1[133. (1) धारा 115 खखज के प्रयोजनों के लिए पूर्व वर्ष के दौरान ऑनलाइन खेल से सकल जीत, निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करते हुए संगणित की जाएगी, अर्थात:-
सकल जीत = (ए + डी)-(बी + सी), जहां -
ए = वित्तीय वर्ष के दौरान उपयोक्ता खाते से आहरित सकल रकम;
बी = वित्तीय वर्ष के दौरान निर्धारिती द्वारा उपयोक्त खाते में किए गए गैर कराधेय निक्षेप की सकल रकम;
सी = वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने पर उपयोक्ता खाते का प्रारंभिक अतिशेष;
डी = वित्तीय वर्ष के समाप्त होने पर उपयोक्ता खाते का अंतिम अतिशेष;
(2). धारा 194खक के प्रयोजनों के लिए वित्तीय वर्ष के दौरान प्रथत आहरण में समाविष्ट सकल जीत, निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करते हुए संगणित की जाएगी, अर्थात् :-
सकल जीत = ए-(बी + सी) जब -
ए = उपयोक्ता खाते से आहरित रकम
बी = वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे खाते के स्वामी द्वारा उपयोक्ता खाते में ऐसे आहरण के समय तक किए गए गैर कराधेय निक्षेम की सकल रकम; और
सी = वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने पर उपयोक्ता खाते का प्रारंभिक अतिशेष।
(3). उपनियम (2) में दिया गया सूत्र में सकल देय शून्य होगी, यदि बी और सी रकमों का योग रकम ए के समान है या उससे अधिक है।
(4). धारा 194खक के प्रयोजनों के लिए वित्तयी वर्ष के दौरान प्रत्येक पश्चातवर्ती आहरण में समाविष्ट सकल जीत, निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करते हुए संगणित कि जाएगी, अर्थात् :-
सकल जीत = ए-(बी + सी + ई), जहां -
ए = पश्चातवर्ती आहरण के समय तक वित्तीय वर्ष के दौरान उपयोक्ता खाते से आहर्रित सकल रकम जिसके अंतर्गत ऐसे पश्चातवर्ती आहरण की रकम भी शामिल सम्मिलित है;
बी = वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे खाते के स्वामी द्वारा उपयोक्ता खाते में ऐसे पश्चातवर्ती उपयोक्ता खाते में स्वामी द्वारा बनाए गए ऐसे खाते में वित्त वर्ष के उौरान ऐसी अनुवर्ती निकासी के समय तक गैर कर योग्य जमा कुल रकम, ऐसी अनुवर्ती निकासी से समय तक किए गए गैर कराधेय निक्षेप की सकल रकम;
सी = वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने पर उपयोक्ता खाते का प्ररंभिक अतिशेष; और
ई = पश्चातवर्ती आहरण के समय तक वित्तीय वर्ष के दौरान उपनियम (2) के अधीन या इस उपनियम के अधीन संगणित पूर्ववर्ती आहरण या आहरणों में समाविष्ट सकल जीत, यदि ऐसे आहरण या आहरणों में समाविष्ट जीत पर धारा 194खक के अपबंधों के अनुसार कटौती की गई है।
(5). उपनियम (4) में दिए गए सूत्र में सकल जीत शून्य होगी, यदि बी, सी और ई की रकमों का योग रकम ए के समान है या उससे अधिक है।
(6). धारा 194खक के प्रयोजनों के लिए वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर उपयोक्ता खाते में समाविष्ट सकल जीत, निम्नलिखित सूत्र का प्रयोग करते हुए संगणित की जाऐगी, अर्थात् :-
सकल जीत = (ए + डी)-(बी + सी + ई) जब -
ए = वित्तीय वर्ष के दौरान उपयोक्ता खाते से आहर्रित सकल रकम;
बी = वित्तीय वर्ष के दौरान ऐसे खाते के स्वामी द्वारा उपयोक्त खाते में किए गए गैर कराधेय निक्षेप की सकल रकम; और
सी = वित्तीय वर्ष के प्रारंभ होने पर उपयोक्ता खाते का प्रारंभिक अतिशेष;
