111 : अधिसूचना: 111 जारी करने की तिथि: 5/4/2006
अधिसूचना सं.
111
अधिसूचना तिथि
05/04/2006
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
05/04/2006
अधिसूचना सं. 111/2006, 2006/05/04 दिनांक
आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 के उपखंड (चतुर्थ) खंड (23 सी) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्र सरकार एतद् द्वारा सूचित कि ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई भी आय "स्वदेशी जागरण फाउंडेशन, नई दिल्ली '(बाद में' संस्था 'के रूप में) की निम्नलिखित शर्तों के अधीन, 2006-2007 के लिए 2004-2005 मूल्यांकन वर्षों के लिए निर्धारणीय के रूप में ऐसे व्यक्ति की कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा : -
(मैं) संस्था के लिए वस्तुओं के लिए पूर्ण और विशेष रूप से, अपनी आय को लागू करने, या आवेदन के लिए जमा करेंगे जो यह स्थापित है और अपनी आय के अधिक से पंद्रह फीसदी पर या अप्रैल, 2002 के 1 दिन बाद जमा है, जहां एक मामले में, अपनी आय का पंद्रह प्रतिशत से अधिक राशि के संचय की अवधि करेगा किसी भी हालत में पांच वर्ष से अधिक;
(Ii) इंस्टीट्यूशन निवेश करने या किसी भी एक या में से अन्यथा ऊपर उल्लेख किया मूल्यांकन वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्षों के दौरान किसी भी अवधि के लिए (आभूषण, फर्नीचर आदि के रूप में प्राप्त की और बनाए रखा स्वैच्छिक योगदान के अलावा अन्य) अपने फंड जमा नहीं करेंगे (5) धारा 11 की उप - धारा में निर्दिष्ट रूपों या मोड के अधिक;
व्यापार में इस तरह के व्यापार के संबंध में बनाए रखा है इंस्टीट्यूशन और खाते से अलग पुस्तकों के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है जब तक कि (iii) इस अधिसूचना, किसी भी आय से किया जा रहा लाभ और व्यापार के लाभ के संबंध में लागू नहीं होगा;
(Iv) संस्था नियमित रूप से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर प्राधिकरण से पहले अपनी आय का रिटर्न फाइल करेंगे;
(V) उस संस्था के विघटन अपने अधिशेष और संपत्ति की घटना में इसी तरह के उद्देश्यों के साथ एक संगठन को दी जाएगी.
यह सूचना केवल संस्था की ओर से आय के प्राप्तकर्ताओं को और न कोई अन्य रसीद या ऐसे प्राप्तकर्ताओं की आय पर लागू होता है. कर देयता, या, अन्यथा, संस्था की आय का अलग से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा.
[F.No. 197/113/2005-ITA-I]

