परिपत्र सं. 15/2016 : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 32(1)(iiक) के अंतर्गत अतिरिक्त मूल्यह्रास
परिपत्र सं.
परिपत्र सं. 15/2016
परिपत्र की तिथि
19/05/2016
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
19/05/2016
परिपत्र सं. 15/2016
एफ. नं. 279/विविध/140/2015/आर्इटीजे
भारत सरकार
वित्त मंत्रालय
राजस्व विभाग
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड
नर्इ दिनांक, 19 मर्इ, 2016
विषय : आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 32(1)(iiक) के अंतर्गत अतिरिक्त मूल्यह्रास - संबंधी
एक निर्धारिती, उत्पाद अथवा वस्तु के विनिर्माण अथवा उत्पादन के व्यापार में संलग्न, अधिनियम की धारा 32 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (iiक) अंतर्गत मूल्यह्रास भत्ते के अतिरिक्त आयकर अधिनियम, 1961 (तत्पश्चात् अधिनियम के तौर पर संदर्भित) अधिनियम की धारा 32 की उप-धारा (1) के के अंतर्गत अतिरिक्त मूल्यह्रास का दावा करने के लिए पात्र है।
2. चाहे निर्धारिती मुद्रण अथवा मुद्रण तथा प्रकाशन में संलग्न हो अथवा नहीं, अधिनियम की धारा 32 की उप-धारा (1) के वाक्यांश (iiक) के अंतर्गत अतिरिक्त मूल्यह्रास की स्वीकृति के लिए पात्र है, विवादास्पद मुददा हो गया है। अन्य शब्दों में, उत्पाद अथवा वस्तु के विनिर्माण अथवा उत्पादन हेतु मुद्रण अथवा मुद्रण तथा प्रकाशन कानूनी अदालत में विवादास्पद हो गया है।
3. 2015 की आर्इटीए सं. 23 में अपने निर्णय दिनांक 16.2.2015 के द्वारा मातृभूमि मुद्रण एवं प्रकाशन कॉ. के मामले में माननीय केरल उच्च न्यायालय दिल्ली प्रेस पत्र प्रकाशन लि. के मामले में 1996 की आर्इटीए सं. 49 में माननीय दिल्ली उच्च न्यायालय निर्णय दिनांक 31.05.2013 पर निर्भर है तथा अधिकार रखा है कि मुद्रण तथा प्रकाशन गतिविधि विनिर्माण गतिविधि हैं तथा इसलिए, निर्धारिती धारा 32(1)(iiक) के अंतर्गत अतिरिक्त मूल्यह्रास के अनुदान के लिए पात्र है।
4. बोर्ड ने स्थिति को स्वीकृत किया है कि उत्पाद अथवा वस्तु के विनिर्माण अथवा उत्पादन हेतु मुद्रण अथवा मुद्रण तथा प्रकाशन राशि है। इस मुद्दे पर माननीय दिल्ली तथा केरल उच्च न्यायालय के निर्णय को स्वीकृत किया गया है। इसलिए, धारा 32(1)(iiक) के अंतर्गत मूल्यह्रास की स्वीकृति से संबंधित मुद्दे को आगे विवादास्पद किया गया है, हालांकि दिल्ली उच्च न्यायालय निर्णय अन्य मुद्दों पर विवादास्पद हो गया है।
5. यह, इसलिए, निश्चित स्थिति हैं कि वस्तु अथवा उत्पाद के विनिर्माण अथवा उत्पादन हेतु मुद्रण अथवा मुद्रण तथा प्रकाशन के व्यापार अधिनियम की धारा 32(1)(iiक) के अंतर्गत अतिरिक्त मूल्यह्रास के लिए तद्नुसार पात्र है। अब से, अपील को विभाग के अधिकारी द्वारा इस आधार पर दाखिल नहीं किया जा सकता तथा न्यायालय/न्यायाधिकरण में जो पहले से दाखिल हैं निरस्त की जा सकती है/मुद्रित नहीं की जाएगी।
6. उक्त को समस्त संबंधितों के ध्यान में लाया जा सकता है।
(साधना पंवार)
उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)(आर्इटीजे),
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली
निम्न को प्रति :
1. अध्यक्ष, अवर सचिव तथा उससे ऊपर के पद के केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड के सदस्य तथा अधिकारी
2. ओएसडी से राजस्व सचिव
3. समस्त अधिकारियों के ध्यान में लाने के अनुरोध के साथ समस्त प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त एवं समस्त आयकर महानिदेशक
4. प्रधान आयकर महानिदेशक, राष्ट्रीय प्रत्यक्ष कर अकादमी, नागपुर
5. प्रधान आयकर महानिदेशक (पद्धति), एआरए केंद्र, झंडेवालान एक्सटेंशन, नर्इ दिल्ली
6. प्रधान आयकर महानिदेशक (सर्तकता), नर्इ दिल्ली
7. एडीजी (पीआर,पीपी एंड ओएल), मयूर भवन, नर्इ दिल्ली, सामान्य मेंलिग सूची के अनुसार वितरण के लिए तथा त्रैमासिक कर बुलिटेन में मुद्रण के लिए
8. भारतीय नियत्रंक एवं महालेखा परीक्षक
9. आयकर विभाग की वेबसाइट पर अपलोडिंग के लिए अपर महानिदेशक-4(पद्धति)
10. irsofficersonline पर अपलोडिंग के लिए डाटाबेस प्रकोष्ठ
11. गार्ड फाइल
(साधना पंवार)
उप आयकर आयुक्त (ओएसडी)(आर्इटीजे),
केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, नर्इ दिल्ली

