पैन आयकर विभाग द्वारा जारी एक दस-अंको की अद्धितीय अक्षरांकीय संख्या है। पैन एक परत चढ़े प्लास्टिक कार्ड के रूप में जारी किया जाता है (आमतौर पर पैनकार्ड के रूप में जाना जाता है। इस भाग में आप पैन से सम्बंधित विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 

 

“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

 

 

 

स्थायी खाता संख्या (पैन)

शामिलकिएजानेवालेपैनकेविभिन्नपहलु

  • पैन क्या है?
  • पैन की उपयोगिता
  • पैन किसे प्राप्त करना होता है?
  • लेनदेन जिनमें पैन अनिवार्य है
  • पैन के लिए आवेदन कैसे करें?
  • पैन कार्ड में कोई भी गलती कैसे सुधारें या पैन से संबंधित किसी डेटा में कोई बदलाव किस प्रकार सूचित करें?
  • एक से अधिक पैन रखने की अनुमति नहीं
  • पैन कार्ड खो जाने पर और पैन भूल जाने पर, पैन कैसे जानें?
  • पैन के प्रावधानों का अनुपालन न करने पर जुर्माना

पैन क्या है?

पैन, आयकर विभाग द्वारा जारी, दस अंकों की एक अद्वितीय अक्षरांकीय संख्या है। पैन, एक लैमिनेटेड प्लास्टिक कार्ड के रूप में जारी किया जाता है जैसा कि नीचे दिया गया है (जिसे आमतौर पर पैन कार्ड के रूप में जाना जाता है):

अब हम पैन के दस वर्णों की संरचना पर चर्चा करेंगे। इस उद्देश्य के लिए, हम एक उदाहरण स्वरूप पैन लेगें जैसा की नीचे दिए गया है:

पहले पांच शब्दों में से, पहले तीन अक्षर AAA से ZZZ तक चलने वाली वर्णमाला श्रृंखला का प्रतिनिधित्व करते हैं।

पैन का चौथा शब्द पैन धारक की स्थिति व्यक्त करता है।

"P" का अर्थ है व्यक्ति

"C" का अर्थ है कंपनी

"H" का अर्थ है (हिंदू अविभक्त परिवार) HUF

"A" का अर्थ है (व्यक्तियों का संघ) AOP

"B" का अर्थ है (व्यक्तियों का निकाय) BOI

"G" का अर्थ है सरकारी एजेंसी

"J" का अर्थ है न्यायिक कृत्रिम व्यक्ति

"L" का अर्थ है स्थानीय प्राधिकरण

"F" का अर्थ है फर्म/ सीमित देयता भागीदारी

"T" का अर्थ है न्यास

पैन का पांचवां शब्द, एक व्यक्ति के मामले में पैन धारक के अंतिम नाम/उपनाम के पहले शब्द को दर्शाता है। गैर-व्यक्ति पैन धारकों के मामले में, पांचवां शब्द पैन धारक के नाम का पहला अक्षर दर्शाता है।

अगले चार शब्द, 0001-9999 के बीच की अनुक्रमिक संख्या होती है।

अंतिम शब्द, अर्थात, दसवां शब्द एक अक्षरात्मक जांच अंक है।

पैन की उपयोगिता

 

पैन विभाग के साथ पैन धारक के सभी लेनदेन को पहचानने जोड़ने हेतु विभाग को सक्षम बनाता है। इन लेनदेन में कर भुगतान, टीडीएस/टीसीएस ऋण, आय विवरणी, निर्दिष्ट लेनदेन पत्र व्यवहार आदि शामिल हैं। यह निर्धारिती की सूचना की आसानी से दुबारा प्राप्त करने तथा पैन धारक के विभिन्न निवेशों, उधार तथा अन्य व्यापार संबंधी गतिविधियों की सुविधा देते हैं।

पैन किसे प्राप्त करना होता है?

पैननिम्न द्वारा प्राप्तकियाजानाहै:

  • प्रत्येक व्यक्ति यदि उसकी कुल आय अथवा अन्य किसी व्यक्ति की कुल आय जिसके संबंध में वह पिछले वर्ष के दौरान निधारणीय है, उस अधिकतम राशि से अधिक, जो कर हेतु वसूलनीय नहीं है
  • एक धर्मार्थ न्यास जिसे धारा 139(4क) के अंतर्गत विवरणी प्रस्तुत करना अनिवार्य हो
  • प्रत्येक व्यक्ति द्वारा जो किसी भी व्यवसाय या पेशे में संलग्न है जिसकी कुल बिक्री, करोबार या सकल प्राप्तियां किसी भी पिछले वर्ष में पांच लाख रुपये से अधिक है या होना संभावित है।
  • प्रत्येक व्यक्ति जो निर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन में प्रवेश करने चाहता है जिसमें पैन उद्धृत करना अनिवार्य है।
  • प्रत्येक अनिवासी व्यक्ति और उससे संबंधित व्यक्तियों को पैन के लिए आवेदन करना होगा अगर वित्त वर्ष के दौरान उनके द्वारा किया गया वित्तीय लेनदेन रू. 2,50,000 से अधिक होता है

