उचित बाजार मूल्य का अवधारण
11पक. (1) अधिनियम की धारा 56 के प्रयोजनों के लिए, स्थावर संपत्ति से भिन्न, संपत्ति का उचित बाजार मूल्य निम्नलिखित रीति में अवधारित किया जाएगा, अर्थात्:--
(क) आभूषणों का मूल्यांकन—
(i) आभूषणों का उचित बाजार मूल्य उस कीमत पर प्राक्कलित किया जाएगा जिसमें ऐसे आभूषण की कीमत तब प्राप्त होती, यदि जब मूल्यांकन तारीख पर खुले बाजार में बेचा जाता हो;
(ii) यदि किसी रजिस्ट्रीकृत व्यौहारी से मूल्यांकन तारीख को क्रय द्वारा आभूषण प्राप्त होता है तो आभूषण का बीजक मूल्य उचित बाजार मूल्य होगा;
(iii) यदि आभूषण को किसी और ढंग से प्राप्त किया जाता है और आभूषण का मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक हो तब निर्धारिती, कीमत की बाबत रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकन की रिपोर्ट प्राप्त कर सकेगा जिसमें ऐसी कीमत तब प्राप्त होती यदि जब उसे मूल्यांकन तारीख पर खुले बाजार में बेचा जाता हो;
(ख) पुरातत्वीय संग्रहण, रेखाचित्र, पेंटिंग, मूर्तिकला या कोई अन्य कलाकृति का मूल्यांकन—
(i) पुरातत्वीय संग्रहण, रेखाचित्र, पेंटिंग, मूर्तिकला या कोई अन्य कलाकृति (जिसे इसमें इसके पश्चात् कलाकृति कहा गया है) के उचित बाजार मूल्य को उस कीमत में प्राक्कलित किया जाएगा तब इसकी कीमत प्राप्त होती यदि जब मूल्यांकन तारीख पर खुले बाजार में बेचा जाता हो;
(ii) यदि किसी कलाकृति को किसी रजिस्ट्रीकृत व्यौहारी से मूल्यांकन तारीख को कृय के माध्यम से प्राप्त किया जाता है तो कलात्मक कृति का बीजक मूल्य उचित बाजार मूल्य होगा;
(iii) यदि कलाकृति को किसी और ढंग से प्राप्त किया जाता है और कलात्मक कृति का मूल्य पचास हजार रुपए से अधिक हो तब निर्धारिती, कीमत की बाबत रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक की रिपोर्ट प्राप्त कर सकेगा जिसमें ऐसी कीमत तब प्राप्त होती जब उसे मूल्यांकन तारीख को खुले बाजार में बेचा जाता हो।
(ग) शेयरों और प्रतिभूतियों का मूल्यांकन—
(क) कोट किए गए शेयरों और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य निम्नलिखित रीति में अवधारित किया जाएगा, अर्थात्:—
(i) यदि कोट किए गए शेयर और प्रतिभूति किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज के माध्यम से क्रियान्वित संव्यवहार द्वारा प्राप्त किया जाता है तो ऐसे शेयर और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य संव्यवहार मूल्य होगा जो ऐसे स्टाक एक्सचेंज में अभिलिखित है;
(ii) यदि किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज से भिन्न ऐसे कोट किए गए शेयर और प्रतिभूतियों को क्रियान्वित संव्यवहार द्वारा प्राप्त किया जाता है तो ऐसे शेयर और प्रतिभूति का उचित बाजार मूल्य निम्नानुसार होगा,—
(क) मूल्यांकन तारीख को किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर कोट किए गए ऐसे शेयर और प्रतिभूति की निम्नतम कीमत होगी, और
