद्धि के निर्यात को प्रोत्साहित करने के दोहरे उद्देश्य के साथ, धारा 80-O रॉयल्टी, कमीशन, फीस के माध्यम से आय के संबंध में रियायती कर उपचार या किसी भी इसी तरह के भुगतान के लिए प्रदान करता है कहा अनुभाग में निर्धारित कुछ शर्तों के संतोष के अधीन एक विदेशी सरकार या एक विदेशी उद्यम, से प्राप्त किया.

प्र.20. धारा 80-O के तहत कर रियायत की उपलब्धता के लिए शर्तों में से एक समझौते पर इस संबंध में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया जाना चाहिए.  समझौते के अनुमोदन के लिए आवेदन स्वीकृति पहले की मांग की है, जो करने के संबंध में आकलन वर्ष के अक्टूबर के 1 दिन पहले केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के लिए किए जाने की आवश्यकता है.  इस उद्देश्य के लिए आवेदन का प्रपत्र मानकीकृत किया गया है और एक नमूना अनुलग्नक में दी गई है.

(3) यह पहला खंड 85C के रूप में पेश किया गया था जब प्रावधान का उद्देश्य विदेशों में उनके तकनीकी ज्ञान और कौशल का निर्यात और बढ़ाने के लिए भारतीय कंपनियों को प्रोत्साहित करने के लिए होने के लिए 1966 के बोर्ड के परिपत्र सं 4P (LXXVI-61) में कहा गया था देश का विदेशी मुद्रा संसाधनों.  इस वित्त (नं. 2) अधिनियम, 1971 के द्वारा शुरू की परिवर्तन समझा बोर्ड के सर्कुलर नंबर 72 में दोहराया गया था. देखने में यह कर प्रोत्साहन और वैधानिक प्रावधानों की आवश्यकताओं के पीछे उद्देश्य को ध्यान में रखते, बोर्ड इस तरह के अनुमोदन की मंजूरी के लिए निम्न दिशानिर्देशों विकसित किया है:

(मैं) बोर्ड की राय में, सदाशयी और वास्तविक नहीं है और धारा 80-O के तहत स्वीकार्य कर रियायत के दुरुपयोग के लिए एक कपटपूर्ण व्यवस्था है, जो एक समझौते स्वीकृत नहीं किया जाएगा.

(Ii) बहुत सामान्य या व्यापक संदर्भ में है या अस्पष्ट या तो या पर्याप्त जानकारी नहीं दे करता है, जो एक समझौते पर स्वीकृति नहीं दी जा सकती है.

[(Iii) **
**
**]

(Iv) औद्योगिक, वाणिज्यिक या वैज्ञानिक ज्ञान, अनुभव या कौशल के विषय में सूचना उपलब्ध कराई या प्रदान की, या उपलब्ध कराया या उपलब्ध कराई, वाणिज्यिक या वैज्ञानिक पत्रिकाओं या अन्य सामान्य रूप से उपलब्ध से एकत्र या collated एक सांख्यिकीय प्रकार की जानकारी न केवल होना चाहिए करने के लिए सहमत जानकारी के सूत्रों का कहना है, लेकिन यह औद्योगिक, वाणिज्यिक या वैज्ञानिक ज्ञान, अनुभव या कौशल के पास या भारतीय पक्ष द्वारा विकसित की है और उपलब्ध कराई या समझौते के तहत विदेशी पार्टी के लिए प्रदान की जाती है, जो विषय में जानकारी होनी चाहिए.व्यक्तिगत मामलों में क्रेडिट या व्यापार पात्रता के संबंध में व्यापार पूछताछ या रिपोर्टों के बारे में जानकारी इस उद्देश्य के लिए पात्र नहीं होगा.

(V) प्रदान की गई है या विदेशी पार्टी को प्रदान करने की सहमति व्यक्त की तकनीकी सेवाओं के इस तरह के (एक) खनन, या (ख) पीढ़ी या बिजली के वितरण या सत्ता के किसी अन्य रूप, या निर्माण (ग) के रूप में उत्पादक क्षेत्रों से संबंधित होना चाहिए, औद्योगिक या निर्माण कार्यों, या (घ) इंजीनियरिंग सेवा.इस तरह के प्रबंधन, संगठन, बिक्री, वित्त एवं लेखा से संबंधित उन के रूप में सेवा, इस उद्देश्य के लिए पात्र नहीं होगा.  प्रदान कर रहे हैं या भारत में प्रदान करने की जो तकनीकी सेवाओं को भी इस उद्देश्य के लिए पात्र नहीं होगा.

