कटौती न करने योग्य रकमें
कटौती न करने योग्य रकमें
58. (1) धारा 57 में अंतर्विष्ट किसी प्रतिकूल बात के होते हुए भी, ''अन्य स्रोतों से आय'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में निम्नलिखित रकम कटौती करने योग्य नहीं होगी, अर्थात्:–
(क) किसी निर्धारिती की दशा में,–
(i) निर्धारिती के कोर्इ निजी व्यय;
(iक) धारा 40क की उपधारा (12) में विनिर्दिष्ट प्रकृति का कोर्इ व्यय;
(ii) इस अधिनियम के अधीन प्रभार्य ऐसा कोर्इ ब्याज जो भारत के बाहर संदेय है (जो 1938 के अप्रैल के प्रथम दिन से पहले सार्वजनिक अभिदाय के लिए पुरोधृत ऋण का ब्याज नहीं है) जिस पर अध्याय 17ख के अधीन कर का संदाय या उसकी कटौती नहीं की गर्इ है;
(iii) कोर्इ ऐसा संदाय जो ''वेतन'' शीर्षक के अधीन तब प्रभार्य है जबकि वह भारत के बाहर संदेय हो, जब तक कि उस पर अध्याय 17ख के अधीन कर का संदाय या उसकी कटौती न की गर्इ हो;
(iv) [* * *]
(ख) [* * *]
(1क) धारा 40 के खंड (क) के 78[उपखंड (iक) और उपखंड (iiक)] के उपबंध जहां तक हो सके ''अन्य स्रोतों से आय'' शीर्षक के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे ''कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में लागू होते हैं।
(2) धारा 40क के उपबंध जहां तक हो सके ''अन्य स्रोतों से आय'' शीर्षक के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे ''कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में लागू होते हैं।
(3) किसी निर्धारिती की दशा में जो विदेशी कंपनी है, धारा 44घ के उपबंध, जहां तक हो सके ''अन्य स्रोतों से आय'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में उसी प्रकार लागू होंगे जैसे वे ''कारबार या वृत्ति के लाभ और अभिलाभ'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय की संगणना करने में लागू होते हैं।
(4) किसी ऐसे निर्धारिती की दशा में जिसकी ''अन्य स्रोतों से आय'' शीर्ष के अधीन प्रभार्य आय है, किसी व्यय या मोक की बाबत कोर्इ लाटरी, वर्ग पहेली, दौड़ जिसके अंतर्गत घुड़दौड़ भी है, ताश के खेल और अन्य सभी प्रकार के खेल या किसी प्रकार या प्रकृति के जुआ या दांव लगाने से जीत के रूप में आय की संगणना करने में ऐसी आय के संबंध में किसी प्रकार के मोक या व्यय की बाबत किसी प्रकार की कटौती इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन अनुज्ञात नहीं की जाएगी :
परन्तु इस उपधारा की कोर्इ बात, ऐसे निर्धारिती की, जो ऐसे घोड़ों का स्वामी है जो उसके द्वारा घुड़दौड़ में दौड़ने के लिए रखे जाते हैं, ऐसे घोड़ों को अपने स्वामित्व में रखने और उनके रख-रखाव के कार्य से संबंधित आय की संगणना करने में लागू नहीं होगी।
स्पष्टीकरण.–इस उपधारा के प्रयोजनों के लिए, ''घुड़दौड़'' से ऐसी घुड़दौड़ अभिप्रेत है जिस पर सट्टा या दाव विधिपूर्ण ढंग से लगाया जा सकता है।
78. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2018 से ''उपखंड (iiक)'' के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

