अधिनियम की अनुसूची 15 के पैरा (1) (य) (i) और पैरा (1) (ii) के अधीन अनुमोदन की प्रक्रिया ।
331. (1) केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, अधिनियम की अनुसूची 15 के पैरा 1 (य) (i) के अधीन किसी पब्लिक कंपनी को या उक्त अनुसूची के पैरा 1 (य) (ii) के अधीन किसी पारस्परिक निधि को अनुमोदन प्रदान करने से पूर्व, स्वयं यह समाधान करेगा कि निम्नलिखित सारणी के स्तंभ ख में उल्लिखित इकाई के लिए, आवेदन स्तंभ ग में निर्दिष्ट प्ररूप में स्तंभ घ में उल्लिखित दस्तावेजों के साथ संलग्न किया गया है, और आवेदन स्तंभ ङ में विहित समय सीमा के भीतर दाखिल किया गया है:
सारणी
क्रम संख्या | इकाई | आवेदन प्ररूप | आवेदन के साथ संलग्न किए जाने वाले दस्तावेज | आवेदन फाईल करने की समय सीमा |
क | ख | ग | घ | ङ |
1. | पब्लिक कंपनी | प्ररूप संख्या 189 | (क) कंपनी अधिनियम, 2013 (2013 का 18) के अधीन निगमन प्रमाण पत्र की प्रति, और | अधिनियम की अनुसूची 15 के पैरा 6(i) में यथानिर्दिष्ट "पूंजी के पात्र निर्गमन" से तीन मास पूर्व । |
2. | पारस्परिक निधि | प्ररूप संख्या 190 | (क) भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड द्वारा जारी रजिस्ट्रीकरण प्रमाण पत्र की प्रति; और | पब्लिक हेतु निर्गम से तीन मास पूर्व । |
(2) बोर्ड आवेदन को अनुमोदित या अस्वीकृत करने का कोई आदेश पारित करेगा, किंतु अनुमोदन को अस्वीकृत करने का कोई भी निर्णय आवेदक को सुनवाई किये जाने का युक्तियुक्त अवसर प्रदान किए बिना नहीं किया जाएगा।
(3) प्रत्येक आवेदक इक्विटी निर्गम या डिबेंचर के माध्यम से एकत्रित की गई अपनी संपूर्ण संदत्त पूंजी का विनिधान निम्नलिखित रीति में करेगा:-
| (क) | एकत्रित की गई पूंजी का कम से कम 25% विनिधाननिम्नलिखित में किया जाएगा- |
| (i) | पब्लिक कंपनी के मामले में, अवसंरचना इकाई में, और | |
| (ii) | पारस्परिक निधि के मामले में, अधिनियम की अनुसूची 15 के पैरा (6) (i) में निर्दिष्ट किसी कंपनी के पात्र पूंजी निर्गमन में, |
| (ख) | ऐसा विनिधान बोर्ड के अनुमोदन की तारीख से एक वर्ष की समाप्ति से पहले किया जाएगा; और | |
| (ग) | शेष पूंजी को अनुमोदन की तारीख से तीन वर्ष के भीतर इसी प्रकार विनिधान किया जाएगा। |
(4) प्रत्येक आवेदक धारा 515 (3) (ख) में यथापरिभाषित लेखाकार से एक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करेगा, जिसमें बोर्ड के अनुमोदन की तारीख से प्रत्येक कर वर्ष में विनिधान की गई रकम विनिर्दिष्ट की जाएगी।
(5) बोर्ड को उपनियम (2) के अधीन दिए गए अनुमोदन को रद्द करने का अधिकार होगा, यदि ऐसा आवेदक-
| (क) | उपनियम (3) में उल्लिखित शर्तों के अनुसार विनिधान करने में असफल रहता है; या | |
| (ख) | उपनियम (4) में निर्दिष्ट प्रमाण पत्र फाईल करने में असफल रहता है। |

