क्रदाता की आय पर आयकर लगाया जाता है, जबकि सम्पत्ति कर करदाता की सम्पत्ति पर लगाया जाता है। सम्पत्ति कर, सम्पत्ति कर अधिनियम, 1957, द्वारा शासित है। इस भाग में आय सम्पत्ति कर अधिनियम 1957 के विभिन्न प्रावधानों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 

 

“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

 

 

 

संपत्ति कर

 

आयकर करदाता की आय पर लगाया जाता है जबकि संपत्ति कर करदाता की संपत्ति पर लगाया जाता है। संपत्ति कर, संपत्ति कर अधिनियम, 1957 द्वारा अधिशासित है। इस भाग में आप संपत्ति कर अधिनियम, 1957 के विभिन्न प्रावधानों पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यहाँ ध्यान दिया जाना है की सम्पति कर, 1957 प्रभावी तिथि 1-4-2016 से समाप्त हुआ है।

मूल प्रावधान

निम्नलिखित संपत्ति कर कानून के मूल प्रावधान हैं जिन्हें ध्यान में रखा जाना चाहिए

संपत्ति कर केवल निम्नलिखित व्यक्तियों पर लगाया जाता है:

• एक व्यक्ति;

• एक हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ); तथा

• एक कंपनी

व्यक्ति, हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ) तथा कंपनियों को छोड़कर व्यक्ति संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं

एक साझेदार कंपनी संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी नहीं है लेकिन साझेदार कंपनी की परिसंपत्ति "साझेदार फर्म में ब्याज" के रूप में फर्म के साझेदार के हाथों कर हेतु वसूलनीय होती है। अन्य शब्दों में, एक साझेदार कंपनी संपत्ति कर हेतु उत्तरदायी नही है लेकिन फर्म द्वारा धारित परिसंपत्ति की कीमत सुनिश्चित करना है तथा यह कीमत फर्म के सांझेदारों के बीच वितरित की जाएगी तथा पार्टनर के हाथों कर हेतु वसूलनीय होगी।

हालांकि जहां नाबालिग फर्म में साझेदार के लाभ हेतु स्वीकृत होता है वहां फर्म में ऐसे नाबालिग का ब्याज की कीमत नाबालिग के माता-पिता की निविल संपत्ति में शामिल होती है।

इसी प्रकार, व्यक्तियों (सहकारी हाउसिंग सोसाइटी के तौर पर नहीं) की संस्था संपत्ति कर के लिए उत्तरदायी नही है लेकिन व्यक्ति की संस्था की परिसंपत्ति "साझेदार फर्म में ब्याज" के रूप में इसके सदस्य के हाथों कर हेतु प्रभारित होता है।

संपत्ति कर अर्थात् प्रत्येक वर्ष की 31 मार्च मूल्यांकन की तिथि पर व्यक्ति द्वारा स्वामित्व वाली निविल संपत्ति पर लगाया जाता है।

संपत्ति कर रू. 30,00,000 के अतिरिक्त पर निविल संपत्ति पर 1 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है।

उद्यम जो संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी नहीं हैं

निम्नलिखित कम्पनियाँ संपत्तियाँ कर देने के लिए उत्तरदायी नहीं है:

(क) कंपनी अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत पंजीकृत कोई कंपनी

(ख) कोई सहकारी संस्था

(ग) कोई सामाजिक क्लब

(घ) कोई राजनीतिक दल

(ड) आयकर अधिनियम की धारा 10(23घ) के अंतर्गत निर्दिष्ट एक म्यूचुअल फंड

(च) भारतीय रिर्जव बैंक

निविल संपत्ति की गणना की प्रणाली

संपत्ति कर मूल्यांकन की तिथि पर करदाता द्वारा स्वामित्व वाली निविल संपत्ति पर लगाया जाता है। प्रत्येक व्यक्ति की निविल संपत्ति (अर्थात् करयोग्य संपत्ति) निम्नलिखित प्रणाली पर आंकी जानी है:

