जीवन बीमा पालिसी स्वास्थ्य बीमा पालिसी और चिकित्सा उपचार पर व्यय पर किस्त का भुगतान करदाता को न केवल बीमा रक्षण देता है बल्कि कुछ कर लाभ भी प्रदान करता है। इस भाग में आप जीवन बीमा किस्त, स्वास्थ्य बीमा किस्त का भुगतान और चिकित्सा उपचार पर व्यय के भुगतान के खाते पर एक करदाता को उपलब्ध कटौतियों के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

अस्वीकरण:

इस दस्तोवज में मौजूद विषय केवल जानकारी के लिए है। इसका उद्देश्य जनता तक सूचना को जल्द और आसानी से पहुंचाना है और इसे कानूनी दस्तोवजों के तौर पर नही समझा जाना चाहिए।

 

जनता को सलाह दी जाती है कि विषय का सत्यापन सरकारी अधिनियमों/नियमों/अधिसूचनाओं आदि से करें।

 

 

“इस दस्तावेज़ में वित्त अधिनियम, 2026 द्वारा संशोधित आयकर अधिनियम, 1961 के प्रावधान शामिल हैं।”

 

 

 

जीवन बीमा पॉलिसी, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी तथा चिकित्सा उपचार पर व्यय के कारण कर लाभ

प्रस्तावना

जीवन बीमा पॉलिसी, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी के प्रीमियम का भुगतान तथा चिकित्सा उपचार पर व्यय से न सिर्फ करदाता को बीमा कवर मिलता है, बल्कि कुछ कर-लाभ भी मिलते हैं । इस भाग में आप करदाता को जीवन बीमा प्रीमियम के भुगतान, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान तथा चिकित्सा उपचार पर व्यय के आधार पर उपलब्ध कटौतियों के विषय में जानकारी प्राप्त करेंगे ।

आय की विभिन्न मदों से होने वाली कुल आय को "सकल कुल आय" (GTI) कहते है। करयोग्य आय प्राप्त करने के लिए, सकल कुल आय में से अध्याय VIA (अर्थात्, भाग 80C से 80U के तहत) में उपलब्ध कटौतियाँ घटानी होती हैं । दूसरे शब्दों में, हम कह सकते हैं कि करयोग्य आय = सकल कुल आय से घटाई कटौतियाँ (भाग 80C से 80U के तहत) ।

भाग 80ग से 80प के तहत कटौतियों का दावा करने से पहले निम्नलिखित सामान्य नियमों को ध्यान में रखा जाना चाहिये:

(1) अध्याय VI-क (धारा 80ग से 80प के अंतर्गत) के अंतर्गत निम्नलिखित आय से किसी कटौती की स्वीकृति नहीं होगी:

(कi) दीर्घावधि पूंजीगत प्राप्तियाँ ।

(कii) अल्पावधि पूंजीगत प्राप्तियाँ, जो भाग 111क में शामिल हैं ।

(कiii) लॉटरियों, घुड़दौड़ इत्यादि से जीते, जिनका भाग 115खख में सन्दर्भ है ।

(कiv) भागों 115क, 115कख, 115कग, 115कघ, 115खखक तथा 115घ में शामिल आय ।

(2) भाग 80ग से 80प के तहत कटौतियों की कुल राशि जीटीआई (सकल कुल आय) से अधिक नहीं हो सकती (अर्थात्, ऊपर सन्दर्भित आयों को शामिल न करते हुए जीटीआई ) ।

भागों 80ग से 80प के तहत कटौतियों की सूची काफी लम्बी है, हालाँकि हम इस भाग में करदाताओं को जीवन-बीमा प्रीमियम के भुगतान, पीपीएफ/एनएससी में निवेश, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम के भुगतान तथा चिकित्सा उपचार पर व्यय के आधार पर उपलब्ध कुछ बड़ी कटौतियों पर जानकारी प्राप्त करेंगे ।

जीवन बीमा प्रीमियम, पीपीएफ, एनएससी, इत्यादि के सन्दर्भ में कटौतियाँ [भाग 80C]

भाग 80ग में विभिन्न मदों के सन्दर्भ में जैसे- जीवन बीमा प्रीमियम, पब्लिक प्रोविडेन्ट फन्ड में निवेश, एनएससी में निवेश, गृह ऋण के मूल घटक का भुगतान, पोस्टऑफिस टाइम डिपोजिट योजना में निवेश, वरिष्ठ नागरिक बचत योजना, आदि, कटौतियों का प्रावधान करता है । हम भाग 80ग के जीवन बीमा प्रीमियम से भुगतान के आधार पर कटौती सम्बन्धी प्रावधानों पर केन्द्रित रहेंगे ।

भाग 80C के तहत प्रावधान की गई कई मदों के अलावा, एक करदाता, जो व्यक्ति या हिन्दू अविभाजित परिवार (एचयूफ) हो सकता है, भाग 80ग के तहत वर्ष के दौरान जीवन बीमा पॉलिसी के प्रीमियम के सन्दर्भ में कटौतियों का दावा कर सकता है ।

पॉलिसी किसके नाम से ली गयी है?