(ख) उन मामलों में जहां मूल्यांकन तारीख को किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर ऐसे शेयर और प्रतिभूतियों का व्यापार नहीं है, मूल्यांकन तारीख से ठीक पहले की तारीख को मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज पर ऐसे शेयरों और प्रतिभूतियों की न्यूनतम कीमत जब ऐसे शेयरों और प्रतिभूतियों का ऐसे स्टाक एक्सचेंज में व्यापार किया जाता है;
35[(ख) कोट न किए गए साधारण शेयरों का उचित बाजार मूल्य, मूल्यांकन तारीख को ऐसे कोट न किए गए साधारण शेयरों का ऐसा बाजार मूल्य होगा, जिसका अवधारण निम्नलिखित रीति से किया गया है, अर्थात्:—
कोट न किए गए साधारण शेयरों का उचित बाजार मूल्य = (ए + बी + सी + डी - एल) × (पीवी)/(पीई) जहां,—
| ए | = | निम्नलिखित को घटाकर तुलनपत्र में की सभी आस्तियों (आभूषण, कलाकृति, शेयर, प्रतिभूति और स्थावर संपत्ति से भिन्न) का बही मूल्य,— |
(i) संदत्त आय-कर, यदि कोई है, की कोई रकम, घटा प्रतिदाय का दावा की गई, यदि कोई है, आय-कर की रकम; और
(ii) आस्ति के रूप में दर्शाई गई कोई रकम, जिसके अंतर्गत आस्थगित व्यय की ऐसे गैर अपाकरित रकम, जो किसी आस्ति का मूल्य नहीं है;
| बी | = | ऐसी कीमत, जो आभूषण और कलाकृति की आंकी जाएगी, यदि उसका रजिस्ट्रीकृत मूल्यांकक से अभिप्राप्त मूल्यांकन रिपोर्ट के आधार पर खुले बाजार में विक्रय किया जाता है; | |
| सी | = | शेयरों और प्रतिभूतियों का ऐसा उचित बाजार मूल्य, जो इस नियम में उपबंधित रीति से अवधारित किया गया है; | |
| डी | = | स्थावर संपत्ति के संबंध में स्टांप शुल्क का संदाय करने के प्रयोजन के लिए सरकार के किसी प्राधिकारी द्वारा अंगीकृत या निर्धारित या निर्धारणीय मूल्य; | |
| एल | = | तुलन पत्र में दर्शित दायित्वों का बही मूल्य, किंतु इसके अंतर्गत निम्नलिखित रकमें नहीं हैं, |
अर्थात्:—
(i) साधारण शेयरों के संबंध में समादत्त पूंजी;
(ii) ऐसी रकम, जो ऐसे अधिमानी शेयरों और साधारण शेयरों पर लाभांश का संदाय करने के लिए पृथक रखी गई है, जहां ऐसा लाभांश, कंपनी के साधारण निकाय के अधिवेशन में अंतरण की तारीख से पूर्व घोषित नहीं किया गया है;
(iii) परिणामिक अंक नकारात्मक होने के बावजूद भी, अवक्षयण के मद्दे पृथक रखे गए आरक्षिती और अतिशेष से भिन्न, आरक्षिती और अतिशेष, चाहे किसी भी नाम से ज्ञात हो;
(iv) संदत्त आय-कर, यदि कोई हो, से भिन्न, कराधान के उपबंध के लिए कोई रकम घटा प्रतिदाय के रूप में, यदि कोई हो, दावा की गई आय कर की रकम, उसको लागू विधि के अनुसार बही लाभ के संदर्भ में संदेय कर से आधिक्य के विस्तार तक;
(v) सुनिश्चित दायित्वों से भिन्न दायित्वों को पूरा करने के लिए बनाए गए उपबंधों से संबंधित कोई रकम;
(vi) संचयी अधिमानी शेयरों के संबंध में संदेय लाभांशों के बकाए से भिन्न, आकस्मिक दायित्वों से संबंधित कोई रकम;
| पीवी | = | ऐसे साधारण शेयरों का समादत्त मूल्य; | |
