आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 194ख

लाटरी या वर्ग पहेली से जीत

धारा

धारा संख्या

194ख

अध्याय शीर्षक

अध्याय XVII - कर संग्रह और वसूली

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2001

लाटरी या वर्ग पहेली से जीत

लाटरी या वर्ग पहेली से जीत

74[लाटरी या वर्ग पहेली से जीत

75194ख. 76किसी व्यक्ति को किसी लाटरी या वर्ग पहेली 76क[या ताश के खेल और किसी भी प्रकार के अन्य खेल] से 77[पांच हजार रुपए] से अधिक रकम का जीत के रूप में संदाय करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति, उसका संदाय करते समय, प्रवृत्त दरों पर उस पर आय-कर की कटौती करेगा :

78[* * *]]

79[परन्तु यह 80[* * *] कि किसी ऐसे मामले में जहां ऐसी जीत पूर्णतया वस्तु रूप में है या भागत: नकद रूप में है और भागत: वस्तु रूप में है, किंतु नकद रूप में जीती रकम का भाग संपूर्ण जीत के संबंध में कर की कटौती के दायित्व को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है वहां ऐसा भुगतान करने के लिए उत्तरदायी व्यक्ति जीत की रकम देने से पूर्व यह सुनिश्चित करेगा कि ऐसी जीत के संबंध में कर का भुगतान कर दिया गया है।]

 

74. वित्त अधिनियम, 1972 द्वारा 1.4.1972 से अंत:स्थापित।

75. परिपत्र सं. 264, तारीख 11.2.1980 भी देखिए। ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।

76. नियम 30, 31 और 37 तथा प्ररूप सं. 16क और 26ख देखिए।

76क. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.6.2001 से अंत:स्थापित।

77. वित्त अधिनियम, 1986 द्वारा 1.6.1986 से "एक हजार रुपए" के स्थान पर प्रतिस्थापित।

78. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से प्रथम परन्तुक का लोप किया गया। लोप किए जाने से पूर्व प्रथम परन्तुक इस प्रकार था :

"परन्तु 1972 के जून के प्रथम दिन के पहले किए गए संदाय में से इस धारा के अधीन कटौती नहीं की जाएगी:"

79. वित्त अधिनियम, 1997 द्वारा 1.6.1997 से अंत:स्थापित।

80. वित्त अधिनियम, 1999 द्वारा 1.4.2000 से "और" शब्द का लोप किया गया।

 

 

[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

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