आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 89क

निर्यात के कुल आवर्त के संबंध में कर राहत

धारा

धारा संख्या

89क

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIII - छूट और राहत

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

निर्यात के कुल आवर्त के संबंध में कर राहत

निर्यात के कुल आवर्त के संबंध में कर राहत

निर्यात के कुल आवर्त के संबंध में कर राहत

89क. [वित्त अधिनियम, 1983 द्वारा 1.4.1983 से लोप किया गया। अब इस धारा के उपबंधों वित्त अधिनियम, 1983 द्वारा 1.4.1983 से अंत:स्थापित नई धारा 88जजग में दी गई एक नई स्कीम द्वारा प्रतिस्थापित किए गए हैं। मूलत: धारा 89क वित्त अधिनियम, 1982 द्वारा 1.6.1982 से अंत:स्थापित की गई थी।]

वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा 1.4.2022 से धारा 89 के पश्चात् धारा 89क अंत:स्थापित की जाएगी।

89क. किसी अधिसूचित देश में बनाए रखे गए खाते से आय में कराधान से राहत

जहां किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति के पास किसी विनिर्दिष्ट खाते में उदभूत आय है, तो ऐसी आय पर ऐसी रीति में और उस वर्ष के लिए, जो विहित किया जाए, कर लगाया जाएगा।

स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों के लिए,—

(क) "विनिर्दिष्ट व्यक्ति" से भारत में ऐसा निवासी व्यक्ति अभिप्रेत है, जिसने किसी अधिसूचित देश में, भारत में अनिवासी और उस देश में निवासी होते हुए, कोई विनिर्दिष्ट खाता खोला है;

(ख) "विनिर्दिष्ट खाता" से ऐसा कोई खाता अभिप्रेत है, जो किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा किसी अधिसूचित देश में अपने सेवानिवृत्ति फायदों के संबंध में बनाए रखा गया है और ऐसे खाते से आय प्रोदभवमान आधार पर कराधेय नहीं है, किंतु उस पर ऐसे देश द्वारा निकासी या मोचन के समय कर लगाया जाता है।

(ग) "अधिसूचित देश" से ऐसा कोई देश अभिप्रेत है, जिसे इस धारा के प्रयोजनों के लिए केंद्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित किया जाए।

 

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

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