आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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परिपत्र सं.

परिपत्र सं. 21/2015 दिनांक 10.12.2015 का संशोधन

परिपत्र की तिथि

14/07/2017

दस्तावेज़ अपलोड की तिथि

14/07/2017

 परिपत्र सं. 21/2015 दिनांक 10.12.2015 का संशोधन

एफ.नं. 279/विविध-142/2007-आर्इटीजे-(पीटी)

भारत सरकार

वित्त मंत्रालय

राजस्व विभाग

केद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड

*****

 

नर्इ दिल्ली, 14 जुलार्इ, 2017

 

सेवा में,

सभी प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त

विषय : परिपत्र सं. 21/2015 दिनांक 10.12.2015 का संशोधन

महोदया/महोदय,

 

बोर्ड द्वारा संदर्भ प्राप्त किये गए हैं कि कुछ मामलों में अपीलीय प्राधिकारी ने परिपत्र सं. 21/2015, जो विभिन्न अपीलीय प्राधिकारियों के समक्ष अपील को दाखिल करने के लिए मौद्रिक सीमा को निर्धारित करता है, में परिभाषितानुसार "कर प्रभाव" की परिभाषा पर भरोसा करते हुए मामले की गहरार्इ को जाने बिना अपील को खारिज कर दिया है। कुछ स्थितियों में जहां आय 'कर प्रभाव' के निर्धारण के लिए धारा 115ञख या धारा 115ञग के प्रावधानों के अंतर्गत आंकी जाती है और धारा 115ञख या धारा 115ञग को छोड़कर प्रावधानों के अंतर्गत किए गए अतिरिक्त बही लाभ को प्रभावित नहीं करते तो अपीलीय प्राधिकारी परिपत्र सं. 21/2015 के पैरा 4 में परिभाषितानुसार "कर प्रभाव" के लिए कथित अतिरिक्त पर विचार नहीं कर रही। मामले को बोर्ड द्वारा जांचा गया हैं और निम्नलिखित पैरा परिपत्र सं. 21/2015 के पैरा 4 के बाद पैरा 4.1 के तौर पर पढ़ा जा सकता हैं।

"4.1 जहां आय 'कर प्रभाव' के निर्धारण के लिए धारा 115ञख या धारा 115ञग के प्रावधानों के अंतर्गत आंकी जाती हैं तो कुल मूल्यांकित आय पर कर निम्नलिखित सूत्र के हिसाब से आंका जाएगा

(क-ख) + (ग-घ)

जहां

क = धारा 115ञख या धारा 115ञग (यहां सामान्य प्रावधान कहा जाता हैं) में शामिल प्रावधानों के अलावा प्रावधानों के अनुसार मूल्यांकित कुल आय;

ख = कुल आय जो वसूलनीय होती सामान्य प्रावधानों के अनुसार मूल्यांकित कुल आय थी जिसे सामान्य प्रावधानों के अंतर्गत विवादित मुद्दों की राशि द्वारा कम किया गया;

ग = धारा 115ञख या धारा 115ञग में शामिल प्रावधानों के अनुसार मूल्यांकित कुल आय;

घ = कुल आय जो वसूलनीय होती धारा 115ञख या धारा सामान्य 115ञख में शामिल प्रावधानों के अनुसार मूल्यांकित कुल आय थी जिसे कथित प्रावधानों के अंतर्गत विवादित मुद्दों की राशि द्वारा कम किया गया;

हालांकि जहां विवादित मुद्दों की राशि को दोनो धारा 115ञख या धारा 115ञग में शामिल प्रावधानों के अंतर्गत और सामान्य प्रावधानों के अंतर्गत विचारा जाता हो तो ऐसी राशि मद घ के अंतर्गत राशि को निर्धारित करने के दौरान मूल्यांकित कुल आय से कम नहीं की जाएगी"

2. इसे आपके प्रभार के अंतर्गत सभी अधिकारियों की जानकारी में लाया जा सकता है

3. इसे बोर्ड के अनुमोदन के साथ जारी किया है

 

भवदीय

(डी.एस. राठी)

डीसीआर्इटी (ओएसडी)(आर्इटीआर्इ)

दूरभाष : 011-26882637

 

निम्न को प्रति

  1. अध्यक्ष, सदस्य और अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के सीबीडीटी में अन्य समस्त अधिकारी

  2. समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त व समस्त आयकर महानिदेशक - अपने अधिकारियों के ध्यान में लाने के अनुरोध के साथ

  3. एडीजी(पीआर, पीपी व ओएल), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली मेलिंग लिस्ट के अनुसार वितरण तथा त्रैमासिक कर बुलेटिन के मुद्रण के लिए

  4. भारतीय नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक

  5. सहायक आयकर महानिदेशक (सतर्कता), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली

  6. संयुक्त सचिव व कानूनी सलाहकार, विधि व न्याय मंत्रालय, नर्इ दिल्ली

  7. सभी आयकर महानिदशालय, नर्इ दिल्ली और डीजीआर्इटी (एनएडीटी), नागपुर

  8. आर्इटीसीसी (3 प्रतियां)

  9. विभागीय वेबसाइट पर प्रकाशित करने के लिए एडीजी (पद्धति)-IV

10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटा बेस प्रकोष्ठ

11. अनुवाद के लिए हिन्दी प्रकोष्ठ

12. गार्ड फाइल

(डी.एस. राठी)

डीसीआर्इटी (ओएसडी)(आर्इटीआर्इ)