आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80ननख

वरिष्ठ नागरिकों की दशा में जमा पर ब्याज की बाबत कटौती

धारा

धारा संख्या

80ननख

अध्याय शीर्षक

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2018

वरिष्ठ नागरिकों की दशा में जमा पर ब्याज की बाबत कटौती

वरिष्ठ नागरिकों की दशा में जमा पर ब्याज की बाबत कटौती

वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से धारा 80ननक के पश्चात् धारा 80ननख अंत:स्थापित की जाएगी:

वरिष्ठ नागरिकों की दशा में जमा पर ब्याज की बाबत कटौती

80ननख. (1) जहां किसी निर्धारिती की, जो वरिष्ठ नागरिक है, सकल कुल आय में,–

(क) ऐसी किसी बैंककारी कंपनी में, जिसे बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है (जिसके अंतर्गत उस अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट कोर्इ बैंक या बैंककारी संस्था भी है);

(ख) बैंककारी कारबार करने में लगी किसी सहकारी सोसाइटी में (जिसके अंतर्गत कोर्इ सहकारी भूमि बंधक बैंक या सहकारी भूमि विकास बैंक भी है); या

(ग) भारतीय डाकघर अधिनियम, 1898 (1898 का 6) की धारा 2 के खंड () में यथापरिभाषित किसी डाकघर में,

निक्षेपों पर ब्याज के रूप में कोर्इ आय सम्मिलित है, वहां इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में नीचे विनिर्दिष्ट कटौती अनुज्ञात की जाएगी, अर्थात्:–

(i) ऐसे मामले में, जहां ऐसी आय की रकम कुल मिलाकर पचास हजार रुपए से अधिक नहीं होती है, संपूर्ण ऐसी रकम; और

(ii) किसी अन्य मामले में, पचास हजार रुपए।

(2) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट आय किसी फर्म, व्यक्ति-संगम या व्यष्टि निकाय द्वारा या उसकी ओर से धारित किसी बचत खाते में किसी निक्षेप से व्युत्पन्न होती है, वहां इस धारा के अधीन फर्म के किसी भागीदार या संगम के किसी सदस्य या निकाय के किसी व्यष्टि की कुल आय की संगणना में ऐसी आय की बाबत कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए ''वरिष्ठ नागरिक'' से भारत मे निवासी ऐसा व्यष्टि अभिप्रेत है, जो सुसंगत पूर्ववर्ष के दौरान किसी भी समय साठ वर्ष या अधिक आयु का है।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा संशोधित रूप में]

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