व्यक्ति के मामले में उस पॉलिसी के आधार पर कटौती उपलब्ध है जो कि करदाता या उसके जीवनसाथी (पति या पत्नी) या उनके बच्चों के नाम पर ली गयी हो । हिन्दू अविभाजित परिवार के मामले में, हिन्दू अविभाजित परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में कटौती उपलब्ध है ।

ऊपर दिये गये को छोड़कर, किसी भी व्यक्ति के नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में दिए गए प्रीमियम के संबंध में कोई कटौती उपलब्ध नहीं है ।

स्वीकृत कटौती

धारा 80C के तहत कुल कटौतियाँ (भागों 80गगग तथा 80गगघ के तहत कटौतियों के साथ) रु. 1,50,000 तक हैं । हालांकि नई पेंशन योजना के कर्मचारी अंशदान/करदाता अंशदान के संबंध में धारा 80गगघ (1) के तहत कटौती रु. 1,00,000 से अधिक नहीं होनी चाहिए ।

बीमा करायी गयी मूल राशि के सन्दर्भ में कटौती की राशि पर बन्धन

कटौती 31-03-2012 को अथवा पहले जारी पॉलिसी के संबंध में कैपिटल सम एश्योर्ड के 20 प्रतिशत हेतु प्रतिबंधित है। धारा 80प में संदर्भित विकलांगता अथवा गंभीर विकलांगता से पीड़ित अथवा धारा 80घघख में दिए गए अनुसार रोग अथवा बीमारी से पीड़ित किसी व्यक्ति के नाम पर 1-4-2013 को अथवा पश्चात् ली गई पॉलिसी की स्थिति में, सीमा कैपिटल सम एश्योर्ड का 15% होगी।

न्यूनतम धारण समय

ऊपर निर्धारित किये गये कुछ निवेशों, जमाओं, इत्यादि के सन्दर्भ में न्यूनतम धारण समय निम्नलिखित है, जिसे भाग 80ग के तहत कटौती का दावा करते समय ध्यान में रखा जाना चाहिये :

निवेश/जमा की प्रकृति न्यूनतम धारण समय
LIC या UTI की ULIP 5 वर्ष
जीवन बीमा पॉलिसी 2 वर्ष
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना तथा पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट 5 वर्ष

यदि पूर्वोक्त में से कोई भी निवेश, ग्राहकी, इत्यादि न्यूनतम धारण समय से पहले समाप्त होती है या बेच दी जाती है, तो पहले के वर्ष में अनुमति दी गयी कटौतियाँ, पिछले समाप्ति वाले साल की आय मानी जायगी । इसके अलावा, ऐसी पॉलिसी, यूनिट इत्यादि के प्रति योगदान, भुगतान इत्यादि के सन्दर्भ में निरस्ती वर्ष के दौरान कोई कटौती की अनुमति नहीं दी जायेगी (अर्थात् जो समाप्त हो गयी) ।

ऐसे मामले में जिसमें, जमाकर्ता के जीवनकाल के दौरान वरिष्ठ नागरिक बचत योजना या पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट में से पूर्वोक्त अवधि से पहले (यानी, 5 साल पहले) आहरण किया गया है, ऐसे आहरण पर प्राप्त हुई राशि पर (ब्याज को छोड़कर जो कि पहले के वर्ष में पूर्व में ही करारोपित किया जा चुका है) आहरण के वर्ष में कर लगाया जायेगा ।

उदाहरण

श्री राजा ने भाग 80ग के तहत कटौती का लाभ लेने के लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान निम्नलिखित भुगतान किये हैं :

1. अपनी जीवन बीमा पॉलिसी पर प्रीमियम रु. 8,400 का भुगतान । पॉलिसी अप्रैल 2011 में ली गयी थी, तथा बीमा करायी गयी रकम थी रु. 25,000.

2. अपनी एक और जीवन बीमा पॉलिसी पर रु. 1,000 के प्रीमियम का भुगतान । प्रीमियम मार्च 2020 में देय था, परन्तु वस्तुतः अप्रैल 2020 में भुगतान किया गया ।

3. अपनी पत्नी के नाम पर ली गयी जीवन बीमा पॉलिसी पर रु. 30,000 का प्रीमियम । पॉलिसी अप्रैल 2012 में ली गयी थी तथा बीमा करायी गयी रकम रु. 2,00,000 थी ।

4. रु. 30,000 का प्रीमियम ऐसी जीवन बीमा पॉलिसी पर जो कि उसके तीन बच्चों के नाम पर ली गयी है (एक अल्पवयस्क पुत्री है, दूसरी वयस्क विवाहित पुत्री है तथा तीसरा वयस्क पुत्र है, जो कि कार्यरत अभियन्ता है।) पॉलिसियाँ आवधिक योजनाएँ थीं तथा सभी पॉलिसियों पर वर्ष के दौरान भुगतान किया गया प्रीमियम 25,000 रु. बनता है प्रीमियम मिलाकर, बीमा की गयी मूल रकम का 5% हुआ ।

5. ऐसे माता-पिता के नाम से ली गयी जीवन बीमा पॉलिसी जो उसपर आश्रित हैं ।

6. जीवनसाथी के माता-पिता के नाम से ली गयी जीवन बीमा पॉलिसी जो उसपर आश्रित हैं । वर्ष के दौरान भुगतान किया गया प्रीमियम 25,200 रु. बनता है ।

7. छोटे भाई और बहिन, जो उसपर आश्रित हैं, के नाम पर ली गयी जीवन बीमा पॉलिसी पर प्रीमियम । वर्ष के दौरान भुगतान किया गया प्रीमियम रु. 5,000 बैठता है ।

8. पीपीएफ में निवेश रु. 60,000.

9. एनएससी में निवेश रु. 10,000. वर्ष के दौरान एनएससी पर इकट्ठा हुआ ब्याज रु. 1,000 बनता है ।

10. अपनी अल्पवयस्क पुत्री के लिए ट्यूशन शुल्क रु. 5,000.

11. गृह ऋण के भुगतान का रु. 12,000.

12. पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट में निवेश रु. 10,000.

भाग 80ग के तहत आंकलन वर्ष 2019-20 के लिए कटौती का अंश क्या होगा जिसका कि श्री राजा उपर्युक्त भुगतानों के सन्दर्भ में दावा करने के अधिकारी होंगे?

