अनुषंगी फायदे
अनुषंगी फायदे
115बख. (1) इस अध्याय के प्रयोजनों के लिए, "अनुषंगी फायदों" से नियोजन संबंधी ऐसा कोर्इ प्रतिफल अभिप्रेत है, जिसका निम्नलिखित के रूप में उपबंध किया गया हो,–
(क) ऐसा कोर्इ विशेषाधिकार, सेवा, सुविधा या सुख-सुविधा, जो किसी नियोजक द्वारा अपने कर्मचारियों को (जिनके अंतर्गत भूतपूर्व कर्मचारी भी है या हैं) प्रतिपूर्ति के रूप में या अन्यथा प्रत्यक्ष अप्रत्यक्ष रूप से दी गर्इ हो; या
(ख) नियोजक द्वारा अपने कर्मचारियों या उनके कुटुंब के सदस्यों की निजी यात्राओं के लिए उपलब्ध करार्इ गर्इ कोर्इ नि:शुल्क या रियायती टिकट; 88[***]
(ग) नियोजक द्वारा कर्मचारियों के लिए किसी अनुमोदित अधिवार्षिकी निधि में कोर्इ अभिदाय 89[; और]
89क[(घ) नियोजक द्वारा अपने कर्मचारियों को (जिनके अंतर्गत भूतपूर्व कर्मचारी भी है या हैं) मुफ्त या रियायती दर पर प्रत्यक्ष रूप से या अप्रत्यक्ष रूप से आबंटित या अंतरित कोर्इ विनिर्दिष्ट प्रतिभूति या स्वेट साधारण शेयर।
स्पष्टीकरण–इस खंड के प्रयोजनों के लिए,–
(i) "विनिर्दिष्ट प्रतिभूति" से प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956 (1956 का 42) की धारा 2 के खंड (ज) 89ख में यथापरिभाषित प्रतिभूतियां अभिप्रेत हैं 89ग[और जहां कर्र्मचारी स्टाक विकल्प उसकी किसी योजना या स्कीम के अधीन दिया गया है वहां उनके अंतर्गत ऐसी योजना या स्कीम के अधीन प्रस्थापित प्रतिभूतियां भी आती हैं ] ;
(ii) "स्वेट साधारण शेयर" से किसी कंपनी द्वारा अपने कर्मचारियों या निदेशकों को डिस्काउंट पर या जानकारी प्रदान करने के लिए या बौद्धिक संपदा अधिकारों या मूल्य वर्धन, चाहे वे किसी नाम से ज्ञात हों, की प्रकृति के अधिकारों को अधिकार उपलब्ध कराने के लिए नकदी से भिन्न प्रतिफलार्थ जारी किए गए साधारण शेयर अभिप्रेत हैं।]
(2) अनुषंगी फायदे नियोजक द्वारा अपने कर्मचारियों को उस दशा में दिए गए समझे जाएंगे, यदि नियोजक ने अपने कारबार या वृत्ति (जिसके अन्तर्गत ऐसा कोर्इ क्रियाकलाप है, चाहे ऐसा क्रियाकलाप आय, लाभ या अभिलाभ व्युत्पन्न करने के उद्देश्य से किया गया हो अथवा नहीं) के अनुक्रम में निम्नलिखित प्रयोजनों पर कोर्इ व्यय उपगत किया है या उसके लिए कोर्इ संदाय किया है, अर्थात्:–
(क) मनोरंजन ;
(ख) नियोजक द्वारा किसी व्यक्ति के लिए हर प्रकार के आतिथ्य सत्कार का उपबंध, चाहे वह खाद्य और सुपेयों के उपबंध के रूप में हो या किसी भी प्रकार की किसी अन्य रीति में हो और चाहे ऐसा उपबंध किसी अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा या रूढ़ि या व्यापार की प्रथा के कारण किया गया हो या नहीं, किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित नहीं है,–
(i) नियोजक द्वारा अपने कर्मचारियों को कार्यालय या कारखाने में उपलब्ध कराए गए खाद्य या सुपेयों पर कोर्इ व्यय या उसके संबंध में किया गया संदाय ;
(ii) ऐसे संदत्त वाऊचरों के माध्यम से, जो अंतरणीय नहीं हैं और केवल खान-पान के स्थलों और दुकानों पर ही प्रयोग किए जा सकते हैं, कोर्इ व्यय या उनके लिए संदाय ;