विवरण राशि
इस संबंध में निर्धारित मूल्यांकन नियमों के अनुसार करयोग्य परिसंपत्ति की सुनिश्चित राशि (i) XXXXX
जोड़े : करदाता की परिसंपत्ति के साथ संयोजित परिसंपत्ति (अर्थात् समझे जाने वाली परिसंपत्ति) (ii) XXXXX
घटा : परिसंपत्ति छूट (iii) (XXXXX)
परिसंपत्ति की सकल कीमत XXXXX
घटा : ऋण अर्थात् (i) तथा (ii) में परिसंपत्ति के धारण हेतु लिया गया ऋण (XXXXX)
करयोग्य संपत्ति XXXXX
संपत्ति कर रू. 30,00,000 के अतिरिक्त में निविल संपत्ति पर 1 प्रतिशत की दर से दिया जाएगा संपत्ति कर पर शेष अथवा अतिरिक्त भार नहीं है

संपत्ति कर तथा आवासीय स्थिति

एक व्यक्ति भारत में साथ ही साथ विदेश में परिसंपत्ति खरीद सकता है। परिसंपत्ति की करदेयता आवासीय स्थिति तथा परिसंपत्ति की अवस्थिति के आधार पर निर्धारित की जाएगी। आवासीय स्थिति उसी रूप से सुनिश्चित है जैसा आयकर कानून के अतर्गत निर्धारितानुसार है। निम्नलिखित व्यक्ति अपनी वैश्विक परिसंपत्ति (अर्थात् भारत स्थित परिसंपत्ति में साथ ही साथ बाहर के बाहर स्थित परिसंपत्ति पर) के संबंध में संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी है

(क) एक निवासी तथा सामान्य निवासी व्यक्ति जो भारतीय नागरिक हो

(ख) एक निवासी तथा सामान्य निवासी एचयूएफ

(ग) एक निवासी कंपनी

निम्नलिखित व्यक्ति केवल भारत में स्थित परिसंपत्ति के संबंध में संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है। अन्य शब्दों में निम्नलिखित व्यक्ति उनके द्वारा स्वामित्व वाली उन संपत्तियों के संबंध में संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी नहीं है तथा जो भारत से बाहर स्थित है

(क) एक व्यक्ति जो भारत का नागरिक नहीं है (चाहे निवासी और सामान्य निवासी हो अथवा नहीं)

(ख) एक निवासी लेकिन एक सामान्य निवासी नहीं तथा एक निवासी लेकिन सामान्य निवासी हिंदु अविभाजित परिवार नहीं

(ग) एक गैर-निवासी (व्यक्ति अथवा एचयूएफ अथवा कंपनी हो सकती है)

संपत्ति कर के अंतर्गत आने वाली परिसंपत्ति

संपत्ति कर परिसंपत्ति की कीमत पर लगाया जाता है। शब्द "परिसंपत्ति" संपत्ति कर की धारा 2(ड़क) के अंतर्गत परिभाषित है। इसलिए, संपत्ति कर केवल उन संपत्तियों पर लगाया जाता है जो संपत्ति कर अधिनियम में शब्द "परिसंपत्ति" की परिभाषा के अंतर्गत आता है।

निम्नलिखित मदें शब्द "परिसंपत्ति" की परिभाषा के अंतर्गत आती है

• उससे संबंधित कोई भवन अथवा भूमि, चाहे आवासीय अथवा व्यवसायिक उद्देश्य के लिए प्रयोग की गई हो अथवा गेस्ट हाउस के अनुरक्षण के उद्देश्य के लिए अथवा किसी अन्य कारण से। इसमें फार्म हाउस भी शामिल होगा जो किसी नगरपालिका अथवा छावनी बोर्ड की स्थानीय सीमा से 25 किलोमीटर के भीतर स्थित हो। हालांकि उससे संबंधित निम्नलिखित भवन अथवा भूमि इस श्रेणी में शामिल नहीं है

○ एक आवास का अर्थ विशेषरूप से केवल आवासीय उद्देश्य के लिए प्रयोग तथा जिसे कंपनी द्वारा कर्मचारी अथवा अधिकारी अथवा एक निदेशक जो पूर्णकालिक कर्मचारी हो, को दिया गया हो, जिसका वार्षिक वेतन रू. 10,00,000 से कम हो

○ कोई आवास (आवासीय निवास अथवा व्यवसायिक उद्देश्य के लिए हो सकता है) जो करदाता के स्टॉक-इन-ट्रेड के भाग के रूप में हो

