सत्यापन, आदि में झूठा बयान
21[सत्यापन आदि में मिथ्या कथन
277. यदि कोर्इ व्यक्ति22 इस अधिनियम के अधीन या इसके अधीन बनाए गए किसी नियम के अधीन किसी सत्यापन में कोर्इ ऐसा कथन करेगा या कोर्इ ऐसा लेखा या विवरणी देगा, जो मिथ्या है, और जिसके बारे में वह या तो जानता है, या यह विश्वास करता है कि वह मिथ्या है, या वह यह विश्वास नहीं करता है कि वह सत्य है, तो,–
(i) ऐसे मामले में जहां कर की रकम, जिसका यदि वह कथन या लेखा सत्य मान लिया जाता तो अपवंचन हो जाता है, एक लाख रुपए से अधिक है, कठोर कारावास से, जिसकी अवधि छह मास से कम नहीं होगी किंतु सात वर्ष तक हो सकेगी और जुर्माने से दण्डनीय होगा;
(ii) किसी अन्य मामले में कठोर कारावास से, जिसकी अवधि तीन मास से कम नहीं होगी किंतु तीन वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से दण्डनीय होगा।
21. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.10.1975 से प्रतिस्थापित।
22. "व्यक्ति" पद के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

