पेटेंटों पर स्वामिस्व की बाबत कटौती
81[पेटेंटों पर स्वामिस्व की बाबत कटौती
80ददख. (1) जहां ऐसे निर्धारिती की दशा में, जो व्यष्टि है, और जो–
(क) भारत में निवासी है;
(ख) कोर्इ पेटेंटधारी है;
(ग) पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) के अधीन 1 अप्रैल, 2003 को या उसके पश्चात् रजिस्ट्रीकृत किसी पेटेंट की बाबत स्वामिस्व के रूप में कोर्इ आय प्राप्त करता है, और
उसकी पूर्ववर्ष की सकल कुल आय में स्वामिस्व सम्मिलित है, वहां उसे इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए ऐसी आय से ऐसी संपूर्ण आय के बराबर रकम की या तीन लाख रुपए की, इनमें से जो भी कम हो, कटौती अनुज्ञात की जाएगी :
परंतु जहां पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) के अधीन किसी पेटेंट की बाबत कोर्इ अनिवार्य अनुज्ञप्ति अनुदत्त की जाती है, वहां इस धारा के अधीन कटौती अनुज्ञात करने के प्रयोजन के लिए स्वामिस्व के रूप में आय, उस अधिनियम के अधीन नियंत्रक द्वारा किसी अनुज्ञप्ति के लिए निर्धारित निबंधनों और शर्तों के अधीन स्वामिस्व की रकम से अधिक नहीं होगी :
परंतु यह और कि भारत के बाहर किसी स्रोत से उपार्जित किसी आय की बाबत उतनी आय को इस धारा के प्रयोजन के लिए हिसाब में लिया जाएगा जो निर्धारिती द्वारा या उसकी ओर से उस पूर्ववर्ष के अंत से, जिसमें ऐसी आय उपार्जित की गर्इ है छह मास की अवधि के भीतर या ऐसी और अवधि के भीतर, जो धारा 80थथख के स्पष्टीकरण के खंड (ग) में निर्दिष्ट सक्षम प्राधिकारी इस निमित्त अनुज्ञात करे, संपरिवर्तनीय विदेशी मुद्रा के रूप में भारत में लार्इ जाती है।
(2) इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती तक तब अनुज्ञात नहीं की जाएगी जब तक कि निर्धारिती, आय की विवरणी के साथ, विहित प्ररूप में 82ऐसी विशिष्टयों को उल्लिखित करते हुए, जो विहित की जाएं, विहित प्राधिकारी83 द्वारा सम्यक् रूप से हस्ताक्षरित प्रमाणपत्र नहीं दे देता है।
(3) इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती भारत के बाहर किसी स्रोत से उपार्जित किसी आय की बाबत तब तक अनुज्ञात नहीं की जाएगी जब तक कि निर्धारिती, आय की विवरणी के साथ विहित प्ररूप में84, ऐसे प्राधिकारी या प्राधिकारियों से, जो विहित किए जाएं85, प्रमाणपत्र नहीं दे देता है।
(4) जहां इस धारा में निर्दिष्ट किसी आय की बाबत किसी पूर्ववर्ष के लिए कटौती का दावा किया गया है और उसे अनुज्ञात किया गया है वहां ऐसी आय की बाबत कोर्इ कटौती इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन किसी निर्धारण वर्ष में अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
स्पष्टीकरण.--इस धारा के प्रयोजनों के लिए,--
(क) "नियंत्रक" का वही अर्थ है तो उसका पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (ख) में है86 ;
(ख) "एकमुश्त राशि" के अंतर्गत ऐसे स्वामिस्व की बाबत, कोर्इ अग्रिम संदाय जो लौटाया नहीं जाना है, भी आता है ;
(ग) "पेटेंट" से पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) के अधीन कोर्इ पेटेंट (जिसमें कोर्इ परिवर्धन - पेटेंट सम्मिलित है) अभिप्रेत है ;
(घ) "पेटेंटधारी" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जो आविष्कार का वास्तविक और प्रथम आविष्कर्ता है, जिसका नाम पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) के अनुसार पेटेंटधारी के रूप में पेटेंट रजिस्टर में दर्ज है और वहां जहां उस पेटेंट की बाबत एक व्यक्ति से अधिक व्यक्ति उस अधिनियम के अधीन पेटेंटधारी के रूप में रजिस्ट्रीकृत हों उसके अंतर्गत प्रत्येक ऐसा व्यक्ति आता है जो आविष्कार का वास्तविक और प्रथम आविष्कर्ता है ;
(ड़) "परिवर्धन - पेटेंट" का वही अर्थ है जो उसका पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (थ) में है ;
(च) "पेटेंटकृत वस्तु" और "पेटेंटकृत प्रक्रिया" के क्रमश: वही अर्थ हैं जो उनके पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (ण) में हैं 87;
(छ) किसी पेटेंट की बाबत "स्वामिस्व" से,--
(i) किसी पेटेंट की बाबत सभी या किन्ही अधिकारों का अंतरण करने (जिसके अंतर्गत किसी अनुज्ञप्ति का अनुदत्त करना भी है) ; या
(ii) किसी पेटेंट के कार्यकरण या उपयोग से संबंधित कोर्इ सूचना देने ; या
(iii) किसी पेटेंट का उपयोग करने ; या
(iv) उपखंड (i) से उपखंड (iii) में निर्दिष्ट क्रियाकलापों के संबंध में कोर्इ सेवाएं उपलब्ध कराने,
के लिए प्रतिफल अभिप्रेत है (जिसके अंतर्गत कोर्इ एकमुश्त प्रतिफल है किंतु इसके अंतर्गत कोर्इ ऐसा प्रतिफल नहीं है जो "पूंजी अभिलाभ" शीर्ष के अधीन प्राप्तकर्ता की प्रभार्य आय है या पेटेंटकृत प्रक्रिया या पेटेंटकृत वस्तु के उपयोग से विनिर्मित उत्पाद के विक्रय के लिए प्रतिफल है) ;
(ज) "वास्तविक और प्रथम आविष्कर्ता" का वही अर्थ है जो उसका पेटेंट अधिनियम, 1970 (1970 का 39) की धारा 2 की उपधारा (1) के खंड (म) में है।]
81. वित्त अधिनियम, 2003 द्वारा 1.4.2004 से अंत:स्थापित।
82. नियम 19कघ(2) और प्ररूप सं. 10गगड़ देखिए।
83. महानियंत्रक, पेटेंट, डिजाइन और व्यापार चिन्ह विहित प्राधिकारी है, नियम 19कघ(1) देखिए।
84. नियम 29क(1) और प्ररूप सं. 10ज देखिए।
85. नियम 29क(2) देखिए।
86. पेटेंट अधिनियम, 1970 की धारा 2(1)(ख) के पाठ के लिए परिशिष्ट देखिए।
87. पेटेंट अधिनियम 1970 की धारा 2(1)(ण)/(थ)/(म) के पाठ के लिए परिशिष्ट देखिए।
[वित्त अधिनियम, 2010 द्वारा संशोधित रूप में]