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(क) करदाता, वर्ष के दौरान उसके द्वारा भुगतान किये गये जीवन बीमा के प्रीमियम के सन्दर्भ में, धारा 80ग के तहत कटौती का दावा कर सकता है । करदाता के नाम से, उसके जीवनसाथी और उसके बच्चों के नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में कटौती उपलब्ध है । ऊपर दिये गये के अलावा किसी भी व्यक्ति के नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में भुगतान किये गये प्रीमियम के सन्दर्भ में कोई कटौती उपलब्ध नहीं है । 31-3-2012 को अथवा पूर्व अवधि के दौरान ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में बीमा करवायी गयी मूल रकम के 20% तक कटौती का बन्धन है तथा 1-4-2012 को या उसके बाद ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में यह 10% है । उपर्युक्त प्रावधानों को विचारगत रखते हुए जीवन बीमा प्रीमियम के सन्दर्भ में कटौतियाँ इस प्रकार होंगी :

1) रु. 8,400 के जीवन बीमा पॉलिसी पर प्रीमियम के सन्दर्ब में, जो कि अप्रैल 2011 में ली गयी थी, कटौती, बीमा की गयी मूल रकम के 20% तक बन्धित रहेगी । बीमा की गयी रकम है रु. 25,000 तथा उसका 20% परिकलित होगा रु. 5,000. अत:, रु. 8,400 में से, वे रु. 5,000 की कटौती का दावा करने के लिए अर्ह होंगे।

2) भाग 80ग के तहत कटौतियाँ भुगतान के आधार पर उपलब्ध हैं । अपनी दूसरी पॉलिसी (जो मार्च में देय है) के रु. 1,000 के प्रीमियम के सन्दर्भ में, वर्तमान वर्ष में कोई कटौती उपलब्ध नहीं होगी । चूँकि प्रीमियम चालू वर्ष में भुगतान नहीं किया गया है । प्रीमियम अगले वर्ष में भरा गया है, अत: वे रु. 1,000 की कटौती का दावा अगले वर्ष में कर सकते हैं ।

3) उनकी पत्नी के नाम से ली गयी बीमा पॉलिसी पर रु. 30,000 के प्रीमियम के सन्दर्भ में कटौती बीमा की गयी रकम के 10% तक बन्धित रहेगी। बीमा करायी गयी रकम रु. 2,00,000 तथा उसका 10% परिकलित होकर रु. 20,000 आता है, अत:, रु. 30,000 में से, वे रु. 20,000 की कटौती का दावा करने के लिए अर्ह होंगे।

4) उनके बच्चों के नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में प्रीमियम बीमा करायी गयी रकम का 5% आता है, अत:, रु. 30,000 के प्रीमियम की सम्पूर्ण राशि कटौती के लिए अर्ह होगी । इसके अलावा, यह नोट किया जाना चाहिये कि कटौती सभी बच्चों के लिए उपलब्ध हैं, इस तथ्य से स्वतन्त्र रहते हुए कि, वे आश्रित/स्वावलम्बी हैं, वयस्क/अल्पवयस्क हैं, या विवाहित / अविवाहित हैं ।

5) करदाता, उसके जीवनसाथी और उसके बच्चों के अलावा किसी के भी नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में भुगतान किये गये प्रीमियम के आधार पर कोई कटौती उपलब्ध नहीं है । अत:, उनके द्वारा अपने माता-पिता, अपने जीवनसाथी के माता-पिता तथा भाई/बहिन के नाम से ली गयी पॉलिसे पर भरे गये प्रीमियम के सन्दर्भ में कोई कटौती उपलब्ध नहीं होगी ।

भाग 80ग के तहत कटौती के लिए अर्ह कुल प्रीमियम होगा रु. 55,000 (रु. 5,000+ रु. 20,000 + रु. 30,000)

(ख) करदाता भाग 80ग के तहत उसके द्वारा वैधानिक प्रॉविडेन्ट फन्ड या मान्यता-प्राप्त प्रॉविडेन्ट फन्ड या अनुमोदित अधिवार्षिकी निधि में या पब्लिक प्रॉविडेन्ट फन्ड (पीपीएफ) में किये गये योगदान के सन्दर्भ में कटौती का दावा कर सकता है । इसलिए पीपीएफ के लिए रु. 60,000 का योगदान भाग 80ग के तहत कटौती के लिए अर्ह होगा ।

(ग) करदाता, एनएससी की खरीद के लिए भरी गयी राशि के सन्दर्भ में भाग 80ग के तहत कटौती का दावा कर सकता है । अत:, वह भाग 80ग के तहत रु. 10,000 के सन्दर्भ में कटौती का दावा करने के लिए अर्ह होगा, जो कि उसके द्वारा एनएससी की खरीद के लिए भरे गये हैं ।

एनएससी पर जमा ब्याज ग्रहणकर्ता के हाथ में करारोपित किया जाता है, तथा वह इकट्ठा होने के वर्ष के दौरान निवेश के रूप में माना जायेगा (अन्तिम वर्ष के अलावा) तथा भाग 80ग के तहत कटौती के योग्य होगा । अत:, रु. 1,000 का इकट्ठा हुआ ब्याज करयोग्य आय के रूप में माना जायेगा तथा भाग 80ग के तहत कटौती के योग्य भी होगा ।

(घ) करदाता भाग 80ग के तहत उसके द्वारा वर्ष के दौरान ट्यूशन शुल्क पर भरी गयी राशि के सन्दर्भ में कटौती का दावा कर सकता है (विकास शुल्क, डोनेशन या समान भुगतानों को छोड़कर), जो कि प्रवेश के समय या उसके बाद भरे गये हों, तथा किसी विश्वविद्यालय, विद्यालय, कॉलेज या किसी अन्य शैक्षिक संस्था जो कि भारत में स्थित हो को भरे गये हों, तथा करदाता के किन्हीं दो बच्चों की पूर्णकालिक शिक्षा के लिए हों । अत: उनके द्वारा छोटी बेटी के ट्यूशन शुल्क के रूप में भरे गये रु. 5,000 भाग 80ग के तहत कटौती के योग्य होंगे ।