| पीई | = | समादत्त साधारण शेयरपूंजी की कुल रकम, जो तुलन पत्र में दर्शाई गई है] |
(ग) कंपनी में साधारण शेयर से भिन्न कोट नहीं किए गए शेयर और प्रतिभूतियों का उचित बाजार मूल्य जो किसी मान्यताप्राप्त स्टाक एक्सचेंज में सूचीबद्ध नहीं है, उस कीमत के लिए प्राक्कलित किया जाएगा जिसमें ऐसी कीमत तब प्राप्त होती जब उसे यदि मूल्यांकन तारीख पर खुले बाजार में बेचा गया हो और निर्धारिती, किसी वाणिज्यिक बैंक या लेखाकार से ऐसे मूल्यांकन के संबंध में रिपोर्ट प्राप्त कर सकेगा।
35क[(2) उपनियम (1) के खंड (ग) के यथास्थिति उपखंड (ख) या उपखंड (ग) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हए भी:-
(अ) धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (viiख) के स्पष्टीकरण के खंड (क) के उपखंड (i) के प्रयोजनों के लिए कोट नहीं किए साधारण शेयरों का उचित बाजार मूल्य, ऐसे कोट नहीं किए साधारण शेयरों के मूल्यांकन तारीख पर मूल्य होगा, उनका, जहां निर्धारिती द्वारा किसी निवासी से प्रतिफल प्राप्त किया जाता है; निर्धारिती के विकल्प पर, उपखंड (क), उपखंड (ग) या उपखंड (ड.) के अधीन और जहां निर्धारिती द्वारा किसी अनिवासी से प्रतिफल प्राप्त किया जाता है, निर्धारिती के विकल्प पर उपखंड (क) से (ड.) के अधीन निम्नलिखित रीति से अवधारित होगा:-
(क) कोट नहीं किए गए साधारण शेयरों का उचित बाजार मूल्य = (क-ठ)× [तफ/तड.], जहां-
क = तुलनपत्र में किसी आस्ति का बही मूल्य आय-कर अधिनियम के अधीन स्त्रोत पर कटौती या संग्रहण या अग्रिम कर के रूप में संदत्त की कोई रकम वापिसी के रूप में दावा करके रकम द्वारा घटाए गए रूप में होगी और जो आस्तियों के रूप में तुलनपत्र में दर्शाई गई कोई रकम जिसके अंतर्गत आस्थगित व्यय के परिशोधन रकम भी है जो किसी आस्ति की मूल्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता है;
ठ = तुलनपत्र में दर्शित दायित्वों का बही मूल्य, जिसमें निम्नलिखित रकम सम्मिलित नहीं होगी, अर्थात्:-
(i) साधारण शेयरों के संबधं में संदत्त होंगी;
(ii) अधिमानी शेयरों और साधारण शेयरों पर लाभांश के संदाय के लिए पृथक् रखी गई रकम जहां ऐसा लाभांश, कंपनी के साधारण निकाय की बैठक पर अंतरण की तारीख के पूर्व घोषित नहीं किया गया है;
(iii) अवक्षयण के लिए पृथक् रखे गए आरक्षिती से भिन्न, आरक्षिती और अभिशेष, चाहे उसे किसी नाम से पुकारा जाए, परिणामी अंक यदि ऋणात्मक है;
(iv) कराधान के लिए उपबंधों का प्रतिनिधित्व करने वाली कोई रकम, आयकर अधिनियम के अधीन स्त्रोत पर कटौती या संग्रहण या अग्रिम कर के रूप में संदत्त की कोई रकम वापिसी के रूप में दावा करके रकम द्वारा घटाए गए रूप में होगी और जो आस्तियों के रूप में तुलनपत्र में दर्शाई गई कोई रकम जिसके अंतर्गत आस्थगित व्यय के परिशोधन रकम भी है जो किसी आस्ति की मूल्य का प्रतिनिधित्व नहीं करता है;