○ करदाता द्वारा धारित कोई आवास जिसका प्रयोग उसके द्वारा किए जा रहे व्यापार अथवा व्यवसाय के उद्देश्य के लिए किया जाता हो

○ कोई आवासीय संपत्ति जिसे पिछले वर्ष में 300 दिनों की न्यूनतम अवधि के लिए बाहर निकाला गया हो

○ वाणिज्यिक संस्थापन अथवा कॉम्पलैक्स के प्रकार में कोई संपत्ति

• मोटर कार (स्टॉक-इन-ट्रेड के अनुसार करदाता द्वारा व्यापार चलाने के लिए किराए पर ली गई अथवा धारित वाहन का प्रयोग होने वाली को छोड़कर)

• स्वर्ण, चांदी, फर्नीचर, प्लेटिनम अथवा अन्य किसी बहुमूल्य पदार्थ अथवा कोई ऐसे पदार्थ की एक अथवा एक से अधिक पदार्थ से मिलकर बनी कोई मिश्रधातु के हालांकि इस श्रेणी में करदाता द्वारा स्टॉक-इन-ट्रेड के अनुसार धारित उक्त कोई भी मद शामिल नही है।

• नौका, बोट तथा हवाई जहाज (व्यवसायिक उद्देश्य के लिए करदाता द्वारा प्रयोग किए जाने वाले को छोड़कर)

• शहरी भूमि (*), निम्नलिखित को छोड़कर

○ भूमि जिस पर प्रभावी रूप से फिलहाल किसी कानून के अंतर्गत बिल्डिंग के निर्माण की स्वीकृत न हो अथवा

○ उचित प्राधिकारी की अनुमति से किसी भूमि पर किया गया निर्माण

○ औधोगिक उद्देश्य के लिए उसके द्वारा अधिग्रहण की की तिथि से दो वर्षों की अवधि के लिए करदाता द्वारा धारित अप्रयोज्य भूमि

○ करदाता द्वारा धारित कोई भूमि उसके द्वारा इसके अधिग्रहण की तिथि से दस वर्षों की अवधि के लिए स्टॉक-इन-ट्रेड के तौर पर

○ सरकार के रिकॉर्ड में कृषि योग्य भूमि के तौर पर वर्गीकृत भूमि जिसका प्रयोग कृषि उद्देश्य के लिए किया जाए

(*) शहरी भूमि का अर्थ एक भूमि जो स्थित हो :

क. नगरपालिका के क्षेत्राधिकार के अंतर्गत, अधिसूचित क्षेत्र कमेटी, टाउन एरिया कमेटी, छावनी बोर्ड तथा जिसकी जनसंख्या 10,000 से कम न हो

ख. किसी नगरपालिका अथवा छावनी बोर्ड की स्थानीय सीमा के हवाई सर्वेक्षण से परिसमापन से निम्नलिखित दूरी की सीमा के भीतर

i. 2 किलोमीटर से अधिक न हो, यदि ऐसे क्षेत्र की जनसंख्या 10,000 से अधिक हो लेकिन 1 लाख से अधिक न हो

ii. 6 किलोमीटर से अधिक न हो, यदि ऐसे क्षेत्र की जनसंख्या 1 लाख से अधिक हो लेकिन 10 लाख से अधिक न हो

iii. 8 किलोमीटर से अधिक न हो, यदि ऐसे क्षेत्र की जनसंख्या 10 लाख से अधिक हो

• "जनसंख्या" का अर्थ पिछली उत्तरगामी जनगणना के अनुसार जनसंख्या है जिसके प्रासंगिक आंकड़े मूल्यांकन की तिथि से पहले प्रकाशित किए गए हों। हाथ में नकद, रू. 50,000 के अतिरिक्त, व्यक्ति तथा एचयूएफ की स्थिति में। किसी अन्य व्यक्ति की स्थिति में कोई राशि बही खाते में रिकॉर्ड न हुई हो

कुछ परिसंपत्ति शामिल करने हेतु निविल संपत्ति

सामान्य तौर पर, संपत्ति कर मूल्यांकन तिथि पर करदाता द्वारा धारित परिसंपत्ति पर दिया जाना है। निम्नलिखित मामलों में, यद्यपि परिसंपत्ति अन्य व्यक्ति द्वारा धारित है, फिर भी इन्हें करदाता की निविल संपत्ति में शामिल किया जाना है अर्थात् अन्य व्यक्तियों की परिसंपत्ति करदाता की संपत्ति के साथ संयोजित की जाती है।

