नए कर्मचारियों के नियोजन के संबंध में कटौती
नए कर्मचारियों के नियोजन के संबंध में कटौती
80ञञकक. (1) जहां किसी निर्धारिती, जिसको धारा 44कख लागू होती है, की सकल कुल आय में, कारबार से व्युत्पन्न कोर्इ लाभ और अभिलाभ सम्मिलित है, वहां उपधारा (2) में विनिर्दिष्ट शर्तों के अधीन रहते हुए किसी पूर्ववर्ष में, तीन निर्धारण वर्षों के लिए, जिसके अंतर्गत वह निर्धारण वर्ष भी है जो उस पूर्ववर्ष से सुसंगत है जिसमें ऐसा नियोजन दिया गया है, ऐसे कारबार के दौरान उपगत अतिरिक्त कर्मचारी की लागत के तीस प्रतिशत के बराबर रकम की कटौती अनुज्ञात की जाएगी ।
(2) उपधारा (1) के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात नहीं होगी—
(क) यदि कारबार का गठन विद्यमान कारबार के विभाजन या पुनर्निर्माण द्वारा हुआ है :
परंतु इस खंड में अंतर्विष्ट कोर्इ बात किसी ऐसे कारबार के संबंध में लागू नहीं होगी जिसका गठन धारा 33ख में विनिर्दिष्ट परिस्थितियों और अवधि के भीतर निर्धारिती द्वारा कारबार के पुन:स्थापन, पुनर्निर्माण या पुनरुत्थान के परिणामस्वरूप किया गया है;
(ख) यदि कारबार निर्धारिती द्वारा किसी अन्य व्यक्ति से अंतरण के रूप में या किसी कारबार पुनर्गठन के परिणामस्वरूप अर्जित किया जाता है;
(ग) जब तक कि 3क[निर्धारिती धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे के स्पष्टीकरण में यथापरिभाषित लेखापाल की रिपोर्ट उसमें ऐसी विशिष्टियां, जो विहित की जाएं, देते हुए धारा 44कख में निर्दिष्ट विनिर्दिष्ट तारीख से पूर्व प्रस्तुत नहीं कर देता है]।
स्पष्टीकरण.—इस धारा के प्रयोजनों के लिए—
(i) "अतिरिक्त कर्मचारी लागत" से पूर्ववर्ष के दौरान नियोजित अतिरिक्त कर्मचारियों को संदत्त या संदेय कुल परिलब्धियां अभिप्रेत हैं :
परंतु विद्यमान कारबार की दशा में अतिरिक्त कर्मचारी लागत शून्य होगी, यदि—
(क) पूर्ववर्ती वर्ष के अंतिम दिन को नियोजित कर्मचारियों की कुल संख्या से कर्मचारियों की संख्या में कोर्इ वृद्धि नहीं होती है;
(ख) परिलब्धियां बैंक खाते के माध्यम से पाने वाले के खाते में देय चेक या पाने वाले के खाते में बैंक ड्राफ्ट द्वारा या इलैक्ट्रानिक समाशोधन प्रणाली के उपयोग से 3कक[या किसी अन्य इलैक्ट्रानिक पद्धति से, जो विहित की जाए] अन्यथा संदत्त की जाती हैं :
परंतु यह और कि नए कारबार के प्रथम वर्ष में, पूर्ववर्ती वर्ष के दौरान नियोजित कर्मचारियों को संदत्त या संदेय परिलब्धियां अतिरिक्त कर्मचारी लागत समझी जाएगी;
(ii) "अतिरिक्त कर्मचारी" से ऐसा कर्मचारी अभिप्रेत है जो पूर्ववर्ष के दौरान नियोजित किया गया है और जिसके नियोजन का प्रभाव पूर्ववर्ती वर्ष के अंतिम दिन को नियोजक द्वारा नियोजित कर्मचारियों की कुल संख्या में वृद्धि है, किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित सम्मिलित नहीं है,—
(क) कोर्इ ऐसा कर्मचारी जिसकी प्रतिमास कुल परिलब्धियां पच्चीस हजार रुपए से अधिक हैं; या
(ख) ऐसा कर्मचारी जिसके लिए समस्त अंशदान कर्मचारी भविष्य निधि और प्रकीर्ण उपबंध अधिनियम, 1952 (1952 का 19) के उपबंधों के अनुसार अधिसूचित कर्मचारी पेंशन स्कीम के अधीन सरकार द्वारा संदत्त किया जाता है; या
(ग) पूर्ववर्ष के दौरान दो सौ चालीस दिन से कम की अवधि के लिए नियोजित कोर्इ कर्मचारी; या
(घ) कोर्इ कर्मचारी, जो मान्यताप्राप्त भविष्य निधि में भाग नहीं लेता है :
परंतु कि परिधान विनिर्माण 4[या फुटवियर या चमड़े के उत्पादों] के व्यवसाय में शामिल कर-निर्धारितियों के मामले में उपखंड (ग) के प्रावधानों में दिये गये शब्दसमूह 'दो सौ चालीस दिन' को शब्दसमूह 'एक सौ पचास दिन' से प्रतिस्थापित किये जायेंगे।
4क[परंतु यह और कि जहां किसी कर्मचारी को पूर्ववर्ष के दौरान, यथास्थिति, दो सौ चालीस दिन से कम या एक सौ पचास दिन से कम की अवधि के लिए नियोजित किया जाता है, किंतु उसके तुरंत पश्चात्वर्ती वर्ष में, यथास्थिति, दो सौ चालीस दिन या एक सौ पचास दिन की अवधि के लिए नियोजित किया जाता है, वहां उसके बारे में यह समझा जाएगा कि उसे पश्चात्वर्ती वर्ष में नियोजित किया गया है और इस धारा के उपबंध तद्नुसार लागू होंगे;]
(iii) "परिलब्धियों" से किसी कर्मचारी को उसके नियोजन, चाहे वह किसी भी नाम से ज्ञात हो, के बदले में संदत्त संदेय कोर्इ धनराशि अभिप्रेत है किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित नहीं है—
(क) तत्समय प्रवृत्त किसी विधि के अधीन कर्मचारी के फायदे के लिए नियोजक द्वारा किसी पेंशन या भविष्य निधि या किसी अन्य निधि में संदत्त या संदेय कोर्इ अंशदान; और
(ख) उसकी सेवा के पर्यवसान या अधिवर्षिता या स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के समय संदत्त या संदेय कोर्इ एकमुश्त संदाय जैसे उपदान, पृथक्करण वेतन, छुट्टी नकदीकरण, स्वैच्छिक छंटनी फायदे, पेंशन का संराशीकरण और वैसे ही।
(3) इस धारा के उपबंध, जैसे कि वे वित्त अधिनियम, 2016 द्वारा उनके संशोधन से ठीक पूर्व विद्यमान थे, 1 अप्रैल, 2016 को या उससे पहले आरंभ होने वाले किसी निर्धारण वर्ष के लिए किसी कटौती का दावा करने वाले पात्र निर्धारिती को लागू होंगे।
3क. वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा 1.4.2020 से ''निर्धारिती आय की विवरणी के साथ धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे के स्पष्टीकरण में यथा परिभाषित लेखापाल की रिपोर्ट उसमें ऐसी विशिष्टियां, जो विहित की जाएं, देते हुए प्रस्तुत नहीं कर देता है'' शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
3कक. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2019 द्वारा 1.4.2020 से अंत:स्थापित।
4. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से अंत:स्थापित।
4क. वित्त अधिनियम, 2018 द्वारा 1.4.2019 से अंत:स्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

