निष्पादक या निर्वाहक
ड़–निष्पादक
निष्पादक
168. (1) इसके पश्चात् इसमें यथा उपबंधित के अध्यधीन, मृत व्यक्ति की संपदा की आय निष्पादक के पास इस प्रकार कर से प्रभार्य होगी कि,–
(क) यदि केवल एक निष्पादक है तो मानो वह निष्पादक38 एक व्यष्टि है,
(ख) यदि एक से अधिक निष्पादक हैं तो मानो वे निष्पादक व्यक्तियों का संगम है,
और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए, निष्पादक को उसी तरह निवासी या अनिवासी समझा जाएगा जिस तरह कि मृत व्यक्ति उस पूर्ववर्ष के दौरान, जिसमें उसकी मृत्यु हुर्इ थी, निवासी या अनिवासी था।
(2) इस धारा के अधीन निष्पादक का निर्धारण उस किसी निर्धारण से पृथक रूप से किया जाएगा जो उसकी स्वयं की आय के बारे में उस पर किया जाए।
(3) प्रत्येक संपूरित पूर्ववर्ष या उसके भाग की, जो मृत्यु की तारीख से लेकर हिताधिकारियों के पृथक्-पृथक् हितों के अनुसार39 संपदा के उनको पूर्ण वितरण की तारीख तक की कालावधि के अंतर्गत है, कुल आय पर इस धारा के अंतर्गत पृथक् निर्धारण किए जाएंगे।
(4) इस धारा के अंतर्गत किसी पूर्ववर्ष की कुल आय संगणित करने में, उस पूर्ववर्ष की संपदा की कोर्इ आय अपवर्जित कर दी जाएगी जो कि उस पूर्ववर्ष के दौरान संपदा के किसी विनिर्दिष्ट वसीयतदार को वितरित की गर्इ है या उसके फायदे के लिए प्रयुक्त की गर्इ है, तथापि इस प्रकार अपवर्जित आय ऐसे विनिर्दिष्ट वसीयतदार की पूर्ववर्ष की कुल आय में सम्मिलित की जाएगी।
स्पष्टीकरण.–इस धारा में "निष्पादक" के अंतर्गत ऐसा प्रशासक या अन्य व्यक्ति भी है जो मृत व्यक्ति की संपदा का प्रशासन करता है39क।
38. "निष्पादक" पद के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
39. "हिताधिकारियों के पृथक्-पृथक् हितों के अनुसार" पद के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
39क. "अन्य व्यक्ति ....... प्रशासन करता है" और "उससे वसूल नहीं की जा सकती है" पदों के अर्थ के लिए, देखिए टैक्समैन्स डायरेक्ट टैक्सेज मैनुअल, खंड 3.
[वित्त अधिनियम, 2002 द्वारा संशोधित रूप में]

