खंड 80झक का संशोधन
धारा 80झक का संशोधन
17. आय-कर अधिनियम की धारा 80झक में 1 अप्रैल, 2005 से,-
(क) उपधारा (2) में, "विद्युत का पारेषण या वितरण प्रारंभ करता है" शब्दों के पश्चात्, "या विद्यमान पारेषण या वितरण लाइनों का पर्याप्त नवीकरण और आधुनिकीकरण करता है" शब्द अंतःस्थापित किए जाएंगे ;
(ख) उपधारा (3) में,-
(अ) आरंभिक भाग में, "खंड (iv) में निर्दिष्ट" शब्दों, कोष्ठक और अंकों के स्थान पर, "खंड (ii) या खंड (iv) में निर्दिष्ट" शब्द, कोष्ठक और अंक रखे जाएंगे ;
(आ) खंड (ii) के पश्चात् और स्पष्टीकरण 1 से पहले, निम्नलिखित परंतुक अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
"परंतु इस उपधारा की कोई बात, विद्युत अधिनियम, 2003 (2003 का 36) की धारा 2 के खंड (7) में उल्लिखित किसी राज्य विद्युत बोर्ड द्वारा पूर्व में प्रयुक्त मशीनरी या संयंत्र के अंतरण, चाहे वह पूर्णतः हो या भागतः, की दशा में लागू नहीं होगी, चाहे ऐसा अंतरण उस अधिनियम के भाग 13 के अधीन बोर्ड के विभाजन या पुनर्निर्माण या पुनर्गठन के अनुसरण में है या नहीं । ";
(ग) उपधारा (4) में,-
(अ) खंड (ii) में, "31 मार्च, 2004" अंकों और शब्द के स्थान पर, "31 मार्च, 2005" अंक और शब्द रखे जाएंगे ;
(आ) खंड (iv) में, उपखंड (ख) के पश्चात्, निम्नलिखित अंतःस्थापित किया जाएगा, अर्थात् :-
'(ग) 1 अप्रैल, 2004 को प्रारंभ होने वाली और 31 मार्च, 2006 को समाप्त होने वाली अवधि के दौरान किसी समय पारेषण या वितरण लाइनों के विद्यमान नेटवर्क का पर्याप्त नवीकरण और आधुनिकीकरण प्रारंभ करता है ।
स्पष्टीकरण-इस उपखंड के प्रयोजनों के लिए, "पर्याप्त नवीकरण और आधुनिकीकरण" से पारेषण या वितरण लाइनों के नेटवर्क में के संयंत्र और मशीनरी में 1 अप्रैल, 2004 को ऐसे संयंत्र और मशीनरी के बही मूल्य के कम से कम पचास प्रतिशत तक की वृद्धि अभिप्रेत है ।'।
[वित्त (संख्यांक 2) अधिनियम, 2004]