(ड) करदाता भाग 80ग के तहत उसके द्वारा गृह ऋण के भुगतान के लिए भरी गयी राशि के सन्दर्भ में कटौती का दावा कर सकता है । अत: उनके द्वारा भरे गये रु. 12,000, जोकि गृह ऋण के भुगतान के लिए हैं, भाग 80ग के तहत कटौती के योग्य होंगे ।

(च) करदाता भाग 80ग के तहत उसके द्वारा पोस्ट ऑफिस टाइम डिपोजिट में किये गये निवेश के सन्दर्भ में कटौती का दावा कर सकता है । अत: वे भाग 80ग के तहत रु. 10,000 की कटौती का दावा कर सकते हैं ।

उपर्युक्त (क) से (च) अर्ह मदों को विचारगत रखते हुए, अर्ह घटाई गई राशि रु. 1,53,000 (*) होगी ।

हालाँकि, भाग 80ग के तहत कुल कटौती रु. 1,50,000 से अधिक नहीं हो सकती, अत:, कटौती रु. 1,50,000 तक सीमित रहेगी । दूसरे शब्दों में, श्री राजा भाग 80ग के तहत रु. 1,50,000 की कटौती का दावा कर सकते हैं ।

(*) रु. 55,000 LIP + रु. 60,000 PPF+ रु. 11,000 NSC + रु. 5,000 ट्यूशन शुल्क + रु. 12,000 गृह ऋण+ रु. 10,000 आवधिक जमाएँ ।

चिकित्सा बीमा प्रीमियम के सन्दर्भ में कटौती [भाग 80घ]

भाग 80घ के अनुसार, एक व्यक्ति या हिन्दू अविभाजित परिवार (केवल मद सं. 1 व 4) निम्नलिखित भुगतानों के सन्दर्भ में कटौती का दावा कर सकता है :

1) व्यक्ति/हिन्दू अविभाजित परिवार द्वारा भुगतान किया गया चिकित्सा बीमा प्रीमियम, जो कि निर्धारित चिकित्सा बीमा पॉलिसी के सन्दर्भ में हो, तथा नकद से इतर किसी तरीके से हो ।

2) आंकलन वर्ष 2011-12 से प्रभावी होते हुए, किसी व्यक्ति द्वारा उसके परिवार के लिए केन्द्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना के प्रति किये गये योगदान के सन्दर्भ में कटौती उपलब्ध है । तथा आंकलन वर्ष 2014-15 से प्रभावी होते हुए, किसी व्यक्ति द्वारा उसके परिवार के लिए केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी भी योजना में किये गये योगदान के सन्दर्भ में कटौती उपलब्ध है ।

3) आंकलन वर्ष 2013-14 से प्रभावी होते हुए, किसी व्यक्ति द्वारा उसके परिवार या माता-पिता की रोकथाम-परक स्वास्थ्य जाँच पर किये गये व्यय (रु. 5,000 तक) के सन्दर्भ में कटौती उपलब्ध है ।

पॉलिसी किसके नाम से ली जानी हैं?

व्यक्ति के मामले में, कटौती, उसके अपने स्वयं के नाम से ली गयी चिकित्सा बीमा पॉलिसी, उसके जीवनसाथी के नाम से या उसके आश्रित बच्चों के नाम से ली गयी पॉलिसी के सन्दर्भ में कटौती उपलब्ध है । हिन्दू अविभाजित परिवार के मामले में ऐसे परिवार के किसी भी सदस्य के नाम से पॉलिसी ली जा सकती है ।

कटौती की राशि

(1) व्यक्ति के मामले में, कटौती की राशि निम्नलिखित से अधिक नहीं हो सकती :

(क) कुल मिलाकर रु. 25,000, व्यक्ति/जीवनसाथी/आश्रित बच्चों के प्रीमियम/निवारक स्वास्थ्य जाँच (*) पर व्यय तथा केन्द्र सरकार स्वास्थ्य योजना में दिये गये योगदान या केन्द्र सरकार द्वारा अधिसूचित किसी अन्य योजना के सन्दर्भ में ; तथा

(ख) कुल मिलाकर रु. 25,000, प्रीमियम/निवारक स्वास्थ्य जाँच (*) पर व्यय व्यक्ति के माता-पिता के स्वास्थ्य पर भुगतान किये गये ।

* निर्धारिती, उसके परिवार तथा माता-पिता के निवारक स्वास्थ्य जांच पर किए गए व्यय के लिए कटौती की कुल राशि रु. 5000 से अधिक नहीं होनी चाहिए

(2) हिन्दू अविभाजित परिवार के मामले में, उसके द्वारा ऐसे परिवार के किसी सदस्य के स्वास्थ्य के लिए भुगतान किये गये प्रीमियम के सम्बन्ध में, कटौती की राशि कुल मिलाकर, रु. 25,000 से अधिक नहीं हो सकती ।

रु. 25,000 की पूर्वोक्त सीमा, रु. 30,000 तक बढ़ जायेगी जबकि प्रीमियम किसी वरिष्ठ नागरिक के सन्दर्भ में भरा गया है (अर्थात्, कोई निवासी व्यक्ति जो 60 वर्ष या अधिक उम्र का हो) ।

भुगतान के तरीके

भुगतान, नकद को छोड़कर किसी भी तरीके से किया जाना चाहिये (हालाँकि, रोकथाम-परक स्वास्थ्य-जाँच के लिए किया गया भुगतान, नकद के रूप में किया जा सकता है) ।

उदाहरण

श्री राजा (उम्र 40 वर्ष) ने वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान निम्नलिखित भुगतान किये हैं :

1. उनकी रु. 15,000 की पॉलिसी पर चिकित्सा बीमा प्रीमियम का भुगतान।

2. उनके जीवनसाथी की पॉलिसी पर चिकित्सा बीमा प्रीमियम का भुगतान, रु. 4,000 ।

3. उनकी छोटी बेटी की पॉलिसी पर चिकित्सा बीमा प्रीमियम का भुगतान जो उन पर आश्रित है रु. 3,000.