डी = वित्तीय वर्ष के समाप्त होने पर उपयोक्ता खाते का अंतिम अतिशेष; और
ई = वित्तीय वर्ष के दौरान उपनियम (2) या उपनियम (4) के अधीन संगणित पूर्ववर्ती आहरण या आहरणों में समाविष्ट जीत पर धारा 194खक के अपबंधों के अनुसार कटौती की गई है।
(7). उपनियम (6) में दिए गए सूत्र में सकल जीत शून्य होगी, यदि बी, सी और ई रकमों का योग रकम ए और डी के समान है या उससे अधिक है।
स्पष्टीकरण 1. इस नियम के प्रयोजनों के लिए -
(क) "गैर-कराधेय निक्षेप" से उपयोक्ता खाते में जमा की गई रकम अभिप्रेत है और जो कराधेय नहीं है;
(ख) "कराधेय निक्षेप" से उपयोक्ता खाते में जमा की गई कोई रकम अभिप्रेत है, जो गैर कराधेय निक्षेप नहीं है और उसमें उपयोक्ता को सीधे संदत्त की गई कोई रकम, जो उपयोक्ता खाते के माध्यम से नहीं संदत्त की गई है, सम्मिलित है; और
(ग) "आहरण" से किसी उपयोक्ता खाते से उपयोक्ता द्वारा आहरित कोई रकम अभिप्रेत है।
स्पष्टीकरण 2 :- कठिनाईयों को दूर करने के लिए, यह स्पष्ट किया जाता है कि -
(क) उपयोक्ता खाते में, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात उपयोक्ता का प्रत्येक खाता सम्मिलित हो, जो ऑनलाइन खेल मध्यवर्ती के साथ रजिस्ट्रीकृत है और जहां कोई कराधेय निक्षेप, अकराधेय निक्षेप या उपयोक्ता द्वारा कोई जीत जमा की जाती है और उपयोक्ता द्वारा आहरित की जाती है;
(ख) जब कभी उपयोक्ता को वस्तु या नकद रूप में या भागत: वस्तु या भागत: नकद में संदाय किया जाता है, जो उपयोक्ता खाते के रूप में नहीं है, इस नियम के उपबंध यह मानते हुए सकल जीत की संगणना में लागू होंगे कि ऐसे संदाय के समतुल्य रकम उसी समय उपयोक्ता खाते से आहरित कि गई है और तदनुसार रकम ए सम्मिलित की जाएगी;
(ग) जब कभी समान उपयोक्ता के बहु उपयोक्ता खाते हैं, प्रत्येक उपयोक्ता खाता सकल जीत की संगणना करने के प्रयोजनों के लिए विचार में लाया जाएगा और उपयोक्ता खाते में निक्षेप, आहरण या अतिशेष से सभी, उपयोक्ता खाते में निक्षेप, आहरण या अतिशेष का सकल अभिप्रेत है;
(घ) जब कभी समान उपयोक्ता के समान ऑनलाइन खेल मध्यवर्ती के साथ समान अपयोक्ता के बहु खाते अनुरक्षित हैं, एक उपयोक्ता खाते से अन्य उपयोक्ता खाते में अंतरण, धारा 194खख के अधीन कर कटौती के प्रयोजनों के लिए यथा स्थिति आहरण या अतिशेष का सकल अभिप्रेत है;
(ड.) जब कभी कराधेय निक्षेप बोनस, निर्देशित बोनस, प्रोत्साहन, प्रोन्नत धन, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात छूट के रूप में है; और ऐसे निक्षेप का केवल ऑनलाइन खेल को खेलने के लिए ही प्रयोग किया जा सकता है और आहरण और किसी अन्य प्रयोजन के लिए नहीं किया जा सकता है, ऐसे निक्षेप को सकल जीत संगणना करने के लिए छोड़ दिया जाएगा और उसे रकम बी या रकम सी या रकम डी में सम्मिलित नहीं किया जाएगा;
(च) जब भी कोई बोनस, निर्देशित बोनस, प्रोत्साहन, प्रोन्नत धन, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात छूट खंड (ड.) के अधीन रकम बी या रकम सी या रकम डी के भाग के रूप में नहीं समझी जाती हैं और तत्पस्चात् उनहें पुनर्विशेषित किया जाता है और आहरण के लिए अनुज्ञात किया जाता है, तो वे ऐसे पुनर्विशेषण के समय कराधेय निक्षेप के रूप में समझे जाएंगे और यह समझा जाएगा कि उस समय उपयोक्ता खाते में समतुल्य रकम जमा की गई।