(v) अभिनिश्चित, दायित्वों से भिन्न किन्हीं दायित्वों को पूरा करने के लिए किए गए उपबंधों का प्रतिनिधित्व करने वाली कोई रकम;
(vi) सवंचयी अधिमानी शेयरों के संबंध में संदेय लाभांश के बकाया से भिन्न, समआश्रित दायित्वों को पूरा करने के लिए का प्रतिनिधित्व करने के कोई रकम;
तड. = संदत्त साधारण शेयर पूंजी की कुल रकम जिसे तुलनपत्र में दर्शित किया गया है।
तफ = ऐसे साधारण शेयर का सामादत्त मूल्य; या
(ख) कोट नहीं किए गए साधारण शेयर का उचित बाजार मूल्य मितिकाटे पर मुक्त नकद प्रवाह पद्धति के अनुसार किसी वाणिज्यिक बैंककारी द्वारा अवधारित होगा।
(ग) जहां जोखिम पूंजी निधि या जोखिम पूंजी कंपनी या विनिर्दिष्ट निधि से कोट नहीं किए गए साधारण शेयरों के निर्गमन के लिए जोखिम पूंजी उपक्रम द्वारा प्रतिफल प्राप्त किया जाता है, ऐसे प्रतिफल के तत्स्थानी साधारण शेंयरों की कीमत ऐसे उपक्रमों के विकल्प पर, उस विस्तार तक साधारण शेयरों के उचित बाजार मूल्य के रूप में ली जाएगी, जहां तक ऐसे उचित बाजार मूल्य से प्रतिफल उस सकल प्रतिफल से अधिक नहीं होता हो, जो जोखिम पूंजी निधि या जोखिम पूंजी कंपनी या विनिर्दिष्ट निधि से प्राप्त किया जाता है:
परंतु जोखिम पूंजी निधि या जोखिम पूंजी कंपनी या किसी विनिर्दिष्ट निधि से कोट नहीं किए गए शेयरों को निर्गमित करने के लिए जोखिम पूंजी उपक्रम द्वारा प्रतिफल ऐसे शेयरों जो मूल्यांकन की विषय वस्तु है, को निर्गमित करने की तारीख से नब्बे दिन पहले की अवधि के भीतर या उसके पश्चात् प्राप्त किया गया है
स्पष्टीकरण.—इस खंड के प्रयोजनों के लिए,-
(i) "विनिर्दिष्ट निधि" का वही अर्थ होगा, जो धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (viiख) के स्पष्टीकरण के खंड (कक) में उसका है;
(ii) "जोखिम पूंजी कंपनी", "जोखिम पूंजी निधि" और "जोखिम पूंजी उपक्रम" का वही अर्थ होगा, जो धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (viiख) के स्पष्टीकरण के खंड (ख) में उसका है;
उदाहरण: यदि जोखिम पूंजी उपक्रम, पांच सौ रूपय प्रति शेयर की दर पर एक सौ शेयर निर्गमित करने के लिए जोखिम पूंजी कंमनी से पचास हजार रूपय का प्रतिफल प्राप्त करता है, तब ऐसा उपक्रम इस दर पर किसी अन्य विनिधानकर्ता को जोखिम पूंजी कंपनी से प्रतिफल प्राप्ति से नब्बे दिवस पहले की अवधि के भीतर या उसके पश्चात् एक सौ शेयर निर्गमित कर सकता है।
(घ) कोट नहीं किए साधारण शेयरों के उचित बाजार मूल्य का निर्धारण एक वाणिज्यिक बैंककारी द्वारा निम्नलिखित किसी एक पद्धति से किया गया हो:
(i) तुलनीय कंपनी बहुपद्धति;
(ii) अधिसंभाव्यता भार प्रत्याशा विवरण पद्धति;
(iii) विकल्प कीमत निर्धारण पद्धति;
(iv) माइलस्टोन विश्लेषण पद्धति;
(v) प्रतिस्थापन लागत पद्धति।