• किसी भी निम्नलिखित व्यक्ति का पर्याप्त विचार किए बिना व्यक्ति द्वारा स्थानांतरित परिसंपत्ति ऐसे व्यक्ति की निविल संपत्ति में शामिल की जाएगी

○ जीवनसाथी को स्थानांतरित परिसंपत्ति, अलग रहने के समझौते के संबंध में स्थानांतरण न होने की स्थिति में

○ व्यक्ति द्वारा अपने पुत्र की पत्नी को स्थानांतरित परिसंपत्ति

○ व्यक्ति, उसके जीवनसाथी अथवा उसके पुत्र की पत्नी के शीघ्र अथवा विलंबित लाभ के लिए व्यक्ति अथवा व्यक्तियों की संस्था को परिसंपत्ति का स्थानांतरण

• व्यक्ति के नाबालिग बालक से संबंधित परिसंपत्ति ऐसे व्यक्ति की निविल संपत्ति में शामिल की जाएगी। हालांकि आयकर अधिनियम की धारा 80प में निर्दिष्ट किसी विकलांगता से पीड़ित नाबालिग बालक अथवा व्यक्ति की विवाहित नाबालिग पुत्री से संबंधित परिसंपत्ति के संबंध में कोई समायोजन नहीं किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, समायोजन प्रावधान (क) उसके द्वारा किए गए हस्तचालित कार्य अथवा (ख) उसके कौशल, प्रतिभा अथवा विशेष ज्ञान तथा अनुभव के प्रयोग सहित गतिविधि उसके द्वारा उसकी उत्पन्न आय में से नाबालिग द्वारा धारित किसी परिसंपत्ति के संबंध में लागू नही होगा

टिप्पणी : जहां परिसंपत्ति नाबालिग बालक द्वारा धारित होती है वहां व्यक्ति की निविल संपत्ति की गणना में यह शामिल की जानी है, ऐसी परिसंपत्ति में शामिल हैं -

क) जहां उसके माता-पिता का विवाह कायम हो, उस माता-पिता की निविल संपत्ति जिसकी निविल संपत्ति (इस उप-धारा के अंतर्गत शामिल किए गए नाबालिग बालक की परिसंपत्ति को छोड़कर) अधिक है अथवा

ख) जहां माता-पिता का विवाह कायम न रहा हो, उस माता-पिता की निविल संपत्त में जिसने आयकर अधिनियम की धारा 3 में परिभाषितानुसार पिछले वर्ष में नाबालिग बालक का अनुरक्षण किया हो

तथा जहां एक बार ऐसी परिसंपत्ति चाहे माता-पिता की निविल संपत्ति में शामिल की जाता है, ऐसी कोई भी परिसंपत्ति किसी भी सफल वर्ष में अन्य माता-पिता की निविल संपत्ति में शामिल नही होगी जबतक निर्धारण अधिकारी संतुष्ट न हो, माता-पिता को सुनवाई का अवसर प्रदान करने के पश्चात् जो कि ऐसा करने के लिए आवश्यक हो

• प्रतिसंहरणीय स्थानांतरण के अंतर्गत स्थानांतरित परिसंपत्ति स्थानांनरणकर्ता की निविल संपत्ति में समायोजित की जाएगी

• साझेदार फर्म अथवा व्यक्तियों की संस्था में ब्याज (अर्थात् परिसंपत्ति)। एक साझेदार फर्म अथवा एओपी संपत्ति कर के लिए उत्तरदायी नही है। हालांकि फर्म अथवा एओपी की करयोग्य परिसंपत्ति की कीमत निर्धारित प्रणाली में आंकी जानी है तथा ऐसी परिसंपत्ति में प्रत्येक साझेदार/सदस्य के ब्याज की कीमत साझेदार/सदस्य की निविल संपत्ति में शामिल होती है।

हालांकि जहां एक नाबालिग फर्म में साझेदार के लाभों को दाखिल करता है तो फर्म में ऐसे नाबालिग के ब्याज की कीमत नाबालिग के माता-पिता की निविल संपत्ति में शामिल की जाएगी।

