आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

102

अधिसूचना तिथि

28/03/2007

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

28/03/2007

अधिसूचना: 102 जारी करने की तिथि: 28/3/2007
अधिसूचना सं. 102/2007, 28-3-2007 दिनांक

यह इस संगठन Kuppuswami शास्त्री अनुसंधान संस्थान, चेन्नई खंड के प्रयोजनार्थ (तीन) के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है कि सामान्य जानकारी के लिए अधिसूचित किया है की उपधारा (1), 1961 आयकर अधिनियम की धारा 35 के आयकर नियम के आर ules 5C और 5D, 1962 के साथ पठित, (अधिनियम) ने कहा कि आंशिक रूप से निम्नलिखित के अधीन अनुसंधान गतिविधियों में लगे हुए 'अन्य संस्था' की श्रेणी में 2003/01/04 से प्रभावी (नियम) ने कहा कि स्थितियां, अर्थात्: -
  1. अनुमोदित संगठन के लिए भुगतान रकम वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए उपयोग किया जाएगा;
  2. अनुमोदित संगठन अपने संकाय सदस्यों या उसके नामांकित छात्रों के माध्यम से सामाजिक विज्ञान में बाहर ले जाएगा;
  3. अनुमोदित संगठन खाते की पुस्तकों को बनाए रखने और उप - धारा को स्पष्टीकरण के रूप में परिभाषित एक लेखाकार द्वारा लेखा परीक्षा की ऐसी किताबें मिल जाएगा (2) ने कहा कि अधिनियम की धारा 288 के और विधिवत के लिए हस्ताक्षर किए और इस तरह के एकाउंटेंट द्वारा सत्यापित ऐसे ऑडिट की रिपोर्ट प्रस्तुत आयकर या आयकर (1) ने कहा कि अधिनियम की धारा 139 की उपधारा के तहत आयकर रिटर्न प्रस्तुत की नियत तारीख तक, मामले पर अधिकार क्षेत्र होने के निदेशक के आयुक्त;
  4. संगठन प्राप्त दान की एक अलग बयान रखेगा और सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान और विधिवत लेखा परीक्षक द्वारा प्रमाणित ऐसे बयान की एक प्रति के लिए आवेदन मात्रा में ऊपर उल्लेख लेखा परीक्षा की रिपोर्ट साथ करेगा.
प्र.20.      केन्द्र सरकार की मंजूरी को वापस लेने जाएगा अनुमोदित संगठन है: -
(क) से (ग) अनुच्छेद 1 के उप अनुच्छेद में निर्दिष्ट खाते की पुस्तकों को बनाए रखने में विफल रहता है; या
(ख) अनुच्छेद 1 के उप पैरा (iii) में निर्दिष्ट अपनी ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहता है; या
(ग) दान के अपने बयान प्रस्तुत करने के लिए प्राप्त विफल रहता है और सामाजिक विज्ञान या सांख्यिकीय अनुसंधान के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए आवेदन रकम (चतुर्थ) अनुच्छेद 1 के उप अनुच्छेद में निर्दिष्ट; या
(घ) प्रामाणिक पाया नहीं कर रहे हैं अपने अनुसंधान गतिविधियों या अपने अनुसंधान गतिविधियों पर ले जाने के लिए रहता है; या
(ई) के अनुरूप है और (1) ने कहा कि अधिनियम की धारा 35 के उक्त नियमों के नियम 5C और 5E के साथ पठित उपधारा के खंड के प्रावधानों (तीन) के साथ पालन करने के लिए रहता है.
[F.No.203/68/2004/ITA-II]