लॉटरी, पहेली पहेली, घोड़े दौड़ सहित दौड़, ताश का खेल है और किसी भी तरह का या जुआ या किसी भी रूप में या किसी भी स्वरूप की सट्टेबाजी के अन्य खेल से जीत पर टैक्स
38[लाटरी, वर्ग पहेली, दौड़, जिसके अंतर्गत घुड़दौड़ भी है, ताश के खेल और अन्य सभी प्रकार के खेल या हर प्रकार या प्रकृति के जुआ या दाव से जीत पर कर
115खख. जहां निर्धारिती की कुल आय में लाटरी या वर्ग पहेली या दौड़, जिसके अंतर्गत घुड़दौड़ है, (जो घुड़दौड़ के घोड़े को अपने स्वामित्व में रखने और उनके रखरखाव के कार्य से आय नहीं है) या ताश के खेल और अन्य सभी प्रकार के खेल या हर प्रकार या प्रकृति के जुआ या दाव से जीत के रूप में आय सम्मिलित है वहां संदेय आयकर निम्नलिखित का योग होगा, अर्थात् :–
(i) लाटरी या वर्ग पहेली या दौड़ जिसके अंतर्गत घुड़दौड़ है या ताश के खेल और अन्य सभी प्रकार के खेल या हर प्रकार या प्रकृति के जुआ या दांव से जीत के रूप में आय पर 38क[चालीस] प्रतिशत की दर से परिकलित आय-कर की रकम; और
(ii) आय-कर की वह रकम जो निर्धारिती पर प्रभार्य होती यदि उसकी कुल आय में से खंड (i) में निर्दिष्ट आय की रकम घटा दी गर्इ होती।
स्पष्टीकरण - इस धारा के प्रयोजनों के लिए "घुड़दौड़" का वही अर्थ है जो धारा 74क में है।]
38. वित्त अधिनियम, 1986 द्वारा 1.4.1987 से अंत:स्थापित।
38क. वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा 1.4.2002 से "चालीस" शब्द के स्थान पर "तीस" प्रतिस्थापित किया जाएगा।
[वित्त अधिनियम, 2001 द्वारा संशोधित रूप में]