(Vi) भारत के बाहर सेवा के लिए भर्ती या भारत से तकनीकी कर्मियों की मात्र की आपूर्ति के लिए करार के अनुमोदन के लिए पात्र नहीं होंगे.

(सात) आयोग या लाभ के एक निर्धारित प्रतिशत के लिए व्यापार या प्रबंधन कार्यों विदेश simpliciter बदले में में भाग लेने के लिए प्रदान जो करार के अनुमोदन के लिए पात्र नहीं होंगे.

(आठ) समझौते के तहत भुगतान अनुचित रूप से अत्यधिक है या बाहरी कारणों से प्रेरित है कहां, बोर्ड समझौते के संबंध में मंजूरी देने से मना कर सकता है.

(नौ) धारा 80-O (जैसे, आदि व्यापार चिह्न, उपकरणों की आपूर्ति, का उपयोग) के दायरे से बाहर के मामलों में शामिल हैं जो प्रयोजनों के लिए विचार के रूप में एक समेकित राशि का उल्लेख एक समग्र समझौते के मामले में ध्यान की राशि धारा 80-O के प्रयोजनों के लिए योग्यता, आदि तकनीकी ज्ञान या तकनीकी सेवाओं के प्रावधान से संबंधित प्रासंगिक तथ्यों की वजह से प्रशंसा के बाद मूल्यांकन के समय अलग से आयकर अधिकारी द्वारा निर्धारित करना होगा.कहां, हालांकि, बोर्ड की राय में, यह ठीक से पता लगाने और धारा 80-O के लिए योग्यता पता है कि कैसे या तकनीकी सेवाओं, आदि का प्रावधान करने के लिए सम्बद्ध ध्यान की राशि निर्धारित करने के लिए संभव नहीं होगा [अनुमोदन, ध्यान में समझौते की समग्रता लेने के बाद, गैर योग्यता सेवाओं के लिए उपयुक्त पाबंदी को बोर्ड अधीन द्वारा प्रदान किया जाएगा तो यह है कि खंड के अंतर्गत सेवाओं के लिए है जो आदि रॉयल्टी / शुल्क, संतुलन, 80 ओ] छूट दी जा सकती है.

(एक्स) पहले से ही बोर्ड ने मंजूरी दे दी एक समझौते के नियम और शर्तों में किसी भी परिवर्तन के मामले में, एक ही एक ताजा अनुमोदन के लिए बोर्ड को अधिसूचित किया जाना चाहिए.

(ग्यारहवीं) अनुमोदन बोर्ड के समक्ष प्रतिनिधित्व के रूप में तथ्यों के आधार पर प्रदान किया जाता है. आदि तथ्यों की धोखाधड़ी या गलत बयानी के मामले में, के अलावा अन्य परिणामों से, बोर्ड की मंजूरी के आदेश को रद्द करने का अधिकार सुरक्षित रखता है.  यह इन दिशानिर्देशों महज उदाहरण हैं और संपूर्ण रूप में नहीं लिया जाना चाहिए कि बाहर बताया जा सकता है.ये अनुमोदन के लिए आते हैं, जो मामलों के विभिन्न प्रकार के प्रकाश में संशोधित या कारण पाठ्यक्रम में पूरक हो सकता है.  समझौते सदाशयी और वास्तविक है, जहां भी बोर्ड बोर्ड की राय में, अनुमोदन का अनुदान व्यापक सार्वजनिक हित में नहीं होगा जहां या यह कर रियायत अंतर्निहित उद्देश्यों को आगे नहीं होगा जहां उपयुक्त मामलों में अनुमोदन मना सकते हैं.

(4) धारा 80-O के तहत सकल कुल आय से कटौती की अनुदान इस संबंध में खंड में निर्धारित अन्य शर्तों को पूरा करने के अधीन है.  कटौती के लिए पात्र वास्तविक राशि के आकलन के समय में आयकर अधिकारी द्वारा निर्धारित किया जाएगा.

प्र.5. वित्त अधिनियम, 1974 के द्वारा किए गए पूर्वव्यापी संशोधन में यह भी कहा जा सकता है.  कटौती, धारा 80 ओ के तहत, केवल भारत या भारत के बाहर परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में प्राप्त किया गया हो रही है या भारत के बाहर परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा, है में परिवर्तित किया गया होने में परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा में प्राप्त होता है जो आय के संदर्भ में स्वीकार्य होगी भुगतान और विदेशी 'मुद्रा में लेन - देन को विनियमित करने के लिए तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अनुसार द्वारा या निर्धारिती की ओर से भारत में लाया जाता है.  यह प्रावधान 1 अप्रैल 1968 से पूर्वव्यापी प्रभाव लेता है.