89घ[(iii) ऐसे अहस्तांतरणीय पूर्व-संदत्त इलैक्ट्रानिक मील कार्ड पर, जो केवल खाने- पीने के स्थलों या दुकानों पर ही प्रयोग किए जा सकते हैं और ऐसी अन्य शर्तों को पूरी करते हैं, जो विहित की जाएं, कोर्इ व्यय या उसके माध्यम से संदाय;89ड़]
(ग) सम्मेलन (कर्मचारियों द्वारा किसी सम्मेलन में भाग लेने संबंधी फीस से भिन्न)।
स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजन के लिए किसी सम्मेलन के संबंध में वाहन, दौरे और यात्रा (जिसके अंतर्गत विदेश यात्रा भी है) पर, होटल या बोर्डिंग और लाजिंग पर कोर्इ व्यय सम्मेलन के प्रयोजनों के लिए उपगत व्यय समझा जाएगा ;
(घ) प्रचार समहित विक्रय संवर्धन :
परंतु विज्ञापन पर ऐसा कोर्इ व्यय जो,–
(i) किसी प्रिंट (जिसके अंतर्गत जर्नल, सूचीपत्र या कीमत सूचियां भी हैं) में या इलेक्ट्रानिक मीडिया अथवा परिवहन पद्धति से किसी प्रकार के विज्ञापन पर व्यय (जिसके अंतर्गत किराए पर लेना भी है) है ;
(ii) किसी प्रेस सम्मेलन या कारबार कन्वेशन, मेले या प्रदर्शनी के आयोजन पर या उसमें भाग लेने संबंधी व्यय है ;
(iii) किसी सरकारी अभिकरण या व्यवसाय संगम अथवा निकाय द्वारा आयोजित किसी खेलकूद प्रतियोगिता या किसी अन्य प्रतियोगिता को प्रायोजित करने पर व्यय है ;
(iv) किसी विधि द्वारा या उसके अधीन अथवा किसी न्यायालय या अधिकरण के किसी आदेश द्वारा प्रकाशित किए जाने के लिए अपेक्षित किसी सूचना के किसी प्रिन्ट या इलेक्ट्रानिक मीडिया में प्रकाशन पर व्यय है ;
(v) सांकेतिक चिºनों, कलाकृति, पेन्टिग, बैनर, साइनबोर्ड, सीधे डाक, विद्युत दृश्यपट्टों, कियास्कों, विज्ञापन पट्टों, बिल बोर्डों 90[, उत्पादों के डिस्पले] के रूप में विज्ञापन पर या विज्ञापन के ऐसे अन्य माध्यम के रूप में व्यय है ; 91[***]
(vi) उक्त खंड (i) से खंड (v) के प्रयोजनों के लिए किसी विज्ञापन अभिकरण को संदाय के रूप में व्यय है,
विक्रय संवर्धन पर, जिसके अंतर्गत प्रचार भी है, व्यय नहीं समझा जाएगा ;
91क[(vii) जो नमूनों के नि:शुल्क या रियायती दर पर वितरण पर व्यय है; और
(viii) नियोजक के, कारबार के माल के विक्रय या सेवाओं का संवर्धन करने के लिए ख्यातिप्राप्त किसी व्यक्ति को संदाय के रूप में व्यय है;]
(ड़) कर्मचारी कल्याण।
91ख[स्पष्टीकरण - इस खंड के प्रयोजनों के लिए, -
(i) किसी कानूनी बाध्यता को पूरा करने ; या
(ii) व्यावसायिक खतरों को कम करने ; या
(iii) नियोजक द्वारा चलाए जा रहे अस्पताल या औषधालय में प्राथमिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने ; या
(iv) कर्मचारी के बालकों के लिए शिशु गृह सुविधा उपलब्ध कराने ; या
(v) ऐसे किसी खिलाड़ी को, जो कर्मचारी है, प्रायोजित करने ; या
(vi) कर्मचारियों के लिए खेलकूद समारोह आयोजित करने,
के संबंध में उपगत किसी व्यय या किए गए संदाय को कर्मचारी कल्याण के लिए व्यय नहीं समझा जाएगा ;]
(च) वाहन, 92[***]
(छ) होटल, बोर्डिंग और लाजिंग सुविधाओं का उपयोग ;
(ज) मोटर कारों की मरम्मत, चालू रखना (जिसके अंतर्गत र्इंधन भी है) अनुरक्षण और उन पर अवक्षयण की रकम ;
(झ) वायुयानों की मरम्मत, चालू रखना (जिसके अंतर्गत र्इंधन भी है) अनुरक्षण और उन पर अवक्षयण की रकम ;
(ञ) पट्टे पर ली गर्इ टेलीफोन लाइनों पर व्यय से भिन्न टेलीफोन का (जिसके अंतर्गत मोबाइल फोन भी है) उपयोग ;
