प्रेस विज्ञप्ति, 21-9-2012 दिनांकित : प्रेस विज्ञप्ति, 21-9-2012 दिनांकित
परिपत्र सं.
प्रेस विज्ञप्ति, 21-9-2012 दिनांकित
परिपत्र की तिथि
21/09/2012
दस्तावेज़ अपलोड की तिथि
21/09/2012
ऋण समझौतों / दीर्घकालिक इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड और आयकर अधिनियम की धारा 194LC, 1961 के प्रयोजन के लिए ब्याज की दर का अनुमोदन
प्रेस विज्ञप्ति, 21-9-2012 दिनांकित
भारतीय कंपनियों द्वारा कम लागत विदेशी उधारी सक्षम करने के लिए, वित्त अधिनियम, 2012 में इस तरह के कर्ज पर टैक्स कम करने के लिए आयकर अधिनियम में संशोधन किया था. आयकर अधिनियम में अनुभाग 115A और अनुभाग 194LC की प्रविष्टि में संशोधन एक अनिवासी निवेशक की ब्याज आय 5 फीसदी की कम दर के बजाय 20 फीसदी की मौजूदा दर पर लगाया जाएगा कि उपलब्ध कराते हैं. इसके अलावा, ऐसी आय पर कर रोक के लिए भारतीय कंपनी का दायित्व भी 5 फीसदी की कम दर पर होगा. कराधान के इस कम दर एक ऋण समझौते के तहत या लंबी अवधि के इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के माध्यम से या तो भारत से बाहर एक स्रोत से विदेशी मुद्रा में उधार के पैसे के लिए एक भारतीय कंपनी द्वारा एक अनिवासी करने के लिए ब्याज का भुगतान करने के लिए लागू होगी. यह भी उधार 2012/01/07 से 30-6-2015 तक की अवधि के दौरान किया जाता है और इस तरह के उधार लेने और ब्याज की दर को केंद्र सरकार द्वारा मंजूरी दे दी है कि इस शर्त के अधीन है.
अनुपालन बोझ को कम करने और मामले दर मामले के अनुमोदन के कारण पैदा होता है, जो समय के अंतराल को कम करने की दृष्टि से केन्द्र सरकार संतुष्ट है कि ऋण समझौते और लंबी अवधि के इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के माध्यम से सभी उधारी को मंजूरी देने का निर्णय लिया गया है कुछ शर्तों. इस तरह के मामलों में कोई विशिष्ट अनुमोदन की आवश्यकता होगी. मोटे तौर पर, एक ऋण समझौते के तहत या भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा प्रशासित के रूप में बाह्य वाणिज्यिक उधारी के साथ (ईसीबी) के नियमों का अनुपालन कि लंबी अवधि के इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड जारी करने की जिस तरह से उधारी इस रियायती के लाभ का लाभ उठाने के लिए पात्र होंगे कर व्यवस्था. इसके ईसीबी नियमों के तहत भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा परिभाषित के रूप में आगे, लंबी अवधि के इंफ्रास्ट्रक्चर बांड के मामले में इस तरह के बांड जारी की आय के अंत का उपयोग बुनियादी ढांचा क्षेत्र के लिए होना चाहिए. संतुष्ट होने की शर्तों का ब्यौरा केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी द्वारा जारी 21-9-12 दिनांक आयकर अधिनियम की धारा 194LC, के तहत ऋण समझौतों / लंबी अवधि के इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड के अनुमोदन पर परिपत्र में सविस्तार हैं