• यदि एक व्यक्ति अपने एचयूएफ को अपनी संपत्ति का स्थानांतरण करता हो, बिना उचित विचार किए अथवा अपनी संपत्ति को अपने एचयूएफ की संपत्ति के तौर पर समझता हो, तो ऐसी परिसंपत्ति स्थानांतरणकर्ता की निविल संपत्ति में शामिल किया जाएगा

इसके अतिरिक्त, यदि परिवर्तित संपत्ति परिवार के सदस्यों के बीच कुल अथवा आंशिक विभाजन की विषय-वस्तु बनती हो तो परिवर्तित अथवा स्थानांनतरित संपत्ति अथवा उसका कोई भाग, जो स्थानांतरणकर्ता के जीवनसाथी द्वारा प्राप्त की जाती है, स्थानांतरणकर्ता की परिसंपत्ति के तौर पर समझी जाती है तथा उसकी परिसंपत्ति में शामिल होती है

• पुस्तक प्रविष्टि के माध्यम से पैसे के उपहार की स्थिति में, यदि निर्धारण अधिकारी संतुष्ट नहीं होते कि पैसे वास्तव में उपहार के तौर पर दिए गए थे (अर्थात् लेनदेन केवल पुस्तक प्रविष्टि हो तथा वास्तविक उपहार नहीं) तो ऐसे उपहार की राशि देनकर्ता की निविल संपत्ति में शामिल की जाएगी।

• अविभाज्य जायदाद का मालिक जायदाद में शामिल सभी संपत्तियों के निजी मालिक के तौर पर समझा जाएगा

• यदि संपत्ति सोसाइटी के सदस्य को सहाकारी संस्था द्वारा आवंटित अथवा पट्टेदारी पर दी जाती है तो सदस्य को संपत्ति के मालिक के तौर पर समझा जाएगा तथा ऐसी संपत्ति (अर्थात् बिल्डिंग अथवा उसका भाग) की कीमत उसकी निविल संपत्ति में शामिल की जाएगी। यह नियम कंपनी के सदस्य अथवा व्यक्तियों की संस्था में मामले में भी लागू होगा।

• यदि संपत्ति अनुबंध के व्यवहारित भाग के तौर पर धारित किया जाता है अर्थात् संपत्ति अधिनियम के स्थानांनतरण की धारा 53क के अनुसार, तो किसी बिल्डिंग अथवा उसके भाग के अधिग्रहण को करने तथा बरकरार रखने के लिए स्वीकृति दिए गए व्यक्ति को मालिक के तौर पर समझा जाएगा। तद्नुसार ऐसी बिल्डिंग अथवा भाग की कीमत ऐसे व्यक्ति की निविल संपत्ति की गणना के दौरान शामिल की जाएगी।

• आयकर अधिनियम, 1961 की धारा 269पक(च) के अनुसार धारित संपत्ति की स्थिति में यह व्यक्ति एक वर्ष तक की अवधि के लिए अथवा महीने से महीने तक पट्टेदारी के रूप में किसी अधिकार को छोड़कर ऐसे भवन के संबंध में अथवा पूरी तरह से धारित करता हो, की निविल संपत्ति में शामिल की जाएगी।

संपत्ति कर से छूट प्राप्त परिसंपत्ति

निम्नलिखित परिसंपत्तियां संपत्ति कर से छूट प्राप्त है अर्थात् यह छूटप्राप्त परिसंपत्तियाँ है:

• व्यक्ति अथवा एचयूएफ की स्थिति में एक आवास अथवा आवास का कोई भाग अथवा भूमि का प्लाट (500 वर्ग फुट से अधिक न हो)।

• किसी एचयूएफ जिसका वह सदस्य है की संदायदता संपत्ति में व्यक्ति का हित

• भारत में धर्मार्थ अथवा धार्मिक प्रकार के किसी सार्वजनिक उद्देश्य के लिए न्यास अथवा अन्य किसी कानूनी अनुग्रह के अंर्तगत करदाता द्वारा धारित कोई संपत्ति। यह छूट धर्मार्थ/धार्मिक न्यास की व्यवसायिक संपत्ति पर लागू नहीं होगा केवल तब जब व्यापार न्यास, जो भी स्थिति हो, संस्थान के उद्देश्य के उपार्जन हेतु प्रासंगिक न हो तथा पृथक बही खाते ऐसे व्यापार के संबंध में ऐसे न्यास अथवा संस्थान द्वारा अनुरक्षित न किए जाते हो अथवा व्यापार आयकर अधिनियम की धारा 10 के वाक्यांश (23घ) अथवा (23ग) में संदर्भित संस्थान, कोष अथवा न्यास द्वारा किया जाता है। पूर्व मालिक अर्थात् पूर्व मालिक द्वारा आवासीय प्रयोग के लिए उपयोग, के अधिकार में कोई एक बिल्डिंग