प्र.6. 1 अप्रैल 1975 से प्रभावी धारा 80-O इच्छाशक्ति का लाभ, यानी, आकलन वर्ष 1975-76, केवल भारतीय कंपनियों के लिए उपलब्ध हो सकता है, और अन्य करदाता के लिए उपलब्ध नहीं होंगे.तदनुसार, एक भारतीय कंपनी के अलावा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा किए गए समझौतों निर्धारण वर्ष 1975-76 और उसके बाद के लिए अनुमोदन के लिए पात्र नहीं होंगे.  इसके अलावा, पहले से ही इस तरह के समझौतों के संबंध में दी गई मंजूरी 1 अप्रैल 1975 और चिंतित करदाताओं वर्ष 1975-76 और बाद के मूल्यांकन वर्षों के लिए आकलन में धारा 80-O के तहत कर राहत के लिए हकदार नहीं होगा से ही ऑपरेटिव नहीं रहेगा .

प्र.7.        कब्जे में प्रोफार्मा में जानकारी, तीन प्रतियों में प्रस्तुत कर विधिवत हस्ताक्षर किए और आवेदक की ओर से आयकर रिटर्न हस्ताक्षर करने के लिए अधिकृत व्यक्ति द्वारा सही होने के लिए प्रमाणित है अगर यह धारा 80-O के तहत मंजूरी के लिए आवेदन पत्र के शीघ्र निपटान की सुविधा होगी.  समझौते के आदि प्रासंगिक धाराओं, स्पष्ट रूप से उचित कॉलम के खिलाफ संकेत दिया जाना चाहिए.  प्रत्येक आवेदन भी इस संबंध में ऐसा करने के लिए अधिकृत व्यक्ति द्वारा सत्यापित समझौतों की तीन प्रतियां के साथ किया जाना चाहिए.

परिपत्र: नहीं 187 [एफसर्कुलर नंबर 253 से संशोधित रूप में 23-12-1975 को अपील सं 433/15/78-FTD], [एफ सं 473/15/73-FTD], 30-4-1979 दिनांकित.

उपभवन - समझौते के अनुमोदन के लिए आवेदन के रूप

[तीन प्रतियों में प्रस्तुत किए जाने]

1. (मैं) नाम और आवेदक के पते

(Ii) स्थिति (चाहे व्यक्तिगत / एचयूएफ / फर्म / एओपी / भारतीय कंपनी)

(Iii) आवासीय स्थिति (चाहे निवासी / नहीं सामान्यतया निवासी / अनिवासी)

(Iv) सर्कल जहां आयकर और स्थायी खाता संख्या के लिए मूल्यांकन

(V) व्यापार की प्रकृति भारत चलाया

प्र.20. विदेशी पार्टी के साथ समझौते की तिथि [समझौते की प्रमाणित सत्य प्रतिलिपि संलग्न किया जाए]

           [समझौता वास्तव में पहले के समझौते के लेखन को कम किया गया है, जिस पर उस से भी एक तिथि पर में प्रवेश किया था, तो भी इस तरह के पहले की तारीख का उल्लेख करें.]

3. (क) नाम और निर्धारिती / प्राप्त जो कटौती के संबंध में आय प्राप्त होगा जिस से विदेशी सरकार / उद्यम के पते का दावा किया है

(ख) भारत में आकलन किया है, वृत्त जहां स्थायी खाता संख्या और मूल्यांकन

     (4)   प्रकृति और व्यापार के स्थान, यदि कोई हो, विदेशी उद्यम द्वारा भारत में किए गए

प्र.5. आय को ध्यान में प्राप्त होता है कि क्या बताएं लिए

(क) भारत के बाहर उपयोग के

(I) किसी भी पेटेंट, आविष्कार, मॉडल, डिजाइन, गुप्त फार्मूला या प्रक्रिया, या इसी तरह की संपत्ति का अधिकार, या

(Ii) औद्योगिक, वाणिज्यिक या वैज्ञानिक पता कगार, अनुभव, या कौशल के विषय में जानकारी उपलब्ध कराई

(ख) तकनीकी सेवाएं प्रदान की गई है या (भी ऐसी तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के लिए आवेदक के पास उपलब्ध व्यवस्थाओं और ऐसी सेवाएं प्रदान की विधा बताएं) भारत के बाहर प्रदान करने की सहमति व्यक्त की

