कुछ क्षेत्रों में नव स्थापित छोटे पैमाने पर औद्योगिक उपक्रमों से लाभ और लाभ के संबंध में कटौती
11[कुछ क्षेत्रों में लगाए गए नए लघु उद्योग उपक्रमों के लाभ और अभिलाभ के बारे में कटौती
1280जजक. (1) जहां निर्धारिती की सकल कुल आय में किसी ऐसे लघु उद्योग उपक्रम से जिसको यह धारा लागू होती है प्राप्त कोर्इ लाभ या अभिलाभ भी है वहां निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में ऐसे लाभ और अभिलाभ की रकम के बीस प्रतिशत के बराबर कटौती इस धारा के उपबंधों के अनुसार और अधीन रहते हुए अनुज्ञात की जाएगी।
(2) यह धारा ऐसे लघु उद्योग उपक्रम को लागू होती है जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है अर्थात् :–
(i) यह किसी ग्रामीण क्षेत्र में वस्तुओं का विनिर्माण या उत्पादन 30 दिसम्बर, 1977 के पश्चात् 13[किंतु 1 अप्रैल, 1990 के पूर्व] प्रारंभ करता है;
(ii) वह पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित या पुनर्गठित करके नहीं बना है :
परन्तु यह शर्त उसे लघु उद्योग उपक्रम के बारे में लागू नहीं होगी जो धारा 33ख में यथानिर्दिष्ट किसी औद्योगिक उपक्रम के कारबार के उस धारा में उल्लिखित परिस्थितियों में और कालावधि के अंदर निर्धारिती द्वारा पुन: स्थापन, पुनर्गठन या पुन: चालन के फलस्वरूप बना है;
(iii) वह किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अंतरण करके नहीं बना है;
(iv) वह शक्ति की सहायता से चलने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में दस या अधिक कर्मकार नियोजित करता है या शक्ति की सहायता के बिना चलार्इ जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में बीस या अधिक कर्मकार नियोजित करता है।
स्पष्टीकरण.–जहां किसी लघु उद्योग उपक्रम की दशा में, किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त कोर्इ मशीनरी या संयंत्र या उसका कोर्इ भाग किसी नये कारबार को स्थानांतरित किया जाता है और इस प्रकार स्थानांतरित मशीनरी या संयंत्र या उसके किसी भाग का कुल मूल्य ऐसे किसी कारबार में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य के बीस प्रतिशत से अधिक नही है वहां इस उपधारा के खंड (iii) के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि उसमें उल्लिखित शर्तें पूरी हो गर्इ हैं।
(3) उपधारा (1) में उल्लिखित कटौती 14[उस पूर्ववर्ष से प्रारंभ होने वाले दस पूर्ववर्षों में से प्रत्येक की आय की संगणना करने में अनुज्ञात की जाएगी जिसमें औद्योगिक उपक्रम] वस्तुओं का विनिर्माण या उत्पादन प्रारंभ करता है :
15[परन्तु ऐसी कटौती पूर्वोक्त दस पूर्ववर्षों में से किसी पूर्ववर्ष की कुल आय की संगणना करने के लिए अनुज्ञात नहीं की जाएगी जिसके बारे में औद्योगिक उपक्रम उपधारा (8) के नीचे स्पष्टीकरण के खंड (ख) के अर्थांतर्गत लघु उद्योग उपक्रम नहीं है।]
(4) जहां निर्धारिती, कंपनी या सहकारी सोसायटी से भिन्न कोर्इ व्यक्ति है वहां उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती तब तक अनुज्ञेय नहीं होगी जब तक कि, जिस निर्धारण वर्ष के लिए कटौती का दावा किया गया हो, उस निर्धारण वर्ष के सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए उस औद्योगिक उपक्रम के कारबार के लेखे धारा 288 की उपधारा (2) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण में यथापरिभाषित लेखापाल द्वारा संपरीक्षित न किए गए हों और निर्धारिती ने अपनी आय की विवरणी के साथ ऐसे लेखापाल द्वारा सम्यक्त : विहित फार्म16 में हस्ताक्षरित और सत्यापित ऐसी संपरीक्षा रिपोर्ट न दे दी हो।
(5) धारा 80जज की उपधारा (6) और (7) के उपबंध जहां तक हो सके इस धारा के अंतर्गत कटौती के प्रयोजनों के लिए लघु उद्योग उपक्रम के लाभों और अभिलाभों की संगणना के संबंध में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे उस धारा के अंतर्गत कटौती के प्रयोजनों के लिए किसी औद्योगिक उपक्रम के लाभ और अभिलाभ की संगणना के संबंध में लागू होते हैं।