4. उनकी बड़ी पुत्री की पॉलिसी पर चिकित्सा बीमा प्रीमियम का भुगतान, जो कि स्वनियोजित है तथा उनपर आश्रित नहीं है रु. 5,000.

5. उनके माता-पिता की पॉलिसी पर चिकित्सा बीमा प्रीमियम का भुगतान (निवासी तथा उम्र 68 वर्ष), रु.18,000 उनके पिता की पॉलिसी पर तथा रु. 18,000 उनकी माता की पॉलिसी पर । दोनों श्री राजा के भाई पर आश्रित हैं

6. रोकथाम-परक स्वास्थ्य जाँच के लिए रु. 3,000 का व्यय (स्वयं की जाँच के लिए तथा उनकी पत्नी की जाँच के लिए) ।

श्री राजा को आंकलन वर्ष 2019-20 के लिए भाग 80घ के तहत स्वीकरणीय कटौतियों के लिए परामर्श दीजिये

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उपर्युक्त प्रावधानों को विचारगत रखते हुए, श्री राजा के मामले में कटौतियाँ इस प्रकार होंगी :

1. उनकी पॉलिसी पर रु. 15,000 का चिकित्सा बीमा प्रीमियम कटौती के लिए योग्य होगा ।

2. उनकी पत्नी की पॉलिसी पर रु. 4,000 का चिकित्सा बीमा प्रीमियम कटौती के लिए योग्य होगा ।

3. उनकी छोटी पुत्री, जो कि उनपर आश्रित है, की पॉलिसी पर रु. 3,000 का चिकित्सा बीमा प्रीमियम कटौती के लिए योग्य होगा । यद्यपि रु. 5,000 का प्रीमियम जो उनकी बड़ी पुत्री की पॉलिसी पर है, जो कि उनपर आश्रित नहीं है कटौती के योग्य नहीं होगा ।

4. उनके माता-पिता की पॉलिसी पर रु. 36,000 का चिकित्सा बीमा प्रीमियम रु. 30,000 की सीमा तक कटौती के लिए योग्य होगा । (वरिष्ठ नागरिक होने के कारण) ।

5. रोकथाम-परक स्वास्थ्य जाँच पर किया गया व्यय भी कटौती के लिए योग्य होगा, परन्तु, यह केवल रु. 3,000 तक सीमित रहेगा । (क्योंकि निर्धारिती तथा उसके परिवार के बच्चे के संबंध में धारा 80घ के अंतर्गत कटौती की कुल सीमा 25,000 से अधिक।

इस प्रकार भाग 80घ के तहत कुल कटौतियाँ, जो कि अपने स्वयं के स्वास्थ्य, जीवनसाथी के स्वास्थ्य तथा आश्रित पुत्री के स्वास्थ्य के सन्दर्भ में भरे गये प्रीमियम पर व्यय के आधार पर है, रु. 22,000 के बराबर होंगी तथा उनके माता-पिता की पॉलिसी पर भरे गये प्रीमियम के सन्दर्भ में ये रु. 30,000 के बराबर होंगी । (स्वास्थ्य निवारक जांच पर व्यय की राशि की कटौती धारा 80घ के अंतर्गत कटौती रु. 55,000 (रु. 22,000 + रु. 30,000 + रु. 3,000) की राशि हेतु होगी ।

विकलांग व्यक्ति होने के नाते आश्रित के प्रशिक्षण/चिकित्सीय उपचार पर व्यय के संबंध में कटौती (धारा 80घघ)

एक आवासीय व्यक्ति/एचयूएफ, आश्रित रिश्तेदार के अनुरक्षण पर होने वाला व्यय, विकलांग व्यक्ति होने के नाते, धारा 80घघ के अंतर्गत कटौती का दावा कर सकता है। कटौती निम्नलिखित में से किसी के संबंध में उपलब्ध है।

(क) आश्रित विकलांग व्यक्ति के चिकित्सीय उपचार (परिचारिका सहित), प्रशिक्षण, पुनर्वासन पर किया गया व्यय

(ख) आश्रित विकलांग व्यक्ति के अनुरक्षण हेतु विधिवत अनुमोदित निर्दिष्ट कंपनी अथवा यूटीआई अथवा जीवन बीमा निगम अथवा अन्य किसी बीमाकर्ता की योजना के अंतर्गत जमा अथवा दी गई राशि

विकलांग आश्रित व्यक्ति का अर्थ

1) व्यक्ति की स्थिति में, इसमें व्यक्ति के जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता, भाई तथा बहनें अथवा इनमें से कोई जो ऐसे व्यक्ति पर मुख्यता: अथवा पूरी तरह से आश्रित हो तथा

2) एचयूएफ की स्थिति में, इसमें एचयूएफ का कोई भी सदस्य शामिल होगा, जो ऐसे एचयूएफ पर मुख्यता: अथवा पूर्णता आश्रित हो

उपलब्घ कराया जाए कि ऐसे आश्रित व्यक्ति ने धारा 80प के अंतर्गत कटौती का कोई दावा नहीं किया है

विकलांगता का अर्थ

ऐसे व्यक्ति जो विशिष्ट विकलांगता से पीड़ित है जिसमें साधरणता अंधापन, कम दिखना, कुष्ठ रोग, बहरापन, गतिवान विकलांगता, न्यूनमनस्क, तथा मानसिक बीमारी शामिल होती हैं (विकलांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण तथा पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 की धारा 2(i) देखें) इसमें राष्ट्रीय आत्मकेंद्रित व्यक्ति कल्याण ट्रस्ट, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता एवं बहु विकलांगता अधिनियम, 1999 की धारा 2 के वाक्यांश (क), (ग) तथा (ज) हेतु संदर्भित "आत्मकेंद्रित", "सेरेब्रल पाल्सी" तथा "बहु विकलांगता" भी शामिल होगी

