परिपत्र सं. 15/2022 : निर्धारण वर्ष 2018-19 और उसके बाद के वर्षों के लिए प्रपत्र सं. 10खख को दाखिल करने में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119(2)(ख) के अंतर्गत देरी के लिए क्षमा
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 15/2022
परिपत्र की तिथि
19/07/2022
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
19/07/2022
परिपत्र सं. 15/2022
एफ.नं. 197/89/2022-आईटीए-1
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नई दिल्ली, 19 जुलाई, 2022
विषय : निर्धारण वर्ष 2018-19 और उसके बाद के वर्षों के लिए प्रपत्र सं. 10खख को दाखिल करने में आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 119(2)(ख) के अंतर्गत देरी के लिए क्षमा - संबंधित
आयकर अधिनियम, 1961 (इसके बाद 'अधिनियम' के तौर पर संदर्भित) की धारा 119(2) के अंतर्गत अधिकारों का प्रयोग करते हुए फ.नं. 197/135/2020-आईटीए आई द्वारा जारी प्रपत्र सं. 19/2020 दिनांक 3 नबम्बर, 2020 को केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) प्राधिकृत करता हैं कि -
(i) निर्धारण वर्ष 2018-19 से पहले के वर्षों के लिए प्रपत्र सं. 10खख के प्रस्तुत करने में देरी के लिए क्षमा हेतु आवेदन के मामले में, आयकर आयुक्तों को अधिनियम की धारा 119(2)(ख) के अंतर्गत देरी की क्षमा के लिए आवेदन को स्वीकृत करने का अधिकार दिया गया है। प्रपत्र सं. 10खख को प्रस्तुत करते समय ऐसे आवेदनों पर विचार करते हुए आयुक्त खुद को संतुष्ट करेगा कि आवेदक को नियत समय के अंदर ऐसे प्रपत्र को प्रस्तुत करने का कोई उपयुक्त कारण था।
(ii) जहां निर्धारण वर्ष 2018-19 या उसके बाद के किसी निर्धारण वर्ष के लिए प्रपत्र सं. 10खख में 365 दिनों तक की देरी होती है तो आयकर आयुक्त को अधिनियम की धारा 119(2) के अंतर्गत देरी की माफी के ऐसे आवेदनों को स्वीकार करने और योग्यता के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार दिया गया है।
2. क्षेत्रीय प्राधिकारियों को दिए गए अधिकारों, जैसी ऊपर चर्चा की गई है, के अलावा सीबीडीटी एतद्द्वारा निर्देश देते हैं कि जहां निर्धारण वर्ष 2018-19 या उसके बाद के निर्धारण वर्ष के लिए प्रपत्र सं. 10खख को दाखिल करने में 365 दिनों से लेकर तीन वर्षों तक की देरी होती है तो प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/मुख्य आयकर आयुक्तों को अधिनियम की धारा 119(2) के अंतर्गत देरी की क्षमा के लिए ऐसे आवेदन को स्वीकृत करने और योग्यता के आधार पर निर्णय लेने का अधिकार दिया जाता है।
3. प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त/मुख्य आयुक्त या आयकर आयुक्त, जो भी मामला हो, प्रपत्र सं. 10खख में देरी की मांफी के लिए ऐसे आवेदनों पर विचार करते हुए आयुक्त खुद को संतुष्ट करेगा कि आवेदक को नियत समय के अंदर ऐसे प्रपत्र को प्रस्तुत करने का कोई उपयुक्त कारण था।
4. आगे, प्रधान मुख्य आयुक्त/मुख्य आयकर आयुक्त, जो भी हो, आवेदनों की प्राप्ति से तीन महीनों के अंदर आवेदनों को निरस्त कर सकता है।
(सौरभ जैन)
अवर सचिव (आईटीए-I)
निम्न को प्रति
1. एफएम का पीएस/एफएम का ओएसडी/एमओएस (आर) का पीएस/एमओएस (आर) का ओएसडी
2. राजस्व सचिव का पीएस
3. अध्यक्ष, सीबीडीटी व सभी सदस्य, सीबीडीटी
4. समस्त प्रधान मुख्य आयुक्त/प्रधान आयकर महानिदेशक
5. प्रधान मुख्य लेखा नियंत्रक, नई दिल्ली
6. समस्त संयुक्त सचिव/आयकर आयुक्त, सीबीडीटी
7. वेब मैनेजर, प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति) कार्यालय विभागीय वेबसाइट incometaxindia@gov.in पर अपलोड करने के अनुरोध के साथ
8. आयकर आयुक्त (मीडिया व टीपी) और आधिकारिक प्रवक्ता, सीबीडीटी, नई दिल्ली
9. महासचिव, आईआरएस संघ/महासचिव, आईटीजीओए/अखिल भारतीय आयकर अजा. व अजजा. कर्मचारी कल्याण संघ/आयकर कर्मचारी संघ (आईटीईएफ)
10. जेसीआईटी, डेटाबेस प्रकोष्ठ irsofficersonline.org पर अपलोडिंग के लिए
अवर सचिव (आईटीए-I)

