आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 80जज

पिछड़े क्षेत्रों में नए स्थापित औद्योगिक उपक्रमों या होटल कारबार से लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती

धारा

धारा संख्या

80जज

अध्याय शीर्षक

अध्याय VIक - कुल आय की गणना में की जाने वाली कटौतियाँ

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2021

पिछड़े क्षेत्रों में नए स्थापित औद्योगिक उपक्रमों या होटल कारबार से लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती

पिछड़े क्षेत्रों में नए स्थापित औद्योगिक उपक्रमों या होटल कारबार से लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती

पिछड़े क्षेत्रों में नए स्थापित औद्योगिक उपक्रमों या होटल कारबार से लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती

80जज. (1) जहां निर्धारिती की सकल कुल आय में किसी ऐसे औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार से, जिसको यह धारा लागू होती है, प्राप्त कोर्इ लाभ और अभिलाभ भी है वहां निर्धारिती की कुल आय की संगणना करने में ऐसे लाभ और अभिलाभ की रकम के बीस प्रतिशत के बराबर कटौती इस धारा के उपबंधों के अनुसार और अधीन रहते हुए अनुज्ञात की जाएगी।

(2) यह धारा ऐसे किसी औद्योगिक उपक्रम को लागू होती है जो निम्नलिखित सभी शर्तों को पूरा करता है, अर्थात् :–

(i) यह किसी पिछड़े क्षेत्र में 31 दिसम्बर, 1970 के पश्चात् किन्तु 1 अप्रैल, 1990 के पूर्व वस्तुओं का निर्माण या उत्पादन प्रारंभ कर चुका है या करता है;

(ii) यह किसी पिछड़े क्षेत्र में पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित या पुनर्गठित करके नहीं बना है :

परन्तु यह शर्त उस औद्योगिक उपक्रम के संबंध में लागू नहीं होगी, जो धारा 33ख में यथा-नििर्र्दष्ट किसी औद्योगिक उपक्रम के उस धारा में उल्लिखित परिस्थितियों मं् और कालावधि के अंदर निर्धारिती द्वारा पुन: स्थापना, पुनर्गठन या पुन:चालन के फलस्वरूप बना है;

(iii) वह किसी पिछड़े क्षेत्र में किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त किसी मशीनरी या संयंत्र का नए कारबार को अंतरित करके नहीं बना है;

(iv) वह शक्ति से चलार्इ जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में दस या अधिक कर्मकार नियोजित करता है या शक्ति की सहायता के बिना चलार्इ जाने वाली विनिर्माण प्रक्रिया में बीस या अधिक कर्मकार नियोजित करता है।

स्पष्टीकरण.–जहां किसी पिछड़े क्षेत्र में किसी प्रयोजन के लिए तत्पूर्व प्रयुक्त कोर्इ मशीनरी या संयंत्र या उसका कोर्इ भाग उस क्षेत्र में या किसी अन्य पिछड़े क्षेत्र में किसी नए कारबार को अन्तरित किया जाता है और इस प्रकार अन्तरित मशीनरी या संयंत्र या उसके किसी भाग का कुल मूल्य ऐसे किसी कारबार में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के कुल मूल्य से बीस प्रतिशत से अधिक नहीं है वहां इस उपधारा के खंड (iii) के प्रयोजनों के लिए यह समझा जाएगा कि उसमें विशेष रूप से उल्लिखित शर्तें पूरी हो गर्इ हैं।

(3) यह धारा होटल के कारबार को लागू होती है जहां निम्नलिखित सभी शर्तें पूरी की जाती हैं; अर्थात् :–

(i) किसी पिछड़े क्षेत्र में होटल का कारबार 31 दिसम्बर, 1970 के पश्चात् किन्तु 1 अप्रैल, 1990 के पूर्व आरंभ हो चुका है या होता है;

(ii) होटल का कारबार पहले से विद्यमान किसी कारबार को खंडित या पुनर्गठित करके नहीं बना है;

(iii) वह होटल केन्द्रीय सरकार द्वारा इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए तत्समय अनुमोदित है।

(4) उपधारा (1) में उल्लिखित कटौती, उस पूर्ववर्ष से सुसंगत निर्धारण वर्ष से प्रारंभ होने वाले दस निर्धारण वर्षों में से प्रत्येक के बारे में उसकी आय की गणना करने में अनुज्ञात की जाएगी, जिसमें वह औद्योगिक उपक्रम वस्तुओं का विनिर्माण या उत्पादन आरंभ करता है या कर चुका है या होटल का कारबार आरंभ हो गया है :

परन्तु

(i) ऐसे औद्योगिक उपक्रम की दशा में, जिसने वस्तुओं का विनिर्माण या उत्पादन प्रारंभ; और

(ii) उस होटल के कारबार की दशा में, जिसने कार्य आरंभ,

31 दिसम्बर, 1970 के पश्चात् किंतु 1 अप्रैल, 1973 के पहले किया है, इस उपधारा का इस प्रकार प्रभाव होगा मानो दस निर्धारण वर्षों के प्रति निर्देश उतने निर्धारण वर्षों के संदर्भ में है जो 1 अप्रैल, 1974 के पूर्व समाप्त हुए निर्धारण वर्षों की संख्या दस निर्धारण वर्षों में से घटाने पर आएं।