प्र.6. यदि हां, तो समझौते के तकनीकी पता है कि कैसे या धारा 80-O द्वारा कवर की तुलना में अन्य किसी भी सेवाओं के प्रतिपादन की आपूर्ति के लिए प्रदान करता है (उदाहरण के लिए., ट्रेडमार्क या माल की आपूर्ति का उपयोग),, उन्हें निर्दिष्ट करें और भी राशि की ध्यान प्राप्य / उन के संबंध में प्राप्त

प्र.7.        तकनीकी पता है कि कैसे धारा 5 के अंतर्गत आती हैं (एक) (क) के ऊपर, संकेत मिलता है कृपया:

(एक) कैसे आवेदक इसे हासिल कर ली है या क्या व्यवस्था है कि वह इसे प्राप्त करने के लिए बनाया गया है;

(ख) आवेदक के स्वयं के अधिकार उसके संबंध में क्या कर रहे हैं;

समझौते के लिए अन्य पार्टी के लिए (ग) क्या इसके प्रावधान शामिल है,

(I) सभी के हस्तांतरण या इसके संबंध में आवेदक का कोई अधिकार; यदि हां, तो तबादला सही और अपने स्थानांतरण के तरीके की प्रकृति और सीमा निर्दिष्ट करें;

(Ii) अपने काम या उपयोग के विषय में किसी भी जानकारी का प्रदान करने; यदि हां, तो प्रदान जानकारी और इसके प्रदान करने के तरीके को निर्दिष्ट करें;

    (Iii) समझौते को अन्य व्यक्ति द्वारा इसके उपयोग; यदि हां, तो उपयोग की प्रकृति और तरीके निर्दिष्ट करें

8 तकनीकी जानकारी (क) (ख) के ऊपर धारा 5 के अंतर्गत आती है, तो निर्दिष्ट कृपया

(क) प्राप्त करने और इसे प्रदान करने के लिए आवेदक के पास उपलब्ध व्यवस्थाओं;

यह प्रदान की (ख) तरीके

9 आवेदक इस समझौते के तहत या तकनीकी सेवाएं प्रदान करने के लिए प्रदान किया जाना, तकनीकी जानकारी, आदि प्राप्त करने के लिए, भारत में या विदेश में किसी भी अन्य व्यक्ति के साथ किसी भी समझौते या व्यवस्था बना दिया है?  यदि हां, तो निम्न जानकारी दें:

(एक) के नाम और इस तरह के अन्य व्यक्ति का पता;

(ख) एक साथ लिखित समझौते की एक प्रमाणित प्रति के साथ समझौता या व्यवस्था का विवरण, यदि कोई हो;

ऐसे अन्य व्यक्ति के साथ आवेदक के रिश्ते और एसोसिएशन (ग) प्रकृति और सीमा

10 कटौती का दावा किया है, जिनमें से सम्मान, अर्थात् में आय की प्रकृति बताएं.,

       - रॉयल्टी

       - आयोग

       - शुल्क

       - किसी भी इसी तरह की भुगतान

प्र।11.अधिनियम की धारा 80 ओ के तहत कटौती के लिए पात्र है जो (अपनी गणना के साथ) के साथ भाग / राशि कृपया बताएं

प्र.12.     आदि तकनीकी जानकारी, सेवाओं की आपूर्ति के लिए भुगतान की शर्तें और मोड बताएं

प्र.13. राज्य (इसके निदेशकों / भागीदारों सहित) भारतीय पार्टी या तो सीधे या परोक्ष रूप से, विदेशी उद्यम में है जो ब्याज की हद तक, यदि कोई हो,

प्र.14. भारतीय पार्टी से ऊपर 3 पर विदेशी पार्टी के साथ किसी भी अन्य समझौते (व्यापार के लिए, तकनीकी सहयोग या प्रतिपादन सेवा या किसी अन्य उद्देश्य के लिए) है; यदि हां, तो प्रतियां प्रस्तुत किया जाना चाहिए.  भारतीय पक्ष अतीत में विदेशी पार्टी के साथ किसी भी तरह के समझौते भी था; यदि हां, तो प्रतियां प्रस्तुत किया जाना चाहिए

प्र.15.     विचाराधीन समझौता है, नवीकरण, विस्तार, संशोधन या किसी भी पहले समझौते के प्रतिस्थापन में; यदि हां, तो पहले समझौते की प्रतियां प्रस्तुत किया जाना चाहिए

