आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

114

अधिसूचना तिथि

18/04/2006

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

18/04/2006

अधिसूचना: 114 जारी करने की तिथि: 18/4/2006

अधिसूचना सं. 114/2006, 18-4-2006 दिनांक

आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 के खंड के उपखंड (वी) (23 सी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्र सरकार एतद् द्वारा सूचित कि ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई भी आय "श्री गोकर्ण Parthagali Jeevotham मठ, मुंबई" (बाद में 'संस्था' के रूप में) की निम्न शर्तों के अधीन, मूल्यांकन साल 2002-2003 2004-2005 के लिए निर्धारणीय के रूप में ऐसे व्यक्ति की कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा अर्थात्: -

(मैं) इंस्टीट्यूशन, अपनी आय को लागू करने, या आवेदन के लिए जमा करेंगे पूर्ण और विशेष रूप से यह स्थापित किया है और अपनी आय के अधिक से पंद्रह फीसदी जमा है, जहां एक मामले में. पर या अप्रैल के 1 दिन के बाद किया जाता है जिसके लिए वस्तुओं के लिए , 2002, किसी भी मामले में पांच साल से अधिक नहीं होगी अपनी आय का पंद्रह प्रतिशत से अधिक राशि के संचय की अवधि;

(Ii) इंस्टीट्यूशन निवेश करने या किसी भी एक या में से अन्यथा ऊपर उल्लेख किया मूल्यांकन वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्षों के दौरान किसी भी अवधि के लिए (आभूषण, फर्नीचर आदि के रूप में प्राप्त की और बनाए रखा स्वैच्छिक योगदान के अलावा अन्य) अपने फंड जमा नहीं करेंगे (5) धारा 11 की उप - धारा में निर्दिष्ट रूपों या मोड के अधिक;

व्यापार में इस तरह के व्यापार के संबंध में बनाए रखा है इंस्टीट्यूशन और खाते से अलग पुस्तकों के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है जब तक कि (iii) इस अधिसूचना, किसी भी आय से किया जा रहा लाभ और व्यापार के लाभ के संबंध में लागू नहीं होगा;

(Iv) संस्था नियमित रूप से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर प्राधिकरण से पहले अपनी आय का रिटर्न फाइल करेंगे;

(V) उस संस्था के विघटन अपने अधिशेष और संपत्ति की घटना में इसी तरह के उद्देश्यों के साथ एक संगठन को दी जाएगी.

यह सूचना केवल संस्था की ओर से आय के प्राप्तकर्ताओं को और न कोई अन्य रसीद या ऐसे प्राप्तकर्ताओं की आय पर लागू होता है. कर देयता, या, अन्यथा, संस्था की आय का अलग से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा.

[F.No. 197/108/2005-ITA-I]