(ट) 92क[***]
(ठ) उत्सव समारोह ;
(ड) स्वास्थ्य क्लब और वैसी ही सुविधाओं का उपयोग ;
(ढ) किसी अन्य क्लब सुविधाओं का उपयोग ;
(ण) दान ; और*
(त) छात्रवृत्तियां।
93[(थ) टुअर और यात्रा (जिसके अंतर्गत विदेश यात्रा भी है)।]
(3) उपधारा (1) के प्रयोजनों के लिए, विशेषाधिकार, सेवा, सुविधा या सुख-सुविधा के अंतर्गत ऐसी परिलब्धियां नहीं आतीं जिनकी बाबत कर्मचारी द्वारा कर का संदाय किया जाता है या संदेय है 93[या नि:शुल्क या सहायता प्राप्त परिवहन की प्रकृति का कोर्इ फायदा या सुख-सुविधा या कोर्इ ऐसा भत्ता, जो नियोजक द्वारा अपने कर्मचारियों के लिए उनके निवास-स्थान से कार्य स्थान तक या ऐसे कार्य के स्थान से निवास-स्थान तक की यात्राओं के लिए दी जाती है या दिया जाता है।]
88. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2008 से "और" शब्द का लोप किया गया।
89. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित।
89क. यथोक्त द्वारा अंत:स्थापित। परिपत्र सं. 9/2007, तारीख 20.12.2007 भी देखिए।
89ख. प्रतिभूति संविदा (विनिमय) अधिनियम, 1956 की धारा 2 के खंड (ज) के लिए पृष्ठ 1.35 पर पाद टिप्पण सं. 6 देखिए।
89ग. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2008 से "और उनके अंतर्गत कर्मचारी स्टाक विकल्प भी आता है" शब्दों के स्थान पर प्रतिस्थापित।
89घ. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2009 से अंत:स्थापित।
89ड. नियम 40ड़ और 40च देखिए।
90. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2008 से अंत:स्थापित।
91. वित्त अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2007 से "और" शब्द का लोप किया गया।
91क. वित्त अधिनियम, 2007 द्वारा 1.4.2008 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व वित्त अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2007 से यथा अंत:स्थापित उपखंड (vii) इस प्रकार था :
"(vii) डाक्टरों को औषधियों के या चिकित्सा उपस्करों के नि:शुल्क नमूनों के वितरण पर व्यय है; और"
91ख. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2009 से प्रतिस्थापित। प्रतिस्थापन से पूर्व स्पष्टीकरण इस प्रकार था:
"स्पष्टीकरण.–इस खंड के प्रयोजनों के लिए कोर्इ कानूनी बाध्यता को पूरा करने या व्यावसायिक खतरों को कम करने या नियोजक द्वारा चलाए जा रहे अस्पताल या औषधालय में प्राथमिक उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए उपगत कोर्इ व्यय या उसके लिए किया गया संदाय कर्मचारी कल्याण के लिए व्यय नहीं समझा जाएगा ;"
92. वित्त अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2007 से "टुअर और यात्रा (जिसके अंतर्गत विदेश यात्रा भी है)" शब्दों का लोप किया गया।
92क. वित्त अधिनियम, 2008 द्वारा 1.4.2009 से खंड (ट) का लोप किया गया। लोप किए जाने से पूर्व खंड (ट) इस प्रकार था:
"(ट) प्रशिक्षण के प्रयोजनों के लिए उपयोग की जाने वाली वास-सुविधा से भिन्न अतिथिगृह की प्रकृति की किसी वास सुविधा का अनुरक्षण;"
93. वित्त अधिनियम, 2006 द्वारा 1.4.2007 से अंत:स्थापित।
[वित्त (सं. 2) अधिनियम, 2014 द्वारा संशोधित रूप में]

