तलाशी, अध्यपेक्षा और सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप हानियों का कोई मुजरा न होना
1[तलाशी, अध्यपेक्षा और सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप हानियों का कोई मुजरा न होना।
79क. इस अधिनियम में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, जहां धारा 132 के अधीन तलाशी या धारा 132क के अधीन किसी अध्यपेक्षा या उस धारा की उपधारा (2क) से भिन्न धारा 133क के अधीन किसी सर्वेक्षण के परिणामस्वरूप, निर्धारिती की किसी पूर्ववर्ष की कुल आय के अंतर्गत कोई अप्रकटित आय भी है, धारा 32 की उपधारा (2) के अधीन ऐसी अप्रकटित आय, किसी हानि के विरुद्ध कोई मुजरा, चाहे अग्रेषित किया गया हो या अन्यथा या अनामेलित अवक्षयण को, ऐसे पूर्ववर्ष के लिए उसकी कुल आय की संगणना में इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन निर्धारिती को अनुज्ञात नहीं किया जाएगा।
स्पष्टीकरण- इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "अप्रकटित आय" पद से निम्नलिखित अभिप्रेत है-
(i) उस धारा की उपधारा (2क) के अधीन से भिन्न, धारा 132 के अधीन तलाशी या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा या धारा 133क के अधीन सर्वेक्षण के दौरान पूर्ववर्ष की प्रस्तुत कोई आय, चाहे पूर्णत: हो या भागत:, किसी धन, बुलियन, आभूषण या अन्य मूल्यवान वस्तु या चीज या लेखाबहियों या अन्य दस्तावेजों में कोई प्रतिष्टि या संव्यवहार पाए गए हैं, जो-
(अ) ऐसे पूर्ववर्ष से संबंधित साधारण अनुक्रम में रखं गए लेखाबहियों या अन्य दस्तावेजों में, यथास्थिति, तलाशी या अध्यपेक्षा या सर्वेक्षण की तारीख को या उसके पूर्व अभिलिखित नहीं की गई है; या
(आ) यथास्थिति, तलाशी या अध्यपेक्षा या सर्वेक्षण की तारीख से पूर्व प्रधान मुख्य आयुक्त या मुख्य आयुक्त या प्रधान आयुक्त या आयुक्त को प्रकट नहीं की गई है; या
(ii) पूर्ववर्ष के संबंध में, साधारण अनुक्रम में रखी गई लेखाबहियों या अन्य दस्तावजों में अभिलिखित किसी व्यय के संबंध में किसी प्रविष्टि द्वारा या तो पूर्णत: या भागत: प्रस्तुत पूर्ववर्ष की कोई आय, जो मिथ्या पाई जाती है और यदि तलाशी आरंभ नहीं की गई होती या सर्वेक्षण नहीं किया गया होता या अध्यपेक्षा नहीं की गई होती, तो इस प्रकार नहीं पाई जाती।]
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