लेनदेनजिनमेंपैनउद्धृतकरनाअनिवार्यहै

निम्नलिखित लेनदेन जिसमें पैन का उद्धृतीकरण प्रत्येक व्यक्ति द्वारा अनिवार्य है केवल केंद्र सरकार, राज्य सरकार तथा वाणिज्यदूतावास कार्यालयों को छोड़कर

1 दो दोपहिया वाहनों के अलावा किसी मोटर वाहन या वाहन की बिक्री या खरीद।

2 बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक के साथ खाता खोलना (बिंदु सं. 12 पर संदर्भित सावधि जमा तथा साधारण बचत बैंक खाते को छोड़कर)

3 क्रेडिट कार्ड या डेबिट कार्ड जारी करने के लिए आवेदन करने में।

4 निक्षेपागार, भागीदार, प्रतिभूतियों का संरक्षक अथवा सेबी के साथ अन्य किसी व्यक्ति के साथ डिमैट अकाउंट को खोलना

5 किसी भी एक समय में होटल व रेस्तरां को उसके बिलों के लिए 50,000 से अधिक राशि का भुगतान

6 किसी भी एक समय में, किसी भी विदेश की यात्रा के संबंध में या किसी विदेशी मुद्रा की खरीद के लिए भुगतान के संबंध में पचास हजार रुपए से अधिक राशि का नकद में भुगतान।

7 किसी म्युचुअल फंड को उसकी इकाइयों की खरीद के लिए पचास हजार रुपये या इससे अधिक की राशि का भुगतान।

8 किसी कंपनी या संस्थान द्वारा जारी किए गए ऋणपत्रों या बॉण्डों के अधिग्रहण के लिए पचास हजार रुपये या इससे अधिक की राशि का भुगतान।

9 भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी बांड को अधिग्रहित करने के लिए पचास हजार रुपये या इससे अधिक की राशि का भुगतान।

10 एक बैंकिंग कंपनी अथवा सहकारी बैंक में किसी एक दिन के दौरान के साथ पचास हजार रुपए से अधिक का जमा ।

10क) एक बैंकिंग कंपनी, सहकारी बैंक या डाकघर के साथ 09 नवंबर 2016 से 30 दिसंबर 2016 की अवधि के दौरान रू. 2,50,000 से अधिक की कुल नकद राशि को जमा करना।

11 एक बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक से बैंक ड्राफ्ट या पे ऑर्डर या बैंकर चेक की खरीद के लिए किसी भी एक दिन के दौरान रू. 50,000 से अधिक की राशि का नकद में भुगतान ।

12 निम्न के साथ वित्त वर्ष के दौरान रू. 50,000 अथवा कुल रू. 5 लाख से अधिक की कुल राशि का सावधि जमा

(i) एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक

(ii) एक डाकघर

(iii) कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 406 में संदर्भित एक निधि अथवा

(iv) एक गैर-बैंकिंग वित्त कंपनी

13 एक बैंकिंग कंपनी अथवा एक सहकारी बैंक अथवा अन्य किसी कंपनी अथवा संस्थान को भुगतान तथा निपटान पद्धति अधिनियम, 2007 की धारा 18 के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी प्री-पेड भुगतान दस्तावेज के निगर्मन तथा संचालन के लिए नीति निर्देशों में परिभाषितानुसार एक अथवा एक से अधिक प्री-पेड भुगतान के लिए वित्त वर्ष में कुल रू. 50,000 अथवा उससे अधिक की राशि के बैंक ड्राफ्ट अथवा पे आर्डर अथवा बैंकर्स चेक के रूप में अथवा नकद में भुगतान ।

14 एक बीमाकर्ता को जीवन बीमा प्रीमियम के रूप में एक वर्ष में पचास हजार रुपए या उससे अधिक की कुल राशि का भुगतान।

15 प्रतिभूतियों (शेयर को छोड़कर) की बिक्री या खरीद के लिए एक लाख रुपये प्रति लेनदेन से अधिक मूल्य का एक अनुबंध।

16 रू. 1 लाख प्रति लेनदेन से अधिक की राशि के लिए एक प्राधिकृत शेयर बाजार में गैर-सूचीबद्ध कंपनी के शेयर की किसी व्यक्ति द्वारा बिक्री अथवा खरीद।

17 दस लाख रूपए से अधिक की राशि पर अधिनियम की धारा 50ग में संदर्भित स्टांप मूल्यांकन प्राधिकरण द्वारा मूल्यांकित अथवा रू. 10 लाख से अधिक की राशि की किसी अचल संपत्ति की खरीद अथवा बिक्री।

18 रू. दो लाख प्रति लेनदेन से अधिक की राशि के लिए उक्त निर्दिष्ट को छोड़कर किसी रूप के उत्पाद अथवा सेवाओं की बिक्री अथवा खरीद।

टिप्पणी :

1) नाबालिग व्यक्ति अपने पिता अथवा माता अथवा अविभावक के पैन को उद्धृत कर सकता है बशर्ते उसके पास आयकर हेतु वसूलनीय कोई राशि न हो ?