• रियासत के पूर्व शासक के अधिकार में आभूषण, उसकी व्यक्तिगत संपत्ति के तौर पर नही जिसे 1-4-1957 के पश्चात् सीबीडीटी द्वारा अथवा 1-4-1957 से पूर्व विरासत के तौर पर केंद्र सरकार द्वारा प्राधिकृत किया गया है।

• भारतीय मूल के व्यक्ति से संबंधित कुछ परिसंपत्ति अथवा भारतीय नागरिक जो विदेश में रहता हो तथा जो भारत में स्थाई तौर पर रहने के इरादे से आ रहे हों निम्नलिखित शर्तों के अनुसार छूट मिलेगी:

○ यह छूट केवल भारतीय मूल के व्यक्तियों अथवा एक भारतीय नागरिक के लिए उपलब्ध है। एक व्यक्ति को भारतीय मूल का व्यक्ति कहा जाएगा यदि वह अथवा उसका कोई माता-पिता अथवा पूर्वज अविभाजित भारत में जन्मे हों

○ ऐसे व्यक्ति विदेश में रह रहे हों?

○ छूट भारत वापस आने के वक्त उपलब्ध है अर्थात् वह भारत वापस लौट रहे हों

○ छूट 7 वर्षों की अवधि के लिए उपलब्ध है (जिस वर्ष में वह भारत वापस आ रहा है के वर्ष से आरंभ)

उक्त चर्चित छूट निम्नलिखित परिसंपत्तियों के संबंध में उपलब्ध है:

(1) भारत में उसकी वापसी के समय भारत में लाए गए पैसे

(2) भारत में उसकी वापसी के समय भारत में लाई गई राशि।

(3) भारत में उसकी वापसी की तिथि पर भारत में किसी बैंक के गैर-निवासी (बाहरी) खाते में ऐसे व्यक्ति के क्रेटिड हेतु बकाया राशि

(4) उसकी वापसी की तिथि से एक वर्ष पूर्व तथा उसके बाद किसी भी समय की अवधि के भीतर उक्त (1) तथा (3) में संदर्भित राशि से बाहर उसके द्वारा धारित परिसंपत्ति।

परिसंपत्ति का मूल्यांकन

संपत्ति कर मूल्यांकन तिथि अर्थात् प्रासंगिक वर्ष की 31 मार्च को पर करदाता द्वारा धारित परिसंपत्ति की राशि पर लगाया जाता है। संपत्ति कर (नकद के अलावा) हेतु उत्तरदायी किसी परिसंपत्ति की कीमत मूल्यांकन नियम (अर्थात् संपत्ति कर की अनुसूची III में दिए गए नियम) में निर्धारित प्रणाली में निर्धारित की जानी है।

संपत्ति कर कानून के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान

• प्रत्येक व्यक्ति जिसकी मूल्यांकन तिथि पर निविल संपत्ति रू. 30,00,000 होगी वह निविल संपत्ति का अपना रिटर्न दाखिल करेगा।

• निविल संपत्ति के रिटर्न को दाखिल करने के लिए नियत तिथि वही है जैसी आयकर अधिनियम की धारा 139 के अंतर्गत आय के रिटर्न को दाखिल करने के लिए निर्धारित नियत तिथि है इसके साथ ही यदि करदाता आयकर अधिनियम के अंतर्गत अंकेक्षण हेतु उत्तरदायी है तो नियत तिथि 30 सितम्बर हो जाएगी तथा अन्य स्थितियों में नियत तिथि 31 जुलाई होगी।

• एक लंबित रिटर्न अथवा संशोधित रिटर्न मूल्यांकन वर्ष की समाप्ति से एक वर्ष की अवधि के भीतर अथवा मूल्यांकन की समाप्ति से पूर्व, जो भी पहले हो, भरा जा सकता है।