प्र.16. 3 ऊपर या किसी भी अन्य विदेशी पार्टी में विदेशी पार्टी के साथ एक या समान समझौते के अनुमोदन के लिए किसी भी पिछले आवेदन का विवरण दे कृपया:

(एक) समझौते की तिथि;

आवेदन का (बी) के परिणाम (अनुमोदन / अस्वीकृति के पत्र की प्रति संलग्न)

17.     बोर्ड की मंजूरी के लिए आवेदन किया है और अनुमोदन ऑपरेटिव होने के लिए वांछित है, जिसके लिए बाद के आकलन साल है जिनके संबंध में (मैं) पहला आकलन वर्ष;

(Ii) पिछले वर्ष समाप्त हो गया;

(Iii) लेखांकन की विधि इस समझौते के तहत आय के संबंध में पीछा किया.

प्र.18. आवेदक भी इसी तरह का तकनीकी ज्ञान प्रदान करने या किसी भी अन्य व्यक्ति को वर्तमान समझौते के तहत के रूप में इसी तरह की तकनीकी सेवाएं प्रदान किया था?

           यदि हां, तो भी संबंध में समझौते (ओं) क्या है / केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर सरकार / केन्द्रीय बोर्ड द्वारा अनुमोदित किया गया था कि क्या यह दर्शाता है, उसके संक्षिप्त विवरण दे कृपया.

प्र.19.आवेदक प्रासंगिक मानता है जो किसी भी अन्य जानकारी.

यहां दी गई सूचना मेरी जानकारी और विश्वास के अनुसार सत्य और सही है कि प्रमाणित.

जगह ...........................
.............................................
तिथि ...........................
हस्ताक्षर      
नोट: प्रश्न के लिखित उत्तर में समझौते की, आदि, प्रासंगिक खंड कृपया बताएं.

न्यायिक विश्लेषण

में समझाया - abovesaid परिपत्र निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ, सीआईटी [1992] 195 आईटीआर 81 (अनुसूचित जाति) वी. महाद्वीपीय कंस्ट्रक्शन लिमिटेड में विस्तार से बताया गया था:

"यह बोर्ड के लिए ही तैयार की है कि इस प्रकार स्पष्ट है, हम धारा 80-O के तहत छूट की उपलब्धता के रूप में एक बहुत विस्तृत और प्रमुख शासन, काफी वैध तरीके से और ठीक से लगता है.  दिशा निर्देशों को पूरी तरह अनुभाग 119 (1) इस अधिनियम के और, निर्धारिती के लाभ के लिए enuring निर्देश होने का प्रावधान द्वारा मंजूर, सामान्य प्रकृति के हैं, विशेष रूप से एक में, बोर्ड के अधीनस्थ विभागीय अधिकारियों द्वारा पर वापस चला नहीं जा सकता मामले जहां कोई कदम नहीं उठाए या भी लिया करने जा करने के लिए पहले से ही दी मंजूरी को रद्द करने या रद्द आवश्यक के रूप में सुझाव दिया गया है.  यह वास्तव में अच्छी तरह से, नवनीत लाल सी. झावेरी के मामले [1965] 56 आईटीआर 198 (एससी) से शुरू न्यायिक निर्णय की एक श्रृंखला से बसे एक प्रस्ताव है .... "(पीपी132-133)

महाद्वीपीय कंस्ट्रक्शन लिमिटेड वी. में - में समझाया सीआईटी [1990] 185 आईटीआर 178 [[1992] 195 आईटीआर 81 में अनुसूचित जाति के द्वारा पुष्टि] (दिल्ली) ने कहा, परिपत्र निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ समझाया गया था:

"उक्त परिपत्र में समाहित कर रहे हैं, जो बोर्ड और द्वारा निर्धारित दिशा निर्देशों के अनुसार, यह एक समग्र समझौता अधिनियम की धारा 80 ओ के लाभ से बाहर नहीं है कि स्पष्ट है.  पहले सर्कुलर नंबर 187 था, जबकि इंटर Alila यह ठीक से पता लगाने या पता है कि कैसे या तकनीकी सेवाओं के प्रावधानों को सम्बद्ध ध्यान की राशि निर्धारित करने के लिए संभव नहीं था जहां, बोर्ड, ऐसे एक मामले में, मंजूरी नहीं होगा बशर्ते कि धारा 80-O के तहत समझौते लेकिन, बाद के सर्कुलर नंबर 253 में, यह भी इस तरह के मामलों में, अनुमोदन 'को ध्यान में लेने के बाद गैर योग्यता सेवाओं के लिए एक उपयुक्त जिले भत्ता के अधीन प्रदान किया जाएगा कि प्रदान की गई है समझौते की समग्रता, इतना है कि धारा 80-O द्वारा कवर सेवाओं के लिए है जो आदि रॉयल्टी / शुल्क, संतुलन, 'छूट दी जा सकती है.इन परिपत्रों के अनुसार, एक समग्र समझौता विभाजित किया जा सकता है और धारा 80-O के अंतर्गत आता है जो कि टुकड़ा कहा प्रावधान का लाभ दिया जा सकता है.