2) एक व्यक्ति, जिसके पास पैन नहीं है तथा उक्त लेनदेन करता है तो प्रपत्र सं. 60 में घोषणा कर सकता है

3) पैन का उद्धृतीकरण बिंदु सं. 3 अथवा 5 अथवा 6 अथवा 9 अथवा 11 अथवा 13 अथवा 18 में संदर्भित लेनदेन में गैर-निवासी द्वारा आपेक्षित नहीं है

4) कोई व्यक्ति जो बैंकिंग कंपनी या एक सहकारी बैंक में एक खाता रखता है (बिंदु सं. 12 में संदर्भित सावधि जमा और एक साधारण बचत बैंक जमा खाता को छोड़कर) तो उसे 30.06.2017 को या उससे पहले अपने पैन या प्रपत्र सं. 60 को प्रस्तुत करना आवश्यक है यदि उसने ऐसे खाते को खोलते समय या बाद में प्रपत्र सं. 60 को प्रस्तुत नहीं किया है या अपने पैन को उद्धृत नहीं किया है

पैन के लिए आवेदन कैसे करें?

आयकर विभाग ने यूटीआई इंफ्रास्ट्रक्चर टेक्नोलॉजी एवं सर्विसेज लिमिटेड (यूटीआईआईटीएसएल) और प्रोटीयन सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड (प्रोटीयन) को पैन सेवा केन्द्रों की स्थापना व प्रबंधन के लिए अधिकृत किया है। यूटीआईआईटीएसएल और प्रोटीयन ने भारत के प्रमुख शहरों में विभिन्न स्थानों पर पैन सेवा केंद्रों और टिन सुविधा केंद्रों की स्थापना की है(इन केंद्रों का हम यूटीआईआईटीएसएल/प्रोटीयन पैन आवेदन केंद्र के रूप में उल्लेख करेगें)।

इस प्रकार, पैन प्राप्त करने का इच्छुक व्यक्ति यूटीआईआईटीएसएल या प्रोटीयन के आवेदन केंद्र पर संबंधित दस्तावेजों और निर्धारित शुल्क के साथ पैन आवेदन फार्म (फार्म 49क/49कक) जमा करके पैन के लिए आवेदन कर सकता है। यूटीआईआईटीएसएल या प्रोटीयन की वेबसाइट से ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है।

धारा 139कक के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जो आधार प्राप्त करने के योग्य है उसे प्रभावी तिथि 1 जुलाई 2017 से अपने पैन आवेदन में अपनी आधार संख्या को बताना आवश्यक है। यदि किसी व्यक्ति के पास आधार संख्या नहीं है लेकिन उसने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया हुआ है तो वह आधार आवेदन पत्र की नामांकन आईडी को उद्धृत कर सकता है।

हालांकि, धारा 139कक के प्रावधान उस व्यक्ति के लिए लागू नहीं होंगे जिसके पास आधार कार्ड या नांमांकन आईडी नहीं है और जो

i) इनमें से किसी भी राज्य में रहता हो असम, जम्मू और कश्मीर और मेद्यालय

ii) आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार गैर-निवासी

iii) पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक की आयु का हो यानी अति वरिष्ठ नागरिक

iv) भारत का नागरिक न हो

इसलिए, पैन आवेदन पत्र में अपनी आधार संख्याको उद्धृत करना एक व्यक्ति (जैसा ऊपर अधिसूचित है) के लिए आवश्यक नहीं होगा।

आवेदक की स्थिति में, कंपनी के नाते, जो कंपनी अधिनियम, 2013 के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हुआ है, स्थाई खाता संख्या के आवंटन के लिए आवेदन कंपनी के निगमन के लिए कथित अधिनियम की धारा 7 की उप-धारा (1) के अंतर्गत निर्दिष्ट नमूने - आईएनसी -32 में किया जा सकता है।

एक निवासी व्यक्ति फार्म 49क में पैन हेतु आवेदन करेगा तथा विदेशी कंपनी सहित एक गैर-निवासी व्यक्ति फार्म 49कक में पैन के आवंटन हेतु आवेदन करेगा

व्यक्तिगत आवेदक को पैन आवेदन प्रपत्र पर दो नवीनतम रंगीन फोटोग्राफ (स्टांप आकार 3.5 सेमी X 2.5 सेमी) चिपकानी होगी

निर्धारित दस्तावेज को 'पहचान' 'पता' तथा 'जन्म तिथि' के तौर पर प्रस्तुत करना है

आयकर विभाग के संबंधित निर्धारण अधिकारी का पद तथा कोड पैन आवेदन पत्र में निर्दिष्ट किया जाएगा

यूटीआईआईटीएसएल या एनएसडीएल के पैन आवेदन केन्द्र जिन पर पैन आवेदन प्रस्तुत किया जा सकता है, के पते, फोन नंबर आदि निम्न से प्राप्त किये जा सकते हैं:

  • आयकर विभाग की वेबसाइट: www.incometaxindia.gov.in
  • यूटीआईआईटीएसएल की वेबसाइट: www.utiitsl.com
  • एनएसडीएल की वेबसाइट: www.tin-nsdl.com

त्वरित पैन

आयकर विभाग ने ई-दाखिलीकरण पोर्टल पर एक नई सेवा शुरू की है जो निर्धारिती को उनके आधार नंबर के आधार पर पैन आवंटित करता है।

इस सुविधा का लाभ केवल तभी लिया जा सकता है अगर निम्नलिखित शर्तें पूरी होती हों :

