आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

09/2012

परिपत्र की तिथि

17/10/2012

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

17/10/2012

परिपत्र सं. 09/2012, 17-10-2012 दिनांक

स्रोत पर कर की कटौती - - ठेकेदारों और उप ठेकेदारों को भुगतान - आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 194C गैस के विक्रेता के लिए प्राकृतिक गैस के क्रेता द्वारा गैस परिवहन शुल्क के भुगतान पर स्रोत पर कर की कटौती

सर्कुलर नंबर 9/2012 [एफ सं 275/11/2012-IT (ख)], 17-10-2012 दिनांकित

उपक्रम गैस के विक्रेताओं के लिए प्राकृतिक गैस के खरीदारों से भुगतान गैस परिवहन शुल्क पर स्रोत पर कर कटौती के मामले में पेश आ रही कठिनाइयों पर उद्योग के विभिन्न वर्गों से प्राप्त किया गया है.

प्र.20. माननीय गुजरात उच्च न्यायालय कर अपील सं में कृषक भारती कोऑपरेटिव लिमिटेड वी. सीआईटी (टीडीएस) के मामले में 2011/12/07 दिनांकित 2010 ख़बरदार आदेश की 618, आयोजित किया गया है कि के रूप में सवाल है कि क्या गैस ट्रांसपोर्टेशन का भुगतान गैस वितरण कंपनियों के लिए प्राकृतिक गैस के खरीदारों द्वारा प्रभार आयकर अधिनियम, 1961 (अधिनियम) या नहीं के अध्याय XVII बी के प्रावधान के तहत कवर किया जाता है, केवल बीच समझौते की शर्तों के आधार पर पता लगाया जा सकता है गैस वितरण कंपनी और प्राकृतिक गैस के खरीदार. आदेश के ऑपरेटिव भाग में, माननीय न्यायालय उपरोक्त मामले के तथ्यों में, खरीद समझौते और गैस की बिक्री के लिए है कि कहते हैं. गैस की ढुलाई पूरी बिक्री लेन - देन का ही एक हिस्सा है. इस तरह के एक अनुबंध को आगे बढ़ाने में क्या कदम उठाए गए थे नीचे पाइप लाइन बिछाने और इस तरह के पाइप लाइन के माध्यम से गैस की आपूर्ति. गैस का मालिकाना हक स्पष्ट रूप से विक्रेता से गैस के परिवहन के गैस की बिक्री के लिए अनुबंध के निष्पादन की दिशा में एक कदम था और के लिए कोई अनुबंध नहीं था जो दर्शाता है कि प्रसव के बिंदु पर खरीदार करने पर पारित होगा कि पार्टियों का एक स्पष्ट समझ नहीं थी माल की ढुलाई. न्यायालय ने गैस की ढुलाई ही गैस की बिक्री के लिए अनुबंध को आगे बढ़ाने में था. माननीय उच्च न्यायालय तो अधिनियम की धारा 194C के तहत परिकल्पित है और इसलिए इस तरह के एक मामले के रूप में इस तरह के एक मामले में गैस की आपूर्ति एक 'निर्माण अनुबंध के तहत' एक 'बिक्री के लिए अनुबंध के तहत' और नहीं है फैसला किया है कि प्रावधान हैं टीडीएस लागू नहीं.

(3) इस मामले में बोर्ड द्वारा जांच की गई है. ; (एक गैस वितरण कम्पनी हो सकता है) गैस के मालिकों / विक्रेता - इस उद्योग में मुख्य हितधारकों रहे हैं गैस (गैस के मालिकों / विक्रेता या किसी तीसरे पक्ष / दलों हो सकता है) और गैस के खरीदारों / अंत उपयोगकर्ताओं के ट्रांसपोर्टर. गैस की मालिक / विक्रेता क्रेता को या तो क्रेता के परिसर में या किसी भी मध्यवर्ती बिंदु पर प्रसव के बिंदु पर गैस का स्वामित्व हस्तांतरण कर सकते हैं.

(4) चाहे वह (क्रेता के लिए गैस का मालिकाना हक एक साथ स्थानांतरित कर रहा है जहां वितरण, बिक्री के बिल को ऊपर उठाने के तरीके की बात तक खरीदार को गैस transports के रूप में मामले में गैस के मालिक / विक्रेता के रूप में अच्छी तरह से बेचता है कि स्पष्ट किया जाता है परिवहन शुल्क गैस की कीमत में एम्बेडेड या अलग से दिखाया गया है) अनिवार्य रूप से एक 'बिक्री के लिए अनुबंध' और नहीं अधिनियम की धारा 194C में परिकल्पित रूप में एक 'निर्माण अनुबंध' बनी हुई है, जो इस तरह के अनुबंध की बुनियादी प्रकृति को बदल नहीं कर रहे हैं. इसलिए ऐसी परिस्थितियों में, अधिनियम के अध्याय XVII बी के प्रावधानों गैस की मालिक / विक्रेता को क्रेता द्वारा भुगतान गैस परिवहन शुल्क के घटक पर लागू नहीं हैं. मालिक / विक्रेता द्वारा गैस के परिवहन के विभिन्न साधनों के प्रयोग की स्थिति में परिवर्तन नहीं होगा.

प्र.5. यह या तो, गैस की एक तिहाई पार्टी ट्रांसपोर्टर के लिए भुगतान किया है कि परिवहन शुल्क का उल्लेख करना अनावश्यक है गैस या किसी भी अन्य व्यक्ति की गैस या क्रेता के मालिक / विक्रेता द्वारा, उचित अधिनियम के प्रावधानों और टीडीएस द्वारा नियंत्रित किया जाता रहेगा लागू दरों पर तीसरी पार्टी के लिए इस तरह के भुगतान पर छूट दी जाएगी.

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