परिपत्र नग 187 और अधिनियम की धारा 80 ओ के तहत कटौती के लिए पात्र होने के लिए एक समग्र समझौते के एक हिस्से से 253 विचार आय दोनों.  दो परिपत्रों के बीच का अंतर पहले परिपत्र में जबकि यह है कि यह ठीक से पता लगाने और विचार की राशि निर्धारित करने के लिए संभव नहीं था, तो स्वीकृति प्रदान करने के लिए नहीं किया गया था कि प्रदान किया गया है.यह पता है कि कैसे, कोई सन्निकटन या लगता है कि काम के लिए प्रावधान करने के लिए सम्बद्ध ध्यान के निर्धारण के लिए, वहाँ के लिए किया गया था.  ध्यान ठीक से ascertainable और से निर्धारण किया जाना था.  बाद में सर्कुलर नंबर 253, तथापि, यह ठीक से पता लगाने या विचार की राशि निर्धारित करने के लिए संभव नहीं था, भले ही मंजूरी दे दी जाएगी, बशर्ते कि.  अब ध्यान में समझौते की समग्रता लेकर गैर योग्यता सेवाओं के लिए उपयुक्त पाबंदी नहीं होगी कि प्रदान करके, बोर्ड आकलन के लिए एक निश्चित राशि का हुक्म था कि संकेत दिया.  आयकर कानून में, यह अच्छी तरह से कर के अधीन हो सकता है जो लाभ या आय का अनुमान किया जा सकता है कि, खाते की पुस्तकों को अस्वीकार कर दिया जाता है, उदाहरण के लिए, मान्यता प्राप्त है.  एक समान सिद्धांत बाद में सर्कुलर नंबर 253 में शामिल किया गया है लगता है.  बाद में यह सर्कुलर नंबर 253 में यह स्पष्ट रूप से क्या पाबंदी के लिए हकदार होगा "रॉयल्टी का संतुलन, फीस, आदि" है कि प्रदान की जाती है कि नोट करने के लिए, हालांकि, उचित है. दूसरे शब्दों में, स्वीकार्य है जो राशि रॉयल्टी और शुल्क और नहीं कुछ और प्रकृति में हो रहा है.  यह धारा 80-O के प्रावधानों के अनुरूप है.  धारा 80-O के तहत कटौती के रूप में अनुमति दी जानी है, जो एक समग्र समझौते में उल्लिखित विचार का एक समेकित राशि से बाहर है, अलग तरह से भी लगभग आंकड़ा यह डाल करने के लिए रॉयल्टी, फीस या कमीशन और नहीं कुछ और प्रकृति में हो गया है.

अपने सर्कुलर नंबर 187 और सर्कुलर नंबर 253 में बोर्ड द्वारा समझ के रूप में महत्वपूर्ण सवाल है, तथापि, "एक समग्र समझौता" क्या है? अनुच्छेद 3 (नौ) धारा 80-O (जैसे, ट्रेड मार्क, उपकरणों की आपूर्ति, आदि का उपयोग) के दायरे से बाहर के मामलों में शामिल हैं जो प्रयोजनों के लिए विचार के रूप में एक समेकित राशि का उल्लेख "एक समग्र समझौते के उस प्रकार को संदर्भित करता है .. . "(जोर जोड़ा).पैरा 3 (नौ) के इस भाग को दो परिपत्रों बात कर रहे थे, जो करने के लिए एक समग्र समझौते के प्रकार को इंगित करता है.कहा परिपत्रों एक टर्नकी परियोजना के निष्पादन लेकिन धारा 80-O के अंतर्गत आते हैं, जो समझौते के प्रावधानों के कुछ अन्य प्रावधानों से अलग किया जा सकता था, जहां एक के लिए भेजा समग्र समझौते के लिए उपलब्ध कराने के लिए एक समग्र समझौते का जिक्र नहीं किया गया उदाहरण के लिए, आदि व्यापार के निशान, उपकरणों की आपूर्ति का उपयोग  यह अन्य बातों के साथ, निम्न क्वेरी के लिए एक जवाब देने के लिए एक आवेदक की आवश्यकता है, जो अनुमोदन के लिए आवेदन का प्रपत्र के अनुरूप है:

