बंद व्यापार
ठ–कारबार का बंद किया जाना या विघटन
बंद कर दिया गया कारबार
58176. (1) धारा 4 में किसी बात के होते हुए भी, जहां किसी कारबार या वृत्ति को किसी निर्धारण वर्ष में बंद कर दिया जाता है, वहां उस निर्धारण वर्ष के लिए पूर्ववर्ष की समाप्ति से ऐसे बंद कर दिए जाने की तारीख तक की अवधि की आय, 59[निर्धारण] अधिकारी के विवेकानुसार उस निर्धारण वर्ष में कर से प्रभारित की जा सकेगी।
(2) ऐसी अवधि के अंतर्गत हर संपूरित पूर्ववर्ष या किसी पूर्ववर्ष के भाग की कुल आय उस निर्धारण वर्ष में प्रवृत्त दर या दरों पर कर से प्रभार्य होगी और ऐसे हर संपूरित पूर्ववर्ष या किसी पूर्ववर्ष के भाग के संबंध में पृथक्-पृथक् निर्धारण किए जाएंगे।
(3) किसी कारबार या वृत्ति को बंद करने वाला कोर्इ व्यक्ति ऐसे बंद कर दिए जाने की सूचना ऐसा करने के पंद्रह दिन के भीतर 59[निर्धारण] अधिकारी को देगा।
60[(3क) जहां कोर्इ कारबार किसी वर्ष में बंद कर दिया जाता है वहां ऐसे बंद किए जाने के पश्चात् प्राप्त हुर्इ कोर्इ राशि प्राप्तिकर्ता की आय समझी जाएगी और यदि ऐसे बंद किए जाने के पूर्व प्राप्त होने पर ऐसी राशि उस व्यक्ति की, जो कारबार चलाता था, कुल आय में सम्मिलित की जाती तो वह तद्नुसार प्राप्ति के वर्ष में कर के प्रभारित की जाएगी।]
(4) जहां वृत्ति चलाने वाले व्यक्ति द्वारा वृत्ति समाप्त कर देने या उसकी निवृत्ति या मृत्यु के कारण कोर्इ वृत्ति किसी वर्ष में बंद कर दी जाती है वहां बंद कर देने के पश्चात् प्राप्त कोर्इ राशि प्राप्तिकर्ता की आय समझी जाएगी और यदि ऐसे बंद किए जाने से पूर्व, प्राप्त होने पर वह राशि पूर्वोक्त व्यक्ति की कुल आय में सम्मिलित की जाती है तो वह तद्नुसार प्राप्ति के वर्ष में कर से प्रभारित की जाएगी।
(5) जहां निर्धारण इस धारा के उपबंधों के अधीन किया जाता है वहां 59[निर्धारण] अधिकारी उस व्यक्ति पर जिसकी आय निर्धारित की जानी है या फर्म की दशा में, ऐसे किसी व्यक्ति पर जो उस फर्म के बंद किए जाने के समय उसका भागीदार था या कंपनी की दशा में उसके प्रधान अधिकारी पर, ऐसी सूचना की तामील कर सकेगा, जिसमें ऐसी सब या कोर्इ अपेक्षाएं उल्लिखित होंगी जो 61[धारा 142 की उपधारा (1) के खंड (i)] के अंतर्गत सूचना में हो सकती हैं और इस अधिनियम के उपबंध तद्नुसार यावत्शक्य ऐसे लागू होंगे मानो वह सूचना 61[धारा 142 की उपधारा (1) के खंड (i)] के अंतर्गत जारी की गर्इ सूचना हो।
(6) इस धारा के अंतर्गत प्रभार्य कर, इस अधिनियम के किसी अन्य उपबंध के अंतर्गत प्रभार्य कर के, यदि कोर्इ हो, अतिरिक्त होगा।
(7) जहां उपधारा (1) के उपबंध लागू होते हैं वहां इस अधिनियम के किन्हीं अन्य उपबंधों के अंतर्गत प्रभार्य किसी कर के संबंध में 61क[धारा 142 की उपधारा (1) के खंड (i)] या धारा 148 के अधीन 61ख[निर्धारण] अधिकारी द्वारा जारी की गर्इ किसी सूचना में, यथास्थिति, 62[धारा 142 की उपधारा (1) के खंड (i) या धारा 148] में किसी बात के होने पर भी, उस व्यक्ति से, जिसको पूर्वोक्त सूचनाएं जारी की गर्इ हैं, यह अपेक्षा की जा सकेगी कि वह सात दिन से कम न होने वाली इतनी कालावधि के अंदर विवरणी दे जितनी 63[निर्धारण] अधिकारी उचित समझे।
58. तारीख 12.6.1974 का अनुदेश संख्यांक 703 भी देखें। ब्यौरे के लिए देखिए टैक्समैन्स मास्टर गाइड टु इन्कम टैक्स ऐक्ट।
59. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
60. कराधान विधि (संशोधन) अधिनियम, 1975 द्वारा 1.4.1976 से अंत:स्थापित।
61. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से "धारा 139 की उपधारा (2)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
61क. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1989 से "धारा 139 की उपधारा (2)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
61ख. प्रत्यक्ष कर विधि (संशोधन) अधिनियम, 1987 द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
62. यथोक्त द्वारा 1.4.1989 से "धारा 139 की उपधारा (2) या धारा 148 की उपधारा (1)" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
63. यथोक्त द्वारा 1.4.1988 से "आय-कर" के स्थान पर प्रतिस्थापित।
[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