(6) ऐसी दशा में जहां निर्धारिती किसी लघु उद्योग उपक्रम के, जिसको यह धारा लागू होती है, लाभ और अभिलाभ के संबंध में 17[धारा 80झ या] धारा 80ञ के अधीन कटौती का भी हकदार है वहां पहले इस धारा के उपबंधों को प्रभावी किया जाएगा।
(7) जहां किसी लघु उद्योग उपक्रम के, जिसे धारा 80जज लागू होती है, लाभ और अभिलाभ के संबंध में किसी निर्धारण वर्ष के लिए उस धारा के अंतर्गत किसी कटौती का दावा किया जाता है और अनुज्ञात किया जाता है वहां ऐसे लाभ और अभिलाभ के संबंध में कोर्इ कटौती उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए इस धारा के अंतर्गत अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(8) इस धारा में अन्तर्विष्ट कोर्इ बात खनन में लगे हुए किसी लघु उद्योग उपक्रम के संबंध में लागू नहीं होगी।
स्पष्टीकरण.–इस धारा के प्रयोजनों के लिए–
18[(क) "ग्रामीण क्षेत्र" से ऐसा क्षेत्र अभिप्रेत है, जो,–
(i) ऐसे क्षेत्र से भिन्न है जो किसी नगरपालिका की (चाहे वह नगरपालिका, नगर निगम, अधिसूचित क्षेत्र समिति, शहरी क्षेत्र समिति, शहरी समिति या किसी अन्य नाम से ज्ञात हो) या किसी छावनी बोर्ड की अधिकारिता के भीतर आता है और जिसकी जनसंख्या उस अंतिम पूर्ववर्ती जनगणना के अनुसार, जिसके सुसंगत आंकड़े पूर्ववर्ष के पहले दिन के पूर्व प्रकाशित किए जा चुके हैं, दस हजार से कम नहीं है; या
(ii) ऐसे क्षेत्र से भिन्न है जो उपखंड (i) में उल्लिखित नगरपालिका या छावनीबोर्ड की स्थानीय सीमाओं से इतनी दूर है जो पन्द्रह किलोमीटर से अधिक नहीं है, जो केन्द्रीय सरकार, ऐसे क्षेत्र के विकास के प्रक्रम को (जिसके अंतर्गत ऐसे क्षेत्र के नगरीकरण का विस्तार और उसकी संभावनाएं हैं) और अन्य सुसंगत बातों को ध्यान में रखते हुए राजपत्र में अधिसूचना19 द्वारा इस संबंध में उल्लेख करे;]
20[(ख) ऐसा कोर्इ औद्योगिक उपक्रम लघु उद्योग उपक्रम समझा जाएगा जिसे पूर्ववर्ष के अंतिम दिन को उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 (1951 का 65) की धारा 11ख21 के अंतर्गत लघु उद्योग उपक्रम समझा जाता है।]
11. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1977 द्वारा 1.4.1978 से अंत:स्थापित।
12. सुसंगत केस लॉज़ के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
13. वित्त अधिनियम, 1990 द्वारा 1.4.1990 से अंत:स्थापित।
14. वित्त अधिनियम, 1981 द्वारा 1.4.1981 से "उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष से प्रारम्भ होने वाले दस निर्धारण वर्षों में से प्रत्येक की आय के बारे में जिसमें वह लघु औद्योगिक उपक्रम" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
15. वित्त अधिनियम, 1981 द्वारा 1.4.1981 से अंत:स्थापित।
16. संपरीक्षा रिपोर्ट के लिए नियम 18खख और फार्म सं. 10गग देखिए।
17. वित्त (सं. 2) अधिनियम, 1980 द्वारा 1.4.1981 से अंत:स्थापित।
18. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से प्रतिस्थापित।
19. विनिर्दिष्ट क्षेत्रों के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ सरकुलर्स।
20. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.1978 से भूतलक्षी प्रभाव से प्रतिस्थापित। इसके प्रतिस्थापन से पूर्व खंड (ख) का वित्त अधिनियम, 1981 द्वारा 1.4.1981 से और वित्त अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1985 से भूतलक्षी प्रभाव से संशोधन किया गया था।
21. उद्योग (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1951 की धारा 11ख के पाठ के लिए देखिए परिशिष्ट।
[वित्त अधिनियम, 2007 तथा कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 2006 द्वारा संशोधित रूप में]