विकलांग व्यक्ति का अर्थ :-

1. एक व्यक्ति जो 80 प्रतिशत अथवा इससे अधिक अथवा अधिक विकलांगता से ग्रसित हो, विकलांग व्यक्ति (समान अवसर, अधिकारों का संरक्षण तथा पूर्ण भागीदारी) अधिनियम, 1995 (1 ऑफ 1996) की धारा 56(4) देखें) अथवा

2. राष्ट्रीय आत्मकेंद्रित व्यक्ति कल्याण ट्रस्ट, सेरेब्रल पाल्सी, मानसिक मंदता एवं बहु विकलांगता अधिनियम, 1999 (44 ऑफ 1999) की धारा 2 के वाक्यांश (ण) हेतु संदर्भित "आत्मकेंद्रित", "सेरेब्रल पाल्सी" तथा "बहु विकलांगता" भी शामिल होगी

कटौती की राशि

यदि उक्त (क) अथवा (ख) में निर्दिष्टानुसार करदाता द्वारा किया गया किसी प्रकार का व्यय किया जाता है तो सीधी रू. 75,000 (रु. 50,000 वित्त वर्ष 2014-15 तक) की कटौती उपलब्ध है। ऐसे व्यय की राशि के पृथक। हालांकि यदि आश्रित व्यक्ति गंभीर विकलांगता (अर्थात् 80 प्रतिशत या इससे अधिक) से ग्रसित है तो निर्धारण वर्ष 2016-17 से रू. 1,25,000 (निर्धारण वर्ष 2010-11 से 2015-16 तक निर्धारण वर्ष 2009-10 तक रू. 75,000 ) की कटौती उपलब्ध होगी

अन्य बिंदुओं को ध्यान में रखना चाहिए

धारा 80घघ के अंतर्गत कटौती का दावा करने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं को ध्यान में रखना चाहिए

1. करदाता को चिकित्सा प्राधिकारी (मूल प्रमाणपत्र में निर्दिष्ट अवधि की समाप्ति के पश्चात् विकलांगता के पुन:मूल्यांकन की स्थिति में नया प्रमाणपत्र आपेक्षित हैं) द्वारा जारी प्रमाणपत्र (प्रपत्र सं. 10-झक) की प्रति प्राप्त करनी चाहिए

2. यदि आश्रित उक्त निर्दिष्ट करदाता अथवा एचयूएफ सदस्य से पहले मर जाता है तो उक्त (ख) में जमा की गई अथवा दी गई राशि पिछले वर्ष जिसमें ऐसी राशि प्राप्त हुई, के लिए करदाता के हाथों में कर हेतु वसूली जाएगी

उदाहरण

श्री राजा (एक निवासी) का भाई पूण रूप से नेत्रहीन है तथा वर्ष 2019-20 के दौरान श्री राजा पर आश्रित हैं, श्री राजा ने अपने भाई के प्रशिक्षण तथा पुनर्वास पर रू. 10,000 व्यय किए। क्या श्री राजा अपने शारीरिक रूप से विकलांग भाई के अनुरक्षण पर उसके द्वारा किए गए व्यय के संबंध में किसी कटौती का दावा कर सकते हैं ?

**

इस स्थिति में, धारा 80घघ के सभी मापदंड परिपूरित हैं तथा इसलिए श्री राजा धारा 80घघ के अंतर्गत रू. 1,25,000 की सीधी कटौती का दावा कर सकते हैं (जबसे उसका भाई 100 प्रतिशत विकलांगता से पीड़ित हैं)

उक्त मामले में मान लीजिए, 100 प्रतिशत विकलांगता के अलावा, उसका भाई 80 प्रतिशत से कम की विकलांगता से पीड़ित हैं तब कटौती की राशि रू. 75,000 तक सीमित होगी

निर्दिष्ट रोगों के चिकित्सीय उपचार पर व्यय के संबंध में कटौती

धारा 80घघख के अनुसार, एक करदाता उसके द्वारा निर्दिष्ट रोगों के चिकित्सीय उपचार पर किए गए व्यय के संबंध में कटौती का दावा कर सकता है। इस संबंध में प्रावधान निम्नानुसार हैं :

1) धारा 80घघख के अंतर्गत कटौती का दावा व्यक्ति अथवा एक एचयूएफ द्वारा किया जा सकता है जो भारत का निवासी हो

2) निर्दिष्ट रोगों अथवा बीमारी (बोर्ड द्वारा निर्धारित, निर्धारित रोगों अथवा बीमारी के लिए नियम 11घघ देखें) के चिकित्सीय उपचार पर करदाता द्वारा वास्तविक रूप से दी गई राशि के संबंध में कटौती उपलब्घ हैं

3) व्यक्ति की स्थिति में, उक्तकथित व्यय व्यक्ति के पूर्णरूप से /मुख्यता: आश्रित जीवनसाथी, बच्चे, माता-पिता, भाई तथा बहन अथवा चिकित्सीय उपचार पर होना चाहिए तथा

4) एचयूएफ की स्थिति में, व्यय परिवार जो ऐसे एचयूएफ पर पूर्णता/मुख्यता आश्रित हो, के किसी सदस्य के चिकित्सीय उपचार पर होना चाहिए

करदाता को न्यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, हैमियेटोलॉजिस्ट अथवा ऐसा अन्य विशेषज्ञ, जिसे निर्धारित किया जा सके, द्वारा चिकित्सा उपचार के लिए नुस्खों को प्राप्त करना होगा

