आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

122

परिपत्र की तिथि

19/10/1973

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

19/10/1973

परिपत्र सं. 122, 19-10-1973 दिनांकित

200 आयकर नियमों के नियम 3 (G) - घरेलू नौकरों की सेवाओं के कारण perquisibte का मूल्यांकन

1 बोर्ड के निर्देश सं 133 [एफ सं 40/25/69-IT (ऐ), दिनांकित 1969/10/12 (अनुबंध) माली, रात चौकीदार और सफाई की सेवाओं के कारण कर्मचारी के हाथ में कर योग्य दस्तूरी नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई प्रदान करता है कि ऐसा करना चाहिए निम्नलिखित तदर्थ आधार पर गणना की जा: -

(मैं) स्वीपर - वास्तविक मजदूरी या रुपये का 75 फीसदी. जो भी कम हो 60 बजे,;

(Ii) माली; और

(Iii) चौकीदार - वास्तविक मजदूरी या रुपये का 50 फीसदी. जो भी कम हो 60 बजे,.

प्र.20. बोर्ड कर्मचारी से लगे सफाई कर्मचारी के वेतन से नियोक्ता द्वारा प्रतिपूर्ति ऊपर अनुदेश द्वारा कवर किया जाता है कि क्या स्पष्ट करने के लिए प्रतिनिधित्व प्राप्त हुआ है.

(3)1969/10/12 दिनांकित बोर्ड के निर्देश सं 133,, सफाई कर्मचारी की सेवाएं नियोक्ता द्वारा ही प्रदान की जाती है जब लागू है, यानी, सफाई कर्मचारी नियोक्ता द्वारा भर्ती और वेतन उसके द्वारा लेकिन उसकी सेवाओं के निपटान में रखा जाता है कर्मचारी.  इसलिए, कर्मचारी से लगे सफाई कर्मचारी, माली या चौकीदार की मजदूरी की प्रतिपूर्ति कर्मचारी के हाथों में "वेतन" से आय के रूप में पूरी तरह से कर योग्य है.

परिपत्र: नहीं 662, 27-9-1993 दिनांकित.

स्पष्टीकरण 1

1मैं बोर्ड के निर्देश सं 133 के संदर्भ में आमंत्रित करने के लिए निर्देशित कर रहा हूँ [एफ सं 40/25/69-IT (एआई)], दिनांक 10 - उपरोक्त विषय पर 12-1969 (अनुबंध).

प्र.20. कानून मंत्रालय के साथ परामर्श में बोर्ड एक विशेषाधिकार के रूप में कर्मचारियों के कब्जे में नियोक्ताओं और से संबंधित भवनों की माली को वेतन का भुगतान की कर देयता का सवाल फिर से जांच की गई.  धारा 17 (2) (चतुर्थ) शब्द "विशेषाधिकार" "लेकिन इस तरह के भुगतान के लिए निर्धारिती द्वारा किया गया देय होगा जो किसी भी दायित्व के संबंध में नियोक्ता द्वारा भुगतान किसी भी राशि 'भी शामिल है कि प्रदान करता है.इसलिए, लागू करने के लिए इस परिभाषा के लिए, स्थिति नियोक्ता पैसे से बाहर रखा था, कर्मचारी खुद को ऐसा करने के लिए बाध्य किया जाना चाहिए था कि होना चाहिए.  एक व्यक्ति पर सभी एक माली होने में दिलचस्पी नहीं हो सकता और वह बगीचे घास को चलाने की अनुमति दे सकता है.  दूसरी ओर, वह खुद बगीचे पर बड़ी रकम बाहर रखा गया हो सकता है और एक से अधिक माली कार्यरत है जो एक उत्साही माली हो सकता है. एक माली बगीचे बनाए रखने के लिए मुख्य रूप से एक दृश्य के साथ नियोक्ताओं द्वारा नियोजित और वह इमारत किसी भी कर्मचारी के कब्जे में है या नहीं, सेवाओं renders है.  उसके विचार में, यह घर के रखरखाव और किसी भी मामले में नियोक्ता पर ध्यान दिए बिना इमारत पर कब्जा कर लिया या खाली किया गया था कि क्या इस तथ्य का किया होता जो मैदान के बराबर है.  जैसे, नियोक्ता द्वारा एक माली के वेतन पर खर्च की गई राशि, लेकिन इस तरह के भुगतान के लिए, कर्मचारी द्वारा किया गया देय होगा जो किसी भी दायित्व के संबंध में नियोक्ता द्वारा भुगतान एक राशि का प्रतिनिधित्व नहीं करता.  कर्मचारियों के हाथों में लगाया जा रहा है कि राशि का औचित्य साबित करने के लिए इतनी के रूप में इस तरह के रूप में एक माली को वेतन का भुगतान एक विशेषाधिकार के रूप में नहीं माना जा सकता.हालांकि, एक माली के रखरखाव के माध्यम से किए गए खर्च आयकर नियम, 1962 के नियम 3 के तहत नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई किराया मुक्त आवास के मूल्य का आकलन करने के प्रयोजनों के लिए ध्यान में रखा जा सकता है.

(3) 1969/10/12 दिनांकित बोर्ड के निर्देश सं 133, ऊपर हद तक संशोधित खड़ा ऊपर पैरा 1 [अनुलग्नक] में भेजा.

परिपत्र: नहीं 122 [एफ सं 200/3/72-IT (एआई)], 19-10-1973 दिनांकित.

उपभवन - निर्देश के पैरा 1 नहीं. स्पष्टीकरण में निर्दिष्ट 133, दिनांक 1969/10/02

"लेफ्टिनेंट नियोक्ता द्वारा उपलब्ध कराई माली, रात चौकीदार और सफाई की सेवाओं के कारण कर्मचारी के हाथ में कर योग्य दस्तूरी, निम्नलिखित तदर्थ आधार पर गणना की जानी चाहिए कि बोर्ड द्वारा निर्णय लिया गया है:

स्वीपर: वास्तविक मजदूरी या रुपये का 75 फीसदी. जो भी कम हो 60 प्रति माह,.

माली: वास्तविक मजदूरी या रुपये का 50 फीसदी. 60 प्रति माह, जो भी "कम है

चौकीदार.