(5) जहां निर्धारिती, कंपनी या सहकारी सोसाइटी से भिन्न कोर्इ व्यक्ति है वहां, उपधारा (1) के अंतर्गत कटौती तब तक अनुज्ञेय नहीं होगी जब तक कि जिस निर्धारण वर्ष के लिए कटौती का दावा किया गया हो उस निर्धारण वर्ष से सुसंगत पूर्ववर्ष के लिए उस औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार के लेखे धारा 288 की उपधारा (21) के नीचे दिए गए स्पष्टीकरण में यथापरिभाषित लेखापाल द्वारा संपरीक्षित न किए गए हों और निर्धारिती ने अपनी आय की विवरणी के साथ ऐसे लेखापाल द्वारा विहित फार्म में विधिवत रूप से हस्ताक्षरित और सत्यापित संपरीक्षा की रिपोर्ट न दे दी हो;

(6) जहां किसी औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित माल निर्धारिती द्वारा चलाए जाने वाले अन्य कारबार को अंतरित किए जाते हैं या जहां निर्धारिती द्वारा चलाए जाने वाले किसी अन्य कारबार के प्रयोजनों के लिए धारित माल उस औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार को अन्तरित किए जाते हैं और दोनों दशाओं में ऐसे अन्तरण के लिए उस औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार के लेखाओं में रिकार्ड किया गया प्रतिफल, यदि कोर्इ हो, अन्तरण की तारीख को माल के बाजार मूल्य के बराबर नहीं है तो इस धारा के अधीन कटौती के प्रयोजनों के लिए, औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार के लाभ और अभिलाभों की गणना इस प्रकार की जाएगी मानो अन्तरण, दोनों दशाओं में, उस तारीख को माल के बाजार मूल्य पर किया गया है :

परन्तु जहां निर्धारण अधिकारी की राय में इसमें उनके पूर्व विशेष रूप से उल्लिखित रीति में औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार के लाभ या अभिलाभ की गणना से असाधारण कठिनाइयां होती हैं वहां निर्धारण अधिकारी लाभ और अभिलाभ की गणना ऐसे उचित आधार पर करेगा जो वह ठीक समझे।

स्पष्टीकरण.–इस उपधारा में किसी माल के संबंध में ''बाजार मूल्य'' से वह कीमत अभिप्रेत है जो ऐसे माल के लिए खुले बाजार में विक्रय पर सामान्यतया प्राप्त होगी।

(7) जहां निर्धारण अधिकारी को यह प्रतीत होता है कि उस औद्योगिक उपक्रम या होटल का जिसको यह धारा लागू होती है कारबार चलाने वाले निर्धारिती और किसी अन्य व्यक्ति के निकट संबंध के कारण या किसी कारण से उनके बीच कारबार की इस प्रकार व्यवस्था की गर्इ है कि उनके बीच उस कारबार से निर्धारिती को उस सामान्य लाभ से जो उसे औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार से उत्पन्न होने की आशा की जा सकती है, अधिक लाभ होता है वहां निर्धारण अधिकारी इस धारा के अधीन कटौती के प्रयोजन के लिए उस औद्योगिक उपक्रम या होटल के लाभ और अभिलाभ की गणना करने में लाभ की उतनी रकम को हिसाब में लेगा जो उससे उचित रूप से प्राप्त हुर्इ समझी जा सकती है।

(8) [* * *]

(9) ऐसी दशा में जहां निर्धारिती किसी औद्योगिक उपक्रम या होटल के कारबार के, जिसको यह धारा लागू होती है और लाभ और अभिलाभ के संबंध में धारा 80झ या धारा 80ञ के अधीन भी कटौती का हकदार है वहां पहले इस धारा के उपबंधों को प्रभावी बनाया जाएगा।

(9क) जहां किसी लघु उद्योग उपक्रम के, जिसे धारा 80जजक लागू होती है, लाभ या अभिलाभ के संबंध में किसी निर्धारण वर्ष के लिए उस धारा के अधीन किसी कटौती का दावा किया जाता है और अनुज्ञात किया जाता है वहां ऐसे लाभ और अभिलाभ के संबंध में कटौती उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए इस धारा के अंतर्गत अनुज्ञात नहीं की जाएगी।

(10) इस धारा की कोर्इ बात खनन में लगे हुए किसी उपक्रम के संबंध में लागू नहीं होगी।

(11) इस धारा के प्रयोजनों के लिए ''पिछड़ा क्षेत्र'' से ऐसा क्षेत्र अभिप्रेत है जो केन्द्रीय सरकार उस क्षेत्र के विकास के चरण को ध्यान में रखते हुए, राजपत्र में अधिसूचना द्वारा इस संबंध में विशेष रूप से उल्लेख करे :

परन्तु इस उपधारा के अंतर्गत कोर्इ अधिसूचना किसी ऐसी तारीख से भूतलक्षी प्रभाव देते हुए, जो 1 अप्रैल, 1983 से पहले की नहीं है, निकाली जा सकेगी।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2021 द्वारा संशोधित रूप में]

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