क) अगर उसे कभी भी पैन आवंटित न हुआ हो

ख) उसका मोबाइल नंबर उसके आधार नंबर से लिंक हो

ग) आधार नंबर पर उसकी पूर्ण जन्म तिथि उपलब्ध हो और

घ) वह पैन आवेदन की तिथि पर नाबालिग नही होना चाहिए

इस सुविधा का प्रयोग करते हुए त्वरित पैन कैसे प्राप्त करें

  • https://www.incometaxindiaefiling.gov.in/home पर जाएं और दार्इं ओर दिए गए ‘आधार के माध्यम से त्वरित पैन’ लिंक पर क्लिक करें
  • पैन आवंटन के लिए अपना 12 अंकीय आधार नंबर डाले और जारी रखें पर क्लिक करें
  • आधार की जानकारी को प्रमाणित करने के लिए अपने आधार नंबर के साथ लिंक मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी को दर्ज करें
  • अन्य ब्यौरे डालें और ई-पैन को प्राप्त करने के लिए जमा करें

 

पैन कार्ड में कोई भी गलती कैसे सुधारें या पैन से संबंधित किसी डेटा में कोई बदलाव किस प्रकार सूचित करें?

  • पैन डाटा में परिवर्तन अथवा संशोधन, फार्म के सभी आवश्यक स्थान भरने तथा उचित स्थान जहां संशोधन आपेक्षित हैं के बाएं कोने पर ततस्थानी कोष्ठक का चयन करने के लिए
  • यदि आवेदन आवेदक के पैन संबंधित डाटा में किसी परिवर्तन के बिना पैन कार्ड के पुन-निगर्मन के लिए किया गया हैं तो प्रपत्र में सभी स्थान भरें लेकिन बाएं कोने पर किसी कोष्ठक का चयन न करें
  • पैन में किसी परिवर्तन अथवा संशोधन के लिए प्रतिवेदन अथवा पैन डाटा में किसी परिवर्तन के बिना पैन कार्ड के पुन: निगर्मन के लिए प्रतिवेदन की स्थिति में पत्राचार के लिए पता आवेदन में उपलब्ध कराए गए पत्राचार हेतु पते का प्रयोग करते हुए आईटीडी डाटाबेस में अपडेट किया जाएगा
  • पैन के निरस्तीकरण के लिए फार्म में सभी अनिवार्य स्थानों को भरें फार्म के उचित कॉलम में निरस्त किए जाने हेतु पैन को भरें तथा बाएं कोने पर चेक बॉक्स का चयन करें। निरस्त किए जाने के लिए पैन फार्म के टॉप पर निर्दिष्ट पैन(जो वर्तमान में प्रयोग हो रहा हो) के तौर पर समान नही होना चाहिए

एकसेअधिकपैनधारितकरनेकीअनुमतिनहीं

एक व्यक्ति एक से अधिक पैन नहीं रख सकता है। एक से अधिक पैन रखने पर, आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 272ख के तहत 10,000 /- रुपए का जुर्माना लगाया जा सकता है। यदि एक व्यक्ति को एक से अधिक पैन आवंटित किया गया है तो अतिरिक्त पैन कार्ड उसे तुरंत आत्मसमर्पित करना चाहिए।

आधार नंबर के साथ पैन की लिंकिंग

वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा आयकर अधिनियम, 1961 में एक नई धारा को शामिल किया गया है जिसके अनुसार हर उस व्यक्ति को प्रभावी तिथि 1 जुलाई, 2017 पैन के लिए आवेदन करने के दौरान या आय की विवरणी को प्रस्तुत करने के दौरान आधार को उद्धृत करना आवश्यक है जो आधार प्राप्त करने के योग्य है। यदि किसी व्यक्ति के पास आधार नंबर नहीं है लेकिन उसने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया हुआ है तो वह आईटीआर में आधार आवेदन पत्र की नामांकन (एनरोलमेंट) आईडी दे सकता है।

धारा 139कक आगे बताती है कि हर वह व्यक्ति जिसको 1 जुलाई, 2017 के अनुसार पैन आवंटित किया गया है और जो आधार नंबर को प्राप्त करने के योग्य है वह आयकर विभाग को 31/03/20221 को या उससे पहले अपने आधार नंबर की सूचना देगा। आधार नंबर की सूचना न देने पर व्यक्ति को दिया गया पैन ऐसी अधिसूचित तिथि के बाद निष्क्रिय हो जाएगा।

सीबीडीटी ने अधिसूचित2 किया है (अधिसूचना सं. 17/2022 दिनांक 29.03.2022 के द्वारा आयकर (तीसरा संशोधन) नियम, 2022 द्वारा शमिल नियम 114ककक(2) के परंतुक के साथ पठित परिपत्र सं. 07/2022, दिनांक 30.03.2022) कि पैन प्रस्तुत, सूचित या उद्धृत करने के लिए आयकर अधिनियम के अंतर्गत बताए गए परिणाम 01/07/2023 को प्रभावी होगा यदि पैन आधार के साथ इसके न जोड़ने के कारण निष्क्रिय हो गया है। हालांकि, करदाता को शुल्क देना होगा यदि 01.04.2022 से .30.06.2023 के बीच आधार के साथ लिंक किया गया हो।

1अधिसूचना सं. 113/2021, दिनांक 17.09.2021

2आदेश एफ.न. 370142/14/2022 टीपीएल, दिनांक 01.04.2023

 

