आयकर विभाग
वित्त मंत्रालय, भारत सरकार
स्थायी खाता संख्या (पैन) एक दस अंकों की अक्षरांकीय संख्या है, जिसे आयकर विभाग द्वारा लैमिनेटेड कार्ड या ई-पैन के रूप में जारी किया जाता है..आगे देखें
UTIITSL या Protean eGov वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है।
पैन आवेदन केंद्र के माध्यम से -पैन के लिए आवेदन UTIITSL या Protean eGov के पैन आवेदन केंद्र पर जमा किया जा सकता है।
प्रपत्र
स्थाई खाता संख्या के लिए आवेदन
स्थाई खाता संख्या डेटा बदलें
उत्तर: एक बार प्राप्त किया गया पैन, पूरे भारत में पैन-धारक के जीवनकाल तक वैध रहता है। इसकी वैधता पते में परिवर्तन या निर्धारण अधिकारी आदि में परिवर्तन से प्रभावित नहीं होती है। हालांकि ,पैनडेटाबेस में किसी भी परिवर्तन (अर्थात् पैन प्राप्त करते समय दिए गए विवरण) की सूचना “नए पैन कार्ड के लिए अनुरोध या पैन डेटाबेस में परिवर्तन या सुधार” के लिए प्रपत्र में विवरण प्रस्तुत करके आयकर विभाग को दी जानी चाहिए।
उत्तर: कोई व्यक्ति एक से अधिक पैन नहीं रख सकता। यदि किसी व्यक्ति को पैन आवंटित किया गया है, तो वह दूसरा पैन प्राप्त करने के लिए आवेदन नहीं कर सकता। एक से अधिक पैन रखने पर आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 272ख के अंतर्गत 10,000 रुपए का दंड लगाया जा सकता है।
यदि किसी व्यक्ति को एक से अधिक पैन आवंटित किए गए हैं, तो उसे अतिरिक्त पैन कार्ड तुरंत अभ्यर्पित कर देना चाहिए।
उत्तर: हाँ, आपको अपना पैन कटौतीकर्ता अर्थात् कर की कटौती करने वाले व्यक्ति को सूचित करना चाहिए। 1 अप्रैल, 2010 से कटौतीकर्ताओं को पैन प्रस्तुत न करने पर 20% या उससे भी अधिक की बहुत ऊँची दर से स्रोत पर कर की कटौती की जाती है।
उत्तर: विवरणी केवल तभी दाखिल की जानी है, जब आप धारा 139 के अंतर्गत आय की विवरणी दाखिल करने के लिए उत्तरदायी हों।
पैन प्राप्त करने के बाद आय की विवरणी दाखिल करना अनिवार्य नहीं है।