आभासी आस्तियों के अंतरण पर संदाय
1[आभासी आस्तियों के अंतरण पर संदाय।
194ध. (1) कोई व्यक्ति, जो किसी निवासी को आभासी डिजिटल आस्ति के अंतरण के लिए प्रतिफल के माध्यम से कोई राशि संदत्त करने के लिए उत्तरदायी है, वह निवासी के खाते में ऐसी राशि के जमा होने के समय या किसी भी ढंग से ऐसी राशि के संदाय के समय, जो भी पहले हो, उस पर आय-कर के रूप में ऐसी रकम के एक प्रतिशत के समतुल्य रकम की कटौती करेगा:
परंतु उस दशा में जहां आभासी डिजिटल आस्ति के अंतरण के लिए प्रतिफल,-
(क) पूर्णत: वस्तु में या अन्य आभासी डिजिटल आस्ति के विनियम में हो, जहां उसका कोई भाग नकद नहीं है ; या
(ख) भागत: नकद और भागत: वस्तु में हो, किन्तु नकद भाग ऐसे अंतरण की बाबत पूर्ण कर की कटौती के दायित्व को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है,
ऐसा प्रतिफल संदत्त करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, प्रतिफल निर्मुक्त करने से पहले यह सुनिश्यित करेगा कि आभासी डिजिटल आस्ति के अंतरण के लिए ऐसे प्रतिफल के संबंध में कटौती किए जाने के लिए अपेक्षित कर संदत्त कर दिया गया है।
(2) धारा 203क और धारा 206कख के उपबंध किसी विनिर्दिष्ट व्यक्ति को लागू नहीं होंगे।
(3) उपधारा (1) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, उस दशा में किसी कर की कटौती नहीं की जाएगी,-
(क) जहां प्रतिफल विनिर्दिष्ट व्यक्ति द्वारा संदेय है और ऐसे प्रतिफल का मूल्य या सकल मूल्य किसी वित्तीय वर्ष के दौरान पचास हजार रुपए से अधिक नहीं है ; या
(ख) यहां प्रतिफल विनिर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति द्वारा संदेय है और ऐसे प्रतिफल का मूल्य या सकल मूल्य किसी वित्तीय वर्ष के दौरान दस हजार रुपए से अधिक नहीं है।
(4) धारा 194ण में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी, ऐसे अंतरण की दशा में, जिसको इस धारा के साथ उक्त धारा के उपबंध भी लागू होते हैं, कर की कटौती उपधारा (1) के अधीन की जाएगी।
(5) जहां उपधारा (1) में निर्दिष्ट कोई राशि, ऐसी राशि के संदाय के लिए दायी व्यक्ति की लेखाबही में किसी खाते में जमा की जाती हैं, जो "उचंत खाता" या किसी अन्य नाम से ज्ञात हो, ऐसी राशि का जमा किया जाना, पाने वाले के खाते में ऐसी राशि का जमा किया जाना समझा जाएगा और इस धारा के उपबंध तद्नुसार लागू होंगे।
(6) यदि इस धारा के उपबधों को प्रभावी किए जाने में कोई कठिनाई उद्भूत होती है तो, बोर्ड, केन्द्रीय सरकार के पूर्व अनुमोदन से, कठिनाइयों को दूर करने के प्रयोजन के लिए दिशा निर्देश जारी कर सकेगा।
(7) उपधारा (6) के अधीन बोर्ड द्वारा जारी किया गया प्रत्येक दिशा निर्देश, संसद् के प्रत्येक सदन के समक्ष रखा जाएगा और आय-कर प्रााधिकारियों तथा ऐसी आभासी डिजिटल आस्ति के अंतरण पर प्रतिफल के संदाय के लिए उत्तरायी व्यक्ति पर बाध्यकारी होगा।
स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों के लिए "विनिर्दिष्ट व्यक्ति" से ऐसा व्यक्ति अभिप्रेत है, जो,-
(क) व्यष्टि या अविभक्त हिंदू कुटुंब है, जिसकी उसके द्वारा किए जा रहे कारबार या वृत्ति से विक्रय, सकल प्राप्तियां या आवर्त, कारबार की दशा में किसी वित्तीय वर्ष, जिसमें ऐसी आभासी डिजिटल आस्ति अंतरित की जाती हैं, से ठीक पूर्ववर्ती वित्तीय वर्ष के दौरान एक करोड़ रुपए या वृत्ति की दशा में पचास लाख रुपए से अधिक नहीं है :
(ख) व्यष्टि या अविभक्त हिंदू कुटुंब है, जिसकी "कारबार या वृत्ति से लाभ और अभिलाभ" शीर्ष के अधीन कोई आय नहीं हैं।]
[वित्त अधिनियम, 2022 द्वारा संशोधित रूप में]