आधार के साथ पैन को लिंक न करने के परिणाम

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने तरीका और परिणामों को निर्धारित करते हुए नियम 114ककक को अधिसूचित किया है यदि पैन निष्क्रिय हो जाता है। नियम 114ककक(3) बताता है कि जहां एक व्यक्ति जिसका पैन निष्क्रिय हो चुका है, तो उसे निम्नलिखित परिणाम भुगतने पड़ेगें

I. अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत देय किसी प्रकार की कर राशि या उसके हिस्से का प्रतिदाय नही किया जाएगा

II..ऐसी तिथि से प्रारंभ होने वाली अवधि के लिए ऐसे प्रतिदाय पर ब्याज देययोग्य नही होगा जब पैन निष्क्रिय हो जाता है और उस तिथि को समाप्त होने वाली तिथि जब यह सक्रिय हो जाता है

III.. जहां कर ऐसे व्यक्ति के मामले में अध्याय xviiख के अंतर्गत कटौतीपूर्ण है ऐसा कर धारा 206कक के प्रावधानों के अनुसार उच्च दर पर काटा जाएगा।

IV. जहां कर ऐसे व्यक्ति के मामले में अध्याय xviiख के अंतर्गत स्त्रोत पर संग्रहणीय है तो ऐसा कर धारा 206 कक के प्रावधानों के अनुसार उच्च दर पर एकत्रित किया जाएगा।

हालांकि, व्यक्ति विभाग को अपने आधार की सूचना देकर अपने पैन को दुबारा से सक्रिय कर सकता है।

आधार नंबर की सूचना से संबंधित गलती के लिए शुल्क

वित्त अधिनियम, 2021 में आधार नंबर की सूचना देने में गलती के लिए शुल्क वसूले जाने के लिए एक नई धारा 234ज को शामिल किया जा चुका है। यदि एक व्यक्ति को धारा 139कक के अंतर्गत अपने आधार की सूचना देना आवश्यक हो और ऐसा व्यक्ति ऐसा करने में विफल रहता है तो उसे ऐसी सूचना देते समय अधिक से अधिक रू. 1,000 का शुल्क, जैसा कि निर्धारित हो, देने के लिए उत्तरदायी होगा।

सीबीडीटी ने अधिसूचना सं. 17/2022, दिनांक 29.03.2022 के माध्यम से आधार को पैन के साथ लिंक न किए जाने पर निर्धारित शुल्क को वसूले जाने के लिए नियम 114 को संशोधित किया है। नियम 114(5क) के अनुसार, यदि एक व्यक्ति देय तिथि के बाद अपने आधार नंबर को सूचित करता है तो वह निम्न शुल्क देने के लिए उत्तरदायी होगा :

क) रू. 500 यदि ऐसी सूचना 01.04.2022 से 30.06.2022 के बीच दी जाती है और

ख) अन्य सभी मामलों में रू. 1,000

पैन के साथ आधार नंबर को कैसे लिंक करें ?

पैन के साथ आधार को लिंक करने के लिए निम्नलिखित तरीके बताए गए हैं :

(क) एसएमएस

निम्नलिखित प्रारूप में अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर से 567678 या 56161 पर एसएमएस भेजें

यूआईडीपैन <स्पेस><12 अंक का आधार नंबर><स्पेस><10 अंक का पैन>

उदाहरण के लिए यूआईडीपैन 123456789000 ईपीओपीईआई1234ई

(ख) ऑनलाइन

  • पैन सेवा प्रदाताओं की वेबसाइट (यानी https://tinpan.proteantech.in या www.utiitsl.com) पर जाकर। बटन ‘पैन के साथ आधार लिंक करें’ पर क्लिक करें यह लिंक आपको आयकर विभाग की वेबसाइट पर ले जाएगा।
  • ई-दाखिलीकरण वेबसाइट (यानी www.incometaxindiaefiling.gov.in) पर सीघे जाकर

कागजी विधि :

नामित पैन केंद्रों पर न्यूनतम शुल्क के साथ एक पेज के प्रपत्र को दाखिल करें। पैन कार्ड, आधार कार्ड की प्रतियां प्रस्तुत की जानी चाहिए।

पैन और आधार आयकर उद्देश्य के लिए अंत: परिवर्तनीय है

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139क विभिन्न शर्तों को निर्धारित करती है जिसके अंतर्गत एक निर्धारिती को पैन प्राप्त करना आवश्यक है। उसे आयकर विभाग के साथ सभी संप्रेषण और निर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन में डालने के लिए अपने पैन को निर्दिष्ट करने की आवश्यकता होगी।

हालांकि, ऐसी भी स्थितियां हो सकती है जहां एक व्यक्ति अति उच्च राशि के लेनदेन करता है जैसे कि बैंक से विदेशी मुद्रा की खरीद या बड़ी धन राशि निकालना लेकिन उसके पास पैन न हो। इसलिए, वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 को आधार के साथ पैन के विनिमेयता के लिए मुहैया कराया गया है। यह बताया गया है कि हर व्यक्ति जिसको आयकर अधिनियम के अंतर्गत अपने पैन को प्रस्तुत करना या सूचित करना या उद्धृत करना आवश्यक है और जिसको