कटौती की राशि

कटौती की राशि निम्नलिखित से कम होगी

(क) उक्त निर्दिष्ट चिकित्सीय उपचार पर वास्तविक रूप से दी गई राशि अथवा

(ख) रू. 40,000

हालांकि, रू. 40,000 की सीमा को रू. 60,000 तक बढ़ाई जा सकती है यदि व्यय वरिष्ठ नागरिक (अर्थात् 60 वर्ष अथवा इससे अधिक लेकिन 80 वर्ष से कम तथा रु. 80,000 यदि अति वरिष्ठ नागरिक अर्थात् 80 वर्ष अथवा उससे अधिक की आयु, के चिकित्सा उपचार पर व्यय किया गया हो) का कोई निवासी व्यक्ति)

अन्य बिंदु ध्यान में रखे जाने चाहिए

निम्नलिखित महत्वपूर्ण बिंदु धारा 80घघख के अंतर्गत कटौती के दावे के दौरान ध्यान में रखे जाने चाहिए

1. करदाता को सरकारी अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट, ऑन्कोलॉजिस्ट, यूरोलॉजिस्ट, हिमाटोलॉजिस्ट, इमयूनोलॉजिस्ट अथवा ऐसे किसी विशेषज्ञ से, निर्धारितानुसार द्वारा जारी प्रमाणपत्र (प्रपत्र सं. 10-झ) की प्रति प्राप्त करनी चाहिए

2. उक्तकथित प्रणाली में आंकी गई कटौती की राशि से, ऐसे व्यय के लिए अदायगी के रूप में किसी बीमाकर्ता अथवा अपने नियोक्ता से करदाता द्वारा कोई राशि, यदि हो, प्राप्त होती है तो कटौती की जाएगी

उदाहरण

वित्तीय वर्ष 2019-20 के दौरान, श्री राजा ने अपने भाई (आयु 48 वर्ष) जो पूर्ण रूप से उस पर आश्रित हैं, के चिकित्सीय उपचार पर रू. 1,00,000 व्यय किए उसे चिकित्सा बीमा पॉलिसी से ऐसे व्यय की अदायगी के रूप में रू. 25,000 प्राप्त हुए। क्या वह निर्दिष्ट रोग के चिकित्सीय उपचार पर उनके द्वारा किए गए व्यय के संबंध में किसी कटौती का दावा कर सकते हैं ?

**

इस स्थिति में, धारा 80घघख के सभी मापदंड परिपूरित हैं तथा इसलिए श्री राजा धारा 80घघख के अंतर्गत कटौती का दावा कर सकते हैं। धारा 80घघख के अंतर्गत कटौती रू. 15,000 (अर्थात् रू. 40,000 कटौती की अधिकतम सीमा - रू. 25,000 चिकित्सीय बीमा पॉलिसी से अदायगी), यदि उसका भाई वरिष्ठ नागरिक (अर्थात् 60 वर्ष अथवा उससे अधिक की आयु का है लेकिन 80 वर्ष से कम का है) है तो कटौती की राशि रू. 35000 (अर्थात् रू. 60,000 कटौती की अधिकतम सीमा - रू. 25,000 चिकित्सीय बीमा पॉलिसी से अदायगी) होगी

उक्त मामले में मान लीजिए, बीमा पॉलिसी से प्राप्त राशि रू. 25,000 के स्थान पर रू. 65,000 प्राप्त हो तो कटौती की राशि शून्य होगी (दोनों स्थितियों में)। जब अदायगी की राशि कटौती अर्थात् रू. 40,000 अथवा रू. 60,000, जो भी स्थिति हो, की अधिकतम राशि से अधिक हो

जीवन बीमा पॉलिसी, स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी तथा चिकित्सीय उपचार पर व्यय हेतु देय कर लाभ पर एमसीक्यू

प्रश्न 1. करयोग्य आय = सकल कुल आय घटा छूट आय

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 80ग से 80 प के अंतर्गत करयोग्य आय = सकल कुल आय कम छूट आय। करयोग्य आय को कुल आय भी कहा जाता है

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 2. जीवन बीमा पॉलिसी पर प्रीमियम धारा 80ग के अंतर्गत कटौती के अनुसार दावा किया जा सकता है। व्यक्ति के मामले में कटौती करदाता अथवा उसके जीवनसाथी अथवा बच्चों के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में उपलब्ध है। एचयूएफ की स्थिति में कटौती कर्ता के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में उपलब्ध है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

जीवन बीमा पॉलिसी पर प्रीमियम धारा 80ग के अंतर्गत कटौती के अनुसार दावा किया जा सकता है। व्यक्ति के मामले में कटौती करदाता अथवा उसके जीवनसाथी अथवा बच्चों के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में उपलब्ध है। एचयूएफ की स्थिति में कटौती एचयूएफ के किसी सदस्य के नाम पर ली गई पॉलिसी के संबंध में उपलब्ध हैं

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 3. धारा 80ग (धारा 80गगग व 80गगघ (1) के अंतर्गत कटौती सहित) के अंतर्गत समग्र कटौती की स्वीकृति रू.....................तक है।

(क) 1,00,000 (ख) 1,50,000

(ग) 2,00,000 (घ) 2,50,000

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 80ग (धारा 80गगग व 80गगघ के अंतर्गत कटौती सहित) के अंतर्गत समग्र कटौती की स्वीकृति रू.1,50,000 तक है।

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 4. जीवन बीमा प्रीमियम के संबंध में धारा 80ग के अंतर्गत कटौती 31-3-2012 को अथवा इससे पूर्व जारी पॉलिसी के संबंध में पूंजीगत सम एशोयर्ड के 20 प्रतिशत तक सीमित है तथा 1-4-2012 को अथवा पश्चात् ली गई पॉलिसी के संबंध में पूंजीगत सम एशोयर्ड का ........... प्रतिशत है