'6. यदि हां, तो समझौते की धारा 80-O (जैसे, व्यापार चिह्न या माल की आपूर्ति का उपयोग) में शामिल उन लोगों के अलावा किसी और सेवाओं की तकनीकी पता है कि कैसे या प्रतिपादन की आपूर्ति के लिए प्रदान करता है, उन्हें निर्दिष्ट और भी विचार की राशि कृपया प्राप्य / उन के संबंध में प्राप्त की. '

इसलिए, दो परिपत्रों में करने के लिए भेजा जाता है जो समग्र समझौते धारा 80-O द्वारा विचार जानकारी, आदि, के लिए प्रदान करने के अलावा भारतीय कंपनी द्वारा उपलब्ध बनाने या आदि, सामग्री देने के लिए प्रदान करता है जो इस तरह है.  दो परिपत्रों किसी भी तरह धारा 80-O के प्रावधानों के द्वारा कवर किया जा रहा है के रूप में एक टर्नकी परियोजना के निष्पादन का उल्लेख नहीं है. (पीपी 201-203)

वस्तुओं और चीजों की आपूर्ति के साथ ही धारा 80-O द्वारा और जिसके लिए कवर किया गया था, जिनमें से कुछ तकनीकी पता है कि कैसे वहाँ था, जहां बोर्ड के उक्त परिपत्र में भेजा गया था, जो समग्र समझौते के प्रकार था रॉयल्टी की राशि , कमीशन या शुल्क ascertainable था.  परिपत्र में यह समझौते से ही धारा 80-O के क्षेत्र में आने वाले मामलों से संबंधित विचार निर्धारित करने के लिए असंभव है, जहां एक बांध या पानी निर्माण के निर्माण की तरह एक परियोजना के निष्पादन शामिल है जो एक प्रकार का एक समग्र समझौता मनन नहीं किया.  कहा परिपत्रों एक समेकित राशि देय था, जहां एक की स्थिति पर विचार किया और यह धारा 80-O के दायरे से बाहर के मामलों का मूल्य निर्धारण और कुल देय विचार और उसके एवज में चित्रा से ही बाहर करने के लिए आसान हो जाएगा करने के लिए संबंधित के रूप में माना जाएगा मामले को धारा 80-O के दायरे के भीतर गिरने. "(पी. 204)

में समझाया - ब्लू स्टार लिमिटेड में सीबीडीटी [1993] 67 वी. चुंगी लगानेवाला 430 (Bom.), abovesaid परिपत्र निम्नलिखित अवलोकन के साथ समझाया गया था:

"समग्र समझौतों के मामले में बोर्ड मूल रूप से 23-12-1975 सर्कुलर नं 187 जारी किए हैं.  उस परिपत्र 30-4-1979 को एक सर्कुलर नंबर 253 के द्वारा संशोधित किया गया है.  30-4-1979 के सर्कुलर में पैरा 3, अन्य बातों के साथ एक समेकित राशि धारा 80-O के दायरे से बाहर के मामलों में शामिल हो सकता है जो ध्यान के रूप में उल्लेख किया गया है, जिसमें एक समग्र समझौते से संबंधित है.पिछले परिपत्र के तहत यह यह ठीक से पता लगाने और पता है कि कैसे या के प्रावधान से सम्बद्ध ध्यान की राशि निर्धारित करने के लिए संभव नहीं था अगर बोर्ड धारा 80-O के प्रयोजनों के लिए इस तरह के एक समझौते को मंजूरी नहीं हो सकता है कि कहा गया था धारा 80-O के तहत पात्रता आदि तकनीकी सेवाओं,.  30-4-1979 के परिपत्र, तथापि, पी में बाहर सेट. 566 इसके बाद से इस तरह के मामलों में अनुमोदन गैर योग्यता सेवाओं के लिए एक उपयुक्त पाबंदी को बोर्ड अधीन द्वारा प्रदान किया जाएगा कि निर्णय लिया गया है कि राज्य को ध्यान में समझौते की समग्रता लेने के बाद, इतना है कि रॉयल्टी का संतुलन / धारा 80-O द्वारा कवर सेवाओं के लिए है जो आदि फीस,,, 'छूट दी जा सकती है.