(ड.) जहां कपनी द्वारा कोट नहीं किए साधारण शेयरों को निर्गमित करने के लिए धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (viiख) के पहले परंतुक के खंड (ii) के अधीन अधिसूचित किसी इकाई से कोई प्रतिफल प्राप्त किया जाता है, तो ऐसे प्रतिफल के तत्स्थानी साधारण शेयरों की कीमत ऐसी कंपनी के विकल्प पर साधारण शेयरों के उचित बाजार मूल्य के रूप में ली जा सकेगी, जब तक कि ऐसे उचित बाजार मूल्य उस सकल प्रतिफल जो अधिसूचित इकाई से प्राप्त किया जाता है, अधिक नहीं हो:
परंतु कंपनी द्वारा धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (viiख) के पहले परंतुक के खंड (i) के अधीन अधिसूचित इकाई से शेयरों, जो मूल्यांकन की विषयवस्तु है, को निर्गमित करने की तारीख से नब्बे दिवस की अवधि के भीतर या उसके पश्चात् प्राप्त किए गए है:
(आ) धारा 56 की उपधारा (2) के खंड (viiख) के स्पष्टीकरण के खंड (क) के उपखंड (i) प्रयोजनों के लिए आज्ञापक संपरिवर्तनीय अधिमानी शेयरों का उचित बाजार मूल्य वह मूल्य होगा जो मूल्यांकन की तारीख पर निम्नानुसार—
(i) निर्धारिती के विकल्प पर खंड (अ) के उपखंड (ख), उपखंड (ग) या उपखडं (ड.) से उपखंड (ड.) के अनुसार या निर्धारिती के विकल्प पर खंड (अ) के उपखंड (क), उपखंड (ख), उपखंड (ग) या उपखंड (ड.) के अनुसार अवधारित कोट नहीं किए साधारण शेयरों के उचित बाजार मूल्य के आधार पर, जहां ऐसा प्रतिफल निवासी से प्राप्त किया जाता है; और
(ii) निर्धारिती के विकल्प पर खंड (अ) के उपखंड (ख), उपखंड (ग), उपखंड (घ) या उपखंड (ड.) के अनुसार, या निर्धारिती के विकल्प पर खंड (अ) के उपखंड (क), उपखंड (ख), उपखंड (ग), उपखंड (घ) या उपखंड (ड.) के अनुसार अवधारित कोट नहीं किए गए साधारण शेयरों के उचित बाजार मूल्य के आधार पर, जहां ऐसा प्रतिफल अनिवासी से प्राप्त किया जाता है, यथा अवधारित किया जाएगा।
(3) जहां उपनियम (3) के प्रयोजनों के लिए वाणिज्यिक बैककारी द्वारा मूल्यांकन की रिपोर्ट की तारीख, ऐसे शेयरों जो मूल्यांकन की विषयवस्तु है, के निर्गमित किए जाने की तारीख से नब्बे दिवस से पूर्व नहीं है, ऐसी तारीख निर्धारिती के विकल्प पर मूल्यांकन की तारीख समझी जा सकेगी:
परंतु जहां इस उपनियम के अधीन ऐसे विकल्प का प्रयोग किया जाता है, वहां नियम 11प के खंड (ञ) के उपबंध लागू नहीं होंगे।
(4) उपधारा (2) के खंड (अ) या खंड (आ) के प्रयोजनों के लिए, जहां शेयरों की निर्गम कीमत—
(i) किसी निवासी से प्राप्त प्रतिफल के लिए खंड (अ) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) के अधीन यथा अवधारित शेयरों के मूल्य से मूल्यांकन कीमत के दस प्रतिशत से अनधिक रकम से अधिक है, वहा निर्गम कीमत ऐसे शेयरों का उचित बाजार मूल्य समझी जाएगी;
(ii) किसी अनिवासी से प्राप्त प्रतिफल के लिए खंड (अ) के उपखंड (क) या उपखंड (ख) या उपखंड (घ) के अधीन यथा अवधारित शेयरों के मूल्य से मूल्यांकन कीमत के दस प्रतिशत से अनधिक रकम से अधिक है, वहा निर्गम कीमत ऐसे शेयरों का उचित बाजार मूल्य समझी जाएगी;
स्पष्टीकरण.—इस उपनियम के प्रयोजनों के लिए, "निर्गम कीमत" से कंपनी द्वारा एक शेयर से प्राप्त प्रतिफल अभिप्रेत है।]

