आयकर विभाग

वित्त मंत्रालय, भारत सरकार

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धारा 153ग

किसी अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण

धारा

धारा संख्या

153ग

अध्याय शीर्षक

अध्याय XIV - मूल्यांकन के लिए प्रक्रिया

अधिनियम

आय-कर अधिनियम, 1961

वर्ष

2020

किसी अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण

किसी अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण

किसी अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण

153ग. (1) धारा 139, धारा 147, धारा 148, धारा 149, धारा 151 और धारा 153 में किसी बात के होते हुए भी, जहां निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि,–

(क) अभिगृहीत या अध्यपेक्षित कोर्इ धन, सोना-चांदी, आभूषण या अन्य बहुमूल्य वस्तु या चीज; या

(ख) अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां या दस्तावेज या उसमें अंतर्विष्ट कोर्इ सूचना,

धारा 153क में निर्दिष्ट व्यक्ति से भिन्न किसी व्यक्ति के हैं या उससे तात्पर्यित हैं या उसके संबंध में है, वहां अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां या दस्तावेज या आस्तियां ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी को सौंप दी जाएंगी और वह निर्धारण अधिकारी, प्रत्येक ऐसे अन्य व्यक्ति के विरुद्ध कार्यवाही करेगा और ऐसे अन्य व्यक्ति को सूचना जारी करेगा तथा धारा 153क के उपबंधों के अनुसार अन्य व्यक्ति की आय का निर्धारण या पुन:निर्धारण करेगा यदि उस निर्धारण अधिकारी का यह समाधान हो जाता है कि लेखा बहियां या दस्तावेज या अभिगृहीत या अध्यपेक्षित आस्तियां 89[उस पूर्ववर्ष, जिसमें तलाशी ली जाती है या अध्यपेक्षा की जाती है, से सुसंगत निर्धारण वर्ष के ठीक पूर्ववर्ती छह निर्धारण वर्षों के लिए और], धारा 153क की उपधारा (1) में निर्दिष्ट सुसंगत निर्धारण वर्ष या वर्षों के लिए ऐसे अन्य व्यक्ति की कुल आय के अवधारण से संबंधित हैं।

परंतु ऐसे अन्य व्यक्ति की दशा में, धारा 153क की उपधारा (1) के दूसरे परंतुक में धारा 132 के अधीन तलाशी लेने या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा करने की तारीख के प्रति निर्देश का यह अर्थ लगाया जाएगा कि वह ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी द्वारा अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियों या दस्तावेजों या आस्तियों को प्राप्त करने की तारीख के प्रति निर्देश है:

परंतु यह और कि केंद्रीय सरकार, उसके द्वारा बनाए गए और राजपत्र में प्रकाशित नियमों द्वारा, ऐसे अन्य व्यक्ति की बाबत, ऐसे मामलों के वर्ग या वर्गों को, उन मामलों के सिवाय जहां किसी निर्धारण या पुनर्निर्धारण का उपशमन किया गया है, विनिर्दिष्ट कर सकेगी, जिनमें निर्धारण अधिकारी से उस पूर्ववर्ष से, जिसमें तलाशी ली जाती है या अध्यपेक्षा की जाती है, सुसंगत निर्धारण वर्ष से ठीक पूर्व के छह निर्धारण वर्षों की 89[और धारा 153क की उपधारा (1) में यथा निर्दिष्ट सुसंगत निर्धारण वर्ष या वर्षों की] कुल आय का निर्धारण या पुनर्निर्धारण करने के लिए सूचना जारी करने की अपेक्षा नहीं की जाएगी।

(2) जहां अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां, दस्तावेज या आस्तियां, जो उपधारा (1) में निर्दिष्ट हैं, ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी द्वारा उस पूर्ववर्ष से, जिसमें धारा 132 के अधीन तलाशी ली जाती है या धारा 132क के अधीन अध्यपेक्षा की जाती है, सुसंगत निर्धारण वर्ष के लिए आय की विवरणी देने की नियत तारीख के पश्चात् प्राप्त की गर्इ है या की गर्इ हैं और उस निर्धारण वर्ष के संबंध में ऐसे अन्य व्यक्ति पर अधिकारिता रखने वाले निर्धारण अधिकारी द्वारा अभिगृहीत या अध्यपेक्षित लेखा बहियां, दस्तावेज या आस्तियां प्राप्त करने की तारीख से पूर्व,–

() ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा आय की कोर्इ विवरणी प्रस्तुत नहीं की गर्इ है और धारा 142 की उपधारा (1) के अधीन उसे कोर्इ सूचना जारी नहीं की गर्इ है, या

() ऐसे अन्य व्यक्ति द्वारा आय की विवरणी प्रस्तुत की गर्इ है किंतु धारा 143 की उपधारा (2) के अधीन किसी सूचना की तामील नहीं की गर्इ है और धारा 143 की उपधारा (2) के अधीन सूचना की तामील करने की परिसीमा समाप्त हो गर्इ है, या

() निर्धारण या पुनर्निर्धारण, यदि कोर्इ हो, किया गया है,

वहां ऐसा निर्धारण अधिकारी धारा 153क में उपबंधित रीति में सूचना जारी करेगा और उस निर्धारण वर्ष के लिए ऐसे अन्य व्यक्ति की कुल आय का निर्धारण या पुनर्निर्धारण करेगा।

 

89. वित्त अधिनियम, 2017 द्वारा 1.4.2017 से अंत:स्थापित।

 

 

 

[वित्त अधिनियम, 2020 द्वारा संशोधित रूप में]

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