आय-कर का प्रभार
अध्याय 2
प्रभार का आधार
आय-कर का प्रभार
274. 28(1) जहां कोर्इ केन्द्रीय अधिनियम यह अधिनियमित करता है कि आय-कर29 किसी निर्धारण वर्ष के लिए किसी दर या किन्हीं दरों पर प्रभारित किया जाएगा, वहां आय-कर हर व्यक्ति की 30[***] पूर्ववर्ष 30[***] की कुल आय31 की बाबत 32[इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए31 (जिनके अंतर्गत अतिरिक्त आय-कर के वसूली के उपबंध भी हैं)] उस वर्ष के लिए उस दर या उन दरों पर प्रभारित किया जाएगा :
परन्तु जहां इस अधिनियम के किसी उपबंध के आधार पर किसी ऐसी कालावधि की जो पूर्ववर्ष से भिन्न हो, आय की बाबत आय-कर प्रभारित किया जाना है, वहां आय-कर तदनुसार प्रभारित किया जाएगा।
(2) उपधारा (1) के अधीन प्रभार्य आय की बाबत आय-कर की कटौती स्रोत पर की जाएगी या उसका भुगतान अग्रिम के रूप में किया जाएगा, जहां वह इस अधिनियम के किसी उपबंध के अधीन ऐसी कटौती के योग्य या भुगतान के योग्य है।
27. तारीख 1.8.1974 का परिपत्र सं. 142, तारीख 22.1.1986 का परिपत्र सं. 447, तारीख 21.8.1990 का परिपत्र सं. 573, तारीख 8.6.1999 का परिपत्र सं. 776 और तारीख 30.8.1974 का अनुदेश सं. 747 [फा.सं. 288/29/74-आर्इ.टी.(ए-II)], (सुसंगत उद्धरण) भी देखें। ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
28. सुसंगत केस लाज़ के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
29. "आय-कर" पद के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.
30. "यथास्थिति" तथा "या पूर्ववर्षों" शब्दों का प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से लोप किया गया।
31. "इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए" और "कुल आय" पदों के अर्थ के लिए देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज़ मैनुअल, खंड 3.
32. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से "इस अधिनियम के उपबंधों के अनुसार" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2012 द्वारा संशोधित रूप में]

