आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 271चकक

वित्तीय संव्यवहार या रिपोर्ट योग्य खाते का गलत विवरण प्रस्तुत करने के लिए शास्ति

धारा

धारा संख्या

271चकक

अध्याय शीर्षक

अध्याय XXI - शास्तियां दंड

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2024 (सं.1)

वित्तीय संव्यवहार या रिपोर्ट योग्य खाते का गलत विवरण प्रस्तुत करने के लिए शास्ति

वित्तीय संव्यवहार या रिपोर्ट योग्य खाते का गलत विवरण प्रस्तुत करने के लिए शास्ति

वित्तीय संव्यवहार या रिपोर्ट योग्य खाते का गलत विवरण प्रस्तुत करने के लिए शास्ति

271चकक. 1[(1)] यदि धारा 285खक की उपधारा (1) 42क[***] में निर्दिष्ट कोई व्यक्ति, जिससे उस धारा के अधीन कोई विवरण देने की अपेक्षा की जाती है, उस विवरण में गलत सूचना देता है, और जहां,—

() अशुद्धि, धारा 285खक की उपधारा (7) में विहित सम्यक् तत्परता की अपेक्षा का अनुपालन करने में असफलता के कारण हुई है या उस व्यक्ति की ओर से जानबूझकर की गई है; या

() व्यक्ति को, वित्तीय संव्यवहार या रिपोर्ट योग्य खाते का विवरण प्रस्तुत करते समय अशुद्धि के बारे में जानकारी है किन्तु वह विहित आय-कर प्राधिकारी या ऐसे अन्य प्राधिकारी या अभिकरण को सूचित नहीं करता है; या

() व्यक्ति को अशुद्धि के बारे में वित्तीय संव्यवहार या रिपोर्ट योग्य खाते का विवरण प्रस्तुत करने के पश्चात् पता चलता है और वह धारा 285खक की उपधारा (6) के अधीन विनिर्दिष्ट समय के भीतर सूचना देने और सही सूचना देने में असफल रहता है,

2[वहां, धारा 285खक की उपधारा (1) के अधीन विहित आय-कर प्राधिकारी यह निर्देश दे सकेगा कि ऐसा व्यक्ति शास्ति के रूप में पचास हजार रुपए की राशि का संदाय करेगा ।

(2) जहां, धारा 285खक की उपधारा (1) के खंड (ट) में निर्दिष्ट व्यक्ति की दशा में, जिससे उस धारा के अधीन विवरण प्रस्तुत करने की अपेक्षा है, (जिसे इसमें इसके पश्चात् रिपोर्टकारी वित्तीय संस्था के रूप में निर्दिष्ट किया गया है), विवरण में गलत सूचना प्रदान करता है और ऐसे विवरण में गलती सुसंगत रिपोर्ट योग्य लेखे या लेखाओं के धारक या धारकों द्वारा प्रस्तुत मिथ्या या गलत सूचना के परिणामस्वरूप है, धारा 285खक की उपधारा (1) में विहित आय-कर प्राधिकारी यह निर्देश देगा कि रिपोर्टकारी वित्तीय संस्था शास्ति के माध्यम से प्रत्येक रिपोर्ट योग्य गलत खाते के लिए उपधारा (1) के अधीन शास्ति, यदि कोई हो, के अतिरिक्त, पांच हजार रुपए की राशि का संदाय करेगी और रिपोर्टकारी वित्तीय संस्था, ऐसे रिपोर्ट योग्य खाताधारक के निमित्त इस प्रकार संदत्त धनराशि को वसूल करने की या उसके कब्जे में की, किन्हीं धनराशियों को या जो उसे ऐसे प्रत्येक रिपोर्ट योग्य खाताधारक से प्राप्त हो, इस प्रकार संदत्त धनराशि के समतुल्य रकम को प्रतिधारित करने की हकदार होगी ।]

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2024 द्वारा संशोधित रूप मेंें]

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