क) एक पैन आवंटित न किया गया हो लेकिन आधार नंबर हो वह पैन के स्थान पर अपने आधार को प्रस्तुत या सूचित या उद्धृत कर सकता है। इसके अलावा, आयकर विभाग निर्धारित तरीके में ऐसे व्यक्ति को पैन आवंटित करेगा।

ख) एक पैन आवंटित किया गया हो और जो धारा 139कक के अनुसार पैन के साथ आधार नंबर को लिंक कर चुका हो, सभी लेनदेनों के लिए वहां पैन के स्थान पर अपने आधार नंबर को प्रस्तुत कर सकता है जहां आयकर अधिनियम के अनुसार पैन को प्रस्तुत करना आवश्यक हो

पैन या आधार से संबंधित प्रावधानों का अनुपालन न करने के लिए जुर्माना

धारा 272ख जुर्माने के लिए मुहैया कराई गई है यदि पैन के संबंध में प्रावधानों का अनुपालन करने में गलती होती है यानी पैन को प्राप्त, उद्धृत करने या प्रमाणीकृत करने में विफलता। जुर्माने की राशि प्रत्येक गलती के लिए रू. 10,000 होगी

जैसाकि वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 को पैन के साथ आधार के विनिमयशीलता के लिए उपलब्ध कराया गया है, धारा 272ख के दंडात्मक प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए है ताकि निम्नलिखित मामलों में प्रत्येक गलती के लिए रू. 10,000 का जुर्माना लगाया जा सके :

क) यदि निर्धारिती अपने पैन या आधार को उद्धृत या सूचित करने में असफल रहता है या अवैध पैन या आधार को प्रस्तुत या सूचित करता है

ख) यदि निर्धारिती निर्दिष्ट लेनदेनों में अपने पैन या आधार को प्रस्तुत या प्रमाणीकृत करने में असफल रहता है

ग) यदि निर्दिष्ट लेनदेनों के संदर्भ में दस्तावेजों के प्राप्तकर्ता (यानी बैंक, वित्तीय संस्थान आदि) सुनिश्चित करने में विफल रहते है कि पैन या आधार विधिवत रूप से उद्धृत और प्रमाणीकृत किया गया है

स्थाईखातासंख्यापरएमसीक्यू

प्रश्न 1. स्थाई खाता संख्या (पैन) आयकर विभाग द्वारा जारी एक............ अंकों की विशिष्ट अक्षरांकीय संख्या है

(क) बीस (ख) पंद्रह

(ग) दस (घ) पांच

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन आयकर विभाग द्वारा जारी एक दस अंकों की विशिष्ट अक्षरांकीय संख्या है। पैन लैमिनेटिड प्लास्टिक कार्ड (पैन कार्ड के रूप में प्रसिद्ध) के रूप में जारी की जाती है

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : विकल्प (ग) सही विकल्प है क्योंकि यह पैन का सही अंक विरचन देता है, पैन का गलत अंक विरचन देने वाले अन्य सभी विकल्प अर्थात् विकल्प (क), (ख) तथा (घ) सही नही है

प्रश्न 2. पहले ...............अक्षरों में से पहले तीन अक्षर एएए से जेडजेडजेड तक चलने वाली अक्षरात्मक श्रृंखला का प्रतिनिधित्व करतें है

(क) दस (ख) सात

(ग) पांच (घ) चार

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन आयकर विभाग द्वारा जारी एक दस अंकों की विशिष्ट अक्षरांकीय संख्या हैं। पैन लैमिनेटिड प्लास्टिक कार्ड (पैन कार्ड के रूप में प्रसिद्ध) के रूप में जारी की जाती हैं। पहले पांच अक्षरों में से पहले तीन अक्षर एएए से जेडजेडजेड तक चलने वाली अक्षरात्मक श्रृंखला का प्रतिधित्व करते हैं

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : विकल्प (ग) सही विकल्प है क्योंकि यह पैन का सही अंक संरचना देता है, पैन का गलत अंक संरचना देने वाले अन्य सभी विकल्प अर्थात् विकल्प (क), (ख) तथा (घ) सही नही है

प्रश्न 3. पैन का पांचवां अक्षर पैन धारक की स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन आयकर विभाग द्वारा जारी एक दस अंकों की विशिष्ट अक्षरांकीय संख्या है। पैन लैमिनेटिड प्लास्टिक कार्ड (पैन कार्ड के रूप में प्रसिद्ध) के रूप में जारी की जाती हैं। पहले पांच अक्षरों में से पहले तीन अक्षर एएए से जेडजेडजेड तक चलने वाली अक्षरात्मक श्रृंखला का प्रतिनिधित्व करते हैं। पैन का चौथा अक्षर पैन धारक की स्थिति का प्रतिनिधित्व करता है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है, इसलिए विकल्प (क) सही नहीं है

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 4. अंतिम अक्षर अर्थात् दसवां अक्षर ................. होता है

(क) अभिनिर्धारण (ख) चिन्ह

(ग) अक्षरात्मक जांच अंक (घ) संख्यात्मक जांच अंक

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन आयकर विभाग द्वारा जारी एक दस अंकों की विशिष्ट अक्षरांकीय संख्या है। पैन लैमिनेटिड प्लास्टिक कार्ड (पैन कार्ड के रूप में प्रसिद्ध) के रूप में जारी की जाती है। अंतिम अक्षर अर्थात् दसवां अक्षर एक अक्षरात्मक जांच अंक होता है

