133 : अधिसूचना: 133 जारी करने की तिथि: 5/4/2004
अधिसूचना सं.
133
अधिसूचना तिथि
05/04/2004
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
05/04/2004
अधिसूचना नहीं : 133
धारा (ओं) भेजा : धारा 10 (23 सी)
जारी करने की तारीख : 2004/05/04
2004 की अधिसूचना संख्या 133, डीटी. 5 अप्रैल 2004
आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 के खंड के उपखंड (वी) (23 सी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए, केन्द्रीय सरकार एतद्द्वारा, "Srimadujjayini Saddharma Simhasaana श्री Taraiabalu जगद्गुरु Brihanmath सूचित करता है Sirigere, कर्नाटक "मूल्यांकन वर्षों के लिए कहा उपखंड के प्रयोजन के लिए 2002-2003 अर्थात् निम्न शर्तों के अधीन 2004-2005 तक: -
(मैं) निर्धारिती अपनी आय को लागू करने, या पूरी तरह से और विशेष रूप से वस्तुओं के लिए, आवेदन के लिए जमा करेंगे, जिसके लिए यह की स्थापना की है;
(Ii) निर्धारिती निवेश करने या किसी भी एक में से अन्य बुद्धिमान ऊपर उल्लेख किया मूल्यांकन वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्षों के दौरान किसी भी अवधि के लिए (आभूषण, फर्नीचर आदि के रूप में प्राप्त की और बनाए रखा स्वैच्छिक योगदान के अलावा अन्य) अपने फंड जमा नहीं करेंगे (5) की धारा 11 की उप - धारा में निर्दिष्ट रूपों या मोड का या अधिक;
व्यापार में इस तरह के व्यापार के संबंध में बनाए रखा है निर्धारिती और खातों की अलग पुस्तकों के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है जब तक कि (iii) इस अधिसूचना, किसी भी आय से किया जा रहा लाभ और व्यापार के लाभ के संबंध में लागू नहीं होगा;
(Iv) निर्धारिती नियमित रूप से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर प्राधिकरण से पहले अपनी आय का रिटर्न फाइल करेंगे;
(V) विघटन की स्थिति में अपने अधिशेष और संपत्ति समान उद्देश्यों के साथ एक धर्मार्थ संगठन को दिया जाएगा कि.
F.No. 197/40/2004-ITA-I

