आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 35घघ

समामेलन या अविलयन की दशा में व्यय का अपाकरण (अमोरटाइजेशन)

धारा

धारा संख्या

35घघ

अध्याय शीर्षक

अध्याय IV - कुल आय की गणना

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2017

समामेलन या अविलयन की दशा में व्यय का अपाकरण (अमोरटाइजेशन)

समामेलन या अविलयन की दशा में व्यय का अपाकरण (अमोरटाइजेशन)

22[समामेलन या अविलयन की दशा में व्यय का अपाकरण (अमोरटाइजेशन)

35घघ. (1) जहां कोर्इ निर्धारिती, जो भारतीय कंपनी है, 1 अप्रैल, 1999 को या उसके पश्चात् किसी उपक्रम के समामेलन या अविलयन के प्रयोजनों के लिए पूर्णत: या अनन्यत: कोर्इ व्यय उपगत करता है, वहां निर्धारिती को उस पूर्ववर्ष से, जिसमें समामेलन या अविलयन होता है, प्रारंभ होने वाले पांच उत्तरवर्ती पूर्ववर्षों में से प्रत्येक वर्ष के लिए ऐसे व्यय के 1/5 के बराबर राशि की कटौती अनुज्ञात की जाएगी।

(2) उपधारा (1) में वर्णित व्यय की बाबत कोर्इ कटौती इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन अनुज्ञात नहीं की जाएगी।]

 

22. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा संशोधित रूप में]

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