इसलिए, विकल्प (ग) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : विकल्प (ग) सही विकल्प है क्योंकि यह पैन की सही अंक संरचना है, पैन का गलत अंक संरचना देने वाले अन्य सभी विकल्प अर्थात् विकल्प (क), (ख) तथा (घ) सही नही हैं

प्रश्न 5. प्रत्येक व्यक्ति जिसे आय की विवरणी अथवा अन्य किसी व्यक्ति की ओर से आय की विवरणी को दाखिल करना आपेक्षित होता है को पैन प्राप्त करना होता है। ऐसे व्यक्तियों के अलावा अन्य किसी व्यक्ति को पैन प्राप्त करने की आवश्यकता नही होती

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन निम्नलिखित व्यक्तियों द्वारा प्राप्त किया जाना है

  • प्रत्येक व्यक्ति जिसे आय की विवरणी दाखिल करना आपेक्षित है अथवा किसी अन्य व्यक्ति की ओर से आय की विवरणी को दाखिल करना आपेक्षित है
  • प्रत्येक व्यक्ति जो किसी भी व्यवसाय या व्यापार में संलग्न है जिसकी कुल बिक्री, कारोबार या सकल प्राप्तियां किसी भी पिछले वर्ष के दौरान पांच लाख से अधिक होने की संभावना है
  • प्रत्येक व्यक्ति जो निर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन, जिसमें उसे पैन उद्धृत करना अनिवार्य है में प्रवेश करना चाहता है
  • प्रत्येक अनिवासी व्यक्ति और उससे संबंधित व्यक्तियों को पैन के लिए आवेदन करना होगा अगर वित्त वर्ष के दौरान उनके द्वारा किया गया वित्तीय लेनदेन रू. 2,50,000 से अधिक होता है

इसलिए प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (क) गलत विकल्प है

प्रश्न 6. एक से अधिक पैन प्राप्त करने की रोक नहीं है अर्थात् एक व्यक्ति एक से अधिक पैन रख सकता है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

एक व्यक्ति एक से अधिक पैन नहीं रख सकता। एक से अधिक पैन रखने पर आयकर अधिनियम 1961 की धारा 272ख के अंतर्गत रू. 10,000/- का जुर्माना लगाया जा सकता है

यदि एक व्यक्ति को एक से अधिक पैन आवंटित कर दिए हो तो उसे तुरंत अतिरिक्त पैन कार्ड को आत्मसमर्पित करना चाहिए

इसलिए प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए, विकल्प (ख) गलत विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए, विकल्प (क) गलत विकल्प है

प्रश्न 7. यदि एक व्यक्ति पैन (अर्थात् पैन प्राप्त करना, पैन उद्धृत करना आदि) के संबंधित प्रावधानों का अनुपालन के करने में विफल रहता है तो धारा .............. के अंतर्गत जुर्माना लगाया जा सकता है

(क) 272 (ख) 272क

(ग) 272ख (घ) 271

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 272ख जुर्माने के लिए मुहैया कराई गई है यदि पैन के संबंध में प्रावधानों का अनुपालन करने में गलती होती है यानी पैन को प्राप्त, उद्धृत करने या प्रमाणीकृत करने में विफलता। जुर्माने की राशि प्रत्येक गलती के लिए रू. 10000 होगी

जैसाकि वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 को पैन के साथ आधार के विनिमयशीलता के लिए उपलब्ध कराया गया है, धारा 272ख के दंडात्मक प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए है ताकि निम्नलिखित मामलों में प्रत्येक गलती के लिए रू. 10,000 का जुर्माना लगाया जा सके :

क) यदि निर्धारिती अपने पैन या आधार को उद्धृत या सूचित करने में असफल रहता है या अवैध पैन या आधार को प्रस्तुत या सूचित करता है

ख) यदि निर्धारिती निर्दिष्ट लेनदेनों में अपने पैन या आधार को प्रस्तुत या प्रमाणीकृत करने में असफल रहता है

ग) यदि निर्दिष्ट लेनदेनों के संदर्भ में दस्तावेजों के प्राप्तकर्ता (यानी बैंक, वित्तीय संस्थान आदि) सुनिश्चित करने में विफल रहते है कि पैन या आधार विधिवत रूप से उद्धृत और प्रमाणीकृत किया गया है

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : विकल्प (ग) सही विकल्प है क्योंकि यह सही प्रावधान प्रदान करता हैं, गलत प्रावधान देने वाले सभी अन्य विकल्प अर्थात् विकल्प (क), (ख) तथा (घ) सही नही है

प्रश्न 8. पैन प्राप्त करने के लिए आवेदन प्रपत्र.................. में किया जाना हैं (निवासी की स्थिति में)

(क) 49 (ख) 49क

(ग) 49 ख (घ) आईटीआर-1

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन प्राप्त करने वाला व्यक्ति यूटीआईआईटीएसएल अथवा एनएसडीएल के पैन आवेदन केंद्र पर निर्धारित शुल्क तथा संबंधित दस्तावेज सहित पैन आवेदन प्रपत्र (प्रपत्र 49क) को जमा कर पैन के लिए आवेदन कर सकता है