इस परिपत्र सीआईटी [1992] वी. महाद्वीपीय कंस्ट्रक्शन लिमिटेड के मामले में उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुमोदित किया गया है 195 आईटीआर 81/60 चुंगी लगानेवाला 429 (पृष्ठ 132 पर) और सुप्रीम कोर्ट .... बोर्ड है, ने कहा है कि धारा 80-O के तहत मंजूरी देते समय खुद के लिए तैयार है, हम धारा 80-O .... तहत छूट की उपलब्धता के रूप में एक बहुत विस्तृत और प्रमुख शासन, काफी वैध तरीके से और ठीक से लगता है, बोर्ड ही नहीं है अधिकार क्षेत्र भी है लेकिन धारा 80-O के तहत के लिए प्रदान की कटौती करने के लिए प्रासंगिक सभी कोणों से अनुमोदन के लिए प्रस्तुत समझौते की जांच की और उस में धारा 80-O के तहत कटौती के लिए दावा की maintainability के सवाल करने के लिए विभाग को सक्षम नहीं है कि जिम्मेदारी पहलुओं के संबंध में चला गया है और बोर्ड द्वारा निर्णय लिया.सुप्रीम कोर्ट ने यह भी स्पष्ट आवेदक पर आकलन कर रही है जबकि यह सभी कार्यों का मूल्यांकन अधिकारी वंचित नहीं करता कि बना दिया है.  अधिकारी राहत का दावा किया है जो के संबंध में मात्रा मात्रा में सूत्र के अनुसार पर पहुंचे हैं कि खुद (मैं) को संतुष्ट करने के लिए है, सिद्धांत या आधार निर्धारिती के आवेदन में बताया गया है और बोर्ड ने मंजूरी दे दी; (Ii) कटौती प्रासंगिक निर्धारण वर्ष में दावा किया है कि आइटम से संबंधित है, और छूट के लिए आवेदन के लिए कहा और बोर्ड द्वारा प्रदान की गई थी जिसके आधार पर, के लिए Referable है.इन कार्यों में से दूसरा, प्रत्येक मूल्यांकन के प्रयोजनों के लिए ठोस आंकड़े में अनुवाद किया जाना है सिद्धांत रूप में दी गई छूट के लिए अनुमोदन के रूप में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है. "

निर्दिष्ट - ऊपर परिपत्र दिनांक 23-12-1975 DCIT [1992] 40 वी. एम. एन दस्तूर एंड कंपनी लिमिटेड में करने के लिए भेजा गया था आईटीडी 521 (Cal. - ट्राई बी.), निम्नलिखित टिप्पणियों के साथ:

"9. धारा 80-O के प्रावधानों के दोहरे उद्देश्य 'भारतीय तकनीकी जानकारी और विदेशी मुद्रा संसाधनों की वृद्धि के निर्यात को प्रोत्साहित कर रहे हैं'. यह 23 दिसंबर 1975 दिनांक सीबीडीटी के सर्कुलर नंबर 187 में भर्ती कराया गया है. धारा के प्रावधानों इसलिए विधायिका के उद्देश्य और इरादे हार होगी जो एक तरीके से लगाया जा सकता. एक तर्कसंगत निर्माण विधायी मंशा को प्रभावी करना होगा. इस प्रकार के उद्देश्यों को संतुष्ट कर रहे हैं दोनों जब एक भी मामले में, कटौती अनुभाग 80AB का प्रावधान करने के लिए पाठ्यक्रम की विषय अनुमति दी जानी चाहिए. इस प्रकार, किसी भी कोण से माना जाता है, कटौती को ध्यान में भारत में किए गए खर्च लेने के बिना परिवर्तनीय विदेशी मुद्रा के रूप में भारत में लाया आय पर अनुमति दी जानी है. . . . . "(पी. ५२७ )

में समझाया - ओबेराय होटल वी. सीबीडीटी (भारत) (पी)लिमिटेड [1988] 97 चुंगी लगानेवाला 453 सीबीडीटी की 23-12-1975 को अपील महाद्वीपीय कंस्ट्रक्शन लिमिटेड मामले सर्कुलर नंबर 187 में सुप्रीम कोर्ट के फैसले को देखते हुए शायद कुछ परिवर्तन की आवश्यकता हो सकती है कि टिप्पणियों के साथ (अनुसूचित जाति) के लिए यह इतनी के रूप में धारा 80-O के अनुरूप हो.