(क) 5 (ख) 10

(ग) 20 (घ) 25

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

जीवन बीमा प्रीमियम के संबंध में धारा 80ग के अंतर्गत कटौती 31-3-2012 को अथवा इससे पूर्व जारी पॉलिसी के संबंध में पूंजीगत सम एशोयर्ड के 20 प्रतिशत तक सीमित है तथा 1-4-2012 को अथवा पश्चात् जारी पॉलिसी के संबंध में 10 प्रतिशत है। यदि धारा 80प में संदर्भित विकलांग व्यक्ति अथवा गंभीर विकलंगता तथा धारा 80घघख में दिए गए रोग अथवा बीमारी से ग्रसित किसी व्यक्ति के नाम पर 1-4-2013 को अथवा पॉलिसी ली गई है तो सीमा पूंजीगत सम एशोयर्ड का 15 प्रतिशत होगा

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 5. जीवन बीमा पॉलिसी जिसका धारा 80ग के अंतर्गत कटौती करने के अनुसार प्रीमियम का दावा किया गया है, के संबंध में न्यूनतम धारित अवधि क्या है

(क) 2 वर्ष (ख) 3 वर्ष

(ग) 4 वर्ष (घ) 5 वर्ष

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

धारा 80ग के अंतर्गत निर्धारित कुछ निवेश, जमा आदि के संबंध में न्यूनतम धारित अवधि निम्नलिखित हैं जिसे धारा 80ग के अंतर्गत कटौती करने के दौरान ध्यान रखा जाना चाहिए

निवेश/जमा का प्रकार न्यूनतम धारण अवधि
यूटीआई का यूलिप अथवा एलआईसी 5 वर्ष
जीवन बीमा पॉलिसी 2 वर्ष
वरिष्ठ नागरिक बचत योजना तथा डाक घर सावधि जमा 5 वर्ष

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है

प्रश्न 6. एनएससी पर उपार्जित ब्याज प्रापक के द्वारा करारोपित किया जाता है लेकिन धारा 80ग के अंतर्गत कटौती के लिए अर्ह नहीं होगा

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

एनएससी पर उपार्जित ब्याज प्रापक के द्वारा करारोपित किया जाता है तथा इसे उर्पाजन (पिछले वर्ष को छोड़कर) के वर्ष के दौरान निवेश के तौर पर समझा जाएगा तथा धारा 80ग के अंतर्गत कटौती के लिए अर्ह होगा

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 7. करदाता, करदाता के...................बच्चों की पूर्ण अवधि शिक्षा के लिए भारत में स्थित किसी विश्वविद्यालय, विद्यालय, महाविद्यालय अथवा अन्य शैक्षिक संस्थान के लिए प्रवेश के समय अथवा इसके बाद दिए गए प्रशिक्षण शुल्क (विकास शुल्क, दान अथवा समकक्ष प्रकार का भुगतान) की ओर वर्ष के दौरान उसके द्वारा दी गई राशि के संबंध में धारा 80ग के अंतर्गत कटौती का दावा कर सकता है

(क) एक (ख) दो

(ग) तीन (घ) सभी

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

करदाता, करदाता के किन्हीं दो बच्चों की पूर्ण अवधि शिक्षा के लिए भारत में स्थित किसी विश्वविद्यालय, विद्यालय, महाविद्यालय अथवा अन्य शैक्षिक संस्थान के लिए प्रवेश के समय अथवा इसके बाद दिए गए प्रशिक्षण शुल्क (विकास शुल्क, दान अथवा समकक्ष प्रकार का भुगतान) की ओर वर्ष के दौरान उसके द्वारा दी गई राशि के संबंध में धारा 80ग के अंतर्गत कटौती का दावा कर सकता है

इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 8. करदाता गृह ऋण के ब्याज के लिए उसके द्वारा दी गई राशि के संबंध में धारा 80ग के अंतर्गत कटौती का दावा किया जा सकता है

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

करदाता गृह ऋण के पुनभुगतान (अर्थात् मूलधन तथा ब्याज नहीं) के लिए उसके द्वारा दी गई राशि के संबंध में धारा 80ग के अंतर्गत कटौती का दावा किया जा सकता है

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 9. करदाता (व्यक्ति/एचयूएफ होने के नाते) किसी विधि (नगद सहित) में उसके द्वारा दिए गए चिकित्सीय बीमा प्रीमियम के संबंध में धारा 80घ के अंतर्गत कटौती का दावा कर सकते हैं

(क) सही (ख) गलत

सही उत्तर : (ख)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

करदाता (व्यक्ति/एचयूएफ होने के नाते) नगद छोड़कर किसी विधि में उसके द्वारा दिए गए चिकित्सीय बीमा प्रीमियम के संबंध में धारा 80घ के अंतर्गत कटौती का दावा कर सकते हैं। हालांकि रोकथाम स्वास्थ्य जांच के कारण भुगतान नकद में किया जा सकता है।

चूंकि प्रश्न में दिया गया विवरण गलत है तथा इसलिए विकल्प (ख) सही विकल्प है

प्रश्न 10. प्रभावी निर्धारण वर्ष 2013-14 से, धारा 80घ के अंतर्गत कटौती स्वयं उसके परिवार तथा माता-पिता के रोकथाम चिकित्सीय स्वास्थ्य जांच पर व्यक्ति द्वारा किया गया रू..........................का व्यय के संबंध में उपलब्ध है

(क) 5,000 (ख) 10,000

(ग) 15,000 (घ) 20,000

सही उत्तर : (क)

सही उत्तर की प्रमाणिकता :

प्रभावी निर्धारण वर्ष 2013-14 से, कटौती स्वयं उसके परिवार तथा माता-पिता के रोकथाम चिकित्सीय स्वास्थ्य जांच पर व्यक्ति द्वारा किया गया (रू. 5,000 तक) के व्यय के संबंध में उपलब्ध है

इसलिए विकल्प (क) सही विकल्प है