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : विकल्प (ख) सही विकल्प है क्योंकि यह सही प्रावधान प्रदान करता है, गलत प्रावधान देने वाले सभी अन्य विकल्प अर्थात् विकल्प (क), (ग) तथा (घ) सही नही हैं

प्रश्न 9. यूटीआईआईटीएसएल अथवा एनएसडीएल के पैन आवेदन केंद्र पर निर्धारित शुल्क तथा संबंधित दस्तावेज सहित पैन आवेदन प्रपत्र (प्रपत्र 49क/49कक) को जमा कर पैन के लिए कोई आवेदन कर सकता है। पैन के लिए ऑनलाइन आवेदन की स्वीकृति नहीं है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

पैन प्राप्त करने का इच्छुक व्यक्ति यूटीआईआईटीएसएल अथवा एनएसडीएल के पैन आवेदन केंद्र पर निर्धारित शुल्क तथा संबंधित दस्तावेज सहित पैन आवेदन प्रपत्र (प्रपत्र 49क/49कक) को जमा कर पैन के लिए आवेदन कर सकता है। यूटीआईआईटीएसएल अथवा एनएसडीएल की वेबसाइट से एक ऑनलाइन आवेदन भी किया जा सकता है

इसलिए प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

गलत उत्तर पर टिप्पणी : चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (क) गलत विकल्प है

प्रश्न 10 : कुछ ऐसे निर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन है जिनमें पैन को प्रस्तुत करना अनिवार्य है, यदि एक व्यक्ति लेनदेन करना चाहता है लेकिन उसके पास पैन नहीं है तो पैन के लिंक में आधार प्रस्तुत कर सकता है।

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर का प्रमाणीकरण :

आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 139क विभिन्न शर्तों को निर्धारित करती है जिसके अंतर्गत एक निर्धारिती को पैन प्राप्त करना आवश्यक है। उसे आयकर विभाग के साथ सभी संप्रेषण और निर्दिष्ट वित्तीय लेनदेन में डालने के लिए अपने पैन को निर्दिष्ट करने की आवश्यकता होगी।

हालांकि, ऐसी भी स्थितियां हो सकती है जहां एक व्यक्ति अति उच्च राशि के लेनदेन करता है जैसे कि बैंक से विदेशी मुद्रा की खरीद या बड़ी धन राशि निकालना लेकिन उसके पास पैन न हो। इसलिए, वित्त (सं.2) अधिनियम, 2019 को आधार के साथ पैन के विनिमेयता के लिए मुहैया कराया गया है। यह बताया गया है कि हर व्यक्ति जिसको आयकर अधिनियम के अंतर्गत अपने पैन को प्रस्तुत करना या सूचित करना या उद्धृत करना आवश्यक है और जिसको

ग) एक पैन आवंटित न किया गया हो लेकिन आधार नंबर हो वह पैन के स्थान पर अपने आधार को प्रस्तुत या सूचित या उद्धृत कर सकता है। इसके अलावा, आयकर विभाग निर्धारित तरीके में ऐसे व्यक्ति को पैन आवंटित करेगा।

घ) एक पैन आवंटित किया गया हो और जो धारा 139कक के अनुसार पैन के साथ आधार नंबर को लिंक कर चुका हो, सभी लेनदेनों के लिए वहां पैन के स्थान पर अपने आधार नंबर को प्रस्तुत कर सकता है जहां आयकर अधिनियम के अनुसार पैन को प्रस्तुत करना आवश्यक हो

इसलिए प्रश्न में दिया गया विवरण सही है और इसलिए, विकल्प (क) सही उत्तर है

सही उत्तर पर टिप्पणी : प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है, इसलिए, विकल्प (क) सही नहीं है।

प्रश्न 11 जम्मू-कश्मीर राज्य में रहने वाला एक व्यक्ति को पैन आवेदन पत्र में अपनी आधार संख्या को उद्धृत करना आवश्यक है

(क) सही (ख) गलत

गलत उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता : धारा 139कक के अनुसार, प्रत्येक व्यक्ति जो आधार को प्राप्त करने के योग्य है उसे प्रभावी तिथि 1 जुलाई 2017 से पैन आवेदन पत्र में अपनी आधार संख्या को उद्धृत करना आवश्यक है। यदि आधार संख्या नहीं रखता लेकिन उसने आधार कार्ड के लिए आवेदन किया था तो वह आधार आवेदन पत्र के नामांकन आईडी को उद्धृत कर सकता है।

हालांकि, धारा 139कक के प्रावधान उस व्यक्ति के लिए लागू नहीं होंगे जिसके पास आधार संख्या या नांमांकन आईडी नहीं है और जो

i) इनमें से किसी भी एक राज्य में रहता हो - असम, जम्मू-कश्मीर और मेघालय

ii) आयकर अधिनियम, 1961 के अनुसार एक अनिवासी

iii) पिछले वर्ष के दौरान किसी भी समय 80 वर्ष या उससे अधिक की आयु यानी अति वरिष्ठ नागरिक

iv) भारत का नागरिक न हो

इसलिए पैन आवेदन पत्र में अपनी आधार संख्या को उद्धृत करना जम्मू-कश्मीर राज्य में रहने वाले व्यक्ति के लिए अनिवार्य नहीं होगा

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है।