आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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अधिसूचना सं.

056

अधिसूचना तिथि

22/02/2007

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

22/02/2007

अधिसूचना: 56 जारी करने की तिथि: 22/2/2007

अधिसूचना सं. 56/2007, 22-2-2007 दिनांक


आयकर अधिनियम, 1961 (1961 का 43) की धारा 10 के खंड (23 सी) के उपखंड (चतुर्थ) द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए केन्द्र सरकार एतद् द्वारा सूचित कि ओर से किसी भी व्यक्ति द्वारा प्राप्त कोई भी आय के "भारत के सिटी मिशन, सीएमआई बाल गृह, पुष्पा विहार कालोनी, एसवी रोड, Ambewadi, पीबी नं 8249, दहिसर, मुंबई 400 068, महाराष्ट्र मुंबई" (बाद में "संस्था") की कुल आय में शामिल नहीं किया जाएगा अर्थात् निम्न शर्तों के ऐसे व्यक्ति के विषय है: -

  1. संस्था अपनी आय को लागू करने, या पूरी तरह से और विशेष रूप से यह स्थापित किया है और अपनी आय के अधिक से पंद्रह फीसदी पर जमा है, जहां एक मामले में है, जिसके लिए वस्तुओं के लिए या अप्रैल, 2002 की अवधि के 1 दिन के बाद, आवेदन के लिए जमा करेंगे अपनी आय का पंद्रह प्रतिशत से अधिक राशि के संचय के किसी भी मामले में पांच साल से अधिक नहीं होगी;

  2. संस्था के किसी भी एक या अधिक की तुलना में अन्यथा ऊपर उल्लेख किया मूल्यांकन वर्षों के लिए प्रासंगिक पिछले वर्षों के दौरान किसी भी अवधि के लिए (आदि आभूषण, फर्नीचर, के रूप में प्राप्त की और बनाए रखा स्वैच्छिक योगदान के अलावा अन्य) अपने फंड का निवेश या जमा नहीं करेंगे धारा 11 की उप - धारा (5) में निर्दिष्ट रूपों या मोड;

  3. व्यापार संस्था और खाते से अलग किताबें इस तरह के व्यापार के संबंध में बनाए रखा है के उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए प्रासंगिक है जब तक इस अधिसूचना, किसी भी आय से किया जा रहा लाभ और व्यापार के लाभ के संबंध में लागू नहीं होगा;

  4. संस्था नियमित रूप से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार आयकर प्राधिकरण से पहले अपनी आय का रिटर्न फाइल करेंगे;

  5. संस्था का विघटन, अपने अधिशेष और परिसंपत्तियों की स्थिति में है कि इसी तरह के उद्देश्यों के साथ एक संगठन को दी जाएगी.

  6. खंड 288 की उप धारा (2) नीचे दिये गये स्पष्टीकरण में परिभाषित किया और आयकर रिटर्न के साथ प्रस्तुत के रूप में संस्थान अपने खातों एक लेखाकार द्वारा लेखा परीक्षा हो जाएगी.निर्धारित प्रपत्र में इस तरह के ऑडिट की रिपोर्ट विधिवत हस्ताक्षरित और सत्यापित तरह के मुनीम से और निर्धारित किया जा सकता है के रूप में इस तरह के ब्यौरे आगे की स्थापना.

प्र.20. यह सूचना केवल संस्था की ओर से आय के प्राप्तकर्ताओं को और न कोई अन्य रसीद या ऐसे प्राप्तकर्ताओं की आय पर लागू होता है. कर देयता या, अन्यथा संस्था की आय का अलग से आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधानों के अनुसार विचार किया जाएगा.

(3) इस अधिसूचना निर्धारण वर्ष 2006-07 और उसके बाद के लिए लागू है.

(4) ऊपर अधिसूचना यह बाद में संस्था की गतिविधियों वास्तविक नहीं हैं या कि पाया जाता है, तो केंद्र सरकार द्वारा रद्द कर किया जा सकता है कि वे इसे अधिसूचित किया गया था अधीन जो करने के लिए शर्तों के सभी या किसी के साथ अनुसार किया जाता नहीं कर रहे हैं.

[एफ सं 197/99/2006-ITA-I]