धारा 286 के अधीन रिपोर्ट देने में असफलता या अयथार्थ रिपोर्ट देने के लिए शास्ति
धारा 286 के अधीन रिपोर्ट देने में असफलता या अयथार्थ रिपोर्ट देने के लिए शास्ति
271छख. (1) यदि धारा 286 में निर्दिष्ट कोर्इ रिपोर्ट करने वाला अस्तित्व, जिससे रिपोर्ट किए जाने वाले लेखांकन वर्ष के संबंध में उक्त धारा की उपधारा (2) में निर्दिष्ट रिपोर्ट दिया जाना अपेक्षित है, ऐसा करने में असफल रहता है, तो उस धारा के अधीन विहित प्राधिकारी (जिसे इसमें इसके पश्चात् विहित प्राधिकारी कहा गया है), यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा अस्तित्व शास्ति के रूप में निम्नलिखित राशि का संदाय करेगा,–
(क) प्रत्येक दिन जिसके दौरान असफलता बनी रहती है, के लिए पांच हजार रुपए, यदि असफलता की अवधि एक मास से अधिक नहीं है; या
(ख) प्रत्येक दिन के लिए पन्द्रह हजार रुपए जब असफलता एक मास की अवधि के आगे बनी रहती है ।
(2) यदि धारा 286 में निर्दिष्ट कोर्इ रिपोर्टिंग आस्तित्व, उक्त धारा की उपधारा (6) के अधीन अनुज्ञात अवधि के भीतर सूचना और दस्तावेज प्रस्तुत करने में असफल रहता है, तो विहित प्राधिकारी, निदेश दे सकेगा कि ऐसा अस्तित्व प्रत्येक दिन के लिए, जिसके दौरान असफलता बनी रहती है, जो उस दिन से जब सूचना और दस्तावेज प्रस्तुत करने की अवधि समाप्त हो, के तुरंत पश्चात् के दिन से प्रारंभ होगी, शास्ति के रूप में पांच हजार रुपए की राशि का संदाय करेगा।
(3) यदि उपधारा (1) या उपधारा (2) में निर्दिष्ट असफलता, यथास्थिति, उपधारा (1) या उपधारा (2) के अधीन शास्ति का संदाय करने के लिए आदेश के अस्तित्व पर तामील होने के पश्चात् जारी रहती है, तो उपधारा (1) या उपधारा (2) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी विहित प्राधिकारी निदेश दे सकेगा कि ऐसा अस्तित्व प्रत्येक दिन के लिए जब ऐसे आदेश की तारीख से आंरभ होने वाली, ऐसी असफलता बनी रहती है, शास्ति के रूप में पचास हजार रुपए की राशि का संदाय करे ।
(4) जहां धारा 286 में निर्दिष्ट कोर्इ रिपोर्टिंग अस्तित्व, उक्त धारा की उपधारा (2) के अनुसार दी गर्इ रिपोर्ट में अयथार्थ सूचना उपलब्ध कराता है और जहां–
(क) अस्तित्व के पास रिपोर्ट फाइल करते समय अयथार्थता का ज्ञान हो किंतु वह विहित प्राधिकारी को सूचित करने में असफल रहे; या
(ख) अस्तित्व को रिपोर्ट प्रस्तुत कर दिए जाने के पश्चात् अयथार्थता का पता लगे और वह विहित प्राधिकारी को सूचित करने में और ऐसा पता चलने के पन्द्रह दिनों के भीतर यथार्थ रिपोर्ट फाइल करने में असफल रहता है; या
(ग) अस्तित्व, धारा 286 की उपधारा (6) के अधीन जारी की गर्इ किसी सूचना के उत्तर में, अयथार्थ सूचना प्रस्तुत करता है,
तो विहित प्राधिकारी, आदेश द्वारा, यह निदेश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में पांच लाख रुपए की राशि का संदाय करने के लिए दायी होगा।
[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

