कंपनियों के रजिस्टर से कंपनी का नाम हटाने के लिए रजिस्ट्रार की पावर
अध्याय XVIII
कंपनियों के नामों को कंपनियों की पंजिका से हटाना
कंपनी पंजी से कंपनी का नाम हटाने की पंजीयक को प्रदत्त शक्ति
248.(1) जहां पंजीयक के पास यह विश्वास करने का उचित कारण है-
| (क) | कोई कंपनी अपने निगमन के एक वर्ष के भीतर अपना व्यवसाय शुरू करने में विफल रही है; [या] | |
| (ख) | [***] | |
| (ग) | कोई कंपनी दो तत्काल पूर्ववर्ती वित्तीय वर्षों की अवधि के लिए कोई कारोबार या संचालन नहीं कर रही है और उसने [ धारा 455 ] के तहत निष्क्रिय कंपनी का दर्जा प्राप्त करने के लिए ऐसी अवधि के भीतर कोई आवेदन नहीं किया है; या] | |
| [ ( घ ) | ज्ञापन के अभिदाताओं ने वह अंशदान नहीं दिया है जिसका भुगतान करने का वचन उन्होंने कंपनी के निगमन के समय दिया था और इस आशय की घोषणा धारा 10क की उपधारा (1) के अधीन उसके निगमन के एक सौ अस्सी दिन के भीतर दाखिल नहीं की गई है; या | |
| (ङ) | कंपनी कोई कारोबार या परिचालन नहीं कर रही है, जैसा कि धारा 12 की उप-धारा (9) के तहत किए गए भौतिक सत्यापन के बाद पता चला है। ] |
वह कंपनी और कंपनी के सभी निदेशकों को कंपनी के रजिस्टर से कंपनी का नाम हटाने के अपने इरादे के बारे में एक नोटिस भेजेगा और उनसे अनुरोध करेगा कि वे नोटिस की तारीख से तीस दिनों की अवधि के भीतर प्रासंगिक दस्तावेजों की प्रतियों के साथ अपने अभ्यावेदन भेजें।
(2) उप-धारा (1) के उपबंधों पर प्रतिकूल प्रभाव डाले बिना, कोई कंपनी अपने सभी दायित्वों का उन्मूलन करने के पश्चात्, विशेष प्रस्ताव द्वारा या चुकता शेयर पूंजी के अनुसार पचहत्तर प्रतिशत सदस्यों की सहमति से, उपधारा (1) में विनिर्दिष्ट सभी या किन्हीं आधारों पर कंपनी का नाम कंपनियों के पंजीयक से हटाने के लिए पंजीयक को विहित तरीके से आवेदन कर सकती है और पंजीयक ऐसे आवेदन की प्राप्ति पर विहित तरीके से सार्वजनिक नोटिस जारी कराएगाः
बशर्ते कि किसी विशेष अधिनियम के तहत विनियमित कंपनी के मामले में, उस अधिनियम के तहत गठित या स्थापित नियामक निकाय का अनुमोदन भी प्राप्त किया जाएगा और आवेदन के साथ संलग्न किया जाएगा।
(3) उप-धारा (2) की कोई बात धारा 8 के अधीन पंजीकृत कंपनी पर लागू नहीं होगी।
(4) उप-धारा (1) या उपधारा (2) के अधीन जारी की गई सूचना, जनसाधारण की जानकारी के लिए निर्धारित तरीके से तथा राजपत्र में भी प्रकाशित की जाएगी।
(5) नोटिस में उल्लिखित समय की समाप्ति पर, रजिस्ट्रार, जब तक कि कंपनी द्वारा इसके विपरीत कारण नहीं दिखाया जाता है, कंपनी के नाम को कंपनियों के रजिस्टर से हटा सकता है, और आधिकारिक राजपत्र में इसकी सूचना प्रकाशित करेगा, और इस सूचना के आधिकारिक राजपत्र में प्रकाशन पर, कंपनी विघटित हो जाएगी।
(6) पंजीयक, उप-धारा (5) के अधीन आदेश पारित करने से पूर्व स्वयं को संतुष्ट करेगा कि कंपनी को देय समस्त रकम की वसूली के लिए तथा कंपनी द्वारा उचित समय के भीतर अपने दायित्वों और दायित्वों के भुगतान या निर्वहन के लिए पर्याप्त प्रावधान किया गया है और यदि आवश्यक हो तो कंपनी के प्रबंध निदेशक, निदेशक या प्रबंधन के प्रभारी अन्य व्यक्तियों से आवश्यक वचन प्राप्त करेगा:
बशर्ते कि इस उप-धारा में निर्दिष्ट उपक्रमों के होते हुए भी, कंपनी की आस्तियां, कंपनी के रजिस्टर से कंपनी का नाम हटाने के आदेश की तारीख के पश्चात भी, उसकी सभी देनदारियों और दायित्वों के भुगतान या उन्मोचन के लिए उपलब्ध कराई जाएंगी।
(7) प्रत्येक निदेशक, प्रबंधक या अन्य अधिकारी का, जो प्रबंध की किसी शक्ति का प्रयोग कर रहा था, तथा उपधारा (5) के अधीन विघटित कंपनी के प्रत्येक सदस्य का दायित्व, यदि कोई हो, जारी रहेगा तथा उसे इस प्रकार लागू किया जा सकता है मानो कंपनी विघटित ही न हुई हो।
(8) इस धारा की कोई बात न्यायाधिकरण की उस कंपनी को बंद करने की शक्ति पर प्रभाव नहीं डालेगी जिसका नाम कंपनियों के पंजिका से हटा दिया गया है।