• निविल संपत्ति के रिटर्न को दाखिल करने में देरी के लिए ब्याज @ 1 प्रतिशत की दर से प्रति माह अथवा माह के किसी भाग पर लगाया जाता है।

• जहां करदाता संपूर्ण कर अथवा कर का कोई भाग अथवा ब्याज अथवा दोनों का भुगतान करने में विफल रहता है तो वह कर अथवा ब्याज अथवा दोनों के संबंध में डिफाल्ट-निर्धारिती के तौर पर समझा जाएगा। यदि राशि का भुगतान 30 दिनों के भीतर अथवा मांग के नोटिस में निर्दिष्ट ऐसे कम समय में नहीं करता तो करदाता प्रति माह अथवा महीने के भाग पर 1 प्रतिशत की दर से ब्याज देने के लिए उत्तरदायी होगा जिसमें भुगतान के लिए मांग नोटिस में निर्दिष्ट दिन की समाप्ति से आरंभ अवधि तथा उस तिथि जिसपर राशि का भुगतान किया गया है शामिल है।

• संपत्ति को छुपाने की स्थिति में जुर्माना बचाने हेतु कर मांग का 100 प्रतिशत से 500 प्रतिशत के बीच हो सकता है।

• विभिन्न चूक के लिए जुर्माना के उदग्रहण के अलावा कानून जानबूझ कर कर चोरी, संपत्ति के रिटर्न को दाखिल न करना, खातों, रिकॉर्ड की प्रस्तुति में विफलता तथा मूल्यांकन में गलत विवरण आदि जैसी चूक के लिए अभियोजन प्रदान करता है।

संपत्ति कर पर एमसीक्यू

प्रश्न 1. संपत्ति कर व्यक्ति, एक एचयूएफ तथा एक कंपनी को छोड़कर सभी व्यक्तियों पर लगाया जाता है।

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

संपत्ति कर केवल निम्नलिखित व्यक्तियों पर लगाया जाता है:

• एक व्यक्ति;

• एक हिंदु अविभाजित परिवार (एचयूएफ); तथा

• एक कंपनी

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 2. एक साझेदार कंपनी संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी नही हैं तथा इसलिए साझेदार फर्म संपत्ति कर हेतु वसूलनीय नहीं हैं।

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

एक साझेदार कंपनी संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी नहीं है लेकिन साझेदार फर्म की परिसंपत्ति "साझेदार फर्म में हित" के रूप में फर्म के साझेदार के हाथों कर की वसूली होगी।

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 3. संपत्ति कर .................... को व्यक्ति द्वारा धारित निविल संपत्ति पर लगाया जाता है

(क) प्रत्येक वर्ष 1 अप्रैल को (ख) प्रत्येक वर्ष 30 सितम्बर को

(ग) प्रत्येक वर्ष 31 दिसंबर को (घ) प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को

सही उत्तर : (घ)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

संपत्ति कर प्रत्येक वर्ष 31 मार्च को व्यक्ति द्वारा धारित निविल संपत्ति पर लगाया जाता है

इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है

प्रश्न 4. कंपनी अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत पंजीकृत कोई कंपनी संपत्ति कर के लिए उत्तरदायी नहीं है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

निम्नलिखित कंपनियाँ संपत्ति कर के लिए उत्तरदायी नहीं हैं

(क) कंपनी अधिनियम की धारा 25 के अंतर्गत पंजीकृत कोई कंपनी

(ख) कोई सहकारी संस्था

(ग) कोई सामाजिक क्लब

(घ) कोई राजनीतिक दल

(ड) आयकर अधिनियम की धारा 10(23घ) के अंतर्गत निर्दिष्ट एक म्यूचुअल फंड

(च) भारतीय रिजर्व बैंक

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण सही है तथा इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 5. संपत्ति कर रू. 30,00,000 के अतिरिक्त निविल संपत्ति पर.................... की दर से लगाया जाता है।

(क) 10 प्रतिशत (ख) 5 प्रतिशत

(ग) 2 प्रतिशत (घ) 1 प्रतिशत

सही उत्तर : (घ)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

संपत्ति कर रू. 30,00,000 के अतिरिक्त निविल संपत्ति पर 1 प्रतिशत की दर से लगाया जाता है।

इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है

प्रश्न 6. ............... अपनी वैश्विक परिसंपत्ति (अर्थात् भारत साथ ही साथ भारत के बाहर स्थित परिसंपत्ति पर) के संबंध में संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है

(क) एक व्यक्ति जो भारत का नागरिक न हो (निवासी अथवा साधारण निवासी हो सकता है अथवा नहीं)

(ख) एक निवासी लेकिन सामान्य हिंदू अविभाजित परिवार नहीं

(ग) एक निवासी तथा साधारण निवासी एचयूएफ

(घ) एक गैर-निवासी कंपनी

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

निम्नलिखित व्यक्ति अपनी वैश्विक परिसंपत्ति (अर्थात् भारत साथ ही साथ भारत के बाहर स्थित परिसंपत्ति पर)के संबंध में संपत्ति कर का भुगतान करने के लिए उत्तरदायी है।

(क) एक निवासी तथा साधारण निवासी व्यक्ति जो भारतीय नागरिक हो

(ख) एक निवासी तथा साधारण निवासी एचयूएफ

(ग) एक निवासी कंपनी

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 7. मोटर कार जिसका प्रयोग स्टॉक-इन-ट्रेड के अनुसार अथवा किराये पर करदाता द्वारा व्यापार चलाने के लिए ली गई संपत्ति कर देने के लिए उत्तरदायी है क्योंकि यह संपत्ति कर 1957 की धारा 2(ड़क) में दिए गए अनुसार परिसंपत्ति की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

संपत्ति कर अधिनिमय, 1957 की धारा (ड़क) में दिए गए अनुसार परिसंपत्ति की परिभाषा के अनुसार मोटर कार (स्टॉक-इन-ट्रेड के अनुसार करदाता द्वारा व्यापार चलाने के लिए किराए पर ली गई अथवा धारित वाहन का प्रयोग होने वाली को छोड़कर) संपत्ति कर के भुगतान के लिए उत्तरदायी व्यक्ति की परिसंपत्ति के तौर पर समझी जाएगी।

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 8. धारा 5(vi) के अनुसार एक आवास अथवा आवास का भाग अथवा भूमि पर प्लाट व्यक्ति अथवा एचयूएफ की स्थिति में .................. से अधिक न होने पर संपत्ति कर से छूट प्राप्त होगा।

(क) 100 वर्ग मीटर (ख) 300 वर्ग मीटर

(ग) 500 वर्ग मीटर (घ) 1,000 वर्ग मीटर

सही उत्तर : (ग)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 5(vi) के अनुसार एक आवास अथवा आवास का भाग अथवा भूमि पर प्लाट व्यक्ति अथवा एचयूएफ की स्थिति में 500 वर्ग मीटर से अधिक न होने पर संपत्ति कर से छूट प्राप्त होगा।

इसलिए विकल्प (ग) सही विकल्प है

प्रश्न 9. .................... की दर से ब्याज निविल संपत्ति के रिटर्न को दाखिल करने में देरी के लिए लगाया जाता है।

(क) 1 प्रतिशत प्रतिमाह अथवा महीने का भाग (ख) 2 प्रतिशत वार्षिक

(ग) 1 प्रतिशत वार्षिक (घ) 2 प्रतिशत प्रतिमाह अथवा महीने का भाग

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

1 प्रतिशत प्रतिमाह अथवा महीने का भाग की दर से ब्याज निविल संपत्ति के रिटर्न को दाखिल करने में देरी के लिए लगाया जाता है।

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 10. संपत्ति को छुपाने की स्थिति में जुर्माना बचाने हेतु कर मांग का ......................की दर से लगाई जा सकती है

(क) 100 प्रतिशत से 300 प्रतिशत (ख) 200 प्रतिशत से 500 प्रतिशत

(ग) 200 प्रतिशत से 400 प्रतिशत (घ) 100 प्रतिशत से 500 प्रतिशत

सही उत्तर: (घ)

सही उत्तर की प्रमाणिकता:

संपत्ति को छुपाने की स्थिति में जुर्माना बचाने हेतु कर मांग का 100 प्रतिशत से 500 प्रतिशत की दर से लगाई जा सकती है।

इसलिए विकल्प (घ) सही विकल्प है