098 : अधिसूचना: 98 जारी करने की तिथि: 28/3/2007
अधिसूचना सं.
098
अधिसूचना तिथि
28/03/2007
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
28/03/2007
अधिसूचना सं. 98/2007, 28-3-2007 दिनांक
411 030 (ग) उप - धारा (1) के आय की धारा 35 के खंड के प्रयोजन के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अनुमोदित किया गया है - यह इस संगठन ज्ञाना प्रबोधिनी Samshodhan संस्था (JPSS), पुणे कि सामान्य जानकारी के लिए अधिसूचित किया है कर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) ने कहा कि, आर ules 5C और आयकर नियमों के 5D, 1962 के साथ पठित आंशिक रूप से अनुसंधान में लगे हुए 'अन्य संस्था' की श्रेणी में 2004/1/4, से प्रभावी (नियम) ने कहा कि अर्थात् निम्न शर्तों के अधीन गतिविधियों: -
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अनुमोदित संगठन के लिए भुगतान रकम वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए उपयोग किया जाएगा;
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अनुमोदित संगठन अपने संकाय सदस्यों या उसके नामांकित छात्रों के माध्यम से सामाजिक विज्ञान के लिए बाहर ले जाएगा;
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अनुमोदित संगठन खाते की पुस्तकों को बनाए रखने और उप - धारा को स्पष्टीकरण के रूप में परिभाषित एक लेखाकार द्वारा लेखा परीक्षा की ऐसी किताबें मिल जाएगा (2) ने कहा कि अधिनियम की धारा 288 के और विधिवत के लिए हस्ताक्षर किए और इस तरह के एकाउंटेंट द्वारा सत्यापित ऐसे ऑडिट की रिपोर्ट प्रस्तुत आयकर या आयकर (1) ने कहा कि अधिनियम की धारा 139 की उपधारा के तहत आयकर रिटर्न प्रस्तुत की नियत तारीख तक, मामले पर अधिकार क्षेत्र होने के निदेशक के आयुक्त;
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संगठन प्राप्त दान की एक अलग बयान को बनाए रखने और सामाजिक विज्ञान में अनुसंधान और विधिवत लेखा परीक्षक ऊपर उल्लेख लेखा परीक्षा की रिपोर्ट साथ करेगा द्वारा प्रमाणित ऐसे बयान की एक प्रति के लिए आवेदन मात्रा जाएगा;
प्र.20. केन्द्र सरकार की मंजूरी को वापस लेने जाएगा अनुमोदित संगठन है: -
(क) से (ग) अनुच्छेद 1 के उप अनुच्छेद में निर्दिष्ट खाते की पुस्तकों को बनाए रखने में विफल रहता है; या
(ख) अनुच्छेद 1 के उप पैरा (iii) में निर्दिष्ट अपनी ऑडिट रिपोर्ट प्रस्तुत करने में विफल रहता है; या
(ग) दान के अपने बयान प्रस्तुत करने के लिए प्राप्त विफल रहता है और सामाजिक विज्ञान या सांख्यिकीय अनुसंधान के क्षेत्र में अनुसंधान के लिए आवेदन रकम (चतुर्थ) अनुच्छेद 1 के उप अनुच्छेद में निर्दिष्ट; या
(घ) प्रामाणिक पाया नहीं कर रहे हैं अपने अनुसंधान गतिविधियों या अपने अनुसंधान गतिविधियों पर ले जाने के लिए रहता है; या
(ई) के अनुरूप है और (1) ने कहा कि अधिनियम की धारा 35 के उक्त नियमों के नियम 5C और 5D के साथ पठित उपधारा के खंड के प्रावधानों (तीन) के साथ पालन करने के लिए रहता है.
[F.No.203/54/2006/ITA-II]

