नर्इ धारा 80डडक और धारा 80डडख का अंत:स्थापन
नर्इ धारा 80डडक और धारा 80डडख का अंत:स्थापन।
25. आय-कर अधिनियम की धारा 80डड के पश्चात्, निम्नलिखित धाराएं 1 अप्रैल, 2020 से, अंत:स्थापित की जाएंगी, अर्थात्:–
'80डडक. कतिपय गृह संपत्ति के लिए, लिए गए उधार पर ब्याज की बाबत कटौती–(1) किसी ऐसे निर्धारिती की, जो धारा 80डड़ के अधीन कटौती का दावा करने का पात्र कोर्इ व्यष्टि नहीं है, कुल आय की संगणना करने में, इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए, उसके द्वारा किसी आवासीय गृह संपत्ति के अर्जन के प्रयोजन के लिए किसी वित्तीय संस्था से लिए गए उधार पर संदेय ब्याज की कटौती की जाएगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन कटौती एक लाख पचास हजार रुपए से अधिक नहीं होगी और यह व्यष्टि की 1 अप्रैल, 2020 को आरंभ होने वाले निर्धारण वर्ष और पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्षों के लिए कुल आय की संगणना करने में अनुज्ञात की जाएगी।
(3) उपधारा (1) के अधीन कटौती निम्नलिखित शर्तों के अधीन होगी, अर्थात्:–
(i) उधार, वित्तीय संस्था द्वारा 1 अप्रैल, 2019 को आरंभ और 31 मार्च, 2020 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान मंजूर किया गया है;
(ii) आवासीय गृह संपत्ति का स्टांप शुल्क मूल्य पैंतालीस लाख रुपए से अधिक नहीं हैं;
(iii) निर्धारिती के स्वामित्व में, उधार मंजूर किए जाने की तारीख को कोर्इ आवासीय गृह संपत्ति नहीं है।
(4) जहां इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी ब्याज के लिए अनुज्ञात की जाती है, वहां ऐसे ब्याज की बाबत कटौती, अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
(क) "वित्तीय संस्था" पद का वही अर्थ होगा जो उसकी धारा 80डड़ की उपधारा (5) के खंड (क) में हैं;
(ख) "स्टांप शुल्क मूल्य" पद से किसी स्थावर संपत्ति की बाबत स्टांप शुल्क के संदाय के प्रयोजन के लिए केंद्रीय सरकार या किसी राज्य सरकार के किसी प्राधिकारी द्वारा अंगीकृत या निर्धारित या निर्धारणीय कोर्इ मूल्य अभिप्रेत है।
'80डडख. वैद्युत यान के क्रय के संबंध में कटौती - (1) किसी निर्धारिती, जो व्यष्टि है, की कुल आय की संगणना करने में इस धारा के उपबंधों के अनुसार और उनके अधीन रहते हुए उसके द्वारा वैद्युत यान के क्रय के प्रयोजन के लिए किसी वित्तीय संस्था से लिए गए ऋण पर संदेय ब्याज की कटौती की जाएगी।
(2) उपधारा (1) के अधीन कटौती एक लाख पचास हजार रुपए से अधिक नहीं होगी और 1 अप्रैल, 2020 से प्रारंभ होने वाले निर्धारण वर्ष और पश्चात्वर्ती निर्धारण वर्षों के संबंध में व्यष्टि की कुल आय की संगणना करने में अनुज्ञात की जाएगी।
(3) उपधारा (1) के अधीन कटौती इन शर्तों के अधीन रहते हुए होगी की ऋण वित्तीय संस्था द्वारा 1 अप्रैल, 2019 से प्रांरभ होने वाले और 31 मार्च, 2023 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान स्वीकृत किया गया है।
(4) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी ब्याज के लिए इस धारा के अधीन कोर्इ कटौती अनुज्ञात की जाती है, वहां उसी या किसी अन्य निर्धारण वर्ष के लिए इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अधीन ऐसे ब्याज के संबंध मे कटौती अनुज्ञात नहीं की जाएगी।
(5) इस धारा के प्रयोजनों के लिए,–
(क) "वैद्युत यान" से ऐसा यान अभिप्रेत है, जिसे अनन्य रूप से किसी वैद्युत मोटर द्वारा शक्ति प्रदान की जाती है, जिसकी कर्षण ऊर्जा की अनन्य रूप से यान में प्रतिष्ठापित कर्षण बैटरी द्वारा पूर्ति की जाती है, और जिसमें वैद्युत पुनर्योजित बै्रकिंग प्रणाली है जिससे ब्रेक लगाने पर यान की गतिज ऊर्जा को वैद्युत ऊर्जा में संपरिवर्तित करने की व्यवस्था हो जाती है;
(ख) "वित्तीय संस्था", से ऐसी कोर्इ बैंककारी कंपनी, जिसे बैंककारी विनियमन अधिनियम, 1949 (1949 का 10) लागू होता है या उस अधिनियम की धारा 51 में निर्दिष्ट बैंक या बैंककारी संस्था अभिप्रेत है और जिसके अंतर्गत कोर्इ निक्षेप लेने वाली गैर-बैंककारी वित्तीय संस्था से बैंककारी वित्तीय संस्था या सुव्यवस्थित रूप से महत्वपूर्ण कोर्इ निक्षेप न ग्रहण करने वाली गैर-बैंककारी वित्तीय कंपनी अभिप्रेत है, जैसा धारा 43ख के स्पष्टीकरण 4 के खंड (ड़) और खंड (छ) में परिभाषित है।'।
[वित्त अधिनियम, 2019 द्वारा संशोधित रूप में]

